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Gehlot Vs Pilot में फिर चले शब्दवाणों के बीच प्रियंका वाड्रा के करीबी कृष्णम बोले- अब पायलट को CM बनाओ, उधर निकम्मा-नालायक से लेकर सरकार गिराने तक के आरोप-प्रत्यारोप

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महाराष्ट्र के महासंग्राम के बीच उद्धव ठाकरे की तरह राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की भी नींद उड़ रही है। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के लिए नाकारा, निकम्मा जैसे शब्दों के एक बार फिर सुर्खियों में आने के बाद अब कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान ने गहलोत वर्सेज पायलट विवाद को एक बार फिर गरमा दिया है। कृष्णम ने कहा है कि अब समय आ गया है जबकि गहलोत को राज्य का मोह छोड़कर राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभानी चाहिए। राजस्थान का मुख्यमंत्री सचिन पायलट को बनाया जाना चाहिए।

पायलट ने सरकार गिराने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी, भरोसेमंद विधायकों ने बचाई
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जब भी मौका मिलता है, वह सचिन पायलट को निशाने पर ले लेते हैं। हाल ही में गहलोत ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार गिराने में शेखावत के साथ पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी मिले हुए थे। सचिन पायलट ने सरकार को गिराने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी, वह तो उनके भरोसेमंद विधायक ही थे, जिनके कारण अब तक निरंतर उनकी सरकार चल रही है। दिल्ली में हाल ही में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने धैर्य की बात करते हुए पायलट का नाम लिया था। इसका जिक्र करते हुए पायलट ने कहा, ‘अब अगर मेरे धैर्य की प्रशंसा राहुल गांधी जैसे नेता करते हैं या उसको पसंद करते हैं तो मुझको लगता है कि इसका किसी को बुरा लगना चाहिए।

गहलोत ने भितरघाती कहने से पहले मुझे निकम्मा-नाकारा भी कहा था, लेकिन….
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पायलट ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनके पितातुल्य हैं और वह उनकी किसी बात को अन्यथा नहीं लेते हैं। गहलोत के हालिया बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘आज से पहले भी मुख्यमंत्री ने मेरे बारे में बहुत कुछ कहा था…मुझे कुछ नाकारा, निकम्मा ऐसी बहुत सारी बातें बोल दी थीं.. लेकिन वो अनुभवी हैं, बुजुर्ग हैं और पिता तुल्य हैं। इसलिए वो कभी कुछ भी बोल देते हैं। यही वजह है कि उन्होंने सरकार गिराने में मेरा और शेखावत जी का नाम लिया था। मैंने तो सिर्फ केंद्रीय मंत्री शेखावत के बयान का प्रति उत्तर दिया था। वैसे भी जब राहुल गांधी मेरे साथ हैं तो अब आगे कुछ बोलने की जरूरत नहीं है।

गहलोत राज्य का मोह त्याग राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी के हाथ मजबूत करें, युवाओं को सत्ता दें
पायलट द्वारा गहलोत को बुजुर्ग और अनुभवी बताने को ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के करीबी वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आगे बढ़ाया है। उन्होंने भी कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की बहुत सेवाएं की हैं। वे बहुत वरिष्ठ नेता हो चुके हैं। पूरे देश में उनका सम्मान है। अब उन्हें राज्य का मोह छोड़कर राष्ट्रीय भूमिका निभानी चाहिए। पूरे देश को मोबेलाइज करने के लिए राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने चाहिए। प्रमोद कृष्णम ने कहा – ‘यह सृष्टि का नियम है, जिसको हम कहते हैं कि परिवर्तन संसार का नियम है। एक साइकलिंग है। युवाओं को सत्ता देना, युवाओं को नेतृत्व देना यह तो हमेशा कांग्रेस की की आइडियोलॉजी में शामिल रहा है।’

