देश में हाल के दिनों में नीट (NEET) परीक्षा को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका वाड्रा निर्लज्जता के साथ सत्ता पक्ष पर हमलावर तो हैं, लेकिन वह भूल रहे हैं कि पेपर लीक्स कांग्रेस के ही युवाओं को दिए गए गहरे जख्म हैं। कांग्रेस सरकारों का राज पेपर लीक का स्वर्णिम काल रहा है। देश में पेपर लीक कोई नई बात नहीं है, बल्कि इसने कांग्रेस के केंद्र और राज्यों के शासनकाल में तो एक स्थायी नासूर का रूप ले लिया था। यह एक कड़वी सच्चाई है कि जब-जब केंद्र में यूपीए या राज्यों में कांग्रेस की सरकारें रहीं, तब-तब देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं की गोपनीयता तार-तार हुई। राजस्थान में गहलोत राज में एक नहीं 16 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा खुद सवालों के घेरे में आए, लेकिन इस्तीफा नहीं दिया। प्रियंका गांधी तक ने राजस्थान में पेपर लीक में असहायता दर्शाते हुए हाथ खड़े कर दिए थे। इससे पहले वर्ष 2006 में केंद्र की कांग्रेस-नीत यूपीए सरकार के दौरान देश के सबसे बड़े स्कूली बोर्ड सीबीएसई की विश्वसनीयता को गहरा धक्का लगा था। तब भी किसी शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया था।
राहुल गांधी को अपनी सरकारों की नाकामियों के दाग दिखाई नहीं देते
राष्ट्रीय स्तर की इंजीनियरिंग और मेडिकल परीक्षाओं से लेकर राज्यों की शिक्षक और प्रशासनिक भर्तियों तक, ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा, जब कांग्रेस राज में शिक्षा माफिया ने सेंध न लगाई हो। अपनी सरकारों के दौरान परीक्षा तंत्र को सुरक्षित रख पाने में पूरी तरह नाकाम रही कांग्रेस के नेताओं द्वारा आज वर्तमान व्यवस्था पर उंगली उठाना राजनीतिक अवसरवाद की पराकाष्ठा है। खुद के दामन पर दाग होने के बावजूद दूसरों पर कालिख मढ़ने का यह प्रयास पूरी तरह से खोखला नजर आता है। विपक्ष का यह दावा अत्यंत कमजोर और विरोधाभासी है। दूसरों पर कीचड़ उछालने से पहले कांग्रेस को अपने अतीत के पन्नों को जरूर पलट लेना चाहिए, क्योंकि जनता की स्मृति इतनी धुंधली नहीं होती। उसे याद है कि कांग्रेस सरकारों में युवाओं के साथ भर्ती और परीक्षा के नाम पर कैसा विश्वासघात हुआ है।
Agenda is not paper leak. If that wud be the case, where were these idiots in congress era when IIT JEE paper leak happened in 1997, AIIMS entrance exam paper leak happened in 2006 & 2011, CBSE leak in 2005, Railway recruitment paper leak in 2012. The list is too long. Are you…
— Astro Sharmistha (@AstroSharmistha) July 22, 2026
प्रियंका गांधी ने स्वीकारा था गहलोत सरकार में पेपर लीक ज्यादा
वर्ष 2024 में प्रियंका वाड्रा ने स्वयं स्वीकार किया था कि अशोक गहलोत सरकार के दौरान राजस्थान में पेपर लीक की घटनाएं लगातार हो रही थीं और इस समस्या से निपटने में उन्होंने अपनी असहायता भी व्यक्त की थी। अब वर्ष 2025-26 के शैक्षणिक सत्र पर नजर डालिए। परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के सबसे अधिक मामले उन राज्यों से सामने आए हैं, जहां I.N.D.I. गठबंधन की सरकारें हैं।
• जम्मू-कश्मीर – सर्विस सिलेक्शन बोर्ड परीक्षा
• हिमाचल प्रदेश – एचपी बोर्ड कक्षा 12वीं अंग्रेज़ी परीक्षा
• झारखंड – जेएसी (JAC) कक्षा 10वीं हिंदी एवं विज्ञान परीक्षा
• तेलंगाना – इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा
• तेलंगाना – एसएससी उर्दू माध्यम परीक्षा
• तमिलनाडु – टीएनटीईयू (TNTEU) बी.एड. परीक्षा
• पश्चिम बंगाल – पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा (तृणमूल कांग्रेस सरकार)
• पंजाब – पीएसएसएसबी (PSSSB) ग्रुप-बी भर्ती परीक्षा
• केरल – पीएससी-26 परीक्षा में अनियमितताएं
• कर्नाटक – एसएसएलसी (SSLC) एवं द्वितीय पीयूसी (2nd PUC) प्रारंभिक परीक्षाएं
In 2024, Priyanka Vadra herself admitted that paper leaks were rampant in Rajasthan under the Ashok Gehlot government and expressed helplessness in tackling the problem.
