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PM Modi Special: जन्मदिन से जनसेवा के महापर्व तक, सेवा के 25 साल ऐसे बनेंगे खास, भाजपा का व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान

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इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन और लगातार सीएम-पीएम रहते सार्वजनिक जीवन में 25वीं वर्षगांठ साधारण पल नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में अद्वितीय और दीर्घकालिक यात्रा को देखने का अद्भुत क्षण है। इसलिए सितंबर-अक्टूबर भाजपा के लिए महज कैलेंडर की तारीखें नहीं, बल्कि मोदी युग की असाधारण और ऐतिहासिक उपलब्धियों को दोहराने का भी दिन है। पीएम मोदी के जन्मदिन पर उस विराट जनसेवा यात्रा के एक नए पड़ाव का शुभारंभ होगा। इस ऐतिहासिक अवसर को भाजपा ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ का स्वरूप दिया है, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। प्रधानमंत्री के जन्मदिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाते हुए रक्तदान शिविरों से लेकर स्वच्छता अभियान, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क, स्कूलों में प्रतियोगिताएं, आंगनवाड़ी कार्यक्रम, सेवा यात्राएं, प्रदर्शनियां, नवाचार प्रतियोगिताएं और जनसंवाद तक सेवा का एक ऐसा व्यापक रूपरेखा बनाई गई है, जिसकी पहुंच देश के गांव से लेकर शहर, बूथ से लेकर जिला और लाभार्थी परिवार से लेकर युवा पीढ़ी तक होगी। भाजपा ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए इसे केवल उत्सव नहीं, बल्कि सेवा, जनभागीदारी, सुशासन और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ने की व्यापक तैयारी की है।

‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान से हर घर होगा रोशन
इस अभियान का सबसे भावनात्मक दृश्य 17 सितंबर की शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ होगा। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने देशभर में घर-घर शाम को दीप जलाने का आह्वान किया है। खास तौर पर केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं से लाभान्वित परिवार इस दीप को प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में जलाएंगे। लेकिन अभियान की असली व्यापकता इसके बाद दिखाई देगी। ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी-जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’, ‘जनसेवक महाकुंभ’ और पंचायत से संसद तक’ जैसे कार्यक्रम प्रधानमंत्री की यात्रा को सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प से जोड़ेंगे। 7 अक्टूबर को 25 वर्ष की सेवा की वर्षगांठ पर यात्राओं और विशेष कार्यक्रमों का चरम होगा और 17 अक्टूबर को समापन बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम से करने की तैयारी है।

उत्तर प्रदेश: वडनगर से काशी तक गूंजेगा सेवा का संदेश
उत्तर प्रदेश में अभियान को खास तौर पर व्यापक जनसंपर्क का रूप दिया गया है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 13 प्रमुख कार्यक्रम होंगे। सबसे आकर्षक पहल वडनगर से काशी और काशी से वडनगर की 20 यात्राएं होंगी, जो लगभग 10 राज्यों से होकर गुजरेंगी। यूपी से जाने वाली यात्राओं में प्रदेश की नदियों का पवित्र जल भी ले जाया जाएगा। रास्ते में चौपाल और जनसंवाद होंगे। 29 सितंबर से 10 अक्टूबर तक प्रत्येक विकासखंड और नगरीय निकाय में ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाकर पेंशन, स्वास्थ्य, आवास, शौचालय, राशन कार्ड आदि योजनाओं के पात्र लोगों को मौके पर जोड़ने की तैयारी है। प्रमुख स्मारकों पर लेजर शो, तीर्थस्थलों पर विशेष अनुष्ठान, स्कूल प्रतियोगिताएं और ग्राम चौपाल भी अभियान का हिस्सा होंगे।

