आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का राजनीतिक करियर तथ्यों से परे सनसनीखेज दावों और मनगढ़ंत आरोपों पर टिका रहा है। राजनीति में शुचिता और बदलाव का वादा लेकर आए केजरीवाल ने समय-समय पर जनमानस में भय, भ्रम और अराजकता फैलाने के लिए कई भ्रामक बयान दिए हैं।
विमानन सुरक्षा से लेकर महामारी नियंत्रण और रोजगार के आंकड़ों तक, केजरीवाल का हर बड़ा प्रशासनिक व राजनीतिक दावा केवल सुर्खियों में रहने का स्टंट साबित हुआ है। तथ्य-जांच और कानूनी कार्यवाहियों के सामने जब भी इन दावों की पोल खुली, तो सच्चाई सामने आते ही जनता के सामने उनके झूठ बेनकाब हुए।
हवा में फ्लाइट बंद होने का मनगढ़ंत डर
केजरीवाल ने 6 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल मिलाने जा रही है, जिससे विमानों के इंजन हवा में बंद हो सकते हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू ने इस दावे को पूरी तरह से भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि ATF में एथेनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मानकों के तहत सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
फेक न्यूज़ फैलाना और बेवजह डर पैदा करना अरविंद केजरीवाल की पुरानी आदत है।
अब नया झूठ यह फैलाया जा रहा है कि सरकार चुपके से पेट्रोल में 50% से अधिक एथेनॉल मिला देगी और लोगों की गाड़ियाँ कबाड़ हो जाएँगी।
तथ्य क्या हैं?
• भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 से आगे पेट्रोल में… https://t.co/1LRtfgCJPH
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 6, 2026
सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे
केजरीवाल ने 3 अक्टूबर 2016 को एक वीडियो संदेश जारी करते हुए भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में की गई सर्जिकल स्ट्राइक की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के दावों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत सार्वजनिक करने की मांग की थी। उनके इस बयान को पाकिस्तान के मीडिया और राजनेताओं द्वारा भारत के खिलाफ ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिसकी देश भर में कड़ी आलोचना हुई थी।
विधानसभा में फर्जी मशीन से EVM हैकिंग का नाटक
केजरीवाल ने 9 मई 2017 को दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में धांधली और हैकिंग का सार्वजनिक प्रदर्शन करवाया था। चुनाव आयोग (ECI) ने उसी दिन इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि जिस मशीन पर प्रदर्शन किया गया था, वह चुनाव आयोग की असली EVM नहीं बल्कि केवल उसकी तरह दिखने वाला एक खिलौना या डुप्लीकेट गैजेट था। आयोग ने इसे जनता को भ्रमित करने वाला स्टंट करार दिया था।

‘सिंगापुर स्ट्रेन’ का सनसनीखेज और काल्पनिक दावा
केजरीवाल ने 18 मई 2021 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से दावा किया कि सिंगापुर में कोरोना का एक नया और बेहद खतरनाक स्ट्रेन आया है, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से सिंगापुर की सभी उड़ानें तुरंत रद्द करने की मांग कर दी। इस बयान पर सिंगापुर सरकार और भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ा ऐतराज जताया और साफ किया कि सिंगापुर में ऐसा कोई नया स्ट्रेन नहीं था।

ऑक्सीजन मांग का 4 गुना बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया
केजरीवाल ने 25 अप्रैल 2021 से 10 मई 2021 के दौरान कोरोना की दूसरी लहर के संकट में दिल्ली के लिए भारी मात्रा में ऑक्सीजन की मांग रखी थी। इसके बाद 25 जून 2021 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित ऑक्सीजन ऑडिट समिति की अंतरिम रिपोर्ट सार्वजनिक हुई, जिसमें यह खुलासा हुआ कि दिल्ली सरकार ने अपनी वास्तविक आवश्यकता से लगभग 4 गुना अधिक ऑक्सीजन की मांग प्रस्तुत की थी। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से अन्य राज्यों की आपूर्ति प्रभावित हुई थी।

10 लाख नौकरियां देने के आंकड़े का झूठा ढोल
