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CJP प्रदर्शन में शामिल दंगाइयों की अब खैर नहीं, देना होगा एक-एक पत्थर का हिसाब

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कॉकरोच जनता पार्टी के 20 जुलाई और उसके बाद हो रहे हिंसक प्रदर्शन में सैकड़ों पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। यहां तक कि दिल्ली के संसद मार्ग पर पत्थराव में एसीपी भगत सिंह समेत तीन पुलिस घायल हो गए। एसीपी भगत सिंह की मॉब लिंचिंग की कोशिश की गई। उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का यह भी दावा है कि हिंसा के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को तलवारें और खुकरी (पारंपरिक मुड़े हुए चाकू) लहराते हुए देखा गया। 

उपद्रवियों पर हाईटेक तरीके से शिकंजा कसने की तैयारी
खबरों से पता चलता है कि शाम के समय असामाजिक तत्व भीड़ में शामिल हो रहे हैं, और बाहरी लोग हंगामा मचाकर तनाव बढ़ा रहे हैं। इन असामाजिक तत्वों को पकड़ने के लिए पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस व्हाट्सएप्प ग्रुप, मोबाइल वीडियो, CCTV, ड्रोन कैमरे और पुलिस बॉडी कैमरे की फुटेज की जांच कर रही है। इसके अलावा हाईटेक तरीके से उन पर शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है। दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उनके चेहरे, नाम और पत्ते की पहचान कर रही है।

अब आपको दिखाते हैं, दिल्ली पुलिस की हाईटेक नजर, जिसके माध्यम से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है…

फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से उपद्रवियों की पहचान
उपद्रवियों के चेहरे की पहचान के लिए दिल्ली पुलिस एडवांस्ड फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फॉरेंसिक टूल्स का सहारा ले रही है। वीडियो फुटेज में नजर आ रहे संदिग्धों के चेहरों को पुलिस FRS सॉफ्टवेयर के जरिए अपने उपलब्ध डेटाबेस से मैच कर रही है।

उपलब्ध डाटाबेस से उपद्रवियों के चेहरों का मिलान 
जांच एजेंसियां हिंसा के दौरान मौजूद चेहरों का मिलान उपलब्ध डाटाबेस से कर रही हैं ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। जिन लोगों की पहचान हो रही है, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जंतर मंतर हो, सड़क हो या सोशल मीडिया में हिंसा फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसकी पहचान कुछ भी हो।

उपद्रवियों की पहचान के लिए रे-बैन मेटा स्मार्ट चश्मे का इस्तेमाल
दिल्ली पुलिस रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लास पहन रही है। रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लास (Ray-Ban Meta Smart Glasses) एक उन्नत और स्टाइलिश वियरेबल टेक डिवाइस है, जो 12MP कैमरा, ओपन-ईयर ब्लूटूथ स्पीकर और इनबिल्ट मेटा एआई (Meta AI) वॉयस असिस्टेंट जैसी खासियतों से लैस है। दिल्ली पुलिस मेटा ग्लास वाला वीडियो जल्द ही रिलीज करने वाली है।

दंगा करते पकड़े जाने पर पासपोर्ट होगा रद्द
दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान जो भी व्यक्ति दंगा या हिंसा करता हुआ पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तो की ही जाएगी, साथ ही उसका पासपोर्ट रद्द कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसा में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सख्त रुख अपना रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


पाकिस्तान से भड़काऊं पोस्ट पर पैनी नजर, 400 हैंडल्स बैन
विदेशी सोशल मीडिया हैंडल से फैलाई जा रही अफवाह पर भी दिल्ली पुलिस की नजर है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि हमने नोटिस किया है कि सोशल मीडिया में अफवाह फैलाने की कोशिश की जा रही है। अभी तक 400 पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान की जा चुकी है। जो इस परिस्थिति का फायदा उठाते हुए फेक कंटेंट और अफवाह फैला रहे हैं, उनको ब्लॉक कराया जा रहा है। ये वहीं सोशल मीडिया हैंडल्स थे जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सक्रिय थे। उनका एक ही मकसद है, लोगों को भड़काना और छात्रों का ध्यान भटकाने की कोशिश करना है। 

अब देखिए इस हाइटेक कार्रवाई का दिल्ली से लेकर पूरे देश में असर

रात 3 बजे घर पहुंची पुलिस
सोशल मीडिया में एक युवती को पुलिस वालों को धमकी देना भारी पड़ गया। जब लगा कि पुलिस उन तक पहुंच सकती है, तो उससे पहले ही घर से फरार हो गई। अब कह रही है कि पुलिस तीन बजे घर पहुंच गई। उसे हैरानी हो रही है कि पुलिस को कैसे घर का पता मिल गया।

अब पता नहीं बताने की गुहार लगा रही है…खुद दंगा में शामिल होने की बात भी कबूल कर रही है…

मुंबई : प्रदर्शन में शामिल युवतियों से पुलिस थाने में पूछताछ

पटना : हिंसा करने वालों का वीडियो जारी
उधर पटना पुलिस ने अराजकता फैलाने वाले उपद्रवियों का वीडियो और तस्वीरें रिलीज कर दी है।

असम : अफवाह फैलाते गिरफ्तार हुए तीन मुस्लिम युवक
असम के लखीमपुर में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से CJP प्रदर्शन को भड़काने और अफवाह फैलाने का काम कर रहे थे। गिरफ्तार युवकों में शामिल असराफुल इस्लाम, मंज़ूर रहमान और अब्दुल काशिम ने CJP WhatsApp ग्रुप बनाकर हिंदू युवाओं को रेडिकलाइज़ और भड़काने की कोशिश कर रहे थे।

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