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15 प्रमुख अवसर: जब राहुल गांधी की हुई जगहंसाई और पीएम मोदी ने कसा तंज

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भारतीय राजनीति में कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर अपने अजीबोगरीब बयानों, अपरिपक्व हरकतों और दावों की वजह से न सिर्फ संसद से सड़क तक जगहंसाई का पात्र बनते रहे हैं, बल्कि पार्टी को भी लगातार असहज स्थिति में डालते आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी की इन्हीं चूकों को अपना सबसे मजबूत राजनीतिक हथियार बनाया है। ‘ट्यूबलाइट’ से लेकर ‘बालक बुद्धि’ और ’56 साल के नौजवान’ तक, पीएम मोदी ने जब-जब राहुल गांधी पर तीखे तंज कसे हैं, वे महज व्यक्तिगत हमले नहीं रहे, बल्कि कांग्रेस की सामंती कार्यशैली, परिवारवादी सोच और दूरदृष्टि की कमी को जनता के सामने बेनकाब करने वाले प्रहार साबित हुए हैं। पीएम मोदी का स्पष्ट संदेश रहा है कि आज का ‘नया भारत’ वास्तविक उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं और कामदारों के दम पर आगे बढ़ रहा है, न कि बार-बार री-लॉन्च होने वाले ‘नामदारों’ और उनके खोखले दावों के भरोसे।

1. 56 का नहीं, 28 साल का युवा रच रहा नया भारत: पीएम मोदी
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां एक तरफ पिछले एक महीने में देश की ऐतिहासिक अंतरिक्ष उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम ने भारत के स्पेस स्टार्टअप ‘स्काईरूट’ का जिक्र करते हुए कहा कि वहां देश के 28 साल के औसत उम्र वाले युवा इतिहास रच रहे हैं, न कि कोई “56 साल का नौजवान”। पीएम का यह इशारा सीधे तौर पर राहुल गांधी की तरफ था। प्रधानमंत्री ने अपने इस तंज से राहुल गांधी के खुद को ‘युवा नेता’ के रूप में पेश करने के दावों की हवा निकाल दी।

2. ट्यूबलाइट को ऑन होने में वक्त लगता है
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान 6 फरवरी, 2020 को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना संबोधन दे रहे थे। उसी समय राहुल गांधी ने खड़े होकर उन्हें टोकने की कोशिश की। राहुल गांधी के इस हस्तक्षेप पर पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा: “मैं पिछले 30-40 मिनट से बोल रहा हूं, लेकिन असर होते-होते काफी देर हो गई। बहुत से ट्यूबलाइट्स मैंने देखे हैं, लेकिन इस ट्यूबलाइट को ऑन होने में थोड़ा वक्त लगता है।” इस तीखे तंज के जरिए पीएम मोदी ने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ और किसी भी गंभीर मुद्दे को देर से पकड़ने की क्षमता पर सीधा निशाना साधा था।

3. ‘बालक बुद्धि’ का विलाप
18वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी के आक्रामक भाषण के जवाब में पीएम मोदी ने 2 जुलाई, 2024 को संसद में करारा प्रहार किया। राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए पीएम ने कहा: “सदन में एक ‘बालक बुद्धि’ का विलाप चल रहा है। एक बच्चे को लगता है कि वह बहुत बड़ा काम कर आया है, जबकि हकीकत यह है कि वह लगातार तीसरी बार बुरी तरह फेल हुआ है। उसे अपनी हार का अहसास तक नहीं है।” इस बयान के जरिए पीएम मोदी ने राहुल गांधी के राजनीतिक व्यवहार को ‘अपरिपक्व’ बताते हुए उनके नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

4. बिना बुलाए गले पड़ना और आंख मारना
संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान 20 जुलाई, 2018 को राहुल गांधी अपना भाषण खत्म कर अचानक पीएम मोदी की सीट पर जाकर उनसे गले मिले और फिर अपनी सीट पर लौटकर साथी सांसद को आंख मारी। इस पर पलटवार करते हुए पीएम मोदी ने कहा: “संसदीय मर्यादाओं को ताक पर रखकर आंख मारने और बिना बुलाए गले पड़ने का यह बचकाना खेल पूरे देश ने देखा है। यह दिखाता है कि सत्ता पाने के लिए किस तरह का बचकनापन दिखाया जा रहा है।” इस तंज के जरिए पीएम ने राहुल गांधी की गंभीरता और संसदीय गरिमा के प्रति उनकी सोच को कठघरे में खड़ा किया था।

