Home समाचार पीएम मोदी के नशे-ड्रग्स के खिलाफ अभियान के साथ ही राजस्थान में...

पीएम मोदी के नशे-ड्रग्स के खिलाफ अभियान के साथ ही राजस्थान में पाक से आई 50 करोड़ की हेरोइन पर एक्शन

SHARE

एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करते हुए युवाओं से नशे के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया, तो दूसरी ओर राजस्थान पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई करीब 50 करोड़ रुपये की हेरोइन और हथियारों की बड़ी खेप जब्त कर यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि भारत अब नशे के सौदागरों और सीमा पार बैठे उनके आकाओं के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ रहा है। एक तरफ पीएम मोदी का समाज को नशामुक्त बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है, तो दूसरी तरफ नशे के पूरे तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का सख्त अभियान। पीएम ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश का युवा नशे की गिरफ्त से पूरी तरह मुक्त हो। इसी सोच के साथ उन्होंने 100 सप्ताह के ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की है। वहीं, इस संकल्प को जमीन पर मजबूती देने का काम सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।देशव्यापी नशा मुक्त युवा अभियान सौ सप्ताह तक चलाया जाएगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ का राष्ट्रीय शुभारंभ करते हुए देश के युवाओं का आह्वान किया कि विकसित भारत के निर्माण के लिए नशा मुक्त, स्वस्थ और आत्मविश्वास से भरपूर युवा शक्ति सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल किसी व्यक्ति या परिवार का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का अभियान है। देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों से एक करोड़ से अधिक युवाओं, संतों, सामाजिक संगठनों, राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता इस जनआंदोलन की ताकत को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को हर प्रकार के नशे और ड्रग्स से दूर रखना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने सभी युवाओं से इस अभियान का नेतृत्व करने और इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।नशा मुक्त युवाओं से विकसित भारत संकल्प को नई गति मिलेगी
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी और नशे से मुक्त होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रग्स युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और भविष्य को नष्ट कर देता है। इसलिए प्रत्येक युवा को इसके खतरों के प्रति जागरूक रहकर इससे दूर रहने का संकल्प लेना होगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष काशी में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी। वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आध्यात्मिक ऊर्जा और भारत की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित इस पहल को अब राष्ट्रीय स्वरूप मिल चुका है। उन्होंने कहा कि 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों, अनेक सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों ने ‘काशी डिक्लेरेशन’ के माध्यम से इस अभियान का रोडमैप तैयार किया है। पीएम ने कहा कि आज भारत के युवा स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, अंतरिक्ष और खेलों में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। लेकिन यदि कोई युवा नशे की गिरफ्त में आ जाता है तो उसके साथ पूरे परिवार के सपने टूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की शक्ति को भी कमजोर करता है। उन्होंने चेताया कि भारत विरोधी ताकतें भी ड्रग्स तस्करी के माध्यम से युवाओं को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचती हैं।50 करोड़ की हेरोइन, विदेशी पिस्टल-कारतूसों की बरामदगी
इस बीच रविवार को ही राजस्थान पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे नशे और हथियारों के नेटवर्क को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीकानेर के खाजूवाला क्षेत्र में की गई बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने करीब 10 किलो हेरोइन, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये आंकी गई है, के साथ 11 विदेशी पिस्टल, 100 कारतूस और कई मैगजीन बरामद कर पूरे नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। इस कार्रवाई में एक डिलीवरी मैन को गिरफ्तार किया गया है, जो यह खेप पंजाब तक पहुंचाने की तैयारी में था। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई सीमा पार बैठे तस्करों और उनके भारतीय नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक साबित होगी।

पाकिस्तान समर्थित तस्करी नेटवर्क की तोड़ी कमर
प्रारंभिक जांच के अनुसार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में हेरोइन और हथियार गिराए गए। इसके बाद स्थानीय नेटवर्क के जरिए इस खेप को पंजाब और अन्य राज्यों तक पहुंचाने की योजना थी। पुलिस को पहले से इनपुट मिलने के बाद खाजूवाला क्षेत्र में घेराबंदी की गई और डिलीवरी लेने पहुंचे आरोपी को दबोच लिया गया। कार्रवाई में बरामद करीब 10 किलो हेरोइन को अफगानिस्तान की उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बताया जा रहा है। इसके साथ तुर्की निर्मित दो जिगाना पिस्टल, विदेशी ग्लॉक और स्टार मार्क .30 बोर पिस्टल, 100 कारतूस तथा कई मैगजीन बरामद हुईं। इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की बरामदगी इस बात का संकेत है कि तस्करी का यह नेटवर्क केवल नशे तक सीमित नहीं था।

खुफिया सूचना, तकनीकी निगरानी और सटीक ऑपरेशन
राजस्थान पुलिस की यह सफलता अचानक नहीं मिली। अप्रैल महीने में नीलगाय से टकराकर घायल हुए एक स्कूटी सवार के पास से लगभग 14 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। उसी मामले की जांच के दौरान पुलिस लगातार साइबर सर्विलांस, तकनीकी निगरानी और स्थानीय नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थी। इसी जांच ने मौजूदा ऑपरेशन तक पुलिस को पहुंचाया। पुलिस ने ड्रोन गतिविधियों और संदिग्ध व्यक्तियों पर लगातार निगरानी रखी। खुफिया इनपुट मिलने के बाद विशेष टीमों ने इलाके में नाकाबंदी की। जैसे ही आरोपी खेप लेकर आगे बढ़ा, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस पूरी कार्रवाई में मानवीय खुफिया तंत्र (ह्यूमन इंटेलिजेंस) और तकनीकी निगरानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के बाद बढ़ी सख्ती
हाल के दिनों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीकानेर दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन तस्करी को रोकने को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा हुई थी। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सख्ती बढ़ाई। माना जा रहा है कि इसी रणनीति का परिणाम यह बड़ी सफलता है। यह कार्रवाई केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पाकिस्तान समर्थित ड्रोन तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है। राजस्थान पुलिस लगातार एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ नष्ट भी कर रही है। हाल ही में उदयपुर और दौसा सहित कई जिलों में बड़ी मात्रा में जब्त नशीले पदार्थों का विनष्टीकरण किया गया, जिससे राज्य के “नशा मुक्त राजस्थान” अभियान को नई मजबूती मिली है।

Leave a Reply