प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने सफल 12 साल पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक पड़ाव पर प्रधानमंत्री ने ’12 साल: विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के’ संकल्प के साथ देश की प्रगति का एक विस्तृत ब्यौरा जारी किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार के पिछले 12 वर्ष विश्वास, विकास और जन कल्याण को समर्पित रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद और सबसे पहले राष्ट्र की भावना से प्रेरित होकर युवाओं, महिलाओं और किसान भाई-बहनों को सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। उन्होंने कहा कि अथक प्रयासों के फलस्वरूप ही आज देश ने बुनियादी ढांचे से लेकर डिजिटल क्रांति तक विश्व स्तर पर एक नई पहचान हासिल की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार सेवा, सुशासन और समृद्धि के इस पथ पर निरंतर अग्रसर रहेगी।
हमारी सरकार के बीते 12 वर्ष विश्वास, विकास और जनकल्याण को समर्पित रहे हैं। 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद और राष्ट्र प्रथम की भावना से हमने युवाओं, महिलाओं और अपने किसान भाई-बहनों को सशक्त बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। यह हमारे अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि… pic.twitter.com/URtsOWF4BT
— Narendra Modi (@narendramodi) June 9, 2026
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन 12 सालों में देश ने बुनियादी ढांचे से लेकर डिजिटल क्रांति, और गरीब कल्याण से लेकर वैश्विक पटल पर भारत की धाक जमने तक का एक लंबा और शानदार सफर तय किया है। आइए एक नजर डालते हैं मोदी सरकार के इन 12 वर्षों की 12 सबसे बड़ी और प्रमुख उपलब्धियों पर-
1. गरीब कल्याण: करोड़ों परिवारों को मिला बुनियादी सहारा
देश के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने देश के लगभग 81 करोड़ से अधिक लोगों को हर महीने मुफ्त राशन की व्यवस्था सुनिश्चित की है, जिससे भुखमरी की समस्या पर एक बड़ा प्रहार हुआ है। इसके साथ ही, बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए 4 करोड़ से ज्यादा परिवारों को ‘पीएम आवास योजना’ के तहत पक्के मकान दिए गए हैं। वहीं, 10.5 करोड़ से अधिक परिवारों को ‘उज्ज्वला योजना’ के तहत गैस कनेक्शन और 12 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण कराकर देश को खुले में शौच से मुक्ति की तरफ बढ़ाया गया है।
2. युवा शक्ति: स्किल ट्रेनिंग और स्टार्टअप्स की नई क्रांति
भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है और पिछले 12 सालों में इस युवा शक्ति को सही दिशा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। देश के करीब 2 करोड़ युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक और रोजगारपरक ‘स्किल ट्रेनिंग’ दी जा चुकी है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके अलावा, युवाओं को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए लगभग 40 लाख करोड़ रुपये का ‘मुद्रा लोन’ वितरित किया गया है। आज देश के कोने-कोने में 2.2 लाख से ज्यादा सफल स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं, जिन्हें स्कूलों में बने 10,000 से अधिक ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’ के जरिए शुरुआती स्तर से ही नवाचार की सीख मिल रही है।

3. किसान कल्याण: अन्नदाता को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान
देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वित्तीय सुरक्षा देने के लिए ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ के तहत अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इससे छोटे किसानों को बीज और खाद जैसी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। फसल के नुकसान की भरपाई के लिए 4 करोड़ से अधिक किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये का ‘फसल बीमा’ दिया गया है। साथ ही, सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर रिकॉर्ड 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल खरीद सुनिश्चित की है, और 8 करोड़ किसानों को ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ की सुविधा से जोड़ा है।
4. नारी शक्ति: जन-धन खातों से लेकर सेना में स्थायी कमीशन तक
पिछले एक दशक में महिलाओं को सिर्फ योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास का नेतृत्वकर्ता (Women-led Development) बनाया गया है। वित्तीय समावेशन के तहत देश की 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के ‘जन-धन खाते’ खोले गए हैं, जिससे सरकारी मदद का पैसा सीधे उनके हाथों तक पहुंच रहा है। देश की सुरक्षा व्यवस्था में भी महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाते हुए सेना में उन्हें ‘स्थायी कमीशन’ (Permanent Commission) दिया गया है। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है, और 10 करोड़ ग्रामीण महिलाएं लगभग 91 लाख ‘सेल्फ हेल्प ग्रुप्स’ (SHG) से जुड़कर देश की आर्थिक ताकत बन चुकी हैं।