मध्य प्रदेश: 71 हजार बूथों पर पहुंच, 13 प्रमुख कार्यक्रमों का कैलेंडर
मध्य प्रदेश में अभियान की विशालता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भाजपा 71 हजार से अधिक बूथों तक पहुंचेगी। उज्जैन के महाकाल लोक में बड़े पैमाने पर दीप प्रज्ज्वलन की तैयारी है। 17 सितंबर की शाम लाभार्थी परिवारों के घर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा और विकसित भारत-2047 का संकल्प लिया जाएगा। प्रदेश में 13 प्रमुख कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार किया गया है। पीएम मोदी के जन्मदिन से 7 अक्टूबर तक स्कूलों में ‘विकसित भारत’ विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। 7 अक्टूबर को पदयात्रा, साइकिल और बाइक रैलियां निकलेंगी। करीब 11,400 शक्ति केंद्रों पर लाभार्थियों की कहानियां सोशल मीडिया पर साझा करने की योजना है और ‘सेवा मेरा योगदान’ में 25 प्रकार की सेवा गतिविधियों के जरिए श्रमदान का आह्वान किया जाएगा।

राजस्थान: गांव-ढाणी तक पहुंचेगा पीएम मोदी की सेवा का संकल्प
राजस्थान में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक अभियान को प्रदेश से लेकर बूथ और ब्लॉक स्तर तक ले जाने की तैयारी है। अभियान की शुरुआत शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगी। इसके बाद ‘मेरे सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘सेवा सेतु’ जैसे कार्यक्रम होंगे। ब्लॉक स्तर पर लगने वाले सेवा सेतु शिविरों में गरीब, युवा, महिला, किसान और मजदूर वर्ग के पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ आवेदन और लाभ दिलाने में मदद की जाएगी। स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी, जबकि आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन प्रस्तावित है।

गुजरात: जहां से शुरू हुई यात्रा, वहीं से निकलेगा सबसे बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री की राजनीतिक यात्रा की जन्मभूमि गुजरात में इस अभियान का भाव सबसे अधिक भव्य-दिव्य होगा। मेहसाणा जिले के वडनगर में जन्मे पीएम मोदी की राजनीतिक यात्रा की शुरूआत गुजरात से हुई थी। अब वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर की बाइक यात्राएं अभियान का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। करीब 500 युवा 250 मोटरसाइकिलों पर यात्रा करेंगे। गुजरात से पवित्र नदियों का जल काशी विश्वनाथ मंदिर में अर्पित किया जाएगा और गंगाजल वापस वडनगर लाकर धार्मिक अनुष्ठान किया जाएगा। स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनियां, संगीत आधारित नुक्कड़ नाटक, आंगनवाड़ी कार्यक्रम, ‘सेवा ज्योति’ यात्राएं और ‘आशीर्वाद नो दीवडो’ भी होंगे। नवाचार प्रतियोगिता में विद्यार्थी, स्टार्टअप, पेशेवर और जमीनी स्तर के इनोवेटर शामिल होंगे।

महाराष्ट्र: 26 तरह की सेवा गतिविधियों से बनेगा जन-अभियान
भाजपा ने महाराष्ट्र ने अभियान को स्थानीय निकायों के स्तर तक उतारने की विस्तृत तैयारी की है। सभी महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में 26 प्रकार की गतिविधियां होंगी। इनमें रक्तदान, अनाथालय और वृद्धाश्रमों में सेवा, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जांच, गांव गोद लेकर सेवा, योग-ध्यान, प्लास्टिक-मुक्ति, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शैक्षणिक सहायता, करियर मार्गदर्शन और वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल साक्षरता से जोड़ना शामिल है। साथ ही अंगदान, नशामुक्ति, पोषण, एनीमिया, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, कचरा पृथक्करण, साइबर सुरक्षा, मतदाता जागरूकता, ‘वोकल फॉर लोकल’ और सरकारी योजनाओं की जानकारी जैसे विषय भी अभियान में शामिल किए गए हैं।

