भारत के राजनीतिक आकाश में नरेन्द्र मोदी सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक ऐसा विराट व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपने संकल्प, साधना, ऊर्जा, कर्मठता और राष्ट्र प्रथम की भावना से भारतीय राजनीति की परिभाषा ही बदल दी। स्वतंत्र भारत में जन्मे देश के पहले प्रधानमंत्री से लेकर विश्व के सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय नेताओं की अग्रिम पंक्ति में पहचान बनाने तक की उनकी यात्रा असाधारण है। 76 वर्ष की उम्र में भी उनके व्यक्तित्व की ऊर्जा किसी युवा से कम नहीं, उनकी कार्यशैली में वही अदम्य उत्साह है और उनके संकल्पों में भविष्य के भारत की विराट तस्वीर दिखाई देती है। वे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से ज्यादा स्टाइलिश और विजनरी हैं और युवा पीएम राजीव गांधी से बहुत अधिक ऊर्जावान भी हैं। यहां तक कि वे अटल बिहारी वाजपेयी से ज्यादा विजनरी और स्मार्ट पीएम हैं। इन सभी से अलग नरेन्द्र मोदी ने अपनी एक ऐसी विशिष्ट शैली गढ़ी है, जिसमें नेतृत्व की दृढ़ता, निर्णय की स्पष्टता, संवाद की कला, तकनीक की समझ और भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का जुनून एक साथ दिखाई देता है। जन्मदिन पर इसलिए चर्चा सिर्फ एक प्रधानमंत्री के अवतरण दिवस की नहीं, बल्कि उस यशस्वी, मनस्वी और तपस्वी व्यक्तित्व की है, जिसने भारत के वर्तमान को बदलने के साथ-साथ उसके भविष्य को लेकर भी ‘विकसित भारत’ का बड़ा सपना देशवासियों को दिखाया है।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी में कुछ ऐसी खास बातें हैं, जो उन्हें उनके व्यक्तित्व को सबसे अलग, सबसे अद्वितीय और दूरदर्शी बनाती हैं। आइए, प्रधानमंत्री के बारे में कुछ रोचक और दिलचस्प बातें जानते हैं….
गुजरात के प्रांत प्रचारक वकील साहब ने दिलवाई आठ साल की उम्र में ही RSS की शपथ
- नरेन्द्र मोदी जी का जन्म 17 सितंबर 1950 को वडनगर में दामोदार दास मूलचंद मोदी और हीराबेन के यहां हुआ।
- नरेन्द्र मोदी वडनगर के भगवताचार्य नारायणाचार्य स्कूल में पढ़ते थे। उन्हें बचपन में एक्टिंग का शौक था।
- नरेन्द्र मोदी आठ साल की आयु से ही आरएसएस से जुड़ गए थे। 1958 में दीपावली के दिन गुजरात आरएसएस के पहले प्रांत प्रचारक लक्ष्मण राव इनामदार उर्फ वकील साहब ने नरेन्द्र मोदी को बाल स्वयंसेवक की शपथ दिलवाई थी।
- वे बाद में बहुत ही मेहनती कार्यकर्ता बने। वे आरएसएस के बड़े शिविरों के आयोजन में मैनेजमेंट का हुनर दिखाते थे। आरएसएस नेताओं का ट्रेन और बस में रिजर्वेशन का जिम्मा उन्हीं के पास होता था।
- नरेन्द्र मोदी बचपन में स्कूल में एक्टिंग, वाद-विवाद, नाटकों में भाग लेते और पुरस्कार जीतते थे। एनसीसी में भी शामिल हुए।
- नरेन्द्र मोदी बचपन में साधु-संतों से प्रभावित हुए। वे बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे।
- संन्यासी बनने के लिए मोदी स्कूल की पढ़ाई के बीच पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई जगहों पर घूमे।
- हिमालय में कई महीनों तक साधुओं के साथ रहे। दो साल बाद जब वह हिमालय से वापस लौटे तब उन्होंने संन्यास जीवन त्यागने का फैसला लिया।
- नरेन्द्र मोदी 5 भाई-बहनों में से दूसरे नंबर की संतान हैं।
- इतने बहादुर कि वे एक बार शर्मिष्ठा तालाब से एक मगरमच्छ का बच्चा पकड़कर घर लेकर आ गए। मां के समझाने पर वे वापस उसे तालाब छोड़कर आए।
भारत-पाक युद्ध के दौरान नरेन्द्र मोदी ने स्टेशन पर भारतीय सैनिकों को चाय पिलाई
- नरेन्द्र मोदी के पिता की रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी।
- 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने स्टेशन से गुजर रहे सैनिकों को चाय पिलाई।
