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झारखंड में सड़क पर उतरे युवाओं का सवाल, सेलेक्टिव क्यों हैं राहुल गांधी और CJP? JPSC और JSSC परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग

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झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में गड़बड़ी, घोटालों और पेपर लीक को लेकर बवाल मचा हुआ है। छात्र और युवा सड़क पर उतर कर परीक्षा रद्द करने और सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। लेकिन 29 जुलाई,2026 को लोकसभा में 53 मिनट तक परीक्षा और पेपर लीक पर भाषण देने वाले राहुल गांधी ने एक बार भी झारखंड के छात्रों और युवाओं की मांगों का जिक्र नहीं किया। वहां पर परीक्षाओं में हो रही धांधली का मुद्दा नहीं उठाया, क्योंकि झारखंड में कांग्रेस और जेएमएम की सरकार है। वहीं 29 जुलाई को ही झारखंड के बीजेपी सांसदों ने संसद भवन परिसर में झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसदों ने हेमंत सरकार और सरकार में शामिल कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सांसदों ने पूछा राहुल गांधी मौन क्यों है? इतना सब होने के बावजूद राहुल गांधी की आंखें क्यों नहीं खुलीं?

खड़गे, सोनिया, राहुल का दोहरा चरित्र – आदित्य साहू
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस दोहरी राजनीति करती है। दिल्ली में मांग करती है कि जांच हो और झारखंड में पूरी तरह मौन है। 19 अभ्यर्थी उत्पाद सिपाही दौड़ में मारे गए हैं। कांग्रेस झारखंड में मांग करे कि उन मृत बच्चों के परिजनों को हेमंत सरकार एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा तत्काल भुगतान करे। भाजपा की मांग है कि दिल्ली से कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी झारखंड की धरती पर जाएं, वहां की जनता इनका चेहरा देखना चाहती है और इनसे पूछना चाहती है कि आप लोगों का यह दोहरा चरित्र क्यों ?

झारखंड में परीक्षा में धांधली के विरोध में सड़क पर उतरे छात्र और युवा
बुधवार 29 जुलाई को रांची में हजारों छात्रों ने जेपीएससी 14वीं प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों में धांधली के विरोध में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक संविधान यात्रा निकाली। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने झारखंड सरकार और आयोग से भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, परीक्षा प्रणाली में सुधार करने और अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित करने की मांग की। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब छात्र और युवा सवाल कर रहे हैं कि राहुल गांधी सेलेक्टिव क्यों है? जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं पर अपनी आखें खोलें, परीक्षा रद्द करें और सीबीआई से जांच कराएं।

सरकार ने छात्रों को प्रदर्शन में हिस्सा लेने से रोका, बस मालिकों को धमकी
झारखंड की कांग्रेस और जेएमएम सरकार युवाओं के इस प्रदर्शन को दबाना और कुचलना चाहती है।  छात्रों को प्रदर्शन स्थलों तक पहुंचने से रोकने और यातायात व बस सेवाओं को प्रभावित करने की खबरें सामने आईं। रांची, हजारीबाग और अन्य शहरों में परीक्षा में गड़बड़ी व पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा का हवाला देकर छात्रों के जत्थों और वाहनों को रास्ते में ही रोका गया। प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाली कई बस सेवाओं और परिवहन के साधनों के मार्ग में फेरबदल किया गया या उन्हें बीच में ही रोक दिया गया। प्रशासन की ओर से बस सेवाएं बंद रखने या बदलने का दबाव, और धमकाने जैसी परिस्थितियाँ देखने को मिलीं।

विरोध के बीच JPSC की मुख्य परीक्षा अगले आदेश तक स्थगित
बढ़ते विवाद और विरोध के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2025 को आगामी आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी (CID) द्वारा की जा रही है, जिसके तहत पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक और अन्य संबंधित लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। लेकिन सवाल है छात्रों के नाम पर दिल्ली की सड़कों पर हंगामा करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी कहां हैं? क्या छात्रों की आवाज़ सिर्फ वहीं सुनाई देती है, जहां राजनीतिक एजेंडा साधना हो? क्या झारखंड के छात्रों के अधिकार, उनका भविष्य और उनका इन पार्टियों के लिए कोई मायने नहीं रखता? जब मुद्दा राजनीति का नहीं, छात्रों के भविष्य का हो, तब यह चुनिंदा संवेदनशीलता और सुविधानुसार चुप्पी बहुत कुछ बयां करती है।

JPSC की कुल 10 पुरानी भर्ती परीक्षाओं की जांच CBI के पास
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की पहली और दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा सहित कुल 10 पुरानी भर्ती परीक्षाओं की जांच पहले से ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के पास है। 6 भर्ती जांच के दायरे में और 9 भर्ती परीक्षा स्थगित हो गई हैं। हालिया विवादों और 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों की जांच राज्य स्तर पर क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) द्वारा की जा रही है, जिसमें अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

 

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