कांग्रेस और उसके आलाकमान राहुल गांधी अपने ही बुने जाल में फंस गए हैं। छात्रों को लेकर उनका दोहरा चरित्र अब पूरा देश देख रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों को लेकर आंसू बहाने और संसद नहीं चलने देने वाले राहुल गांधी झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों के लिए मौन है। यूपी के प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम करने वाले राहुल गांधी को 16 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों की गूंज सुनाई नहीं दे रही है। झारखंड में हेमंत सोरने के नेतृत्व में जेएमएम और कांग्रेस की सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। मांगों के प्रति उदासीनता और दोहरे मापदंड देखकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे छात्रों का धैर्य टूट चुका है। आखिरकार मजबूर हो कर छात्रों ने सोमवार 10 अगस्त को विधानसभा मार्च का आह्वान किया। इस मार्च के दौरान जिस तरह राज्य सरकार ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया और पत्रकारों पर कार्रवाई की, उससे आपातकाल की याद ताजा हो गई है। कांग्रेस सरकार छात्रों और पत्रकारों को आतंकवादी समझती है।
झारखंड में सड़क पर उमड़ा छात्रों का जनसैलाब।
लाखों की संख्या में छात्र विधानसभा मार्च के लिए सड़क पर उतर।
कंटीले तार लगाकर झारखंड पुलिस ने छात्रों को रोका। pic.twitter.com/tHxvq1DlPH
— Panchjanya (@epanchjanya) August 10, 2026
झरखंड पुलिस का छात्रों पर लाठीचार्ज
झारखंड में विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। पानी की बौछार की गई और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। लाठीचार्ज के बाद कुछ छात्रों ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया। एक घायल छात्र ने कहा कि सरकार की ओर से इस तरह की कार्रवाई ठीक नहीं है। एक अन्य छात्र ने दावा किया कि पुलिस ने सिर, मुंह, पेट और पैर समेत शरीर के कई हिस्सों पर लाठी मारी। प्रदर्शन में शामिल एक अन्य छात्र ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, तभी पीछे से पुलिस पहुंची और लाठीचार्ज शुरू कर दिया। कुछ छात्रों ने दावा किया कि कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों को चोट आई हैं।
#WATCH | JPSC-JSSC aspirants’ protest in Ranchi (Jharkhand) | IMPROVED QUALITY | Earlier visuals from ‘Vidhan Sabha gherao’ march of protesting students, as security personnel launched a lathi charge to control crowd. Students protesters hurled slippers and empty bottles of water… pic.twitter.com/o1YEG1BTQL
— ANI (@ANI) August 10, 2026
झारखंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भयानक लाठीचार्ज?
क्या वे अपराधी हैं?
क्या वे आतंकी हैं?
क्या उन्होंने किसी को मारा है?फिर क्यों @yadavakhilesh और @RahulGandhi सोरेन की पुलिस ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया? pic.twitter.com/heZfDTOdUp
— Sudhir Mishra 🇮🇳 (@Sudhir_mish) August 10, 2026
लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारी छात्र घायल
कई छात्रों को गंभीर चोटे लगीं हैं, तो कई छात्र गंभीर चोट की वजह से बेहोश हो गए। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या के सामने यह कोशिश कामयाब नहीं हुई। पानी की बौछार पड़ते ही प्रदर्शनकारी छात्रों ने नाचना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बावजूद जब प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने लगे तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की भी सूचना है। पुलिस ने लाठीचार्ज की वजह से घटनास्थल पर कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।
झारखंड पुलिस के लाठीचार्ज में कई स्टूडेंट्स घायल। https://t.co/et682mMqMw pic.twitter.com/40nAMZA3YL
— Ashok Shrivastav (@AshokShrivasta6) August 10, 2026
खेतों के रास्ते विधानसभा के करीब तक पहुंचने में सफल रहे छात्र
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र पीछे के रास्ते से झरखंड विधानसभा के करीब पहुंचने में सफल रहे। बताया जा रहा है कि पुलिस को इस वैकल्पिक रास्ते से छात्रों के आगे बढ़ने की जानकारी नहीं थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए विधानसभा के आसपास पहले से ही कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी। लेकिन छात्रों के दूसरे रास्ते से आगे बढ़ने के बाद पुलिस के सामने नई चुनौती पैदा हो गई। इसके बाद वहां भी पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई।
Breaking-
खेतों के रास्ते से विधानसभा परिसर में घुसे छात्र। pic.twitter.com/eOVj1kNxT2
— Ashit Prakash (@AshitPrakash4) August 10, 2026
झारखंड विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया था। झारखंड विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में पहले ही निषेधाज्ञा लागू की जा चुकी है। यह आदेश 6 अगस्त से 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगा और इस दौरान सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगा। राज्य की राजधानी रांची के प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। विधानसभा की ओर जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
