20 जुलाई को जंतर-मंतर पर ‘संसद मार्च’ के नाम पर जुटी उग्र भीड़ ने जिस तरह पुलिसकर्मियों और पत्रकारों पर बर्बर हमले किए थे, उसने इस पूरे प्रदर्शन के असली चेहरे को देश के सामने लाकर रख दिया था। घटना के तुरंत बाद जब हिंसा की भयानक तस्वीरें सामने आईं, तो हमेशा की तरह वामपंथी और विपक्षी धड़े ने उल्टे हिंसक उपद्रवियों को ही ‘पीड़ित’ साबित करने का झूठा एजेंडा शुरू कर दिया। यहाँ तक कि कर्तव्य पालन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए पुलिसकर्मियों को ही दोषी दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई थी।
हालांकि, जैसे-जैसे जांच एजेंसियों और पुलिस की जांच आगे बढ़ी, यह पूरी तरह साफ हो गया कि जंतर-मंतर पर छात्रों के नाम पर रचा गया यह ड्रामा वास्तव में कोई छात्र आंदोलन था ही नहीं। यह देश विरोधी ताकतों, वामपंथी विचारकों और विपक्षी दलों द्वारा प्रायोजित एक गहराई से बुना गया हिंसक षड्यंत्र था। जिस आंदोलन को ‘छात्र हित’ का चोला पहनाया गया था, उसका मकसद केवल देश में अस्थिरता, अराजकता और हिंसा फैलाना था।
अब जांच एजेंसियों के खुलासे, फेशियल रिकग्निशन तकनीकी के सबूत और बंगाल एसटीएफ की कार्रवाइयों से यह साबित हो चुका है कि इस तथाकथित प्रदर्शन के पीछे पाकिस्तानी हैंडलर्स, खूंखार अपराधी, भाड़े के इन्फ्लुएंसर्स और अलगाववादी एजेंडा काम कर रहा था। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल जैसे विपक्षी नेता आखिर क्यों इस अराजक जमावड़े के समर्थन में इतने मुखर थे, अब इसका सच पूरे देश के सामने बेनकाब हो चुका है।
पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर जंतर-मंतर में सेंधमारी और आतंकी साजिश
पश्चिम बंगाल एसटीएफ (STF) द्वारा बर्धमान से गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल से पूछताछ में बेहद सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। एसटीएफ के मुताबिक, हमीम को सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए सीधे पाकिस्तानी आकाओं से निर्देश मिल रहे थे। उसे पुलिस की वर्दी खरीदकर जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच घुसपैठ करने, हिंसा भड़काने और कई वरिष्ठ नेताओं तथा पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था। इसके साथ ही उसे सुवेंदु अधिकारी के काफिले की रेकी का भी निर्देश मिला था।
बंगाल एसटीएफ के मुताबिक, जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर हमला करने की साजिश रची गई थी.
गिरफ़्तार जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल से पूछताछ में ये खुलासा हुआ है.
साथ ही, कई नेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बनाने की योजना की जांच… pic.twitter.com/y4SqZ50AVx
— राजपूत सवित सिंह (@Savit12) August 2, 2026
अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड और पाकिस्तानी नेटवर्क का भंडाफोड़
जांच में सामने आया है कि आरोपी हमीम और उसकी सहयोगी अर्पिता पिछले 4-5 महीनों से ‘अबीर जट333’, ‘उजैर’, ‘राणा’ और ‘हमाद’ जैसे पाकिस्तानी खातों के सीधे संपर्क में थे, जिनके संबंध पाकिस्तान के कुख्यात शहजाद भट्टी गैंग से होने का शक है। आरोपियों के पास से ब्रिटेन और मेक्सिको के अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड बरामद हुए हैं। बातचीत के लिए Element X और Session जैसे गुप्त ऐप्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा प्रदर्शन स्थल से कुछ संदिग्ध लोग विदेश में बैठे संपर्कों को पल-पल की जानकारी भेजकर भीड़ को भड़काने की साजिश में लगे हुए थे।
जंतर-मंतर पर आयोजकों की लापरवाही और हिंसक उपद्रव का सच
वायरल हुए वीडियो में नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा और जॉइंट सीपी दीपक पुरोहित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ताओं सौरभ दास और अभिषेक रंका को चेतावनी देते साफ नजर आ रहे हैं। अधिकारियों ने 19 और 20 जुलाई को बार-बार आयोजकों को आगाह किया था कि भीड़ में आपराधिक तत्व घुस चुके हैं और वहां कोई वालंटियर प्रबंधन नहीं है। पुलिस की चेतावनियों को दरकिनार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप जंतर-मंतर पर योजनाबद्ध तरीके से हिंसा और पथराव को अंजाम दिया गया।
New Delhi – A new viral video from Jantar Mantar shows New Delhi DCP Sachin Sharma and Joint CP Deepak Purohit speaking with Cockroach Janata Party (CJP) spokespersons Saurabh Das and Abhishek Ranka. In the footage, the police officers state that the location is not meant for… pic.twitter.com/QMCzuOl471
— NextMinute News (@nextminutenews7) August 3, 2026
चंडीगढ़ से आया ‘फन्नी खान’ और पुलिस पर योजनाबद्ध पथराव
तथाकथित NEET अभ्यर्थी बनकर चंडीगढ़ से जंतर-मंतर पहुंचे ‘फन्नी खान’ का वीडियो सामने आया था, जिसमें वह खुलेआम पुलिस पर हमले के लिए पत्थर दिखाता और लड़कों को जुटाने की बात करता नजर आया था। इसके तुरंत बाद उसने और उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों पर बर्बर पथराव किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इसे चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
ये है फन्नी खान, ☪️ चंडीगढ़ का एक तथाकथित NEET Aspirant जो जंतर मंतर पहुँचा था…….