2018 में ही पायलट को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए था, लेकिन सीएम बन गए गहलोत
प्रमोद कृष्णम ने कहा कि खुद अशोक गहलोत ने कहा था कि युवाओं को मौका मिलना चाहिए। अब उन्हें भी मुख्यमंत्री के तौर पर सचिन पायलट को मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा- ‘राजस्थान की जनता यह मानती है कि 2018 में ही चुनाव जीतने के बाद सचिन पायलट को ही मुख्यमंत्री होना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व और बड़े नेताओं ने आपसी सलाह से फैसला लिया कि परिवार के सीनियर अशोक गहलोत को मुखिया बनाया जाएगा। अब राजनीति में उथल-पुथल स्वाभाविक है। अब वक्त आ गया है, जब बुजुर्ग नेताओं को नौजवानों को सत्ता देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सियासी खींचतान रह-रहकर बाहर आती रहती है। इससे पहले भी राजस्थान में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान फिर जगजाहिर हुई है। तब सीएम गहलोत ने दावा किया था कि यूपीए के दूसरे कार्यकाल में सचिन पायलट को केंद्र में मंत्री बनवाने के लिए उन्होंने सिफारिश की थी।  पायलट ने इसका इसका ऐसा जवाब दिया  कि सीएम गहलोत के लिए तीर उल्टा ही पड़ गया है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि सीएम के बेटे वैभव गहलोत को जोधपुर से आलाकमान टिकट नहीं देना चाहता था, सोनिया-राहुल गांधी से बात कर उन्होंने टिकट दिलवाई थी।

गहलोत के सिटिंग चीफ मिनिस्टर होने के चलते जोधपुर से वैभव का सिंगल नाम आया
राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव है और कांग्रेस में गहलोत वर्सेज पायलट एक बार फिर शुरू है गया है। हालांकि इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ही की थी। वे जब भी मौका मिलता है पायलट और उनके करीबियों की चुटकी लेना नहीं भूलते। सीएम गहलोत ने पिछले दिनों पायलट के बारे में ऐसा ही एक बयान दिया था, जो सचिन को नागवार गुजरा। वे तब तो चुप रहे, लेकिन अब जैसे ही मौका मिला, पायलट ने जवाब दाग दिया।  पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने पहली बार खुलेआम कहा है कि पिता (अशोक गहलोत) के सिटिंग चीफ मिनिस्टर होने के चलते जोधपुर से सिंगल नाम आया था। आलाकमान वैभव गहलोत को लोकसभा चुनाव में जोधपुर से टिकट देना ही नहीं चाहता था। आलाकमान वैभव गहलोत को जोधपुर से चुनाव लड़ाने के बिल्कुल पक्ष में नहीं था।

सीएम कमलनाथ का बेटा तो जीता, गहलोत का बेटा बड़े मार्जिन से चुनाव हारा
पायलट ने दावा किया था कि ऐसे में उस वक्त उन्होंने वैभव गहलोत की पैरवी की। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलकर कहा कि वैभव ने उनकी कार्यकारिणी में काम किया है। पहले भी कई बार टिकट नहीं दे सके थे, वैभव को एक मौका मिलना चाहिए। पायलट ने कहा- ‘मैं नहीं चाहता था कि मेरे अध्यक्ष रहते हुए अशोक जी,  जो उस वक्त नए-नए मुख्यमंत्री बने थे,  के मनोबल को कोई ठेस पहुंचे।  इसलिए मैंने सीईसी  (सेंट्रल इलेक्शन कमेटी) और ऊपर तक वैभव गहलोत की पैरवी की। मैंने सीईसी में भी कहा कि वैभव को टिकट मिलना चाहिए। टिकट मिला और वैभव चुनाव नहीं जीत सके। वो काफी मार्जिन से चुनाव हारे। राजस्थान की तरह मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे को टिकट मिला था, लेकिन वो चुनाव जीत गए थे। पायलट महारानी कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

यूपीए के दूसरे टर्म में मंत्री के लिए पायलट की पैरवी की : गहलोत
इससे पहले सीएम अशोक गहलोत ने देवनाराण बोर्ड के अध्यक्ष बनाए गए विधायक जोगिन्द्र सिंह अवाना के समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा था कि यूपीए के दूसरे टर्म में मैंने पार्टी से सचिन पायलट को केंद्रीय मंत्री बनाने की सिफारिश की थी। अगले दिन पायलट ने फोन करके मंत्री बनवाने में सहयोग का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि मैं पहले ही हाईकमान को आपका नाम दे चुका हूं। उस समय यह बात किसी को नहीं बताई थी।

