प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारतवर्ष ने अनेक क्षेत्रों में ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनका प्रभाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक क्षमता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और आम नागरिकों के जीवन स्तर में भी साफ-साफ दिखाई देता है। 2014 के बाद देश ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी है। भारत ने केवल आर्थिक विकास की गति ही नहीं बढ़ाई, बल्कि इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को भी विकसित भारत का सबसे बड़ा आधार बनाया है। पीएम मोदी के विजन के अनुरूप स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, रेल, हवाई अड्डे, बंदरगाह, जलमार्ग, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश कर देश को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। मोदी सरकार का लक्ष्य केवल नई परियोजनाएं शुरू करना नहीं रहा, बल्कि ऐसा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है जो उद्योग, व्यापार, निवेश और युवाओं को रोजगार के नित-नए अवसर दे सके।
आइए, देश के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 2014 और 2026 के तुलनात्मक आंकड़ों से जानते हैं कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने क्या-क्या अहम उपलब्धियां हासिल की हैं….
इंफ्रा उपलब्धि-1
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: माल परिवहन का नया युग
2014 तक देश में एक भी किलोमीटर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) चालू नहीं था। पिछले 12 वर्षों में 2,843 किलोमीटर का विशाल नेटवर्क विकसित किया गया। यानी इस क्षेत्र की 100 प्रतिशत क्षमता पिछले 12 वर्षों में ही बनी है। इससे न केवल मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ी है, बल्कि उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत घटने के साथ-साथ दिल्ली-मुंबई सहित प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर को नई ताकत मिली है।
इंफ्रा उपलब्धि-2
स्टार्टअप इंडिया: नवाचार में युवा शक्ति की नई क्रांति
देश में 12 साल पहले स्टार्टअप कल्चर ही विकसित नहीं हुआ था। तब देश में केवल 500 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप ही थे। पीएम मोदी के स्टार्टअप इंडिया मिशन से आज उनकी संख्या बढ़कर 2.30 लाख से अधिक हो गई है। अर्थात कुल मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का 99.8 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में ही जुड़े हैं। इस परिवर्तन ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल कर दिया है और लाखों युवाओं को रोजगार एवं उद्यमिता के नए-नए अवसर मिले हैं। हाल ही में हैदराबाद के Skyroot Aerospace स्टार्ट ने भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल रॉकेट Vikram-1 का सफलतापूर्वक अंतरिक्ष मिशन पूरा किया। इस मिशन के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जहां निजी कंपनियां स्वतंत्र रूप से उपग्रहों को ऑरबिट में स्थापित करने की क्षमता रखती हैं।
इंफ्रा उपलब्धि-3
रक्षा निर्यात: आयातक से निर्यातक बनने की ओर कदम
डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत का सपना ही मोदी सरकार ने पूरा नहीं किया है, बल्कि रक्षा निर्यात में भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 2014 में भारत का रक्षा निर्यात लगभग 700 करोड़ रुपये था। यह पीएम मोदी के विजन के चलते आज बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी रक्षा निर्यात का 98 प्रतिशत विस्तार पिछले 12 वर्षों में हुआ और इसी अवधि में देश ने डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को भी काफी मजबूत किया। इससे भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं बल्कि निर्यातक देश के रूप में भी स्थापित हो रहा है।
इंफ्रा उपलब्धि-4
सौर ऊर्जा: हरित भारत की मजबूत नींव का आधार
2014 से पहले की सरकारों ने भारत की सौर ऊर्जा की ताकत की अनदेखी की थी। यही वजह रही कि तब तक भारत की सौर ऊर्जा क्षमता मात्र 2.6 गीगावाट ही थी। आज यह बढ़कर 162 गीगावाट तक पहुंच गई है। कुल क्षमता का 98 प्रतिशत विस्तार इन्हीं 12 साल की अवधि में हुआ है। मोदी सरकार ने न सिर्फ पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है, बल्कि हाल ही में पीएम सूर्य सरोवर योजना को भी हरी झंडी दिखाई है। इससे भारत स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है।
इंफ्रा उपलब्धि-5
अंतर्देशीय जलमार्ग: सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन
देश में 2014 से पहले तक अंतर्देशीय जलमार्गों से परिवहन काफी कम होता था। इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 12 सालों में इस परिवहन क्षमता का 87 प्रतिशत विकास हुआ है। यानि 2014 तक अंतर्देशीय जलमार्गों से 29 मिलियन मीट्रिक टन माल परिवहन होता था। आज यह बढ़कर 218 मिलियन मीट्रिक टन हो गया है। इससे परिवहन सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल बना है।