हरियाणा: हर घर में सात बजे जलेगा आशीर्वाद का दीया
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने और उनके जन्मदिन (17 सितंबर) के अवसर पर प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की शाम 7 बजे हर घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की है। इसी दिन रक्तदान शिविर भी होंगे। 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सभी स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। 2 अक्टूबर को नुक्कड़ नाटक, संगीत और संवाद के जरिए प्रधानमंत्री की 25 वर्ष की परिवर्तन यात्रा को गांवों तक ले जाया जाएगा। 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ में माताओं, बच्चों, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की भागीदारी होगी। अलग-अलग गांवों और जिलों से पदयात्राएं और बाइक रैलियां भी निकलेंगी। प्रत्येक नागरिक को कम से कम 25 मिनट समाज के लिए देने का संदेश दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़: 36 लाख दीपों से रोशन होगा सेवा संकल्प
छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर को 36 लाख दीप जलाने की तैयारी है। पूरे प्रदेश में बूथ स्तर तक लाभार्थी परिवारों को जोड़ते हुए ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम होगा। राजनांदगांव में ही पांच लाख दीपों से अभियान की शुरुआत की तैयारी है। ‘आंगन मिलन’ के जरिए पोषण, स्वास्थ्य और महिला-केंद्रित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, जबकि ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। महीने भर चलने वाले अभियान में सेवा, जनसंपर्क और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की कहानियों को प्रमुखता दी जाएगी।

ओडिशा: रक्तदान से रंगमंच तक, नमो गाथा और भारत के सपनों
ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेश संगठनात्मक जिला से लेकर मंडल और बूथ स्तर तक अभियान चलाएगा। युवाओं, महिलाओं, छात्रों, किसानों और वंचित वर्गों को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा। मेगा रक्तदान शिविर, दीप प्रज्ज्वलन, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, नाट्य प्रस्तुतियां और लघु वृत्तचित्र के माध्यम से प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की यात्रा को जनता तक पहुंचाया जाएगा। ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘भारत के सपनों’, ‘कहानी बदलाव की’ और ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के साथ पौधरोपण और सामाजिक सेवा गतिविधियां भी होंगी।

उत्तराखंड: देवभूमि पर होगा सेवा, संवाद और नवाचार का त्रिवेणी संगम
उत्तराखंड में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 11 प्रमुख कार्यक्रम होंगे। यहां अभियान को सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार से जोड़ा गया है। ‘आशीर्वाद का दीया’ सरकारी योजना केंद्रों, राशन दुकानों, गैस वितरण केंद्रों, धार्मिक स्थलों और गंगा किनारे भी जलाया जाएगा। ‘मेरे सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु’ और ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ प्रमुख कार्यक्रम हैं। प्रत्येक जिले में मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ लाभार्थियों की सफलता की कहानियां सामने लाई जाएंगी।

आंध्र प्रदेश: भाजपा ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करेगी
आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीवीएन माधव ने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा के सफर और देश के विकास में उनके योगदान को उजागर करने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी “सेवा संकल्प अभियान” का आयोजन करेगी। इस अभियान के तहत, माधव ने आंध्र प्रदेश भर के लोगों से 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने घरों के बाहर दीये जलाने और नरेंद्र मोदी को अपना आशीर्वाद देने की अपील की। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु, शक्ति और निरंतर सफलता के लिए प्रार्थना करने का भी आह्वान किया।