केजरीवाल ने 21 फरवरी 2022 से 26 मार्च 2022 के दौरान पंजाब चुनाव प्रचार के समय दावा किया था कि दिल्ली में 10 लाख युवाओं को नौकरियां दी गई हैं। बाद में 24 मार्च 2022 को उन्होंने यह संख्या बढ़ाकर 12 लाख बता दी, जबकि उनके ही उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 26 मार्च 2022 को विधानसभा में यह आंकड़ा 1.78 लाख बताया। RTI से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार ने 7 वर्षों में केवल 3,246 पक्की नौकरियां दी थीं।
अभी अभी केजरीवाल ने गुजरात में झूठ बोला
मैं केजरीवाल को चुनौती देता हूँ किन 10 लाख युवाओं को नौकरी दी, कौन से विभाग में नौकरी दी , लिस्ट सार्वजनिक करें
RTI के मुताबिक़ 7 सालों में केवल 3246 नौकरियाँ दिल्ली में दी गई
गुजरात के युवाओं से झूठ बोलने के लिए माफ़ी माँगे केजरीवाल pic.twitter.com/6WSVOwV61s
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) August 23, 2022
SYL नहर और पानी के मुद्दे पर यू-टर्न
केजरीवाल ने 8 अप्रैल 2022 को पंजाब चुनाव जीतने के बाद जल संकट पर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने वादा किया था कि सत्ता में आते ही वे पंजाब को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराएंगे। लेकिन चुनाव जीतते ही जब सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर पर विवाद बढ़ा, तो 8 अप्रैल 2022 को उन्होंने बयान दिया कि जल संकट का समाधान करना केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है।

देश का पहला ‘वर्चुअल स्कूल’ खोलने का फर्जी दावा
केजरीवाल ने 31 अगस्त 2022 को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घोषणा की कि दिल्ली में देश का पहला ‘वर्चुअल स्कूल’ (DMVS) शुरू हो रहा है। यह दावा तुरंत झूठा साबित हुआ क्योंकि उत्तराखंड में बीजेपी सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वर्ष 2020 में ही देहरादून में भारत के पहले वर्चुअल स्कूल का उद्घाटन कर दिया था। इसके अलावा केंद्र सरकार का NIOS भी पहले से वर्चुअल ओपन स्कूल चला रहा था।
With reference to certain media reports regarding the claims of India’s first virtual school being launched today. It is informed that the first virtual school of the country was already launched by NIOS in August 2021@dpradhanbjp@Annapurna4BJP@Drsubhassarkar @RanjanRajkuma11 pic.twitter.com/3Yq0N6oVRP
— NIOS (@niostwit) August 31, 2022
दिल्ली में हमारे पास अब कुछ दिन की वैक्सीन बची है और ये समस्या देशव्यापी है। आज केवल दो कंपनियां वैक्सीन बना रही हैं और दोनों मिलकर महीने में केवल 6-7 करोड़ वैक्सीन बनाती हैं। इस तरह तो देश के हर व्यक्ति को वैक्सीन लगाने में हमें दो साल से ज़्यादा लग जाएंगे: अरविंद केजरीवाल https://t.co/Z3IBfgyICA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 11, 2021

कोविड योद्धाओं के मुआवजे पर RTI से खुला झूठ
केजरीवाल ने 30 सितंबर 2022 से पहले दावा किया था कि उनकी सरकार ने 31 पहले और 28 हाल ही में मिलाकर कुल 59 मृत कोरोना योद्धाओं के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है। लेकिन 30 सितंबर 2022 को RTI कार्यकर्ता कन्हैया कुमार द्वारा मांगी गई जानकारी में उजागर हुआ कि सरकार को कुल 54 आवेदन मिले थे, जिनमें से केवल 17 को मंजूरी दी गई थी, 7 खारिज हुए थे और 30 लंबित थे।

यमुना सफाई का खोखला दावा और केमिकल का छिड़काव
केजरीवाल ने 28 अक्टूबर 2022 को छठ पूजा से ठीक पहले यमुना नदी को साफ करने के अपने वादों की पोल खोल दी। वे पिछले 8 सालों में 8 बार यमुना को ऐसा साफ करने का वादा कर चुके थे जिसमें लोग डुबकी लगा सकें। हालांकि, अपनी नाकामी छिपाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने नदी के जल पर सिलिकॉन-बेस्ड डिफोमर केमिकल का छिड़काव करवाया, जो श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक था। इसके बाद उपराज्यपाल (LG) को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
खुद को एक तथाकथित पढ़ा लिखा सीएम कहने वाले केजरीवाल की अनपढ़ वाली हरकतें देखिए।
साल दर साल यमुना में जहरीला झाग बढ़ता गया और छठ जैसे महापर्व पर अपनी नाकामी छुपाने के लिए केजरीवाल कभी बांस के अस्थाई बाड़ लगाता नजर आया, कभी बिसलेरी का पानी डलवाया तो कभी जहरीले केमिकल का छिड़काव… pic.twitter.com/L5K7OGiW6m
