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NDA के 12 वर्षों की एक बड़ी सफलता ये भी है कि देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद हुआ- प्रधानमंत्री मोदी

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केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में देशभर से एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और गठबंधन के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला और कहा कि बीते 12 वर्षों की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक यह है कि देश कांग्रेस के कुचक्र और उसकी कुसंस्कृति से आजाद हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के दौर की धीमी विकास दर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए देश की विकास दर को ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ कहती थी, जो कि असल में ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ था। प्रधानमंत्री ने आंकड़ों की पूरी झड़ी लगाते हुए बताया कि कैसे 2014 से 2026 के बीच भारत ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल क्रांति, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग जैसे हर मोर्चे पर अभूतपूर्व छलांग लगाई है। उन्होंने एनडीए के विजन को साफ करते हुए कहा कि अब देश का लक्ष्य विकसित भारत का निर्माण करना है।

कांग्रेस की पुरानी नीतियों और कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक देश को लाचारगी, बेचारगी और एक गहरी हीनभावना के गर्त में धकेल दिया था। देश के लोगों के मन में यह बात बैठा दी गई थी कि भारत में तेज गति से विकास होना मुमकिन ही नहीं है, यहां सब कुछ धीरे-धीरे ही चलेगा। ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ के जुमले पर गहरी आपत्ति जताते हुए पीएम मोदी कहा कि यह कांग्रेस की बहुत बड़ी चतुराई और साजिश थी। उन्होंने कहा, “कार्यशैली कांग्रेस की थी, विफलता और नाकामी कांग्रेस की थी, लेकिन इसका कलंक बड़ी ही चालाकी से देश की बहुसंख्यक हिंदू आबादी के सिर पर मढ़ दिया गया।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस धीमी और लाचार विकास दर का असली नाम ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ होना चाहिए था, जिसमें न तो कोई गवर्नेंस थी, न नीति थी, न सही नीयत थी और न ही फैसले लेने का दम था।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि जब पहली बार श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी थी, तब देश को पहली बार यह अहसास हुआ था कि विकास की रफ्तार क्या होती है। लेकिन दुर्भाग्य से 2004 में देश फिर से कांग्रेस के शिकंजे और राजनीतिक अस्थिरता के बवंडर में फंस गया। उस दौर में विकास तो पूरी तरह थम गया, बल्कि देश को एक के बाद एक हजारों करोड़ रुपये के बड़े-बड़े घोटालों के दलदल में धकेल दिया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का भाग्य असली मायने में तब बदला, जब साल 2014 में पूर्ण बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनी। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस के विश्वासघात के बाद हमें अपना भरोसा सौंपा था, और आज 12 साल बाद मुझे यह कहते हुए गर्व है कि हमने उस भरोसे को और मजबूत किया है। 2014 में उम्मीद का जो सूरज उगा था, वह आज 2026 में 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास का एक बड़ा प्रकाश पुंज बन चुका है।

पीएम मोदी ने अपनी सरकार की नीतियों की सफलता का सबसे बड़ा सबूत देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी के चंगुल से बाहर निकले हैं। यह कोई मामूली आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि हमारी नीतियां और हमारी दिशा बिल्कुल सही हैं। यह सफलता देश के हर गरीब को यह भरोसा देती है कि उसका संघर्ष एक दिन जरूर खत्म होगा और उसके सारे सपने पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि जो गरीब आज ‘नियो मिडिल क्लास’ (नया मध्यम वर्ग) बना है, हमें उसे दोबारा पीछे नहीं जाने देना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 और 2026 के भारत की तुलना करते हुए विकास के कुछ बेहद चौंकाने वाले और ऐतिहासिक आंकड़े देश के सामने रखे। साल 2014 में देश के अंदर केवल 74 एयरपोर्ट चालू हालत में थे, जो आज 2026 में बढ़कर 160 से भी अधिक हो चुके हैं। जहां 2014 तक देश में मात्र 1,000 किलोमीटर एक्सप्रेसवे थे, वहीं आज 2026 में यह नेटवर्क बढ़कर 6,700 किलोमीटर से ज्यादा लंबा हो चुका है। 2014 में देश के सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो चलती थी, लेकिन आज एनडीए सरकार के प्रयासों से 20 से ज्यादा शहरों के लोग मेट्रो की सवारी कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर ही नहीं बना बल्कि निर्यातक बना है। 2014 में जहां महज 700 करोड़ रुपये का डिफेंस एक्सपोर्ट होता था, वह आज 2026 में रिकॉर्ड 23,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