Now look at the 2025–26 academic year. The highest number of reported examination paper leak and exam… pic.twitter.com/jCyCJQDOnR
— Amit Malviya (@amitmalviya) July 22, 2026
भाजपा के पब्लिक एक्जामिनेशन एक्ट में सजा का प्रावधान
यदि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपने-अपने शासित राज्यों में पेपर लीक रोकने का कोई विश्वसनीय मॉडल प्रस्तुत नहीं कर पाई हैं, तो फिर उनके विरोध-प्रदर्शनों का वास्तविक उद्देश्य क्या है? इसके विपरीत, भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने तथा दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत किया है। दरअसल, मुद्दा पेपर लीक नहीं है। अगर सचमुच मुद्दा पेपर लीक होता, तो कांग्रेस के शासनकाल में ये लोग कहां थे, जब 1997 में IIT-JEE का पेपर लीक हुआ, 2006 और 2011 में AIIMS प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक हुआ। पेपर लीक रोकने और इस तरह के संगठित अपराधों में शामिल लोगों को 5 से 10 वर्ष तक की जेल तथा 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान करने के लिए 2024 में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम भाजपा सरकार ही लेकर आई है।
ये है शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगने की असल वजह
दरअसल कांग्रेस और इंडी गठबंधन हमारे इतिहास में हुई गलतियों में सुधार को पचा नहीं पा रहा है। लेफ्ट लिबरल गैंग ने वामपंथी सोच और मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के चलते तब मनचाहा इतिहास लिखवा दिया था। जिसे दशकों से हमारे बच्चे स्कूलों में अध्ययन कर रहे हैं। अब जब NCERT ने उसमें सुधार करके हकीकत को किताबों में लिखवाया है तो ये बदलाव विपक्ष पचा नहीं पा रहा है। इसीलिए पेपर लीक के बहाने वो शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को टारगेट किया जा कर रहा है। इस्तीफे के कुछ असली कारण ये हैं…
- नई NCERT पुस्तकों में कई बदलाव किए गए।
- क्रूर और निर्दयी शासक के रूप में बाबर का सच दिखाया।
- औरंगजेब को मंदिरों का विध्वंसक बताया गया।
- सावरकर की ‘स्वराज’ की मांग को जगह दी गई।
- 1947 के विभाजन पर कांग्रेस का असली चेहरा उजागर किया।
- किताब में इमरजेंसी पर एक नया चैप्टर जोड़ा गया।
- छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप के शौर्य को प्रमुखता।
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद को जगह मिली।

आइए, अब एक नजर अखिल भारतीय स्तर पर कांग्रेस सरकारों के राज में 2004 से 2013 तक हुए पेपर लीक/घपले/विवादों पर एक नजर डालते हैं…
Delhi/Central/All India (26)
1. UPSC संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) – 2004
2. SSC संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) – 2004
3. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) – 2005
4. SSC CHSL – 2005
5. UGC-NET – 2005
6. SSC स्टेनोग्राफर – 2006
7. भारतीय आर्थिक सेवा (IES) – 2006
8. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ग्रेड-बी – 2007
9. SSC CPO – 2007
10. AIIMS पीजी प्रवेश परीक्षा – 2007
11. SSC मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) – 2008
12. भारतीय वन सेवा (IFS) प्रारंभिक परीक्षा – 2008
13. CAT (कॉमन एडमिशन टेस्ट) – 2008
14. GATE – 2009
15. ISRO वैज्ञानिक भर्ती परीक्षा – 2009
16. SSC संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) – 2009
17. NEET/AIPMT – 2010
18. CLAT (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट) – 2010
19. SSC कांस्टेबल भर्ती – 2010
20. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) सहायक – 2011