- हिमालय से लौटने के बाद भी मोदी ने अपने भाई के साथ मिलकर अहमदाबाद में चाय की दुकान भी लगाईं। उन्होंने हर कठिनाई को सहते हुए चाय बेची।
- नरेन्द्र मोदी बाद में घर छोड़कर संघ के प्रचारक बन गए।
- जब नरेन्द्र मोदी प्रचारक थे तो उन्हें स्कूटर चलाना नहीं आता था। शंकरसिंह वाघेला उन्हें अपनी स्कूटर पर घुमाया करते थे।
- नरेन्द्र मोदी संघ में कुर्ते की बांह छोटी करवा लीं, ताकि वह ज्यादा खराब न हो, जो वर्तमान में मोदी ब्रांड का कुर्ता बन गया है और देशभर में मशहूर है।
- नरेन्द्र मोदी अहमदाबाद संघ मुख्यालय में रहते तो वहां सारे छोटे काम खुद ही करते थे। जैसे- साफ-सफाई, चाय बनाना और बुजुर्ग नेताओं के कपड़े धोना शामिल है।
- अहमदाबाद में आरएसएस शिविर लगाने के समय खाने के इंतजाम के लिए नरेन्द्र मोदी के आइडिया पर अमल करते हुए 10 हजार परिवारों से प्रति परिवार 10 रोटी ली गई इससे खाने का इंतजाम आसानी से हो गया।
- नरेन्द्र मोदी जी ने अन्य प्रचारकों के विपरीत दाढ़ी रखते और उसे ट्रीम भी करवाते।
- मोदी ने 1967 में हाई स्कूल की शिक्षा पूरी की और 1978 में राजनीति विज्ञान में आर्ट में Graduation की डिग्री पूरी की। उन्होंने 1982 में गुजरात विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री हासिल की।

इंदिरा की इमरजेंसी के दौरान सरदार का रूप में ढाई साल तक पुलिस को छकाते रहे
- नरेन्द्र मोदी का विवाह 18 साल की उम्र में उनकी मां ने बांसकाठा जिले के राजोसाना गांव में रहने वाली जसोदा बेन से किया गया था।
- नरेन्द्र मोदी कोई भी नया काम शुरू करने से पहले अपनी मां का आशीर्वाद जरूर लेते। चुनाव में मिली जीत के बाद उन्होंने अपनी मां से जाकर आशीर्वाद लिया।
- वे 1975 में इमरजेंसी के दौरान सरदार का रूप धरकर ढाई सालों तक पुलिस को छकाते रहे ।
- नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका में मैनेजमेंट और पब्लिक रिलेशन से संबंधित तीन महीने का कोर्स भी किया है।
- मोदी महान विचारक और युवा दार्शनिक संत स्वामी विवेकानंद से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं। उन्होंने गुजरात में ‘विवेकानंद युवा विकास यात्रा’ निकाली थी।
- नरेन्द्र मोदी शाकाहारी हैं। उन्होंने सिगरेट, शराब को कभी हाथ नहीं लगाया।
- नरेन्द्र मोदी समय के बड़े पाबंद हैं। सिर्फ साढ़े तीन घंटे की नींद लेते हैं, वे सुबह 5.30 बजे उठ जाते हैं।
- नरेन्द्र मोदी स्वभाव से आशावादी व्यक्ति हैं। एक भाषण के दौरान उन्होंने कहा था कि लोगों को आधा गिलास पानी से भरा नजर आता है,लेकिन मुझे आधा गिलास पानी और आधा हवा से भरा नजर आता है। हाल ही में उनका यह भाषण फिर चर्चा में आया।
- नरेन्द्र मोदी हर छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रखते हैं। जैसे भाषण से पहले उसकी तैयारी करना, बालों, कपड़ों की स्टाइल।
- नरेन्द्र मोदी पतंगबाजी के शौकीन हैं। सियासत के आसमान की तरह वे पतंगबाजी में भी अच्छे पतंगबाजों की कन्नियां काटते हैं।

नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी विजन ने निवेशकों और पर्यटकों का चहेता ‘ब्रांड गुजरात’ बनाया
- लालकृष्ण आडवाणी को नरेन्द्र मोदी का राजनीतिक गुरु माना जाता है।
- 1990 के दशक में नरेन्द्र मोदी जी ने आडवाणी जी की सोमनाथ से अयोध्या रथ यात्रा में बड़ी भूमिका निभाई थी।
- एक अहम इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि भारत भ्रमण के दौरान वे 400 से अधिक जिलों में रात बिता चुके हैं।
- गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने वाइब्रेंट गुजरात समिट आयोजित कर देश और विदेश के उद्योगपतियों को निवेश के लिए आकर्षित किया।
- पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए उन्होंने बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को गुजरात का ब्रांड एम्बेसडर बनाया। कुछ दिन गुजारो गुजरात में….का स्लोगन पर्यटकों के दिल में बस गया।
- सीएम नरेन्द्र मोदी से प्रेरित होकर ही अमिताभ बच्चन ने इसके बदले एक पैसा भी नहीं लिया था।
- बंगाल के सिंगूर में टाटा के नैनो कार के प्लांट के विरोध के बाद नरेन्द्र मोदी ने टाटा को एक मैसेज देकर उन्हें गुजरात प्लांट लगाने के लिए आमंत्रित किया- वेलकम टू गुजरात।
- वर्ष 2005 में मोदी को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया था। बाद में उसी अमेरिका ने उनका इतना शानदार वेलकम किया, जिसे पूरी दुनिया ने देखा।
- 31 अगस्त, 2012 को मोदी जी ने वैब कैम के जरिए जनता के सवालों के जवाब दिए। सवाल देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पूछे गए थे।
- गुजरात में कुछ ही मुस्लिम कट्टरपंथी नरेन्द्र मोदी के विरोधी थे, इनमें से एक जफ्फर सरेशवाला थे, जो इनके मुख्यमंत्री बनने के बाद लंदन चले गए और इनके खिलाफ प्रचार-प्रसार किया। बाद में जब वे मोदी से मिले, तो उन्हें अहसास हुआ कि मोदी बेहद सहृदय इंसान हैं और वो इनके करीबी बन गए।
गुजरात के सीएम और देश के पीएम के रूप में मोदी सिर्फ सेवा में समर्पित, एक भी छुट्टी नहीं ली
- नरेन्द्र मोदी टेक-सेवी हैं। टेक्नोलॉजी की जानकारी के चलते उन्होंने विधानसभा से लोकसभा चुनावों तक सोशल मीडिया का प्रयोग किया।
- नरेन्द्र मोदी सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। ट्विटर (अब एक्स), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर उनके फॉलोअर्स की संख्या करोड़ों में है।
- गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पूरी सेवा के दौरान उन्होंने कोई छुट्टी नहीं ली थी।
- प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद भी उन्होंने अभी तक कोई छुट्टी नहीं ली है।
- पीएम मोदी लेखक भी हैं। राजनीति के अलावा उनकी रुचि लेखन में है और उन्होंने किताबें तथा कविताएं लिखी हैं।
- लोकसभा की कमान संभालने के बाद लोगों में मोदी को लेकर दिलचस्पी जगी और 2 महीने में उनकी 40 से ज्यादा जीवनियां आईं।
- बॉलीवुड की कई फिल्मी हस्तियां और खेल जगत के कई बड़े सितारे नरेन्द्र मोदी के फैन हैं।
- प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी किसी कार्यक्रम के सिलसिले में साल 2019 में वृंदावन के दौरे पर थे। इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को खाना परोसा।
- पीएम मोदी ने फरवरी, 2019 में एक कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों की थाली में रोटियां परोसी थीं।
- 1990 के चुनाव में जामनगर में लालकृष्ण आडवाणी की रैली थी। मोदी ने परेश धूलिया से कहा कि आडवाणी जी के लिए टिफिन आपको घर से लाना है।

लेखक नरेन्द्र मोदी ने गुजराती भाषा में हिंदुत्व पर कई लेख भी लिखे
- 2014 के चुनावों के लिए आठ महीने में नरेन्द्र मोदी ने 25 राज्यों में 3 लाख किमी की यात्रा की।
- नरेन्द्र मोदी को नयी-नयी तकनीक का प्रयोग बहुत भाता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में सबसे पहले मोदी ने 3D तकनीक का प्रयोग कर भाषण दिया था।
- नरेन्द्र मोदी अपने ड्रेसिंग सेंस को लेकर बहुत सचेत रहते हैं। जब उनके पसंदीदा ब्रांड के कपड़ों की बात आती है, वह भी वोकल फॉर लोकल है। वे अधिकतर अहमदाबाद स्थित एक कपड़ा कंपनी जेड ब्लू की ड्रेस पहनते है।
- नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में पहली यात्रा भूटान देश की थी।
