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AAP के ‘पालतुओं’ से सावधान !, वफादारी में पेश की खतरनाक मिसाल, मालिक ने दिया युवाओं को गुमराह करने का टास्क

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राजनीति का कड़वा सच यह है कि यहां जो बाहर से दिखता है, वह असलियत नहीं होती और जो असलियत होती है, उसे पर्दे के पीछे छिपा कर रखा जाता है। मौजूदा हालात में राजनीति के इसी कड़वे सच को डिकोड करना जरूरी है, ताकि देश की जनता, खासकर युवा सावधान रहें और AAP के ‘पालतुओं’ से खुद को बच सकें। आप हैरान होंगे कि आखिर ऐसा क्यों कहा जा रहा है। दरअसल, बात आम आदमी पार्टी के उन ‘पालतुओं’ की हो रही है, जो कॉकरोच जनता पार्टी के रूप में देखने में तो अलग है, लेकिन वास्तव में AAP का ही दूसरा रूप है। इनको अपने मालिक अरविंद केजरीवाल के इशारे पर बड़े-बड़े कांड करने में महारत हासिल है। अपने मालिक की वफादारी में 20 जुलाई,2026  को ‘चल संसद’ मार्च के दौरान, जो खतरनाक मिसाल पेशी, वो पूरा देश देख चुका है। अब ये देश के युवाओं को गुमराह करने के खतरनाक मिशन पर काम कर रहे हैं, जिसका खुलासा करना जरूरी है, ताकि देश के ‘जेन जी’ (Gen Z या जनरेशन जेड) को फिर से गुमारह होने से बचाया जा सके। 

CJP के 14 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति का औपचारिक ऐलान
दरअसल, आम आदमी पार्टी ने भारत की राजनीति में फिर एक नया प्रयोग किया है। इस प्रयोग में ‘आप’ ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से ही एक नई पार्टी बना दी है, जिसका नाम कॉकरोच जनता पार्टी है। इस पार्टी ने 6 अगस्त, 2026 को अपनी पहली राष्ट्रीय कार्यसमिति का औपचारिक ऐलान किया। पार्टी ने 14 सदस्यीय राष्ट्रीय नेतृत्व टीम की घोषणा करते हुए आने वाले छह महीनों में पूरे देश में संगठन विस्तार की योजना भी शेयर की है। पार्टी की ओर से जारी संगठनात्मक दस्तावेज के अनुसार, अभिजीत दीपके को संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया है। वहीं आशुतोष रांका और सौरभ दास को सह-संयोजक बनाया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय टीम में विभिन्न जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।

CJP के जोनल लीडरशिप की भी घोषणा
कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यसमिति में अजिंक्य शिंदे को राष्ट्रीय संगठन प्रभारी, दीपक बलियान को संगठन सह-प्रभारी, आफरीन नवाज को राष्ट्रीय महासचिव, विजय रेड्डी मल्लांगी को मीडिया प्रमुख, रत्ना सिंह को लीगल अफेयर्स प्रमुख, वैष्णवी गौर को रिसर्च एवं पॉलिसी प्रमुख, रोहन देशपांडे को टेक्नोलॉजी प्रमुख और योगेश इंगले को फाइनेंस प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही पार्टी ने चारों जोनों के लिए भी नेतृत्व घोषित किया है। उत्तर जोन की जिम्मेदारी दीपक बलियान, दक्षिण जोन की विजय रेड्डी मल्लांगी, पूर्व और उत्तर-पूर्व जोन की अंकित भारद्वाज तथा पश्चिम जोन की योगेश इंगले को सौंपी गई है।

आइए देखते हैं, कॉकरोच जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ ही नेताओं में कितनी समानता है… 

AAP और CJP में समानता : केजरीवाल और दीपके राष्ट्रीय संयोजक 
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी राष्ट्रीय कार्य समिति की घोषणा करते हुए संस्थापक अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक (National Convener) नियुक्त किया है, जो आम आदमी पार्टी में अरविंद केजरीवाल के पद के समान है। दरअसल, केजरीवाल आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हैं और उसी तरह अभिजीत दीपके को भी कॉकरोच जनता पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि अभिजीत दीपके का अतीत में कनेक्शन आम आदमी पार्टी से रहा है और वे उनकी सोशल मीडिया टीमों का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में दीपके को सीजेपी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया जाना चर्चा का विषय बन गया है।

