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भारत को नेपाल बनाने की विपक्षी दलों की साजिश नाकाम, दिल्ली की सड़कों पर दिखी अराजकता, संसद भवन उखाड़ने और पीएम मोदी को पीटने की धमकी

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संसद का मानसून सत्र सोमवार यानी 20 जुलाई को नारेबाजी और हंगामे के साथ शुरू हुआ। यह हंगामा सड़क से लेकर संसद तक दिखाई दिया। दरअसल ये संयोग नहीं, बल्कि विपक्षी दलों का अपना वजूद बचाये रखने का प्रयोग है, जो संसद के हर सत्र से पहले दिखाई देता है। इस बार मानसून सत्र के दौरान विपक्ष कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का मुखौटा लगाकर देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर से संसद भवन तक मार्च निकाला, जिसमें दिल्ली की सड़कों पर जो गुंडागर्दी और अराजकता दिखाई दी, वो काफी हैरान करने वाली है।  

संसद भवन को उखाड़ने और भारत को नेपाल बनाने की धमकी
लोकतंत्र और संविधान की बार-बार दुहाई देना वाला विपक्ष, अब छात्रों के नाम पर इसे खत्म करने पर तुला हुआ है। विपक्षी दलों के समर्थक और उनके गुंडे भारतीय लोकतंत्र के मंदिर ‘संसद भवन’ को उखाड़ने की धमकी दे रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को कहते सुना गया कि संसद भवन को उखाड़ दिया जाएगा…अगर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं मिला तो देश को नेपाल बना दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी को संसद में घुसकर पीटने की धमकी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के 140 करोड़ जनता के निर्वाचित प्रधानमंत्री है। प्रधानमंत्री का पद एक संवैधानिक पद है, लेकिन संविधान की बात करने वाले प्रदर्शनकारी संविधान को भूलने और प्रधानमंत्री को संसद में घुसकर पीटने की धमकी दे रहे हैं। 


“बैरिकैड तोड़ देंगे, मोदी को तोड़ देंगे”
प्रदर्शनकारियों के हौसले इतने बुलंद है कि वो बैरिकेड तोड़ने की धमकी दे रहे थे। संविधान की बात करने वाले कानून तोड़ने की बात कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा कि हम संविधान की रक्षा के लिए मोदी को भी तोड़ देंगे।


प्रदर्शनकारियों ने तोड़े पुलिस के सभी बैरिकेड्स
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए थे। पुलिस प्रदर्शनकारियों से बैरिकेड्स नहीं तोड़ने की अपील कर रही थी, लेकिन उन्होंने बैरिकेड्स को तोड़कर हंगामा शुरू कर दिया।


प्रदर्शनकारियों ने किया दिल्ली पुलिस पर पत्थराव
विपक्षी दल और उनके गुंडे छात्रों के भविष्य के नाम पर देश के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी कानून और व्यवस्था की धज्जियां उड़ाकर अराजक स्थिति पैदा करते देखे गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थराव किया।

प्रदर्शनकारियों ने की पुलिसकर्मी की लिंचिंग करने की कोशिश
सोशल मीडिया में एक हैरान करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारी एक पुलिसकर्मी की लिंचिंग करने की कोशिश कर रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पुलिसकर्मी पर कितने प्रदर्शनकारी टूट पड़े हैं। इससे साबित होता है कि उनकी मंशा कितनी खतरनाक है। 

पत्थराव में दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर घायल
प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों पर पत्थराव कर रहे थे। इस पत्थराव में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए। उनका कहना था कि बैरिकेड के पास तैनाती के दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से हुई पत्थरबाजी में उन्हें चोट लगी।

सड़क पर पत्थरों से भरा हुआ मिला ट्रक
प्रदर्शनकारी पूरी तैयारी के साथ आए थे। दावा किया जा रहा है कि संसद मार्च शुरू होने से पहले पत्थरों से भरा एक ट्रक मिला था। इसमें बड़े-बड़े पत्थर रखे हुए थे।

दिल्ली की सड़कों पर अराजकता पैदा करने का प्रयास
दिल्ली की सड़क पर अराजक स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई। भीम आर्मी के समर्थक जय भीम-जय भीम के नारे के साथ संसद भवन की तरफ दौड़ते हुए देखे गए।

प्रदर्शनकारियों ने की संसद भवन में घुसने की कोशिश  
नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश देश की तरह भारत में भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। प्रदर्शनकारी संसद भवन के गेट तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का मकसद संसद भवन में घुसकर हंगाम करना और अपने आकाओं को खुश करने के लिए भारतीय लोकतंत्र को बंधक बना था। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, उन पर आंसू गैस के गोले दागकर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। 

अब आपको दिखाते हैं, छात्रों की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले उन नेताओं को, जिनको जनता खारिज कर चुकी है…

योगेंद्र यादव ने खोली पोल, कहा- आंदोलन ऑक्यूपाई
आंदोलनजीवी योगेंद्र यादव ने इस संसद मार्च की पोल खोल दी। उन्होंने खुलकर बताया कि किस तरह इस आंदोलन को ऑक्यूपाई कर लिया गया है। इसे सुनकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदर्शन के दौरान छात्र नहीं, बल्कि विपक्षी दलों के गुड़े अराजकता फैला रहे थे।


प्रदर्शन में शामिल हुए संजय सिंह, मनीष सिसोदिया और आतिशी मार्लेना
पहले दिन से कहा जा रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के पीछे अरविंद केजरीवाल एंड कंपनी का हाथ है। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह, मनीष सिसोदिया और आतिशी मार्लेना ने संसद मार्च में पहुंचकर साबित कर दिया कि ये छात्र आंदोलन नहीं, बल्कि राजनीतिक आंदोलन है। 


चंद्रशेखर रावण और प्रकाश राज प्रदर्शन में हुए शामिल
तथाकथित छात्रों के इस आंदोलन में दलित नेता भी अपनी सियासी रोटियां सेंकने से किसी से पीछे नहीं रहे। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता चंद्रशेखर रावण और अभिनेता प्रकाश राज भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। 


अब देखिए भूख हड़ताल का ड्रामा, जिसमें अपने आकाओं के इशारे पर बैठे कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक अपनी भूख हड़ताल कैसे खत्म कर रहे हैं…

ढाई दिन में खत्म हो गई अभिजीत दीपके की भूख हड़ताल 
कॉकरोच जनता पार्टी का संस्थापक अभिजीत दीपके सोनम वांगचुक को आगे रखकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन जैसे ही उसे भूख हड़ताल पर बैठने की नौबत आई तो उसने ढाई दिन में ही अपना अनशन तोड़ दिया। मनीष सिसोदिया ने दीपके को खाने का पैकेट देकर अनशन खत्म कराया।


शबाना आज़मी ने AISA के छात्रों का खत्म कराया अनशन
अभिजीत दीपके से पहले जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के छात्रों ने भी अपना अनशन तोड़ दिया था। इस दौरान शबाना आज़मी, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, मनोज झा और प्रकाश राज मौजूद थे। शबाना आजमी ने AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को जूस पीला कर 23 दिनों तक चली भूख हड़ताल को खत्म कराया।

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