असम: 31 हजार बूथों से उठेगी सेवा की देदीप्यमान लौ
असम में अभियान की पहुंच 31 हजार से अधिक बूथों तक बनाने की तैयारी है। ‘आशीर्वादर बंती’ यानी आशीर्वाद का दीप 17 सितंबर को जलाया जाएगा। ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगनवाड़ी उत्सव’, ‘रंगोली’, ‘परिवर्तन की कहानी’, ‘सेवा सेतु’, ‘सेवा के निमित्त भागीदारी’, ‘जनसेवक महाकुंभ’, चित्रकला, भाषण और क्विज प्रतियोगिताएं, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ तथा राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता का कार्यक्रम तैयार है। जिलों में प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: 12 सेवा पहलों से समाज जोड़ने की योजना
अरुणाचल प्रदेश में पीएम मोदी जन्मदिवस और सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष होने पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 12 प्रमुख सेवा पहलों के जरिए समाज के अलग-अलग वर्गों को जोड़ने की योजना है। स अभियान का मूल मंत्र ‘जन सेवा ही प्रभु सेवा’ रखा गया है। 28 जिलों, 74 मंडलों और 2,200 से अधिक बूथ समितियों तक इसे ले जाने की तैयारी है। यहां जोर इस बात पर है कि कार्यक्रम केवल संगठनात्मक गतिविधि न रहकर जनता की भागीदारी वाला सेवा आंदोलन बने और उसे विकसित भारत-2047 के संकल्प से जोड़ा जाए।

गोवा: विकास की तस्वीर और सेवा का उत्सव साथ-साथ
गोवा में अभियान को स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, नगरपालिकाओं, विधानसभा क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों तक ले जाने की तैयारी है। ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत सरकारी योजनाओं के लाभार्थी 17 सितंबर को शाम सात बजे सात दीप जलाएंगे। ‘सेवा चित्र’ और ‘मेरे सपनों का भारत’ में विद्यार्थी राज्य के प्रमुख विकास प्रकल्पों को चित्रों के माध्यम से दिखाएंगे। ‘सेवा स्मरण’ और ‘नमो सेवा’ के तहत स्ट्रीट प्ले और थिएटर होंगे। आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान, सोशल मीडिया क्रिएटर्स के जरिए विकास की कहानियां, विधानसभा क्षेत्रों में सेवा ज्योति यात्राएं और वडनगर-वाराणसी बाइक रैली में गोवा के युवाओं की भागीदारी भी होगी।मणिपुर: सेवा के साथ पुनर्निर्माण और सामाजिक जुड़ाव
मणिपुर में 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ के साथ रक्तदान शिविर शुरू होंगे। RIMS, अस्पतालों और विभिन्न जिलों में रक्तदान कार्यक्रम रखे गए हैं। 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक वृद्ध और निराश्रित लोगों की सेवा की जाएगी। 7,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के सम्मान के लिए ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम होगा। ‘विकसित भारत’ विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के तहत टॉर्च रैलियां और 11 स्थानों पर ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ आयोजित की जाएगी।

त्रिपुरा: सीएम साहा ने तैयार की 25 कार्यक्रमों की रूपरेखा
अरुणाचल प्रदेश में पीएम मोदी जन्मदिवस और सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष होने पर त्रिपुरा में मुख्यमंत्री माणिक साहा ने लगभग 25 कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता और सरकारी योजनाओं की जानकारी को प्रमुखता दी जाएगी। लक्ष्य है कि केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों तक सरकार और संगठन दोनों की पहुंच सुनिश्चित हो। युवा और आम नागरिक अभियान में सक्रिय भागीदार बनाए जाएंगे।

दिल्ली: सेवा के साथ 13,820 करोड़ की विकास सौगात
राष्ट्रीय राजधानी में पीएम मोदी का यह अवसर सेवा अभियान का एक अलग स्वरूप होगा। रक्तदान शिविर, वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य शिविर, श्रमिक पंजीकरण, स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, चित्रकला प्रतियोगिताएं, ‘नमो सेवा गाथा’ के नुक्कड़ नाटक, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान, सेवा ज्योति यात्रा, युवा संवाद और वडनगर-वाराणसी यात्रा जैसे कार्यक्रम होंगे। इसके साथ ही अभियान के दौरान करीब 13,820 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन या शिलान्यास की तैयारी है।

