वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी अनिश्चितताओं के बीच भारत growth और stability का भरोसा दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS Business Forum को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने पिछले वर्षों में अपनी सप्लाई चेन को ज्यादा diversified और reliable बनाया है। उन्होंने कहा कि resilience की इसी ताकत के चलते भारत आज वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी विकास और स्थिरता का भरोसा दे रहा है।
Addressing the BRICS Business Forum. Strong business partnerships can open new avenues for growth, innovation and shared prosperity.@BricsIndia2026 https://t.co/EUIH6agfI2
— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल BRICS अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है। 2006 में चार देशों से शुरू हुआ यह समूह आज BRICS और BRICS partners को मिलाकर 21 देशों का परिवार बन चुका है। उन्होंने कहा कि BRICS की बढ़ती ताकत वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसके बढ़ते प्रभाव को दिखाती है। उन्होंने बताया कि आज BRICS देश दुनिया की करीब 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से ज्यादा ट्रेड का प्रतिनिधित्व करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में जहां दुनिया की GDP करीब ढाई गुना बढ़ी है, वहीं BRICS देशों की संयुक्त GDP करीब साढ़े चार गुना बढ़ी है।
‘BRICS की इकोनॉमिक स्ट्रैंथ दुनिया की तुलना में करीब दो गुने रफ्तार से बढ़ी है।’
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने BRICS Business Forum में बताया कि जिस अवधि में दुनिया की GDP करीब ढाई गुना हुई, उसी अवधि में BRICS देशों की कंबाइन GDP साढ़े चार गुना हुई।#BRICS2026 pic.twitter.com/gzvxBI1JLy
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प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका मतलब साफ है कि BRICS की आर्थिक ताकत दुनिया की तुलना में करीब दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश अब ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशंस के महत्वपूर्ण सेंटर भी बन रहे हैं। ग्रासरूट से लेकर frontier technologies तक इन देशों में इनोवेशन की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में आयोजित यह अब तक का सबसे बड़ा BRICS Business Forum है। उन्होंने कहा कि BRICS की बढ़ती scale, speed और optimism इस फोरम में साफ दिखाई दे रही है। भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने इसी सोच को अपनी economic और trade policy का आधार बनाया है। उन्होंने resilience का उदाहरण देते हुए कहा कि ऊर्जा से लेकर टेक्नोलॉजी तक भारत ने अपनी सप्लाई चेन को ज्यादा diversified और reliable बनाया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक क्षेत्रों में भारत की बढ़ती क्षमता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में roads, railways, ports और airports का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। साथ ही ship-building, semiconductors, quantum, critical minerals और biotech जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी नई क्षमताएं तैयार की जा रही हैं।

BRICS Business Forum को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में भारत global businesses के लिए नए अवसरों का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कारोबारियों और निवेशकों के लिए भारत के अवसरों को रेखांकित करते हुए कहा, “Make in India, Innovate with India, and Scale for the World.” भारत के startup ecosystem को दुनिया के सामने एक बड़ी ताकत के रूप में रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में दो लाख से ज्यादा startups और 120 से ज्यादा unicorns हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब global solutions का hub बन रहा है और इसकी झलक BRICS Bharat Innovates Expo में भी देखने को मिलेगी।
Make in India
Innovate in India
Scale for the World 🇮🇳🌎 #BRICS2026 pic.twitter.com/OGyjUHhGNR— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) September 11, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय startups AI के जरिए education और healthcare में बदलाव ला रहे हैं। इसके अलावा Green Hydrogen और batteries पर काम हो रहा है, जबकि defence और space के क्षेत्र में भी नए frontiers पार किए जा रहे हैं। अब जरूरत इन world-class innovations को BRICS के जरिए global markets तक पहुंचाने की है। उन्होंने भारत की innovation story की खासियत बताते हुए “Innovation at Population Scale” का जिक्र किया। उन्होंने Unified Payments Interface यानी UPI को इसका बड़ा उदाहरण बताया, जिसने बड़े पैमाने पर financial inclusion और digital transactions को नई गति दी है।
2 लाख से अधिक startups और 120 से अधिक unicorns के साथ भारत आज Global Solutions का हब बन रहा है। इसकी एक झलक आपको BRICS Bharat Innovates EXPO में दिखाई देगी।#BRICS2026 pic.twitter.com/HT7p1s6YLf
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) September 11, 2026
प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, आज दुनिया के करीब 50 प्रतिशत real-time payments इसी technology पर होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने इस digital layer पर नए solutions तैयार करने के लिए industry और startups को एक open ecosystem दिया है और कई देश भारत के इस world-class ecosystem को अपना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने BRICS देशों के innovators को भी भारत के अनुभव से सीखने और अपने देशों के लिए नए solutions तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल और innovation मॉडल BRICS के भीतर सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है।