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) November 16, 2023
केजरीवाल ने अपने आचरण की वजह से 10 बार माफी मांगने का रिकॉर्ड बनाया है। भारतीय राजनीति में वे संभवतः एकमात्र ऐसे नेता होंगे जिन्होंने 10 बार माफी मांगी हो।
माफी नंबर-1
सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगी
अरविंद केजरीवाल ने भाजपा आईटी सेल के बारे में एक वीडियो रीट्वट करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 26 फरवीर 2024 को माफी मांगी। केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में माना कि यूट्यूबर ध्रुव राठी ने बीजेपी आईटी सेल के बारे में जो वीडियो शेयर किया था, उसे रीट्वीट करना उनकी गलती थी। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने इसी वीडियो को रीट्वीट करने के लिए दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे में जारी समन को बरकरार रखा था। हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान केजरीवाल के वकील ने गलती स्वीकार कर ली और माफी मांग ली।
“जज साहब गलती कर दी ध्रुव राठी की वीडियो रिट्वीट करके”
अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में मांगी माफी।
मई 2018 में यूट्यूबर ध्रुव राठी ने झूठा प्रोपगेंडा वीडियो बनाया था।
इसी वीडियो को अरविंद केजरीवाल ने रिट्वीट किया था। pic.twitter.com/DiyfbY1Jsa
— Panchjanya (@epanchjanya) February 26, 2024
माफी नंबर-2
अरुण जेटली माफी मांगी
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अप्रैल, 2018 में भाजपा नेता अरुण जेटली से माफी मांगी। केजरीवाल के साथ आशुतोष, संजय सिंह और राघव ने एक संयुक्त माफीनामा पटियाला हाउस कोर्ट में सौंपा। केजरीवाल ने पहले भी अरुण जेटली से माफी मांगी थी, लेकिन तब उन्होंने कहा था कि जबतक आप के सभी नेता माफी नहीं मांगते, केस वापस नहीं होगा। केजरीवाल ने अरुण जेटली पर डीडीसीए की अध्यक्षता के दौरान भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। केजरीवाल के आरोप लगाने के बाद जेटली ने उनपर और उनके सहयोगी नेताओं पर 10 करोड़ रुपये मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया था।
मानहानि केस: सीएम केजरीवाल ने अरुण जेटली से मांगी माफी pic.twitter.com/7UUDZKxWyS
— NBT Hindi News (@NavbharatTimes) April 2, 2018
माफी नंबर-3
बिक्रम मजीठिया से माफी मांगी
पंजाब चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने चुनावी रैलियों में अकाली दल के महासचिव और प्रदेश के तत्कालीन मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर ड्रग्स माफिया होने का आरोप लगाए। यह आरोप अलग-अलग जगहों पर केजरीवाल बार-बार दोहराते रहे। इन आरोपों से दुखी होकर बिक्रम मजीठिया ने मानहानि का केस अमृतसर कोर्ट में किया। अरविन्द केजरीवाल को जब लगने लगा कि उनके आरोपों में कोई दम नहीं है, झूठे आरोप लगाने के मामले में जेल हो जाएगी तो आदतन अरविन्द केजरीवाल ने मार्च 2018 में लिखित में माफी मांगकर मुकदमा वापस लेने का अनुरोध किया।
CM @ArvindKejriwal has tendered an apology to me in the court,for all the baseless&false allegations he & his party levelled against me in drug https://t.co/Fl679yeKHW mother suffered the most due to all this&this apology is vindication of her faith in Waheguru’s power of justice pic.twitter.com/YXs3f710eu
— Bikram Singh Majithia (@bsmajithia) March 15, 2018
माफी नंबर-4
नितिन गडकरी से लिखित में मांगी माफी
केजरीवाल ने मार्च 2018 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से माफी मांगते हुए कोर्ट केस खत्म करने की गुजारिश की थी। केजरीवाल ने नितिन गडकरी को एक पत्र लिखकर उनके खिलाफ लगाए गए असत्यापित आरोपों के लिए खेद व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, ‘मेरी आपसे कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं है। मैं इसके लिए खेद जताता हूं। इस मामले को पीछे छोड़ते हुए कोर्ट केस को खत्म करें।’ केजरीवाल ने भ्रष्टाचारियों की सूची जारी करते हुए गडकरी का भी नाम लिया था।
मजीठिया से माफीनामे पर पार्टी में जारी घमासान के बीच केजरीवाल ने अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी माफी माँगी