बिहार: व्यापक जनसेवा के साथ कायाकल्प का संकल्प
बिहार भाजपा और एनडीए सरकार ने भी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को व्यापक जनसेवा अभियान से जोड़ने की तैयारी की है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलेगा और इसके साथ ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ मार्च 2027 तक चलाने की योजना है। ‘आशीर्वाद का दीया’, स्कूलों में ‘सेवा चित्र’, यात्राएं, स्वच्छता, विकास और सरकारी सेवाओं से जुड़ी गतिविधियां होंगी। बिहार में यह अभियान केवल एक महीने की राजनीतिक-संगठनात्मक गतिविधि न रहकर प्रशासनिक परिसंपत्तियों और सार्वजनिक सेवाओं के कायाकल्प से जोड़ने की कोशिश के तहत किया जाएगा है।

झारखंड: 25 साल, 25 कहानियां और सेवा की नई तस्वीर
झारखंड भाजपा ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक अभियान की तैयारी की है। घरों और मंदिरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने के साथ एक-एक संगठनात्मक मंडल में कम से कम एक गांव को विशेष रूप से सजाने और सेवा गतिविधियां करने की योजना है। युवा मोर्चा रक्तदान शिविर लगाएगा। ‘सेवा स्मरण’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा सेतु’, ‘जनसेवक महाकुंभ’, हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज होंगे। ‘25 साल, 25 कहानियां’ के तहत कार्यकर्ता प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन की 25 प्रेरक कहानियां भी सामने लाएंगे।

हिमाचल प्रदेश: आठ हजार बूथों तक पहुंचेगा उजाला
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने भी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक अभियान चलाने की तैयारी की है। लगभग 8,000 बूथों तक कार्यक्रम पहुंचाने की योजना है। सेवा, स्वच्छता, जनभागीदारी और विकसित भारत के संकल्प के साथ स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं तथा बूथ स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन जैसे कार्यक्रम होंगे। पहाड़ी प्रदेश में अभियान का जोर संगठनात्मक नेटवर्क के जरिए गांव और परिवार तक प्रधानमंत्री की 25 वर्ष की सेवा यात्रा पहुंचाने पर रहेगा।

2 अक्टूबर: स्वच्छता को ‘सेवा मेरा योगदान’ से जोड़ा
हर साल की तरह इस बार भी 2 अक्टूबर को स्वच्छता अभियान अभियान का बड़ा पड़ाव होगा। लेकिन इस बार इसे केवल एक दिन की औपचारिक गतिविधि न रखकर ‘सेवा मेरा योगदान’ से जोड़ा जा रहा है। अलग-अलग राज्यों में नदी-घाट, समुद्र तट, अमृत सरोवर, धार्मिक स्थल, सार्वजनिक परिसर और गांवों में स्वच्छता अभियान होंगे। महाराष्ट्र ने तो समुद्र तट, नदीघाट और बावड़ियों की सफाई के बाद स्थानीय स्तर पर नियमित स्वच्छता समितियां बनाने तक की योजना तैयार की है। यानि इस बार पीएम मोदी का जन्मदिन एक तारीख भर नहीं, सेवा के 25 वर्षों की स्मृति, वर्तमान उपलब्धियों की कथा और विकसित भारत के अगले संकल्प, तीनों को एक साथ जोड़ने वाला जनपर्व बनने जा रहा है।

नवाचार से लेकर पंचायत-संसद तक अभियान का पड़ाव
अभियान का अगला महत्वपूर्ण अध्याय ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ है, जिसमें युवा, स्टार्टअप, पेशेवर और जमीनी स्तर के इनोवेटर शामिल होंगे। इसके लिए महाराष्ट्र, गुजरात, बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता सहित पांच क्षेत्रीय केंद्रों की रूपरेखा सामने आई है। वहीं 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ पंचायत से संसद तक’ के रूप में बड़े राष्ट्रीय समापन की तैयारी है, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों को जोड़े जाने की योजना है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की यात्रा पर फिल्म/प्रस्तुति, विकसित भारत का सामूहिक संकल्प और वंदे मातरम् से जुड़ा विशेष सामूहिक आयोजन प्रस्तावित है।

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