AAP और CJP में समानता : नेता और कार्यकर्ता दो जिस्म और एक जान
आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी के रिश्ते दो जिस्म और एक जान का है। दोनों पार्टियों की धड़कन एक है, क्योंकि दोनों ही पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता एक है। आम आदमी पार्टी (AAP) और हाल ही में चर्चा में आए युवा-आधारित संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कई नेता और कार्यकर्ता पूर्व में एक-दूसरे से जुड़े रहे हैं। CJP की नेशनल वर्किंग कमेटी और विभिन्न पदों पर ऐसे कई चेहरों को नियुक्त किया गया है जो पूर्व में AAP के छात्र विंग या सोशल मीडिया विंग के पदाधिकारी रह चुके हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और कई प्रमुख पदाधिकारी पहले AAP के सोशल मीडिया व जमीनी अभियानों का हिस्सा रह चुके हैं।

AAP और CJP में समानता : दीपके AAP की सोशल मीडिया टीम का सदस्य
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके साल 2020 से 2023 के बीच AAP की सोशल मीडिया टीम के सदस्य थे। दीपके आम आदमी पार्टी के ट्वीटर हैंडल को संचालित करते थे। उन्होंने 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान डिजिटल कैंपेन और मीम-आधारित कंटेट तैयार करने में काम किया था और दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के लिए संचार सलाहकार के रूप में भी सेवाएं दी थीं।

AAP और CJP में समानता : AAP का व्हाट्सएप्प टीम देखते थे आशुतोष रांका 
CJP के सह-संयोजक/प्रवक्ता आशुतोष राका ने खुद स्वीकार किया है कि वो आम आदमी पार्टी के व्हाट्सएप्प टीम देखते थे। इसके बाद राजस्थान में AAP के विभिन्न सांगठनिक दायित्वों और दिल्ली चुनावों के दौरान जमीनी रणनीतियों से जुड़े रहे। 30 दिसंबर 2025 को राजस्थान आम आदमी पार्टी के प्रभारी धीरज टोकस और सह प्रभारी घनेंद्र भारद्वाज ने प्रदेश कार्यकारिणी में कुछ नियुक्तिों का ऐलान किया था। इसमें भी आशुतोष रांका का नाम शामिल था। आशुतोष रांका को इंटिलेक्चुअल विंग का स्टेट सेक्रेट्री नियुक्त किया गया था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के मंच से कई मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते भी दिखते थे।

AAP और CJP में समानता : सौरभ दास का AAP के लीगल मामलों से जुड़ाव 
सह संयोजक और सीजेपी आंदोलन के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे सौरभ दास भले ही ‘आप’ के सदस्य नहीं हैं, लेकिन वह अरविंद केजरीवाल की पार्टी का समय-समय पर समर्थन करते रहे हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ जब अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने मोर्चा खोला तो सौरभ दास भी उनके साथ थे। दास ने जस्टिस स्वर्ण कांता को लेकर कई दावे किए जिन्हें आधार बनाकर ‘आप’ नेताओं ने जज पर सवाल खड़े किए थे। जस्टिस स्वर्ण कांता की अवमानना मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं के साथ पत्रकार/प्रवक्ता सौरभ दास का नाम भी शामिल है। सौरव दास जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े आपराधिक अवमानना केस में बुरी तरह से घिरते नजर आ रहे हैं। उन्हें आपराधिक अवमानना के केस में जवाब देने के लिए नोटिस तो जारी किया ही गया है, उनपर इस मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिटाने का भी आरोप लगा है।

AAP और CJP में समानता : AAP के अजिंक्य शिंदे बने राष्ट्रीय संगठन प्रभारी
अंजिक्य शिंदे को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास के बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी मिली है। इसके बाद वह सुर्खियों में आ गए हैं। अजिंक्य शिंदे को CJP में राष्ट्रीय संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। अजिंक्य शिंदे के संबंध सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे से जुड़े हुए हैं। वह आम आदमी पार्टी की महाराष्ट्र युवा विंग के संयोजक और पार्टी की राष्ट्रीय संगठन निर्माण टीम के सदस्य के रूप में सक्रिय रहे हैं। उनकी अरविंद केजरीवाल और AAP के दूसरे नेताओं के साथ सैकड़ों तस्वीरें हैं। 

AAP और CJP में समानता : वकील रत्ना सिंह और केजरीवाल की मुलाकात
CJP ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में वकील और पूर्व लीगल जर्नलिस्ट रत्ना सिंह को लीगल मामलों की जिम्मेदारी दी है। सोशल मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक चर्चाओं में यह दावा किया गया है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े सौरव दास ने ग्रेटर कैलाश-1 (GK-1) स्थित अपने फ्लैट पर एक दिवाली पार्टी होस्ट की थी, जिसमें अरविंद केजरीवाल और रत्ना सिंह के शामिल होने की बात सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि वकील रत्ना सिंह अरविंद केजरीवाल की समर्थक है और आम आदमी पार्टी को परोक्ष रूप से कानूनी मामलों में सलाह देती रही हैं।