21. DMRC (दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) भर्ती – 2011
22. भारतीय वन सेवा (IFS) प्रारंभिक परीक्षा – 2011
23. SSC CGL – 2011
24. सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती – 2012
25. SSC CHSL – 2013
26. भारतीय सांख्यिकी सेवा (ISS) – 2013
जम्मू-कश्मीर (5)
1. JKPSC रेंज ऑफिसर (2004)
2. JKSSB नायब तहसीलदार (2005)
3. JKSSB वित्तीय लेखा सहायक (2006)
4. JKSSB जूनियर इंजीनियर (2008)
5. JKSSB क्लास-IV (2010)
हिमाचल प्रदेश (4)
1. HPPSC संयुक्त सेवाएँ (2004)
2. HPSSC क्लर्क (2006)
3. हिमाचल पुलिस कांस्टेबल (2008)
4. HP TET (2012)

उत्तराखंड (3)
1. UKPSC लोअर PCS (2005)
2. UKSSSC पटवारी (2009)
3. UKPSC लेक्चरर (2013)
उत्तर प्रदेश (9)
1. UPPSC PCS (2004)
2. UPSSSC लेखपाल (2006)
3. यूपी पुलिस कांस्टेबल (2007)
4. UPPSC प्रारंभिक परीक्षा (2010)
5. UPSSSC VDO (2011)
6. UPTET (2011)
7. UPPSC मुख्य परीक्षा (2012)
8. UPSSSC क्लर्क (2013)
9. यूपी पुलिस SI (2014)
पंजाब (2)
1. PPSC सहकारी निरीक्षक (2005)
2. पंजाब पुलिस कांस्टेबल (2013)
हरियाणा (5)
1. HSSC क्लर्क (2004)
2. HSSC पटवारी (2006)
3. HPSC PGT (2010)
4. HSSC पुलिस कांस्टेबल (2011)
5. HTET (2012)
महाराष्ट्र (9)
1. MPSC PSI (2004)
2. MPSC STI (2005)
3. ZP भर्ती (2006)
4. पुलिस कांस्टेबल (2007)
5. MPSC राज्य सेवा (2009)
6. TET (2010)
7. मुंबई पुलिस (2011)
8. MPSC ASO (2012)
9. MPSC राज्य सेवा (2013)
कर्नाटक (6)
1. KPSC FDA (2004)
2. KPSC SDA (2005)
3. पुलिस कांस्टेबल (2006)
4. KPSC KAS (2009)
5. KPTCL जूनियर असिस्टेंट (2010)
6. TET (2012)
केरल (2)
1. KPSC क्लर्क (2005)
2. LDC (2012)
तेलंगाना (3)
1. TSLPRB कांस्टेबल (2010)
2. जूनियर असिस्टेंट (2011)
3. TSPSC ग्रुप-IV (2014)
2004 to 2014 was golden time for students. pic.twitter.com/OUnhuAUlTo
— Sameet Thakkar (Modi Ka Parivar) (@thakkar_sameet) July 22, 2026
राजस्थान (16) में गहलोत सरकार में पेपर लीक में शिक्षा मंत्री गोविंद टासरा पर संलिप्तता के आरोप लगे, लेकिन इस्तीफा नहीं दिया। पेपर लीक पर एक नजर…
1. राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा – 2018
राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के 5,390 पदों के लिए यह परीक्षा मार्च 2018 में आयोजित की गई थी। इसका मुख्य लीक मॉड्यूल और कानूनी पेचीदगियां 2018 के अंत में तब उजागर हुईं जब गिरोह द्वारा कंप्यूटर लैब हैक करने और हाई-टेक नकल कराने की बात सामने आई। परीक्षा के कुछ हिस्सों को रद्द करना पड़ा था।
2. पुस्तकालयाध्यक्ष (Librarian Grade-III) भर्ती परीक्षा-19
कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा पुस्तकालयाध्यक्ष के 700 पदों के लिए 29 दिसंबर 2019 को परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 55,000 अभ्यर्थी बैठे थे। परीक्षा शुरू होने से मात्र दो घंटे पहले प्रश्नपत्र पूरी उत्तर कुंजी के साथ सोशल मीडिया पर लीक हो गया, जिसके बाद बोर्ड को आनन-फानन में परीक्षा रद्द करनी पड़ी। यह गहलोत सरकार के नए कार्यकाल की पहली बड़ी विफलता थी। जयपुर में कलेक्ट्रेट के सामने बड़ा धरना प्रदर्शन भी हुआ।
3. फार्मासिस्ट सीधी भर्ती परीक्षा – 2019
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के 1,736 पदों के लिए वर्ष 2019 में लिखित परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया गया था। इस परीक्षा के आयोजन से पहले ही इसके प्रश्नपत्रों की छपाई और वितरण तंत्र में भारी अनियमितताएं और लीक की पुख्ता सूचनाएं लीक हो गईं, जिसके चलते परीक्षा को बार-बार स्थगित करना पड़ा और अंततः यह प्रक्रिया लंबे समय के लिए लटक गई। विपक्षी दल भाजपा ने इसे राज्य के चिकित्सा ढांचे और बेरोजगार फार्मा युवाओं के साथ क्रूर मजाक बताते हुए विधानसभा में जमकर नारेबाजी की।