डिजिटल और तकनीकी मोर्चे पर देश की उपलब्धियों को गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। साल 2014 में पूरे देश में केवल 25 करोड़ इंटरनेट यूजर थे, लेकिन आज यह संख्या 100 करोड़ को भी पार कर चुकी है। उन्होंने गर्व से कहा कि 2014 में जहां डिजिटल पेमेंट का नामोनिशान नहीं था, वहीं आज भारत दुनिया में रीयल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन के मामले में नंबर वन देश बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले भारत अपनी जरूरत के ज्यादातर मोबाइल फोन विदेशों से आयात करता था। लेकिन आज नीतियों में बदलाव का ही असर है कि भारत 33 करोड़ से भी अधिक मोबाइल हैंडसेट खुद अपने देश में बना रहा है। इसके साथ ही, ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में सोलर क्षमता को ढाई गीगावॉट से बढ़ाकर 150 गीगावॉट से अधिक कर दिया गया है, और पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को डेढ़ प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत के स्तर पर पहुंचा दिया गया है।

पीएम मोदी ने देश के बढ़ते रणनीतिक और तकनीकी कदम का उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 तक देश में एक भी सेमीकंडक्टर यूनिट नहीं थी। आज देश के भीतर 10 से ज्यादा सेमीकंडक्टर यूनिट्स पर काम चल रहा है, जो भारत को आधुनिकता और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन का मुख्य केंद्र बनाने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चिप, डेटा सेंटर, एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए भारत अब विदेशों पर निर्भर नहीं रह सकता, क्योंकि यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार का विजन हमेशा से बिल्कुल साफ रहा है कि विकास की इस तेज दौड़ में देश का कोई भी नागरिक पीछे नहीं छूटना चाहिए। हमने हमेशा देश की जमीनी जरूरतों को समझा और उसी के हिसाब से नीतियां बनाईं। युवाओं के हुनर को निखारने के लिए हमने अलग से स्किल डेवलपमेंट मिनिस्ट्री बनाई, सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया और मछुआरा भाइयों के लिए अलग से फिशरीज मिनिस्ट्री बनाई।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने समाज के उस तबके को गले लगाया जिसे पिछली सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था। हमने दिव्यांगजनों के अधिकारों के लिए कड़े कानून बनाए, देश के दूरदराज के आदिवासियों के लिए ‘पीएम जनमन’ जैसी बेहद कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं। इसके अलावा, जिन पशुपालकों और मछुवारों को पहले कोई पूछता नहीं था, उन्हें हमारी सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा।

एनडीए कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि शहरों और कस्बों में रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, ठेले वाले भाई-बहनों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए ‘पीएम स्वनिधि योजना’ के तहत बिना किसी गारंटी के क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी गई। उन्होंने बैठक में शामिल नेताओं से एक सीधा सवाल पूछते हुए कहा, “सोचने वाली बात यह है कि अगर ये सारे काम महज 12 साल में हो सकते हैं, तो फिर आजादी के बाद के दशकों में क्यों नहीं हुए? यही असल में कांग्रेस ग्रोथ रेट और एनडीए ग्रोथ रेट का सबसे बड़ा फर्क है। एक व्यवस्था लोगों को तरसाती थी, जबकि हमारी व्यवस्था तुरंत परिणाम दिखाती है।”