नरेन्द्र मोदी अब तक करीब 82 से ज्यादा देशों की यात्रा कर चुके हैं। - उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, फिजी, UAE, भूटान और सेशेल्स की यात्राओं ने लंबे अंतराल के बाद इन देशों के साथ भारतीय PM की द्विपक्षीय यात्राओं के रिकॉर्ड बनाए।
- वह स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।
- हुनर हाट में पीएम मोदी ने बेहद सादगी का परिचय देते हुए चाय का भी आनंद लिया था। इस दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच कुछ लोगों ने उनके साथ सेल्फी भी क्लिक की थी।
- नरेन्द्र मोदी ने गुजराती भाषा में हिंदुत्व से संबंधित कई लेख भी लिखे हैं।
- 2014 फोर्ब्स पत्रिका की सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची में मोदी 15वें स्थान पर थे।
- हिंदी के प्रति समर्पित नरेन्द्र मोदी हमेशा अपने हस्ताक्षर हिंदी में ही करते हैं।
दीपोत्सव पर्व सेना के जवानों के साथ सरहद पर जाकर मनाते हैं
- पीएम मोदी अपने खाने का खर्च खुद उठाते हैं। यानी है उनके खाने पर सरकार का कोई खर्च नहीं होता है।
- पीएम मोदी गुजराती खाना पसंद करते हैं। वह अपने कुक बद्री मीणा के हाथ से बना खाना खाते हैं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सहजन (मोरिंगा या ड्रमस्टिक) की फली और पत्तियों से बने पराठे बहुत पसंद हैं।
- प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी कई बार अपनी मां से मिलने गुजरात गए। पीएम मोदी मां के साथ खाने की टेबल पर खाना खाते थे।
- पीएम बाजरे की रोटी और गुजराती खिचड़ी खाना पसंद करते हैं।
- नरेन्द्र मोदी लगातार 12 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहने वाले पहले गैर कांग्रेसी पीएम हैं।
- पीएम मोदी दीपोत्सव का पर्व सेना के जवानों के साथ सरहद पर जाकर मनाते हैं।
- आपको 8 घंटे की नौकरी तनावपूर्ण लगती है तो 72 साल के पीएम मोदी की दिनचर्या पर एक नजर डालिए। वे 8-10 घंटे नहीं, बल्कि 18 घंटे काम करते हैं और मोदी के चेहरे को थकान छू तक नहीं पाती।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर फॉलोअर्स की संख्या 82.5 मिलियन को पार कर गई है। उनके यूट्यूब चैनल पर 12.6 मिलियन सबस्क्राइबर हैं।
- मोदी राज में पहली बार पाकिस्तान को पाकिस्तान में घुसकर सर्जीकल स्ट्राइक कर सबक सिखाया। ऑपरेशन सिंदूर में सेना को फ्री हैंड दिया।

भारत ही नहीं, पीएम मोदी दुनियाभर में शक्तिशाली और सबसे सम्मानित राजनेता
- पीएम मोदी की ही पहल पर यूएनओ ने 21 जून को योग दिवस घोषित किया। तब से विश्वभर में इस दिन जल-थल-नभ में और सर्वाधिक खूबसूरत पर्यटक स्थलों पर योग दिवस मनाया जाता है।|
- नरेन्द्र मोदी की लिखी किताब का नाम है ‘साक्षीभाव’। मोदी ने कहा कि ‘जब मैं 36 साल का था तब जगद्जननी मां के साथ मेरे संवाद का संकलन है ‘साक्षीभाव’। यह किताब पाठक को मेरे साथ जोड़ती है।
- ज्योतिपुंज- पीएम मोदी की इस एक और किताब में मोदी के आरएसएस जीवन के समय की भावनाओं का जिक्र है। गुरु गोलवलकर से लेकर वसंतराव चिपलंकर तक, करीब एक दर्जन से ज्यादा ऐसे प्रचारकों के बारे में पीएम मोदी ने लिखा है, जिनसे उन्हें प्रेरणा मिली।
- नरेन्द्र मोदी की छवि एक कठोर प्रशासक और कड़े अनुशासन के आग्रही की मानी जाती है। इसके साथ ही अपने भीतर वे मृदुता, भावुकता और सामर्थ्य की अपार क्षमता भी संजोये हैं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को नेहरू का लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित (चुने हुए) प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
- पीएम मोदी के कार्यकाल में बीजेपी ने सबसे ज्यादा राज्यों में जीत हासिल की है। पीएम मोदी को न केवल भारत में बल्कि दुनिया में सबसे शक्तिशाली और सम्मानित नेताओं में से एक माना जाता है।