5. ‘भूकंप’ का कोई खतरा नहीं है
राहुल गांधी द्वारा संसद में यह दावा किए जाने पर कि ‘अगर वे बोलेंगे तो संसद में भूकंप आ जाएगा’, पीएम मोदी ने 22 दिसंबर, 2016 को गुजरात की एक जनसभा में तीखा जवाब दिया। पीएम ने कहा: “वे बोलना सीख रहे हैं और मुझे बेहद खुशी है। अगर वे न बोलते तो ऐसा भूकंप आता कि देश को संभालने में सालों लग जाते, लेकिन अब जब वे बोलने लगे हैं तो पता चला कि भूकंप का कोई खतरा ही नहीं है।” इस बयान से पीएम मोदी ने राहुल गांधी के दावों की हवा निकालते हुए उनके भाषणों के असर को पूरी तरह बेअसर कर दिया।

6. आलू से सोना बनाने वाली फैक्टरी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान 16 फरवरी, 2017 को एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राहुल गांधी के एक पुराने बयान का मजाक उड़ाया था। पीएम ने कहा: “कांग्रेस के पास ऐसे अद्भुत नेता हैं जो किसानों को यह कहकर गुमराह करते हैं कि वे ऐसी फैक्टरी लगाएंगे जहां एक तरफ से आलू डालो और दूसरी तरफ से सोना निकलेगा।” इस तंज से पीएम ने राहुल गांधी को किसानों के मुद्दों और जमीनी हकीकत से कटा हुआ ‘शहरी नेता’ साबित करने का नैरेटिव सेट किया।

7. ‘नामदार’ बनाम ‘कामदार’ की लड़ाई
राजस्थान के बीकानेर में 3 दिसंबर, 2018 को एक चुनावी रैली के दौरान पीएम मोदी ने परिवारवाद पर सीधा वार करते हुए ‘नामदार बनाम कामदार’ का नैरेटिव पेश किया। पीएम ने कहा: “शाही परिवार का यह ‘नामदार’ सोने का चम्मच लेकर पैदा हुआ है। एक गरीब मां के बेटे ‘कामदार’ का देश का प्रधानसेवक बनना इस नामदार परिवार को पच नहीं रहा है, इसीलिए वे दिन-रात गाली-गलौज करने में जुटे हैं।” इस प्रहार से पीएम ने खुद को आम जनता का प्रतिनिधि और राहुल गांधी को सामंती मानसिकता का प्रतीक बना दिया।

8. ‘चौकीदार को चोर’ कहने का अहंकार
2019 के आम चुनाव प्रचार के दौरान जब राहुल गांधी ने “चौकीदार चोर है” का नारा चलाया, तो पीएम मोदी ने 17 अप्रैल, 2019 को महाराष्ट्र की रैली में जोरदार पलटवार किया। पीएम ने कहा: “नामदार परिवार को लगता है कि देश की सत्ता और संपत्ति उनकी निजी बपौती है। जब एक चायवाले ने उनके इस भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई, तो उनका अहंकार आहत हो गया और वे पूरे देश के मेहनतकश चौकीदारों को चोर कहने लगे।” इस बयान से पीएम ने राहुल गांधी के नारे को देश के गरीबों और मजदूरों के अपमान से जोड़ दिया।

9. कांग्रेस के ‘मूर्खों के सरदार’
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान 14 नवंबर, 2023 को बैतूल में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राहुल गांधी के ‘मेड इन चाइना’ वाले बयानों की धज्जियां उड़ाईं। पीएम ने कहा: “कांग्रेस के ‘मूर्खों के सरदार’ को यह भी नहीं दिखता कि भारत आज दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर बन चुका है। ऐसे नेताओं की समझ पर केवल दया ही की जा सकती है जो देश की प्रगति को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते।” इसके जरिए पीएम ने राहुल गांधी की आर्थिक समझ पर गहरा प्रहार किया।

10. ‘खटाखट-खटाखट’ गरीबी मिटाने का ढोंग
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान जब राहुल गांधी ने हर गरीब महिला को हर महीने ₹8,500 ‘खटाखट-खटाखट’ देने का वादा किया, तो पीएम मोदी ने 12 मई, 2024 को रैली में इस रेवड़ी राजनीति का जमकर मजाक उड़ाया। पीएम ने कहा: “जो लोग देश की अर्थव्यवस्था का ‘क-ख-ग’ भी नहीं जानते, वे रातों-रात ‘खटाखट-खटाखट’ गरीबी मिटाने के मुंगेरीलाल के हसीन सपने बेच रहे हैं। देश खटाखट की नहीं, मेहनत और दूरदर्शी नीतियों से आगे बढ़ता है।” इस तंज से पीएम ने कांग्रेस के वादों को देश को दिवालिया करने वाली नीति करार दिया।