इसने बोला था कि अपने साथ लड़के लेकर आया है और पत्थर दिखाकर कहा कि पुलिस पर हमला करेगा 🧐😨
कुछ देर बाद ये और इसके दोस्तों ने पुलिस पर पथराव किया 🪨
आज इसे चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर ट्रीटमेंट… pic.twitter.com/56DIvRj4yb
— अरुण कुमार सिंह (@Arunk750) July 30, 2026
मुंह पर कपड़े बांधकर पत्थरबाजी: छात्रों की आड़ में कौन थे उपद्रवी?
प्रदर्शन के दौरान सामने आए विजुअल्स में साफ़ देखा जा सकता है कि मुंह पर कपड़े बांधकर सटीक निशाने से पुलिस पर पत्थर फेंकने वालों को कुछ आम छात्र रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे नहीं रुके। सवाल यही है कि छात्रों के आंदोलन में यह प्रशिक्षित पत्थरबाज़ कौन थे? जंतर-मंतर के आयोजक और विपक्षी नेता इस सवाल पर पूरी तरह मौन हैं।
मुंह पर कपड़े बांधकर पत्थर फेंकने वाले लड़कों को कुछ पढ़ने वाले छात्र रोक रहे हैं
मगर जो रुक नहीं रहे, जो सटीक निशाने पर पत्थर फेंक रहे हैं..वो कौन हैं?
इन सवालों पर जंतर मंतर मौन है! pic.twitter.com/0XpCsfDVEx
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) July 25, 2026
पुलिसकर्मियों पर बर्बर हमला और जानलेवा हिंसा
जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध का दावा करने वालों की सच्चाई उस वक्त उजागर हो गई जब उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर प्राणघातक हमला किया। इस बर्बरता के विजुअल साफ दर्शाते हैं कि भीड़ का मकसद केवल हिंसा फैलाना और कानून-व्यवस्था को ध्वस्त करना था।
— N. M. RAJPUT (@BhartyNaveen) July 30, 2026
पाकिस्तान और बांग्लादेश के एजेंडे पर ‘मोदी हटाओ’ का उपद्रव
जंतर-मंतर पर एक संदिग्ध व्यक्ति का वीडियो वायरल हुआ जो पाकिस्तान और कश्मीर के रास्ते दिल्ली पहुंचने का दावा कर रहा था और खुलेआम देश के प्रधानमंत्री को हटाने की बातें कह रहा था। प्रदर्शन स्थल पर पाकिस्तान और बांग्लादेश से रसद आने और देश विरोधी अराजकता फैलाने के इस इनपुट ने साबित कर दिया कि यह विरोध विशुद्ध रूप से देश विरोधी ताकतों द्वारा संचालित था।
ये पाकिस्तान से कैसे आया और जंतर मंतर पहुँच गया… मोदीजी को भगाने की बात कर रहा…. इस पाकिस्तानी को अरेस्ट करे…. पाकिस्तान, बाग्लादेश से खाना भी आ रहा.. जंतर मंतर पर आंदोलन के नाम पर उत्पाद मचा रहे…
सरकार को सख्त कार्यवाही करना चाहिए। @narendramodi @AmitShahOffice… pic.twitter.com/W7yKvj03YF— 💕AरुNA (राजगोर ब्राह्मण) हिन्दू 💕 🇮🇳 (@GorA013) July 22, 2026
छात्र आंदोलन या देश विरोधी गिरोह का अड्डा?
राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल जैसे नेता जिस आंदोलन की पैरवी में दिन-रात एक किए हुए थे, वह वास्तव में भारत विरोधी गिरोहों का जमावड़ा बन चुका था। विरोध प्रदर्शनों का इस्तेमाल देश की चुनी हुई सरकार के खिलाफ माहौल खराब करने और माहौल बिगाड़ने के लिए किया जा रहा था।
जंतर मंतर पर छात्र नहीं देश विरोधी गिरोह का जमावड़ा था ये इस वीडियो को देखने के बाद आप समझ जाएंगे …
राहुल, अखिलेश, केजरीवाल इतने मुखर होकर जंतर मंतर आंदोलन का क्यों समर्थन कर रहे थे आप लोग समझ ही गए होंगे ?? pic.twitter.com/ZzXJsUmBlV
— Yogi Devnath 🇮🇳 (@MYogiDevnath) August 2, 2026
शाहीन बाग और कश्मीर जैसा दमन का झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश
जंतर-मंतर से सामने आए बातचीत के अंशों में कुछ तत्व कश्मीर, शाहीन बाग, जामिया और उमर खालिद के मामलों को जोड़कर देश में असंतोष भड़काने की बात करते दिखे। समाज को ‘देशद्रोही’ कहे जाने का पीड़ित कार्ड खेलकर युवाओं को हिंसा और राज्य के खिलाफ उकसाने का कुत्सित प्रयास किया गया।
📍 जंतर-मंतर, दिल्ली
एक महिला ने जंतर-मंतर पर बातचीत के दौरान कहा कि जिस तरह कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों को लंबे समय तक नज़रअंदाज़ किया गया, उसी तरह समाज के एक वर्ग को लगातार “देशद्रोही”, “एंटी-नेशनल” और “पाकिस्तानी” कहकर निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा कि आज वही दमन दिल्ली… pic.twitter.com/666673yyMp
— Muslim Voice Cell (@MuslimVoiceCell) July 25, 2026
उग्र वामपंथी और हिंदू-विरोधी तत्वों का जमावड़ा
छात्रों की आड़ में शुरू हुए इस प्रदर्शन में उमर खालिद, शरजील इमाम की रिहाई के नारे, वक्फ एक्ट का विरोध, कश्मीर की ‘आजादी’ के पोस्टर, अरुंधति रॉय और मुख्तार अंसारी के परिवार से जुड़े लोग और प्रकाश राज जैसे चेहरे दिखाई दिए। हर बार की तरह, सरकार विरोधी यह प्रदर्शन अंततः भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी एजेंडे पर जाकर खत्म हुआ।
उमर ख़ालिद और शर्जील इमाम की रिहाई, वक़्फ़ एक्ट के खिलाफ़ नारे, कश्मीर की “आज़ादी” की माँग और पाकिस्तान के झंडे, अरुंधति राय और मुख़्तार अंसारी के परिवार की महिलाओं के बाद अब जंतर मंतर पर प्रकाश राज का आगमन
सरकार विरोधी हर प्रदर्शन हिंदू विरोध तक क्यों सिमट जाता है pic.twitter.com/cLclbH6XUG
— ANUPAM MISHRA (@scribe9104) July 12, 2026
पैसों के दम पर भीड़: एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी का चौंकाने वाला खुलासा
अभिनेत्री आकांक्षा पुरी ने खुलासा किया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और एक्टर्स को छात्रों के नाम पर हो रहे इन प्रदर्शनों और रैलियों में शामिल होने के लिए राजनीतिक पार्टियों से मोटी रकम के ऑफर मिल रहे थे। एक अन्य इन्फ्लुएंसर ने भी 40 हजार रुपये में दो रील बनाकर इस पॉलिटिकल कैंपेन का हिस्सा बनने के ऑफर की पुष्टि की थी, जिससे साफ है कि यह आंदोलन पैसों के दम पर खड़ा किया गया एक प्रायोजित पीआर स्टंट था।
एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और एक्टर्स को छात्रों के प्रदर्शन और रैलियों में जाने के लिए मोटी रकम मिल रही है। उन्हें भी कई राजनीतिक पार्टियों ने अप्रोच किया है।
उन्होंने कहा कि वह इस कूड़े का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं। एक… pic.twitter.com/jjbSCd3nxW
— Prashant Umrao (@ippatel) July 24, 2026
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर घुसा बेल पर छूटा शातिर अपराधी