दुनिया में बढ़ते trade barriers के बीच प्रधानमंत्री ने economic bridges बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत ने दुनिया के करीब 40 देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। BRICS में भी भारत का approach barriers को कम करना और businesses के लिए अवसर बढ़ाना है। भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान agriculture, health, skills और smart-grids जैसे क्षेत्रों में नए cooperation networks बनाए गए हैं। इसके साथ ही startups और SMEs को market और finance से जोड़ने के लिए BRICS Incubator Network, BRICS MSME Portal और BRICS Startup Innovation Fund जैसी पहलें की गई हैं।
At a time when trade barriers are rising across the world, India is building economic bridges.
After 2014, we have signed FTAs with over 40 countries around the world.
In BRICS, too, our approach is to reduce barriers and increase business opportunities. Therefore, during our… pic.twitter.com/ojpgk6CkXw
— BJP (@BJP4India) September 11, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन cooperation frameworks का फायदा BRICS देशों के businesses उठा सकते हैं। इससे सदस्य देशों के बीच investment और talent exchange को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने BRICS को सिर्फ सरकारी सहयोग तक सीमित रखने के बजाय business-to-business partnerships को और मजबूत करने पर जोर दिया। वैश्विक व्यापार के लिए सुरक्षित समुद्री मार्गों को भी प्रधानमंत्री ने जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि global trade तभी आगे बढ़ सकता है जब sea lanes secure हों, supply routes खुले रहें और seafarers सुरक्षित हों। भारत freedom of navigation और seafarers की safety का दृढ़ समर्थक है।

महिला उद्यमिता को BRICS की growth story का अहम हिस्सा बताते हुए पीएम मोदी ने BRICS Women’s Business Alliance का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि women entrepreneurs BRICS की growth story को lead करें। भारत में आयोजित Alliance की बैठक में करीब 200 women business leaders की भागीदारी को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
We want Women Entrepreneurs to LEAD India’s growth story.#BRICS2026 @BricsIndia2026 pic.twitter.com/n8scjbi9nB
— Smriti Z Irani (@smritiirani) September 11, 2026
BRICS के तीसरे दशक में प्रवेश के मौके पर प्रधानमंत्री ने BRICS Business Council के सामने कुछ स्पष्ट लक्ष्य भी रखे। उन्होंने पूछा कि क्या BRICS देशों के बीच top 10 trade barriers को हटाने के लिए हर साल रिपोर्ट तैयार की जा सकती है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हर साल 100 BRICS startups को दूसरे BRICS markets में scale करने के लिए support दिया जाए। इसके साथ ही BRICS देशों के businesses के बीच 1,000 नई partnerships विकसित करने का लक्ष्य रखा जाए।
ब्रिक्स बिज़नेस फोरम 2026 में प्रधानमंत्री @narendramodi के साथ ब्रिक्स के अन्य नेताओं का सामूहिक छायाचित्र📸#BRICS2026 #BRICSIndia2026 #IndiaBRICSChairship @BricsIndia2026 pic.twitter.com/MU5i4rEKLo
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) September 11, 2026
प्रधानमंत्री ने इन तीनों मापदंडों पर हर साल progress review करने की जरूरत बताई। उनका जोर इस बात पर रहा कि BRICS की आर्थिक ताकत को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे वास्तविक कारोबारी साझेदारी, innovation और global solutions में बदला जाए। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने BRICS के लिए एक स्पष्ट विजन सामने रखा। उन्होंने कहा, “आइए, BRICS के ambition को action में, और collective strength को global solutions में बदलें। BRICS आगे बढ़े, और दुनिया को भी आगे बढ़ाए।”