11. मोहब्बत की दुकान में ‘नफरत का सामान’
राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ के नारे पर 10 अगस्त, 2023 को अविश्वास प्रस्ताव के जवाब में पीएम मोदी ने संसद के पटल से तीखा हमला बोला। पीएम ने कहा: “कांग्रेस ने अपनी दुकान के बाहर केवल ‘मोहब्बत’ का बोर्ड लगा रखा है, लेकिन हकीकत यह है कि इस दुकान के अंदर केवल नफरत, तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और देश को जातियों में बांटने का जहरीला सामान बिक रहा है।” इस बयान के जरिए पीएम मोदी ने कांग्रेस की विचारधारा पर सीधा सवाल खड़ा करते हुए उनके नारे को खोखला साबित किया।

12. ‘नारियल जूस’ और ‘असम की चाय’ का ज्ञान
उत्तर प्रदेश और मणिपुर चुनाव प्रचार के दौरान जब राहुल गांधी ने ‘मिल्क शेक’ की तर्ज पर ‘नारियल का जूस’ केरल से इंग्लैंड भेजने और ‘असम में नींबू पानी’ जैसी बातें कीं, तो पीएम मोदी ने 1 मार्च, 2017 को महाराजगंज (यूपी) की रैली में चुटकी ली थी। पीएम ने कहा: “कांग्रेस में ऐसे ‘महाज्ञानी’ नेता हैं जिन्हें यह भी नहीं पता कि नारियल का पानी होता है, जूस नहीं निकाला जाता। ऐसे लोग जब किसान और खेती की बातें करते हैं तो हंसी ही आती है।” इस प्रहार से पीएम ने राहुल गांधी के कृषि और व्यापार संबंधी ज्ञान का मजाक उड़ाया था।

13. ‘सी-प्लेन’ को देखकर बच्चों जैसा अचरज
गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान जब पीएम मोदी ने साबरमती नदी से सी-प्लेन में उड़ान भरी, तो राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने इस तकनीक पर सवाल उठाए। इस पर 12 दिसंबर, 2017 को अहमदाबाद में पीएम मोदी ने पलटवार करते हुए कहा: “कांग्रेस के नेता सी-प्लेन को देखकर भी अचरज में हैं। वे विकास और तकनीक का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यह उनकी सोच से परे है। वे देश में हो रहे बदलाव को पचा नहीं पा रहे हैं।” पीएम ने राहुल के इस रवैये को विकास-विरोधी सोच करार दिया था।

14. संसद में आंख मारना और ‘पप्पू’ छवि 
अविश्वास प्रस्ताव की बहस के दौरान जब राहुल गांधी ने कहा कि ‘आप मुझे पप्पू कह सकते हैं, लेकिन मुझे नफरत नहीं है’, तो 20 जुलाई, 2018 को अपने जवाब में पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा: “आपको प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने की इतनी जल्दबाजी है कि आप मुझे उठाना चाहते हैं। नामदार खुद स्वीकार कर रहे हैं कि वे क्या हैं, मुझे उन्हें कुछ कहने की जरूरत ही नहीं पड़ी।” इस तंज से पीएम ने राहुल गांधी के आत्म-स्वीकृति वाले बयान को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल कर लिया।

15. ‘सेंसरशिप’ और सेना के शौर्य पर सबूत मांगना
सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद जब राहुल गांधी ने सेना के शौर्य पर सवाल उठाते हुए ‘खून की दलाली’ जैसा बयान दिया, तो पीएम मोदी ने 6 अक्टूबर, 2016 को दिल्ली की जनसभा में आक्रामक जवाब दिया था। पीएम ने कहा: “राजनीति अपनी जगह है, लेकिन देश की सीमा पर जान देने वाले हमारे वीर जवानों के खून की दलाली का आरोप लगाकर आपने देश और सेना का अपमान किया है।” इस तंज के जरिए पीएम मोदी ने राहुल गांधी के बयानों को सीधे राष्ट्रहित और सेना के सम्मान से जोड़कर कटघरे में खड़ा किया था।

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