वैश्विक हालातों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने एक स्थिर और मजबूत सरकार के फायदों का जिक्र करते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने ये तमाम बड़ी उपलब्धियां तब हासिल की हैं, जब पूरी दुनिया में भारी अस्थिरता, मंदी और अशांति का माहौल रहा है। कोरोना महामारी के उस खौफनाक दौर को याद करते हुए, जब दुनिया भर में हाहाकार मचा था, पीएम ने कहा कि भारत ने न सिर्फ उस संकट का डटकर मुकाबला किया, बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था को भी सुरक्षित बाहर निकाला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के बड़े-बड़े विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर हैं और संघर्ष कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद साल 2025-26 में भारत ने 7.7 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ रेट हासिल की है। इतना ही नहीं, 31 मार्च को खत्म हुई पिछली तिमाही में भी भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है। उन्होंने कहा कि हम कभी ‘फ्रैजाइल फाइव’ के बदनाम कठघरे में खड़े थे, लेकिन आज वहां से बाहर निकलकर हम दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली आर्थिक महाशक्ति बन चुके हैं।

देश के मध्यम वर्ग को देश की आकांक्षाओं का सबसे बड़ा वाहक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस वर्ग की ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘क्वालिटी ऑफ लाइफ’ को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश का मिडिल क्लास सबसे ज्यादा परेशान था। वह जटिल टैक्स व्यवस्था, भ्रष्टाचार और खराब गवर्नेंस की मार झेलने को मजबूर था।

पीएम मोदी ने इस मौके पर मध्यम वर्ग के लिए किए गए सुधारों को गिनाते हुए कहा कि आज देश में पूरी तरह से पारदर्शी और ‘फेसलेस टैक्स सिस्टम’ लागू है। मध्यम वर्ग को सबसे बड़ी राहत देते हुए अब 12 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी को पूरी तरह से टैक्स फ्री कर दिया गया है। इसके अलावा, जीएसटी रिफॉर्म्स के कारण मध्यम वर्ग के इस्तेमाल की चीजें और हेल्थ इंश्योरेंस काफी सस्ता हुआ है, जिससे उनके घर का बजट सुधरा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए देश-विदेश में नए अवसर खोले गए हैं और उनके अपने घर का सपना पूरा करने के लिए सरकार वित्तीय मदद दे रही है। मध्यम वर्ग के परिवारों पर इलाज के भारी-भरकम खर्च का बोझ कम करने के लिए आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब बिना किसी आय सीमा के, घर के सभी बुजुर्गों को भी इस मुफ्त इलाज की योजना में शामिल कर लिया गया है, जिससे मिडिल क्लास अब चिंताओं से मुक्त होकर देश की तरक्की में योगदान दे रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि हमारे लिए अपनी पार्टी या दल से हमेशा बहुत बड़ा हमारा देश रहा है। जब कोई सरकार ‘नेशन फर्स्ट’ यानी देश प्रथम की भावना से काम करती है, तो उसके लिए कोई भी फैसला लेना मुश्किल या नामुमकिन नहीं होता। उन्होंने कहा कि जिन फैसलों को पहले की सरकारें असंभव मानती थीं और हाथ लगाने से भी डरती थीं, हमने देश के सुरक्षित भविष्य के लिए उन सभी फैसलों को पूरी ताकत और सधे हुए तरीके से लागू करके दिखाया।

पीएम मोदी ने अपनी सरकार के साहसिक और ऐतिहासिक फैसलों की सूची गिनाते हुए कहा कि पहले की सरकारें कश्मीर में आर्टिकल 370 का नाम लेने से भी कांपती थीं, हमने उसे हमेशा के लिए खत्म कर पूरे देश में एक निशान, एक प्रधान और एक संविधान लागू कर दिया। पूर्वोत्तर के राज्य जो कभी बम, बंदूक और लगातार होने वाले ब्लॉकेड के लिए जाने जाते थे, वहां हम न केवल शांति वापस लाए बल्कि राजनीतिक स्थिरता भी स्थापित की। पहले भारत आतंकी हमलों के बाद रोता रहता था और दुनिया के सामने गुहार लगाता था। लेकिन हमने नीति बदली और आतंकवादियों के घर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पूरी दुनिया ने भारत के बढ़ते सामर्थ्य का लोहा माना। पहले यह मान लिया गया था कि देश से नक्सलवाद और माओवाद को कभी खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन हमारी सरकार ने देश को इस हिंसक जहर से काफी हद तक मुक्त करा दिया है।