कटीले तारों से लेकर पैलेट गन तक…
झारखंड में खुली छात्रों के लिए- “मोहब्बत की दुकान”
इस दुकान में-
– जगह-जगह ऊंची- ऊंची बैरिकेडिंग
– जगह-जगह मल्टी-लेयर के कटीले तार
– पैलेट गन से लैस भारी संख्या में बल
– धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू
– बड़ी संख्या में वज्र वाहन
– रांची की… pic.twitter.com/muJxqX0pwX— Shivam Dixit (@ShivamdixitInd) August 10, 2026
प्रमुख मार्गों पर कंटीले तारों से बैरिकेडिंग
झारखंड विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर करीब 12 स्थानों पर कंटीले तारों से बैरिकेडिंग की गई है। इन बैरिकेडिंग में नुकीले स्टील के तार लगाए गए हैं, जिन्हें पार करना मुश्किल है। इसके बावजूद छात्रों ने इन्हें पार करने की कोशिश की। छात्रों रोकने और आगे बढ़ने पर दमन करने के लिए रांची पुलिस ने जो अभेद्य किलेबंदी की थी, लेकिन छात्रों बुलंद हौसले के आगे सब नाकाम हो गए। राहुल गांधी के इशारे पर राजधानी रांची को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। इसे देखकर लोग पूछ रहे हैं कि दिल्ली में संसद भवन पर हमला करने वालों पर पुलिस की कार्रवाई से संसद नहीं चलने देने वाला विपक्ष कहां गायब हो गया है?
यह जो आप खतरनाक जानलेवा रेजर वायर और इलेक्ट्रिक फेंसिंग देख रहे हैं यह भारत-पाकिस्तान की सीमा नहीं है यह झारखंड विधानसभा के चारों तरफ तीन लेयर में लगाई गई फेंसिंग है
यानी झारखंड की कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार छात्रों को आतंकवादी समझती है pic.twitter.com/ohCt5qi8Mt
— Rahul Raj (@MLARAHULRaj) August 10, 2026
छात्रों के साथ आतंकवदियों जैसा व्यावहार
दिल्ली के जंतर-मंतर और बीजेपी शासित राज्यों में प्रदर्शन के दौरान छात्र हितों की बात करने वाले झारखंड की सुरक्षा व्यवस्था और किलेबंदी को देखकर मौन है। तथाकथित छात्र हितैषी दलों को झारखंड के छात्रों का हित और मानवाधिकार दिखाई नहीं दे रहा है। झारखंड छात्र भी परीक्षा व्यवस्था में खामियां और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस झारखंड में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित नहीं करके बीजेपी शासित राज्यों में कर रही है। अपनी ‘बांटो और राज करो’ की नीति के तहत कांग्रेस ने झारखंड के छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। झारखंड की जेएमएम और कांग्रसे सरकार कंटीले तारों की बैरिकेडिंग के साथ ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात कर अपनी नाकामी और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालना चाहती है। लेकिन छात्रों के हौसलों के सामने कंटीले तारों की बैरिकेडिंग भी सरकार को बचाने में नाकाम साबित हो रही है।
झारखंड मे स्टुडन्ट्स का आर या पार 🔥
प्रदर्शनकारी छात्रो की विधानसभा की और मार्च, अंतिम बेरिकेट तक पहुच गए
1500 से ज्यादा जवान तैनात है, कभी भी कुछ भी हो सकता है
अब आमने सामने के लडाई पर उतर आए है छात्र
pic.twitter.com/GFklOmuEq7— Kamit Solanki (@KamitSolanki) August 10, 2026
बसों के परिचालन पर रोक और छात्रों को रांची आने से रोकने की कोशिश
झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार छात्रों के आंदोलन को असफल करना चाहती है। कुछ जिलों में जिला प्रशासन की ओर से बस संचालकों को सोमवार को रांची के लिए बसों का परिचालन नहीं करने का निर्देश दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। आंदोलन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से रांची पहुंच रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है। छात्रों का कहना है कि वे भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा मार्च में शामिल होने के लिए राजधानी पहुंच रहे हैं। छात्रों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन के दौरान छह छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। वे भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हेमंत सोरेन की कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार अब छात्रों से इतना डर चुकी है कि पूरे रांची की घेराबंदी कर दी गई है
किसी भी बस को अब रांची में नहीं आने दिया जा रहा pic.twitter.com/71INe97nMg
— Vibhuti Singh (@Vibhuti23748732) August 9, 2026
नास्ते के दौरान हिरासत में लिए गए पत्रकार अमन चोपड़ा
जिस तरह 1975 के आपातकाल में इंदिरा गांधी ने प्रेस पर सेंसरशिप लागू कर पत्रकारों को जेल में डाल दिया था। उसी तरह झारखंड में भी अघोषित आपातकाल लागू किया गया है। अभिव्यक्ति की आजादी की बात करने वाले राहुल गांधी अपनी सरकार में पत्रकारों की आवाज दबाना चाहते हैं। झारखंड में उनकी सरकार पत्रकारों को जबरन हिरासत में ले रही है। यहां तक कि पत्रकारों को नाश्ते के टेबल पर से हिरासत में लिया जा रहा है। रांची में झारखंड के छात्रों के आंदोलन को कवर करने गए न्यूज-18 के एंकर अमन चोपड़ा को सुबह नाश्ता करते वक्त पूछाताछ के लिए हिरासत में लिया गया, ताकि झारखंड की सच्चाई पूरा देश देख नहीं सके।
@jharkhandpolice : पूछताछ के लिए चलना होगा
Aman Chopra : आप कहाँ से हैं ? @Ranchipolice : पुलिस से हैं
Aman Chopra : यहाँ भी कर सकते हैं ?
अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतान्त्रिक सरकार का दंभ भरने वाले @JmmJharkhand के @HemantSorenJMM के कृत्य देख लीजिए
सरकार संवेदनशील है… pic.twitter.com/cjid8KukYK
— Gaurav Anand Pandey (@IGAPandey) August 10, 2026
हिरासत में लेकर अमन चोपड़ा से पूछताछ
पत्रकार अमन चोपड़ा पुलिस से कहते रहे कि जो भी पूछताछ करनी है, होटल में ही कर सकते हैं। लेकिन पुलिस उन्हें थाने चलने और पूछताछ में हिस्सा लेने के लिए अड़ी रही। अमन चोपड़ा आंदोलन के दौरान न तो छात्रों को भड़काते नजर आए, और ना ही छात्रों ने उनके खिलाफ कोई शिकायत की है। इसके बावजूद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इससे अभिव्यक्ति की आजादी का रोना रोने वाले दलों का दोहरा चरित्र पूरा देश देख रहा है। संविधान की किताब हाथ में लेकर चलने वाले संविधान और लोकतंत्र की हत्या कैसे करते हैं, ये वीडियो उसका जीता-जागता प्रमाण है।
झारखंड में छात्रों का प्रोटेस्ट कवर करने गए पत्रकार अमन चोपड़ा को पुलिस ने Breakfast टेबल से उठा लिया
क्या झारखंड में इमरजेंसी है ?
क्या छात्रों की आवाज़ सुनना अपराध है ?
क्या झारखंड में लोकतंत्र ठीक है ?
सुई पटक सन्नाटा क्यूँ है ??? pic.twitter.com/WZi81TBaLI
— Shivam Tyagi (Modi Ka Parivar) (@ShivamSanghi12) August 10, 2026
अमन चोपड़ा पर एफआईआर दर्ज
झारखंड पुलिस ने अमन चोपड़ा पर एफआईआर दर्ज की है। अमन चोपड़ा ने सोशल मीडिया में एक वीडियो शेयर कर बताया कि उन्हें एफआईआर का नोटिस थमा दिया गया है। अस्पताल में छात्र राहुल क्रांति से बात करने का आरोप लगाया गया है। जबकि उस छात्र से बात करने के लिए कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय और तमाम मीडियाकर्मी भी पहुंचे थे। लेकिन चुनिंदा तरीके से उन्हें टारगेट किया गया। करीब दो घंटे तक पूछताछ के बाद उन्हें नोटिस दिया गया। बाहर कवरेज करने पर रोक लगाने की बात कही गई है। अमन चोपड़ा ने कहा कि जंतर मंतर पर कवरेज के लिए किसी को मना नहीं किया गया था। सबको कवरेज की आजादी थी। विधानसभा घेराव को कवरेज करने से पत्रकारों को रोका जा रहा है। उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है।
झारखंड पुलिस ने “पत्रकार अमन चोपड़ा” को गिरफ्तार किया ।
उसके बाद अमन चोपड़ा की पहली प्रतिक्रिया pic.twitter.com/WD70saj6Ll
— Ms.Bhumi (@ibmindia20) August 10, 2026
दिल्ली में सादे कपड़े वाले पुलिस पर सवाल, लेकिन झारखंड में मौन क्यों ?
