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PM Modi की वैक्सीन क्रांति की पूरी Timeline, जानिए मोदीजी के विजन, अटल इरादों और अनथक प्रयासों से 100 करोड़ वैक्सीनेशन तक कैसे पहुंचे

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पीएम मोदी की देशभक्ति, दूरदृष्टि और अटल इरादा

भारत ने 100 करोड़ वैक्सीनेशन के जादुई आंकड़े को बहुत कम समय में पार कर करोड़ों देशवासियों को वैश्विक महामारी से सुरक्षा कवच मुहैया कराया है। पिछले साल जब हमारे पास वैक्सीन ही नहीं थी, तब यह लक्ष्य बेहद दुरूह नजर आता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति, विजन और अनथक प्रयासों का परिणाम आज हमें 100 करोड़ वैक्सीन के रूप में दिखाई दे रहा है। महामारी के बीच में ही मोदी की देशभक्ति, दूरदृष्टि और अटल इरादों ने 140 करोड़ भारतीयों को कोरोना से सुरक्षा कवच के रूप में वैक्सीन दी।

विश्व कल्याण के एकमेव लक्ष्य से आगे बढ़ते चले गए

आइये सिलसिलेवार तरीके से तारीखों और प्रमाणों के साथ जानते हैं कि कोरोना की काली छाया पड़ने के बाद वैक्सीन की दिशा में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कैसे बढ़ाए कदम ? हालांकि विपक्ष ने अपनी आदत के अनुसार इस नेक प्रयास में भी रोड़े अटकाने का काम किया। वैक्सीन पर सियासत की। बीजेपी की वैक्सीन बताया गया। लेकिन पीएम मोदी वैक्सीन बनाकर विश्व कल्याण के एकमेव लक्ष्य से आगे बढ़ते चले गए। पिछले साल अप्रैल 2020 में ही केंद्र ने वैक्सीन के लिए टास्क फ़ोर्स का गठन किया। ताकि जल्द से जल्द भारतवासियों को वैक्सीन मिल सके।

5 मई 2020
वैक्सीन टास्क फ़ोर्स की बैठक। भारत में ही वैक्सीन निर्माण का फैसला। वैक्सीन निर्माण की सारी बाधाओं को हटाने का रास्ता साफ। कच्चे माल और जरूरी नियमों के पालन के लिए दूसरे राष्ट्रों और वैश्विक संस्थाओं से बातचीत का दौर शुरू।

17 मई 2020
अप्रूवल या अन्य किसी भी तरह की बाधाएं वैक्सीन के रिसर्च और उत्पादन में रोड़ा ना डाल सकें। उसके लिए पूरा सिस्टम दुरुस्त किया गया। वैक्सीन उत्पादक और रिसर्च करने वाली कम्पनियों की सारी परेशानियों को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सब कुछ सीधा अपनी ही देखरेख में ले लिया।

13 जून 2020
पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट और एस्ट्राजेनेका के बीच अपने उत्पाद का निर्माण करने के लिए एक करार हुआ। विशेष रूप से भारत और गावी देशों के लिए सालाना एक अरब वैक्सीन का। ताकि सभी भारतीयों तक वैक्सीन यथाशीघ्र पहुंचाई जा सके।

ये भी निर्णय किया गया कि उत्पादन से लेकर प्रत्येक भारतीय के टीकाकरण तक की निगरानी के लिए technology का प्रयोग किया जाए। CoWIN एप्प की उत्पत्ति इसी के चलते हुई । जनवरी से मार्च तक 30 करोड़ वैक्सीन डोज़ के उत्पाद और वितरण का खाका तैयार किया गया और वैक्सीन को नाम मिला कोविशील्ड। दूसरी ओर आईसीएमआर और भारत बायोटेक ने भी कौवैक्सीन के निर्माण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।

12 अगस्त 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर COVID-19 (NEGVAC) का गठन किया। वैक्सीन को देश के हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई चेन के लिए पूरा विचार विमर्श हुआ और भविष्य की रूपरेखा तैयार की गयी।

15 अक्टूबर 2020
थोक में वैक्सीन की खरीद, सप्लाई चेन और उसके उपकरण की खरीद और उपयोग का पूरा प्लान तैयार हो चुका था. इसके साथ ही केंद्र सरकार किस तरह से वैक्सीन बनाने वाली कम्पनियों को सहयोग आगे बढ़ाएगी,  उसकी भी आगे की रूपरेखा निर्धारित हुई।

17 अक्टूबर 2020
कोल्ड स्टोरेज चेन, वितरण नेटवर्क और प्रणाली, मोनिटरिंग कार्यप्रणाली एडवांस असेसमेंट और अन्य उपकरणों की जरुरत के हिसाब से खरीद और उपयोग के लिए विचार विमर्श हुआ। 20 नवम्बर को  देश की जनसँख्या में किसको, कब वैक्सीन लगाई जाएगी। technology प्लेटफार्म और कोल्ड स्टोरेज के सही उपयोग की प्रणाली की समीक्षा हुई।

28 नवम्बर 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में बनने वाली वैक्सीन के तीनों प्लांट पर हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे पहुंचे और हर तैयारी का खुद निरीक्षण किया और जायजा लिया। इससे रात दिन मेहनत कर रहे हमारे वैज्ञानिको में एक नए उत्साह का संचार हुआ।

7 दिसंबर 2020
कोविशील्ड के अप्रूवल के लिए एप्लीकेशन डाली गयी। इसके बाद दिसंबर में ही वैक्सीन और उससे सम्बंधित सप्लाई चेन और अन्य उपकरणों को विस्तार से ड्राई रन किया गया।

इस तरह ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर सीरम इंस्टीट्यूट ने दुनिया की सबसे सस्ती कोरोना वैक्सीन कोविडशील्ड बनाई। भारत में पहली बार कोवैक्सीन नाम से स्वदेशी वैक्सीन विकसित की गई। आज विश्व के सभी देश इस वैक्सीन को मान्यता दे चुके हैं। इसे भारत की ICMR और भारत बायोटेक ने मिलकर तैयार किया।

16 जनवरी 2021
भारत में विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई। यह मुफ्त टीकाकरण अभियान है। भारत ने विश्व में सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के लिए स्वदेश में ही CO-win सॉफ्टवेयर विकसित किया, जिसे विश्व में सभी देशों की मांग पर Open Source कर दिया गया है।

10 अप्रैल 2021
भारत ने 85 दिनों में ही 10 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कर लिया जो विश्व में सबसे तेज गति का टीकाकरण रहा, इससे पहले चीन को 89 दिन और अमेरिका को 102 दिनों का समय लगा। टीकाकरण के लिए उपयोग में आने वाले सिरिंज का सबसे बड़ा विश्व में उत्पादक भारत है।

17 सितंबर 2021
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के मौके पर देश में कोरोना टीकाकरण के सारे कीर्तिमान टूट गए हैं।  इस दिन रिकॉर्ड 2.50 करोड़ से अधिक टीके लगाए गए। भारत की इस उपलब्धि ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया,  जिसने एक दिन में करीब 2.47 करोड़ टीके लगाए थे।

21 अक्टूबर 2021
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन, दूरदृष्टि और अटल इरादों के साथ आज देश ने 100 करोड़ वैक्सीनेशन का आंकड़ा पार कर लिया। पिछली एक सदी में आई सबसे बड़ी महामारी का मुकाबला करने के लिए अब देशवासियों के पास 100 करोड़ डोज का मजबूत सुरक्षा कवच है।

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