जंतर-मंतर पर उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को सिपाही बताने वाला व्यक्ति असल में आपराधिक पृष्ठभूमि का निकला। आरोपी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा रहा है और जमीन कब्जाने व अन्य गंभीर मामलों में जेल जा चुका था तथा वर्तमान में बेल पर बाहर था। आंदोलनों में नकली पुलिसकर्मी बनकर घुसपैठ करने और अराजकता फैलाने की इस साजिश का समय रहते भंडाफोड़ हो गया।
वेंचो देश में अलग ही लेवल के स्कैम चल रहे हैं 😂🤣😂
आज दिल्ली में जंतर मंतर प्रोटेस्ट में तिलचट्टा के मंच पर पुलिस की वर्दी में एक आदमी पहुंचता है और वो कहता है कि मैं उत्तराखंड पुलिस का सिपाही हूँ और आज नौकरी छोड़कर आप लोगों को सपोर्ट करने पहुंचा हूँ 🤣😂
उसकी इस बात पर सामने… pic.twitter.com/QVTrrXRInN— ocean jain (@ocjain4) July 25, 2026
जंतर-मंतर पर 2,873 खूंखार अपराधियों की मौजूदगी का खुलासा
दिल्ली पुलिस ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से खुलासा किया है कि 20 से 25 जुलाई के दौरान जंतर-मंतर धरना स्थल पर 2,873 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग सक्रिय रूप से घूम रहे थे। इनमें 101 हत्या, 62 हत्या के प्रयास, 61 बलात्कार, 6 पॉक्सो (POCSO), 284 डकैती और 229 आर्म्स एक्ट के गंभीर आरोपी शामिल थे। यदि पुलिस समय रहते सख्त कदम न उठाती तो ये खूंखार अपराधी भोले-भाले छात्रों का इस्तेमाल कर किसी बड़ी अनहोनी को अंजाम दे सकते थे।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी की प्रोटेस्ट साइट में एक्टिव रहे करीब 2873 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान करने का दावा किया है!
प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच के बीच पुलिस ने बताया कि 20 से 25 जुलाई तक कुल 2,873 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग वहां मौजूद… pic.twitter.com/oQtmJBkxE3
— Saurabh Srivastava (@Saurabh37244583) July 29, 2026
नेपाल जैसा तख्तापलट करने की धमकी देने वाला पाकिस्तानी एजेंट
जंतर-मंतर से एक और चौंकाने वाला वीडियो सामने आया जिसमें पोखरा (नेपाल) का रहने वाला एक व्यक्ति भारत में नेताओं और मंत्रियों पर हमला करने तथा नेपाल जैसी अराजकता फैलाने की बातें कर रहा था। यह स्पष्ट रूप से पाकिस्तान से मिले पैसों और उनके भारत-विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने की एक खतरनाक कोशिश थी।
.@DelhiPolice ये आदमी खुद को नेपाल, पोखरा का बता रहा है। यह जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहा है और कह रहा है कि जैसे नेपाल में प्रधानमंत्री और मंत्रियों को मार मार कर भगा दिया, वैसा ही भारत में भी होना चाहिए। pic.twitter.com/WOHJ9FspUR
— Ashok Shrivastav (@AshokShrivasta6) July 22, 2026
NEET के मंच से धारा 370 बहाली की मांग और पाकिस्तानी साजिश
NEET परीक्षा में सुधार के नाम पर शुरू हुए इस आंदोलन के मंच का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर के एक सांसद द्वारा अनुच्छेद 370 को दोबारा बहाल करने की मांग के लिए किया गया। NEET परीक्षा और धारा 370 का कोई संबंध न होने के बावजूद ऐसी मांगों का उठना यह साबित करता है कि इस पूरे ड्रामे की पटकथा पाकिस्तान में लिखी गई थी, जो 370 हटने के बाद से लगातार बौखलाया हुआ है।
🚨 चौंकाने वाला!
जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के मंच से जम्मू-कश्मीर के एक सांसद ने अनुच्छेद 370 बहाल करने की मांग की।
जो आंदोलन NEET पेपर लीक के विरोध के नाम पर शुरू हुआ था, अब उसके मंच से अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग उठ रही है।
अब इनका एजेंडा साफ़ है ये देश में नीट के… pic.twitter.com/dGiNXcaBFB
— ocean jain (@ocjain4) July 19, 2026