इंफ्रा उपलब्धि-6
एक्सप्रेसवे नेटवर्क: गति और प्रगति का अद्भुत संगम
पीएम मोदी की सरकार ने जिस स्पीड और स्केल पर काम किया है, वह पहले की सरकारों में नजर नहीं आया। 2014 में देश में लगभग 1,000 किलोमीटर एक्सप्रेसवे ही थे। आज यह बढ़कर 6,700 किलोमीटर हो गए हैं। यानि कुल नेटवर्क का 85 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में बना है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल, गंगा और अन्य आधुनिक एक्सप्रेसवे देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति और ताकत दे रहे हैं।
इंफ्रा उपलब्धि-7
राष्ट्रीय जलमार्गों के बढ़ने से जल परिवहन को नई दिशा
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आजादी के बाद के 67 सालों तक देश में केवल पांच राष्ट्रीय जलमार्ग ही थे। औसत की बात करें तो एक दशक में एक राष्ट्रीय जलमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर भी नहीं बन पाया था। अब पीएम मोदी सरकार के मात्र 12 सालों की अवधि में ही राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या बढ़कर 32 हो चुकी है। यानि इनका कुल विस्तार का 84 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में हुआ। इससे जल परिवहन को नई दिशा मिली है।
इंफ्रा उपलब्धि-8
पीएनजी गैस कनेक्शन: स्वच्छ ऊर्जा का 84 प्रतिशत विस्तार
पीएम मोदी के दूरदर्शी विजन के चलते स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में पिछले 12 सालों में बहुत काम हुआ। देश में साल 2014 तक केवल 25 लाख पाइप्ट नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन ही थे। मोदी सरकार में इसे खूब प्रोत्साहित किया गया। आज यह संख्या 1.6 करोड़ तक पहुंच चुकी है। कुल विस्तार का 84 प्रतिशत इसी अवधि में हुआ। इससे शहरी परिवारों को निर्बाध और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध हो रहा है।
इंफ्रा उपलब्धि-9
हर घर जल: जनजीवन की गुणवत्ता में आया सुधार
जीवन के लिए सबसे जरूरी चीजों में एक पानी को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इसके चलते 2014 में केवल 17 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंचता था। आज यह आंकड़ा बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है। कुल उपलब्धि का 79 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में हासिल हुआ। इससे ग्रामीण भारत में जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।
इंफ्रा उपलब्धि-10
नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता: भविष्य की शानदार तैयारी
देश में 2014 तक कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता केवल 54 गीगावाट ही थी। मोदी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया, इससे आज यह क्षमता बढ़कर 248 गीगावाट हो चुकी है। कुल क्षमता का 78 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में जुड़ा है। इससे भारत ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इंफ्रा उपलब्धि-11
मेट्रो रेल: शहरों की नई जीवनरेखा से सुधारा यातायात
मोदी सरकार ने रेल कनेक्टिविटी के तेज विस्तार में भी शानदार काम किया है। 2014 में देश में केवल 250 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क ही था। आज यह बढ़कर 1,000 किलोमीटर तक पहुंच गया है। यानी कुल नेटवर्क का 75 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में ही बना है। दिल्ली के साथ-साथ लखनऊ, नागपुर, अहमदाबाद, जयपुर, पुणे और अन्य शहरों में मेट्रो सेवाओं ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाया है। मेट्रो नेटवर्क से महानगरों और उभरते शहरों में यातायात व्यवस्था बेहतर हुई है।
इंफ्रा उपलब्धि-12
रेलवे विद्युतीकरण: हरित रेल की ओर बढ़े कदम
मेट्रो नेटवर्क के साथ ही मोदी सरकार ने रेल कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए रेल मार्ग विद्युतीकरण पर भी खूब काम किया। 2014 तक केवल 21,800 किलोमीटर रेल मार्ग विद्युतीकृत थे। आज यह बढ़कर 69,800 किलोमीटर हो चुके हैं। कुल विद्युतीकरण का 69 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में हुआ है। इससे डीजल पर निर्भरता कम हुई और संचालन लागत भी घटी है।
इंफ्रा उपलब्धि-13
बंदरगाह क्षमता: वैश्विक व्यापार को मिली नई मजबूती
वैश्विक व्यापार को मजबूती देने में बंदरगाह बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद 2014 तक की सरकारों के कमजोर प्रयास से बंदरगाहों की क्षमता 800 एमटीपीए ही थी। आज यह बढ़कर 2,760 एमटीपीए हो गई है। यानि कुल क्षमता का 71 प्रतिशत विस्तार इसी अवधि में हुआ। इससे भारत की निर्यात-आयात क्षमता बढ़ी है और वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत हुई है।
इंफ्रा उपलब्धि-14.