गडकरी को पत्र लिखकर अपने बयान के लिए खेद जताया और केस बंद करने का आग्रह किया।
दोनों नेताओं ने आपसी सहमति से केस बंद करने के लिए कोर्ट में अर्जी दे दी है। pic.twitter.com/QqDHJCszIr
— Bhushan Mittal 🇮🇳 (@bhushan8360) March 19, 2018
माफी नंबर-5
कपिल सिब्बल से मांगी माफी
केजरीवाल ने 2018 में कपिल सिब्बल और उनके बेटे अमित सिब्बल से माफी मांगी। अरविंद केजरीवाल 2013 में भ्रष्ट नेताओं की सूची में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल का नाम भी लिया था। इसके साथ ही अरविन्द केजरीवाल ने वर्ष 2013 में प्रेस कांफ्रेंस करके अमित सिब्बल (कपिल सिब्बल के बेटे) पर ‘निजी लाभ के लिए शक्तियों के दुरुपयोग’ का आरोप लगाया था।
#BREAKING अरविंद केजरीवाल ने नितिन गडकरी और कपिल सिब्बल से माफ़ी मांगी pic.twitter.com/Pwgp4wCP6r
— News18 India (@News18India) March 19, 2018
माफी नंबर-6
अमित सिब्बल से माफी मांगी
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के बेटे सीनियर वकील अमित सिब्बल द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में मार्च 2018 में उनसे माफी मांग ली. केजरीवाल और सिसोदिया ने अपने माफीनामे में सिब्बल के खिलाफ लगाए‘ बेबुनियाद आरोपों’ के लिए एक पत्र में माफी मांगी। केजरीवाल ने जब कपिल सिब्बल के खिलाफ आरोप लगाया तो उनके बेटे अमित सिब्बल को भी भ्रष्टाचारी बता दिया।
माफी नंबर-7
अवतार सिंह भड़ाना से माफी मांगी
केजरीवाल ने भाजपा सांसद अवतार सिंह भड़ाना से माफी मांगी और कहा कि बहकावे में आकर ये आरोप लगाया था। केजरीवाल ने उनके संबंध में 31 जनवरी 2014 को एक आपत्तिजनक बयान दिया था। इस बयान में उन्होंने कहा था कि वे देश के सबसे भ्रष्ट व्यक्तियों में से एक हैं।
नेताओं और पार्टियों पर अनर्गल आरोप लगाने के अलावा केजरीवाल अपने आचरण की वजह से भी कई बार माफी मांग चुके हैं।
माफी नंबर-8
किसान की मौत के बाद भी भाषण, माफी मांगी
जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी (आप) की 2015 में आयोजित किसान रैली काला अध्याय लिख गई। बारिश और ओले से बर्बाद हुए राजस्थान के एक किसान गजेंद्र सिंह ने रैली के दौरान मंच के सामने पेड़ पर चढ़कर फांसी लगा ली और मंच पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य नेता उसे देखते रहे। किसान ने आत्महत्या कर ली इसके बाद भी केजरीवाल भाषण देते रहे, बाद में सफाई देते हुए अपने कृत्य के लिए माफी मांगी। केजरीवाल ने अपनी माफी में कहा- जंतर-मंतर पे एक किसान ने आत्महत्या की। बहुत ही दर्दनाक घटना थी। मैंने बोलना शुरू किया और मैंने कहा कि बोलने का बिलकुल मन नहीं कर रहा, ग्लानि आ रही है। मेरे को एक घंटे का भाषण देने था लेकिन मैंने 10-15 मिनट में अपनी बात समेटने की कोशिश की। मुझे लगता है हां ये मेरी गलती थी। शायद मुझे नहीं बोलना चाहिए उस टाइम। लेकिन उस टाइम ये बात नहीं सूझी। उसकी वजह से किसी की भी संवेदना को ठेस पहुंची तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूं।
माफी नंबर-9
मीटिंग को लाइव टेलीकास्ट करने के लिए माफी मांगी
केजरीवाल ने कोविड के समय मुख्यमंत्रियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इन हाउस मीटिंग को लाइव टेलीकास्ट कर दिया। पीएम मोदी के चेताने के बाद माफी मांगी। पीएम मोदी ने कहा- ये हमारी जो परंपरा है, हमारे जो प्रोटोकॉल है उसके बहुत खिलाफ हो रहा है कि कोई मुख्यमंत्री ऐसी इन हाउस मीटिंग को लाइव टेलीकास्ट करे, ये उचित नहीं है। ये हमने हमेशा संयम पालन करना चाहिए। इसके बाद केजरीवाल ने कहा- अगर सर मेरी तरफ से कोई गुस्ताखी हुई है, मैंने कुछ कठोर बोल दिया, मेरे आचरण में कोई गलती है तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं।
माफी नंबर-10
AAP कार्यकर्ताओं के हंगामे पर माफी मांगी
केजरीवाल ने 2014 में दिल्ली में हुए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के हंगामे और हिंसा पर माफी मांगी। केजरीवाल ने कहा- हमारे एकाध कार्यकर्ता ऐसे हैं जिन्होंने रिटैलिएशन में थोड़ा सा हिंसा किया है। उसके लिए कल भी मैंने माफी मांगा था कि अगर हमारा कोई भी कार्यकर्ता कोई गलत काम करता है तो उसके लिए मैं माफी मांगता हूं।