अभी एक महीन भी पूरे नहीं हुए, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़े में तैनात पुलिस के जवानों पर सवाल उठाया गया था। तमाम सोशल मीडिया एंन्फ्लुएंसर और विपक्षी दलों ने हाय-तौबा मचा रखा था। सादे कपड़े में तैनात पुलिसकर्मियों को बीजेपी का गुंडा तक बोला गया। लेकिन झारखंड में सादे कपड़े में आई पुलिस अमन चोपड़ा को नाश्ते के दौरान पूछताछ के लिए दबाव बना रही है। अब सवाल उठता है कि क्या संविधान और लोकतंत्र सिर्फ बीजेपी के लिए है ? क्या विपक्ष शासित राज्योंं में अलग संविधान लागू है?
यह वीडियो देखिए और सोचिए पप्पू और कांग्रेसी कुत्ते कहते हैं मोदी तानाशाह है
झारखंड के एक होटल में पत्रकार अमन चोपड़ा नाश्ता कर रहे थे वह रांची में रिपोर्टिंग करने गए हैं
तुरंत सादे कपड़ों में रांची पुलिस आती है उन्हें नाश्ता भी नहीं करने देती और कहती है कि हम आपको पूछताछ के… pic.twitter.com/HiYacG7pni
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) August 10, 2026
क्या कांग्रेस शासित राज्यों में अलग संविधान लागू है ?
एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान गाली देने वालों को माफ कर दिया, वहीं राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को गाली देने वालों का समर्थन किया। राहुल गांधी और उनकी पार्टी कांग्रेस ने गालीबाजों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग थी। इसके विपरीत केरल की कांग्रेस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को गाली देने वालों की आलोचना करने पर राजनीतिक विश्लेषक टी. जी. मोहनदास गिरफ्तार कर लिया। राजनीतिक विश्लेषक टी. जी. मोहनदास को नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शन पर कथित टिप्पणी करने के मामले में केरल पुलिस ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें रविवार 9 अगस्त को कोच्चि के कूवापदम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया।
RSS विचारक टी.जी. मोहनदास को केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ “अपमानजनक टिप्पणी” करने का आरोप है।
जिन लोगों ने PM और उनकी मां के खिलाफ अपमानजनक बातें कीं उन्हें राहुल गांधी का समर्थन मिला, लेकिन जिन्होंने उन्हें उसी भाषा में… pic.twitter.com/xFwSlKjzfk
— Indian🇮🇳 (@singh31919) August 10, 2026
गालीबाज जेन-जी के खिलाफ बोलने पर दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तारी
केरल पुलिस ने इस मामले में 29 जुलाई को केस दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक, मोहनदास के खिलाफ चार धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें कथित तौर पर हिंसा या दंगा भड़काने से जुड़ी धाराएं भी शामिल हैं। जांच के दौरान पुलिस ने उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने कब्जे में लिया है, ताकि वीडियो और उससे जुड़े डिजिटल सबूतों की जांच की जा सके।
केरल में छात्र आंदोलन पर विवादित टिप्पणी को लेकर RSS विचारक और भाजपा नेता टीजी मोहनदास की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विवाद बढ़ता देख केरल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए टीजी मोहनदास को हिरासत में ले लिया है। #TGMohandas #KeralaPolice #StudentProtest #KeralaNews #RSS pic.twitter.com/duyUyxMSG8
— Molitics (@moliticsindia) August 10, 2026
छात्रों के प्रदर्शन पर प्रियांक खड़गे की विवादित टिप्पणी, कांग्रेस मौन
उधर कांग्रेस शासित कर्नाटक में मंत्री प्रियांक खड़गे ने पुलिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन और इस्तीफे की मांग पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि पहले छात्र 25 दिन तक भूख हड़ताल (अनशन) करें, यदि स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो लाठीचार्ज किया जाएगा, और उसके बाद वह इस्तीफा देने के बारे में विचार करेंगे। कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खड़गे ने राज्य में पुलिस भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं और इस्तीफे की मांग पर व्यंग्य करते हुए ये बात कही थी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांग रहे राहुल गांधी कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खड़गे की विवादित टिप्पणी पर मौन है, क्योंकि कांग्रेस के डीएनए में ही तानाशाही है।
“पहले छात्रों पर लाठीचार्ज करवाऊंगा फिर इस्तीफा दूंगा”😳
यह बोल हैं कर्नाटक कांग्रेस के शिक्षा मंत्री प्रियंक खड़गे के
यह होती है असली तानाशाही वाली मानसिकता
कांग्रेस का एक शिक्षा मंत्री कैसे अपने प्रदेश के छात्रों को खुलेआम धमका रहा है
और राहुल गांधी ड्रामे करता फिर रहा है pic.twitter.com/uFDrjkMIke
— Nikhil Tiwari Tiwari (@NikhilTiwarit18) August 3, 2026