AAP और CJP में समानता : AAP के नेता विजय रेड्डी बने CJP के मीडिया प्रमुख
विजय रेड्डी मल्लांगी को CJP का मीडिया प्रमुख बनाया गया है। विजय रेड्डी मल्लांगी ने आम आदमी पार्टी के साथ सक्रिय रूप से काम किया है। उन्होंने तेलंगाना में पार्टी के लिए एक प्रमुख राजनीतिक नेता और नागरिक कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं दीं, जिसमें उन्होंने तेलंगाना राज्य युवा इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष और हैदराबाद में जुबली हिल्स निर्वाचन क्षेत्र के नेता जैसे पदों को संभाला। AAP के साथ अपने जुड़ाव के समय, उन्होंने ‘झाड़ू चलाओ यात्रा’ जैसे स्थानीय अभियानों का नेतृत्व किया और नागरिक आंदोलनों में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसमें “सेव केबीआर” (Save KBR) पर्यावरण विरोध प्रदर्शन शामिल हैं।

AAP और CJP समानता : दोनों पार्टियों के ‘मालिक’ एक
आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं को देखकर कहा जा सकता है कि दोनों ही पार्टियों के ‘पापा’ अरविंद केजरीवाल हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के असली जन्मदाता अरविंद केजरीवाल हैं। उन्होंने अभिजीत दीपके को अमेरिका से भारत लाने, जंतर-मंतर पर धरने पर बैठाने, सोनम वांगचुक को आंदोलन से जोड़ने, कार्यकर्तओं को जुटाने, संसाधन मुहैया कराने और प्रदर्शन को सफल बनाने की पूरी रणनीति तैयार की थी। इसलिए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के मंच से 20 जुलाई के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील थी। उन्होंने कहा था कि ज्यादा से ज्याद संख्या में यहां पर आएंगे। 20 तारीख के आंदोलन को, इनके कॉल को, पार्लियामेंट तक की जो यात्रा है उसको सफल बनाना है। ज्यादा से ज्यादा संख्या में आना है।

अब आइए देखते हैं, आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी के जन्म, संगठन, उद्देश्य, कार्यप्रणाली और चालबाजी के पैटर्न में किस तरह से समानता पाई जाती है…  

AAP और CJP में समानता : एक राष्ट्रीय टीम/कार्यकारिणी के माध्यम से काम 
आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी, दोनों ही संगठन एक राष्ट्रीय टीम/कार्यसमिति के माध्यम से काम करते हैं, जिसमें अलग-अलग जिम्मेदारियों (जैसे संयोजक, महासचिव, संगठन प्रभारी, लीगल अफेयर्स, मीडिया आदि) के लिए विशिष्ट पदाधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। दोनों ही मामलों में संयोजक की सहायता और संगठन के प्रबंधन के लिए सह-संयोजकों का प्रावधान/नियुक्ति देखने को मिलती है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी पहली 13 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की है। आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पार्टी के सक्रिय सदस्यों में से सर्वसम्मति से चुने गए अधिकतम 30 सदस्य होंगे, यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो बहुमत से चुने गए सदस्यों की संख्या 12 होगी, जिसमें से कम से कम 7 महिलाएं और 5 छात्र होंगे।

AAP और CJP में समानता : राजनीतिक दल नहीं, प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेंगे
‘आप’ का गठन ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ (IAC) नामक एक जन आंदोलन और प्रेशर ग्रुप के विचार से ही हुआ था। CJP ने भी अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वह सीधे एक पारंपरिक राजनीतिक दल के बजाय फिलहाल एक जन आंदोलन और प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी। CJP के सह-संयोजक सौरभ दास ने कहा, “लोग चाहते हैं कि सीजेपी एक राजनीतिक दल बने। लेकिन इस समय एक और राजनीतिक दल जोड़ना उपयोगी नहीं होगा। वहां ऊर्जा खर्च करने के बजाय, हम धरातल पर काम करेंगे क्योंकि जागरूकता वहीं से आती है। हम फिलहाल सीजेपी को राजनीतिक दल में नहीं बदलेंगे।” अब सवाल उठता है कि जन आंदोलन और प्रेशर ग्रुप के रूप में किसके लिए काम करेगा। अरविंद केजरीवा ने भी अन्ना आंदोलन के दौरान अपने बच्चों की कसम खाकर कहा था कि राजनीति में नहीं जाएंगे और कोई पद नहीं लेंगे। लेकिन बाद में राजनीति में आए, पार्टी बनाई, पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक बने और मुख्यमंत्री बने। 