4. कनिष्ठ अभियंता सिविल डिग्री धारक संयुक्त भर्ती परीक्षा – 2020
पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभागों में कनिष्ठ अभियंताओं के 1,054 पदों के लिए 6 दिसंबर 2020 को इस परीक्षा का आयोजन कराया गया था। परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले ही पूरा प्रश्नपत्र हल सहित सोशल मीडिया पर तैरने लगा, जिसकी पुष्टि बाद में पुलिस जांच में भी हुई और परीक्षा रद्द की गई। तत्कालीन शिक्षा मंत्री और चयन बोर्ड के खिलाफ ‘युवा विरोधी गहलोत सरकार’ के नारे लगे।
5. डांग विकास बोर्ड/सांख्यिकी अधिकारी भर्ती परीक्षा – 2021
आरपीएससी (RPSC) द्वारा सांख्यिकी विभाग और विकास बोर्डों के लिए विभिन्न पदों हेतु 2021 की शुरुआत में परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा में भी चुनिंदा कोचिंग सेंटरों और पेपर सॉल्वर गैंग के बीच प्रश्नपत्रों का अग्रिम सौदा होने के सबूत मिले। मुख्य विपक्षी दल ने इस परीक्षा को लेकर आरपीएससी के भीतर बैठे “सफेदपोश मगरमच्छों” की संलिप्तता का आरोप लगाया और इसे छोटे पदों पर भी भ्रष्टाचार का जीवंत प्रमाण बताया।
6. मूल्यांकन अधिकारी (Evaluation Officer) भर्ती परीक्षा-21
आयोजना विभाग में मूल्यांकन अधिकारी के पदों के लिए वर्ष 2021 में परीक्षा कराई गई थी। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने और चुनिंदा चहेतों को फायदा पहुंचाने की शिकायतें खुद अभ्यर्थियों ने दर्ज कराई थीं। विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि गहलोत सरकार के राज में कोई भी संवैधानिक संस्था (आरपीएससी या आरएसएसबी) बिना धांधली के परीक्षा कराने में सक्षम नहीं रह गई है।
7. राजस्थान सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा – 2021
आरपीएससी द्वारा पुलिस महकमे में सब-इंस्पेक्टर (SI) के 859 महत्वपूर्ण पदों के लिए 13 से 15 सितंबर 2021 को परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में बीकानेर, जयपुर और जोधपुर के केंद्रों से ब्लूटूथ चप्पलों के जरिए नकल और स्ट्रॉन्ग रूम से पेपर लीक होने का भंडाफोड़ हुआ, जिसमें बाद में कई डमी अभ्यर्थी और थानेदार पकड़े गए। इस परीक्षा को तुरंत रद्द करने की मांग को लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन हुआ।
8. राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET Level-2) – 2021
यह राजस्थान के इतिहास का सबसे बड़ा 31,000 पदों का शिक्षक भर्ती घोटाला था, जिसकी परीक्षा 26 सितंबर 2021 को हुई थी। जांच में सामने आया कि शिक्षा संकुल के स्ट्रॉन्ग रूम से ही पेपर निकालकर करोड़ों रुपये में बेचा गया था, जिसके बाद फरवरी 2022 में सरकार को यह परीक्षा रद्द करनी पड़ी। भाजपा के वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा ने इसके विरोध में जयपुर तक ऐतिहासिक पदयात्रा निकाली और ‘रीट के ठगों को जेल भेजो’ के नारों के साथ विधानसभा का घेराव किया, जिससे सरकार पूरी तरह रक्षात्मक मुद्रा में आ गई। 
9. Agriculture Supervisor भर्ती परीक्षा – 2021
कृषि विभाग में पर्यवेक्षकों के 2,254 पदों के लिए सितंबर 2021 में लिखित परीक्षा का आयोजन कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा किया गया था। इस परीक्षा के दौरान भी सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने और कई केंद्रों पर ओएमआर शीट (OMR Sheets) खाली छुड़वाने के मामले सामने आए। विपक्ष ने इसे ग्रामीण और किसान पृष्ठभूमि से आने वाले होनहार छात्रों के हक पर डाका करार दिया।
10. वनपाल और वनरक्षक भर्ती परीक्षा – 2022