पीएम ने आगे कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना हो, मुस्लिम बहनों को नरक जैसी जिंदगी से बचाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाना हो, नागरिकता संशोधन कानून लागू करना हो, अंग्रेजों के जमाने के कानूनों को बदलकर भारतीय न्याय संहिता लाना हो या फिर हमारे वीर जवानों के लिए दशकों से लंबित ‘वन रैंक वन पेंशन’ को लागू करना हो- एनडीए सरकार राष्ट्रहित के किसी भी काम में कभी पीछे नहीं हटी। उन्होंने देश की जनता को दोबारा भरोसा देते हुए कहा कि देशहित में बड़े और कड़े फैसले लेने का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह और भी तेज गति से आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि बीते 12 साल में जो कुछ भी हासिल हुआ है, वह तो सिर्फ एक पड़ाव है। हमारी असली नजर अब साल 2047 के ‘विकसित भारत’ के बड़े लक्ष्य पर टिकी हुई है। उन्होंने एनडीए के तमाम नेताओं और मुख्यमंत्रियों को टास्क देते हुए कहा कि अब हमारा बेंचमार्क यह होना चाहिए कि पिछले 12 सालों में हमारी जो भी स्पीड और स्केल रही है, उसे हम आने वाले समय में दोगुना कैसे करें।

पीएम ने विमानन और शिपिंग सेक्टर को लेकर एक बहुत बड़ा विजन देश के सामने रखा। उन्होंने कहा कि शिपिंग सेक्टर में हम आत्मनिर्भरता के एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। हम एक ऐसे भविष्य की तरफ बढ़ रहे हैं जहां हमारा पूरा व्यापार ‘मेड इन इंडिया’ जहाजों के जरिए होगा, पानी के कंटेनर भी भारत में बने होंगे और जहाजों के रखरखाव से लेकर स्क्रैपिंग तक की सारी सेवाएं भारत खुद देगा।

उन्होंने कहा कि आज भारत में मिलिट्री के लिए मेड इन इंडिया ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बनने शुरू हो चुके हैं। वह दिन अब ज्यादा दूर नहीं है, जब भारत के इंजीनियर देश के भीतर ही ‘मेड इन इंडिया’ सिविल पैसेंजर एयरक्राफ्ट बनाएंगे और हमारे देश के सामान्य नागरिक भारत में बने विमानों में बैठकर आसमान की यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं अपनी आंखों के सामने वह दिन साफ-साफ देख रहा हूं दोस्तों।”

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि यह पूरी सदी तकनीक और डेटा की है। भारत में आज दुनिया के सबसे बड़े और सबसे एडवांस डेटा सेंटर्स का निर्माण किया जा रहा है, जो भारत को ग्लोबल वैल्यू चेन का एक अटूट हिस्सा बना देंगे। जैसे यूपीआई के जरिए हमारे युवाओं ने पूरी दुनिया को भारत की ताकत दिखाई है, ठीक वैसे ही अब एआई, डीप टेक और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हमारे युवा पूरी दुनिया पर छा जाने के लिए तैयार हैं।

भाषण के आखिरी हिस्से में प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र में जनभागीदारी और सरकार-समाज के तालमेल को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में मैंने देश की जनता से जब भी और जो कोई भी सहयोग मांगा, देशवासियों ने हमेशा दिल खोलकर मेरा साथ दिया है। चाहे वह स्वच्छ भारत अभियान के लिए सड़कों पर उतरना हो, डिजिटल पेमेंट की आदत को अपनाना हो या फिर कोरोना जैसी भयानक महामारी के दौरान एकजुटता और संयम का परिचय देना हो, देश की जनता ने हमें कभी निराश नहीं किया।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी हमें इसी जन-विश्वास और जनभागीदारी की ताकत के सहारे आगे बढ़ना है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ ही हमारे काम का मूल मंत्र रहा है, और देश की जनता का सामूहिक प्रयास ही विकसित भारत के निर्माण की असली ऊर्जा है। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि यही समय है और यही सही समय है जब पूरा देश एकजुट होकर अपने विराट लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जुट जाए।

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