गुणवत्तापूर्ण हेल्थ सर्विस के लिए एम्स संस्थानों का विस्तार
देश में आजादी के बाद साढ़े छह दशक तक सिर्फ 8 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ही थे। एम्स देशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी के निर्देश पर एम्स की संख्या अधिक करने पर तेजी से काम हुआ। आज देश में एम्स की संख्या बढ़कर 23 हो चुकी है। कुल विस्तार का 65 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में हुआ है। इससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी।
इंफ्रा उपलब्धि-15
एमबीबीएस सीटों में रिकॉर्ड वृद्धि से युवाओं को अवसर
यह पीएम मोदी का ही विजन है कि उन्होंने एम्स की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ एमबीबीएस की सीटों में भी काफी वृद्धि की। क्योंकि अस्पतालों की संख्या बढ़ने के साथ डॉक्टरों की डिमांड तो बढ़नी ही थी। देश में 2014 में तक 51,348 एमबीबीएस सीटें थीं। आज मोदी सरकार ने इन्हें बढ़ाकर 1.39 लाख कर दिया है। कुल सीटों का 63 प्रतिशत विस्तार पिछले 12 वर्षों में ही हुआ है। इससे डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के साथ ही युवाओं को भी ज्यादा अवसर मिल रहे हैं।
इंफ्रा उपलब्धि-16
मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाकर दोगुनी से अधिक
देशभर के युवाओं को मेडिकल क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा अवसर देने के लिए जहां मोदी सरकार ने एमबीबीएस की सीटों में इजाफा किया, वहीं मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी दोगुनी से ज्यादा वृद्धि की है। 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज ही थे। आज यह संख्या बढ़ाकर 844 हो गई है। कुल कॉलेजों का 54 प्रतिशत विस्तार इसी अवधि में हुआ है। इससे चिकित्सा शिक्षा का दायरा बढ़ा है।
इंफ्रा उपलब्धि-17
चार लेन और उससे अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण
देशभर में आवागमन के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग बेहतर सुविधा मुहैया कराते हैं। लेकिन 2014 तक देश में 18,371 किलोमीटर चार लेन या उससे अधिक क्षमता वाले राष्ट्रीय राजमार्ग ही थे। पीएम मोदी सरकार का इस दिशा में अभूतपूर्व काम करने का ही नतीजा है कि आज यह बढ़कर 45,516 किलोमीटर हो गए हैं। यानि कुल नेटवर्क का 60 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में बना है।
इंफ्रा उपलब्धि-18
हवाई अड्डों के विस्तार से छोटे शहरों का सफर भी आसान
रेल कनेक्टिविटी के साथ-साथ मोदी सरकार ने एयर कनेक्टिविटी पर भी खूब काम किया है। ताकि टीयर-2 और टीयर-3 शहरों के लोगों के लिए भी हवाई सफर आसान हो सके। 2014 में देश में केवल 74 हवाई अड्डे थे। आज उनकी संख्या बढ़कर दोगुनी से ज्यादा 164 हो चुकी है। कुल विस्तार का 55 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में हुआ है। मोदी सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) ने छोटे शहरों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ा है।
इंफ्रा उपलब्धि-19
बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि से ऊर्जा आवश्यकताएं पूरी
पानी के बाद जनजीवन को आसान बनाने के लिए दूसरी जरूरत बिजली ही है। आजादी के इतने सालों के बाद भी 2014 तक भारत की बिजली उत्पादन क्षमता केवल 249 गीगावाट थी। आज यह बढ़कर 540 गीगावाट हो गई है। कुल क्षमता का 54 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में जुड़ा है, जिससे उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।