पायलट के बयान के बाद वैभव गहलोत एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। इससे पहले हाल ही में वैभव गहलोत का नाम राजस्थान में ई-टॉयलेट बनाने का टेंडर दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र के कारोबारी से करोड़ों रुपये ठगने के केस में सामने आया था। इस करोड़ों की धोखाधड़ी में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के पुत्र एवं राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव गहलोत और गुजरात कांग्रेस के सचिव सचिन पुरुषोत्तम वालेरा हैं समेत 15 लोग शामिल हैं। महाराष्ट्र के नासिक में इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री के पुत्र समेत इन लोगों के खिलाफ इस्तगासे के जरिये प्राथमिकी भी दर्ज हो गई है। यह मामला सामने आते ही बीजेपी सीएम गहलोत पर हमलावर हो गई है और बीजेपी ने गहलोत से जबाब मांगा है।

सीएम के खिलाफ बीजेपी हमलावर, शेखावत और पूनिया ने मांगा जवाब
प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत पर ई- टॉयलेट टेंडर के जरिए धोखाधड़ी करने के आरोप के बाद राजस्थान में सियासी पारा चढ़ गया है। राजनीति गर्माने के बीच केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस खुलासे के बाद सीएम गहलोत पर पुत्रमोह का आरोप लगाया है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने इसे लेकर ट्वीट करते हुए सीएम गहलोत से सफाई मांगी है। विधानसभा में विपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने मुख्यमंत्री गहलोत से इस बारे में जवाब मांगा है। कटारिया ने सीधे सीएम पर हमला बोलते हुए तंज कसा कि राजस्थान के गांधी बताएं कि उनके बेटे पर टेंडर दिलाने में ठगी का करोड़ों का केस कैसे दर्ज हुआ है? बीजेपी नेताओं की ओर से पूरे मामले में सरकार और सीएम को घेरने के लिए एक के बाद एक ट्वीट किए जा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस- बीजेपी के बीच अब राजस्थान में यह प्रकरण बड़े सियासी मुद्दे के तौर पर उभर कर सामने आएगा।

सरकारी विभागों में टेंडर दिलाने के नाम पर 6.80 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के खिलाफ महाराष्ट्र में दर्ज एफआईआर में वैभव पर नासिक के कारोबारी सुशील भालचंद्र पाटिल ने ई-टॉयलेट सहित सरकारी विभागों में टेंडर दिलाने के नाम पर 6 करोड़ 80 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। सुशील ने नासिक के गंगापुर थाने में वैभव गहलोत सहित 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। मुख्य आरोपी गुजरात कांग्रेस के सचिव सचिन पुरुषोत्तम वालेरा हैं। वालेरा के पिता पुरुषोत्तम भाई वालेरा भी वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे हैं।

 

देश को लगातार लूटने के कारण ही कांग्रेस की आज ऐसी दुर्गति
सीएम अशोक गहलोत के बेटे और आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत के खिलाफ महाराष्ट्र के नासिक में धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज होने पर सियासत गरमा गई है। राजस्थान बीजेपी के सीनियर लीडर और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने कहा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अपने आप को महात्मा गांधी को मानने वाला और उनकी जैसे जिन्दगी जीने वाले बताते हैं। राजस्थान के गांधी के बच्चे वैभव गहलोत के खिलाफ धारा 156-3 में कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के लिए नासिक के गंगापुर थाने के लिए आदेश जारी किए हैं। कटारिया ने कहा आज कांग्रेस की जो दुर्गति हुई है, राजनीति में उसमें सबसे बड़ा कारण मुझे यह समझ आता है कि कांग्रेस पार्टी, इसके नेता और उनके परिवार वाले इस देश को लूटने में जिस तरह से जुटे रहे हैं। उसके कारण पार्टी की आज दुर्गति हुई है। उत्तरप्रदेश जैसे राज्य में कांग्रेस के केवल 2 नमूने रह गए।

 

 

 

 

 

 

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