5. स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति: आयुष्मान भारत और सस्ती दवाइयां
स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए सरकार ने 60 करोड़ से अधिक देशवासियों को ‘आयुष्मान भारत योजना’ के सुरक्षा कवच से जोड़ा है। इसके तहत गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, जिससे वे बीमारी के खर्च के बोझ से बच रहे हैं। बुजुर्गों की चिंता करते हुए सरकार ने 70 साल से अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इस योजना में शामिल कर 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का तोहफा दिया है। देश भर में खुले 19,000 से ज्यादा ‘जन-औषधि केंद्रों’ पर मिलने वाली दवाइयां बाजार के मुकाबले 90% तक सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
6. मध्यम वर्ग को राहत: टैक्स में छूट और मेडिकल सीटों में बंपर बढ़ोतरी
देश के विकास की मुख्य धुरी कहे जाने वाले मध्यम वर्ग को टैक्स के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी राहत दी गई है। अब 12.75 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले लोगों को किसी भी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ रहा है, जिससे नौकरीपेशा लोगों की बचत में काफी इजाफा हुआ है। हवाई सफर को आम लोगों की पहुंच में लाने के लिए शुरू की गई ‘उड़ान’ (UDAN) योजना के तहत 1.6 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने किफायती दरों पर हवाई यात्रा का लुत्फ उठाया है। वहीं, देश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए मेडिकल की सीटों (MBBS) में 151% की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे यह संख्या बढ़कर करीब 1.3 लाख हो गई है।

7. राष्ट्र निर्माण: मेट्रो नेटवर्क और वंदे भारत का विस्तार
बुनियादी ढांचे के विकास के बिना कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता, और इन 12 सालों में भारत का रेल और शहरी परिवहन नेटवर्क पूरी तरह बदल चुका है। देश के 26 प्रमुख शहरों में 1,100 किलोमीटर से ज्यादा लंबा ‘मेट्रो नेटवर्क’ बिछाया जा चुका है, जो शहरी यातायात को सुगम और प्रदूषण मुक्त बना रहा है। रेलवे के आधुनिकीकरण के तहत आज देश भर के विभिन्न रूटों पर 164 ‘वंदे भारत ट्रेनें’ दौड़ रही हैं, जो रफ्तार और आधुनिक सुविधाओं का नया प्रतीक बनकर उभरी हैं।
8. मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर: आधुनिक पुलों और एयरपोर्ट्स का निर्माण
कनेक्टिविटी को नए स्तर पर ले जाने के लिए देश में समुद्र और नदियों पर ‘अटल सेतु’, ‘सुदर्शन सेतु’, ‘चिनाब रेल ब्रिज’, ‘बोगीबील ब्रिज’ और ‘पंबन समुद्री पुल’ जैसे इंजीनियरिंग के बेजोड़ अजूबों का निर्माण किया गया है। ये बड़े प्रोजेक्ट्स दुर्गम इलाकों को भी मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। इसके साथ ही, देश में विमानन क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए एयरपोर्ट्स की संख्या को 74 से बढ़ाकर सीधे 164 कर दिया गया है, जिससे सुदूर इलाकों तक हवाई कनेक्टिविटी संभव हो पाई है।

9. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: रिकॉर्ड डिफेंस एक्सपोर्ट
सरकार ने हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प को सबसे ऊपर रखा है, जिसका सीधा असर देश की रक्षा प्रणाली और सैन्य ताकत पर देखने को मिलता है। भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए देश के इतिहास में पहली बार करीब 38,400 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड ‘डिफेंस एक्सपोर्ट’ (रक्षा निर्यात) दर्ज किया गया है। अब भारत केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को हथियार बेचने वाला देश बन रहा है।
10. आंतरिक सुरक्षा: नक्सलवाद और आतंकवाद पर कड़ा प्रहार
देश की सीमाओं के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर भी सरकार ने ‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। सरकार के कड़े और रणनीतिक कदमों के कारण देश में नक्सलवाद का सपना साकार होने से रोका गया है और आतंकवाद पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया गया है, जिससे प्रभावित इलाकों में अभूतपूर्व शांति बहाल हुई है और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।

11. औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति: नए प्रतीकों का उदय
गुलामी की मानसिकता से मुक्ति के संकल्प के साथ सरकार ने देश के कई ऐतिहासिक प्रतीकों को नया भारतीय रूप दिया है। इसी कड़ी में ब्रिटिश काल की याद दिलाने वाले ऐतिहासिक ‘राजपथ’ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ किया गया, जो हर नागरिक को उसके दायित्वों की याद दिलाता है। इसके साथ ही, छत्रपति शिवाजी महाराज की शाही मुद्रा से प्रेरित नौसेना का नया ध्वज (निशान) लहराया गया, जो हमारे गौरवशाली इतिहास को दर्शाता है।
12. विरासत और विकास: सांस्कृतिक केंद्रों का कायाकल्प
मोदी सरकार के इस कार्यकाल की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि यहां आधुनिक विकास के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी सहेजने का काम किया गया है। सदियों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। इसके साथ ही, काशी विश्वनाथ धाम, उज्जैन का महाकाल महालोक और केदारनाथ धाम का पूरी तरह से कायाकल्प किया गया है, जिसने देश के पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

मोदी सरकार के ये 12 साल केवल योजनाओं को लागू करने के नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के भीतर यह भरोसा जगाने के रहे हैं कि भारत अब रुकने वाला नहीं है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर चलती हुई यह सरकार आज देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने की राह पर तेजी से आगे बढ़ा रही है।