इंफ्रा उपलब्धि-20
बिजली ट्रांसमिशन विस्तार से दूरदराज के गांव भी रोशन
2014 तक ट्रांसमिशन नेटवर्क 2.9 लाख सर्किट किलोमीटर था। आज यह बढ़कर 5 लाख सर्किट किलोमीटर तक पहुंच गया है। कुल नेटवर्क का 42 प्रतिशत विस्तार पिछले 12 वर्षों में हुआ है। इससे देश के दूरदराज के क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने की क्षमता मजबूत हुई और बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनी है।
इंफ्रा उपलब्धि-21
डिजिटल कनेक्टिविटी चार गुना बढ़ी, डेटा लागत हुई बहुत कम
भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी 2014 के लगभग 25.15 करोड़ उपयोगकर्ताओं से बढ़कर 2026 में 102.86 करोड़ से अधिक इंटरनेट कनेक्शन तक पहुंच गई है। कुल नेटवर्क का 75 प्रतिशत विस्तार पिछले 12 वर्षों में हुआ है। इस दौरान डेटा की लागत 269 रुपये प्रति जीबी से घटकर लगभग 9.2 रुपये प्रति जीबी रह गई है और देश ने लगभग सभी जिलों में तेज 5G नेटवर्क का विस्तार हुआ है।
इंफ्रा उपलब्धि-22
इस्पात उत्पादन क्षमता में वृद्धि से औद्योगिक मजबूती
2014 में देश की कच्चे इस्पात उत्पादन क्षमता 109 मिलियन टन थी। आज यह बढ़कर 222 मिलियन टन हो चुकी है। कुल क्षमता का 51 प्रतिशत विस्तार पिछले 12 वर्षों में हुआ है। इससे निर्माण, ऑटोमोबाइल और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में लगातार मदद मिल रही है।
इंफ्रा उपलब्धि-23
कोयला उत्पादन में वृद्धि से ऊर्जा सुरक्षा व विदेशी मुद्रा की बचत
2014 तक देश का कोयला उत्पादन 565 मिलियन टन था। आज यह बढ़कर 1,000 मिऊर्जा सुरक्षा, विदेशी मुद्रा की बचतलियन टन तक पहुंच गया है। कुल उत्पादन क्षमता का 44 प्रतिशत विस्तार पीएम मोदी की सरकार के दौरान पिछले 12 वर्षों में ही हुआ है। इससे देश को ऊर्जा सुरक्षा, विदेशी मुद्रा की बचत और औद्योगिक स्थिरता जैसे बड़े लाभ हुए हैं। भारत अपनी बिजली जरूरत का लगभग 74प्रतिशत हिस्सा कोयला आधारित संयंत्रों से पूरा करता है।
इंफ्रा उपलब्धि-24
गैस पाइपलाइन नेटवर्क का करीब दोगुना विस्तार
2014 में देश में लगभग 15,000 किलोमीटर गैस पाइपलाइन नेटवर्क था। आज यह बढ़कर 26,000 किलोमीटर हो गया है। कुल नेटवर्क का 42 प्रतिशत पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार में ही विकसित हुआ है। इससे उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं तक प्राकृतिक गैस की पहुंच बढ़ी और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिला।
बन रही विकसित भारत के संकल्प की मजबूत आधारशिला
पीएम मोदी के दूरदर्शी विजन का सबसे बड़ा परिणाम यह है कि भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर अब केवल निर्माण परियोजनाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह आर्थिक विकास, निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की मजबूत आधारशिला बन चुका है। सड़क, रेल, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल नेटवर्क में हुए व्यापक विस्तार ने भारत को दुनिया की तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी स्थान दिलाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान किया है। इससे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मजबूत आधारस्तंभ मिला है।