वन विभाग में वनरक्षक और वनपाल के 2,399 पदों के लिए नवंबर 2022 में परीक्षा आयोजित की गई थी। 12 नवंबर 2022 को हुई दूसरी पारी का पेपर राजसमंद से परीक्षा शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर लीक हो गया, जिसके बाद उस विशिष्ट पाली को रद्द करना पड़ा। प्रतिपक्ष के नेताओं ने इस पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि गहलोत सरकार का ‘जादू’ ऐसा है कि हर महीने एक नया पेपर हवा में उड़कर माफियाओं की जेब में पहुंच जाता है।
11. कनिष्ठ अभियंता (JEN) कृषि भर्ती परीक्षा – 2022
कृषि अभियांत्रिकी विभाग में कनिष्ठ अभियंताओं के पदों के लिए सितंबर 2022 में लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा के परिणाम और उत्तर कुंजी जारी होने के बाद पेपर के पहले से लीक होने के साक्ष्य मिले, जिसके चलते बाद में अभिशंसाएं वापस लेनी पड़ीं। इस तकनीकी परीक्षा के लीक पर भी सरकार को घेरा गया।
12. पशुधन सहायक (Livestock Assistant) भर्ती परीक्षा-22
पशुपालन विभाग में पशुधन सहायकों के 1,136 पदों के लिए मई 2022 में परीक्षा कराई गई थी। इस परीक्षा के दौरान जोधपुर और बाड़मेर बेल्ट में परीक्षा से पूर्व ही प्रश्नपत्र हल किए जाने की सूचनाएं पुलिस को मिली थीं। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर पशुपालक परिवारों के बच्चों के साथ हुए अन्याय का मुद्दा उठाया और बाड़मेर-सांचौर के परीक्षा केंद्रों को ‘पेपर लीक का नया हब’ घोषित करते हुए वहां विशेष जांच की मांग की।
13. राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा (द्वितीय पाली) – 2022
कांस्टेबल के 4,588 पदों के लिए 14 मई 2022 की दूसरी पाली की परीक्षा का पेपर जयपुर के एक झोटवाड़ा स्थित केंद्र के स्ट्रॉन्ग रूम से समय से पहले ही बाहर आ गया था, जिसके बाद इस पारी को निरस्त किया गया।
14. आरपीएससी द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा- 2022
आरपीएससी द्वारा वरिष्ठ शिक्षकों के 9,760 पदों के लिए 24 दिसंबर 2022 को सामान्य ज्ञान की परीक्षा आयोजित की जानी थी। उदयपुर पुलिस ने परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले एक चलती बस को पकड़ा जिसमें करीब 40 से अधिक अभ्यर्थी लीक पेपर हल कर रहे थे। इस ‘चलती बस वाले कांड’ ने पूरे देश को चौंका दिया। इससे विधानसभा का शीतकालीन सत्र में व्यवधान आया। तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा की संलिप्तता उजागर होने पर पूरी आरपीएससी को भंग करने की मांग की।
15. तकनीकी शिक्षा (Lecturer/Technical) भर्ती परीक्षा-22
तकनीकी शिक्षा विभाग में प्रवक्ताओं और इंस्ट्रक्टर्स के पदों के लिए आरपीएससी द्वारा 2022 के अंत में परीक्षाएं ली गई थीं। इन परीक्षाओं में भी आरपीएससी के गोपनीय विंग से ही प्रश्नपत्र लीक माफियाओं (जैसे सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण) तक पहुंचने की कड़ियां जुड़ीं। विपक्षी खेमे ने इसे लेकर ‘राजस्थान बचाओ, पेपर चोर भगाओ’ के अभियान के तहत जिला स्तर पर बड़े प्रदर्शन आयोजित किए।
16. सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) संविदा भर्ती परीक्षा-23 एनएचएम (NHM) के तहत 3,531 पदों के लिए 19 फरवरी 2023 को परीक्षा कराई गई थी, जिसका पेपर परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर उत्तर सहित वायरल हो गया था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने चुनावी साल होने के कारण इसे लीक नहीं माना, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे को जिंदा रखा। परिणाम यह हुआ कि दिसंबर 2023 में सत्ता में आते ही नई भाजपा सरकार ने इस परीक्षा को आधिकारिक रूप से रद्द कर दोबारा सुनियोजित तरीके से आयोजित कराया।