AAP और CJP में समानता : अन्ना और वांगचुक राजनीतिक लॉन्चपैड
अरविंद केजरीवाल ने 2011 में जिस तरह अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को अपनी राजनीतिक लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल किया था, वैसे ही अब अभिजीत दीपके और अन्य लोग सोनम वांगचुक के चेहरे और अनशन का उपयोग किया। अन्ना हजारे के बताये रास्ते पर चलने का दावा करने वाले अरविंद केजरीवाल राजनीतिक दल बनाने के बाद अन्ना को भूल गए। इसी तरह सोनम वांगजुक के अनशन तोड़ने पर अभिजीत दीपके और उसके साथियों ने वागचुक से मुंह मोड़ लिया। यहां तक कि सोनम वांगचुक द्वारा भारतीय रेल जैसे विकास कार्यों की प्रशंसा करने और सीजेपी के नेताओं को जीत के बाद संयम व विनम्रता रखने की नसीहत देने पर उनकी आलोचना करने लगे।

AAP और CJP में समानता : पूरे देश में संगठन विस्तार का लक्ष्य
दोनों ही संगठन अपनी शुरुआत के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार और देश के अलग-अलग जोनों/राज्यों में इकाइयां गठित करने की योजना पर जोर देते हैं। सीजेपी ने अपने देशव्यापी विस्तार के तहत उत्तर, दक्षिण, पूर्व-उत्तर और पश्चिम जोनों के लिए जोनल प्रभारियों की नियुक्ति की है और राष्ट्रीय कार्यसमिति का ऐलान किया है। पार्टी द्वारा जारी दस्तावेज के अनुसार, अगले छह महीनों के भीतर विभिन्न राज्यों में स्टेट कोऑर्डिनेशन कमेटियों, लोकसभा स्तर और शहर स्तर की समन्वय इकाइयों का गठन किया जाएगा। 

AAP और CJP में समानता : युवाओं की भूमिका पर जोर 
आम आदमी पार्टी (AAP) के राजनीतिक सफर और आंदोलनों में युवाओं की भूमिका हमेशा से मुख्य और निर्णायक रही है। पार्टी की शुरुआत ही भ्रष्टाचार विरोधी जन-आंदोलन और इंडिया अगेंस्ट करप्शन से हुई थी, जिसमें देश भर के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। सीजेपी ने अपनी पहली नेशनल टीम की जो घोषणा की है उसके सभी पदाधिकारियों की उम्र 26 से 35 साल के बीच है। राष्ट्रीय कार्यसमिति की घोषणा के बाद पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की करीब 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है, इसलिए अब युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नई टीम का उद्देश्य देश की राजनीतिक बहस के केंद्र में युवाओं के मुद्दों को लाना है। 

AAP और CJP में समानता : डिजिटल जुड़ाव और सोशल मीडिया
शुरुआती दिनों में आम आदमी पार्टी ने जनलोकपाल आंदोलन के दौरान फेसबुक, ट्विटर और डिजिटल कैम्पेन के माध्यम से युवाओं और कार्यकर्ताओं को सीधे जोड़ा था। कॉकरोच जनता पार्टी का आधार ही पूरी तरह से डिजिटल और मीम्स-आधारित संस्कृति पर है। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके (जो पहले AAP के सोशल मीडिया और अभियानों से जुड़े रहे हैं) ने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को सीधे जोड़ा है।

AAP और CJP में समानता : क्राउड फंडिंग की अपील
क्राउड फंडिंग (जनता से चंदा जुटाने) की अपील का यह तरीका राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा समय-समय पर अपनाया जाता रहा है। अरविंद केजरीवाल और उनकी Aam Aadmi Party ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत से ही पारदर्शी और ईमानदारी की राजनीति का दावा करते हुए कई बार आम जनता से क्राउड फंडिंग की अपील की है। वहीं दूसरी ओर, हाल ही में चर्चा में आए गैर-राजनीतिक युवा संगठन Cockroach Janata Party (CJP) ने भी अपने आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान कानूनी सहायता (Legal Aid Fund) व अन्य गतिविधियों के लिए क्राउड फंडिंग व सार्वजनिक योगदान का सहारा लेने की घोषणा की है।

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