कांग्रेस सहित तमाम विपक्ष मानसून सत्र की शुरुआत से ही लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति की मांग को लेकर हंगामा कर रहा है। साथ ही उनसे 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई समेत अन्य मुद्दों पर जवाब की मांग कर रहा है। इसी बीच शुक्रवार (7 अगस्त,2026) को बड़ी सियासी हलचल देखी गई।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सीक्रेट मीटिंग्स ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है। कांग्रेस ने शुक्रवार 7 अगस्त को एक तीन लाइन का व्हिप जारी कर अपने सभी लोकसभा सांसदों को 10, 11 और 12 अगस्त को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य विपक्षी दल भी जल्द ही ऐसा कदम उठाएंगे।

अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच सीक्रेट मीटिंग
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कार्यालय में एक लंबी मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक ने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया। गृह मंत्री अमित शाह का स्पीकर के दफ्तर पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सरकार अब सदन के भीतर बने इस डेडलॉक को खत्म करने के लिए कोई ठोस रणनीति बना रही है। हालांकि, बैठक के बाद न तो गृह मंत्रालय की ओर से और न ही लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अमित शाह किसी बड़ी योजना पर काम कर रहे हैं।

अमित शाह बोलेंगे तो विपक्ष सदन से भागेगा- रिजिजू
शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बयान देकर विपक्ष को बड़ा संकेत दिया। उन्होंने राज्यसभा में बोलते हुए विपक्ष पर निशाना साधते हुए बड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह से लेकर देर रात तक सदन में ही रहते हैं। इनका (विपक्ष) नाटक नहीं होना चाहिए। कौन सा मंत्री कितने समय तक सदन में बोलेगा, ये अध्यक्ष जी के अनुमोदन से सदन तय करता है। ये विपक्ष की तरफ से तय नहीं किया जा सकता है कि कौन सा मंत्री कब तक बोलेगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोलेंगे तो इन्हें (विपक्ष) चुपचाप बैठकर सुनना पड़ेगा। जब ये लोग सुन नहीं पाएंगे और सदन से भागेंगे, तो इन्हें माफी मांगनी पड़ेगी कि इतने दिनों तक जो हंगामा हुआ, उस पर माफी मांगनी पड़ेगी।’
Raising slogans and creating ruckus has become a habit for the Opposition.
Even extremists & terrorists tremble at the mere mention of the Home Minister, Shri @AmitShah Ji. The day Home Minister delivers his statement in the House, the Opposition will have a tough time! pic.twitter.com/G7YI4FBvYW— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 7, 2026
जयशंकर और अमित शाह की मुलाकात के मायने
वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अमित शाह की मुलाकात को रणनीतिक समन्वय और अमेरिका सहित विदेशी बयानों पर कड़ा रुख अपनाने से जुड़ी है। इसे विदेश और खासकर अमेरिका में एफसीआरए में संशोधनों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम से जोड़ कर देखा जा रहा है। अमेरिकी सांसदों की आलोचना पर भारत ने इसे स्पष्ट रूप से देश का आंतरिक मामला बताया है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि भारत के विधाई मामले आंतरिक हैं और अमेरिका सहित कई देश विदेशी फंडों को नियंत्रित करते हैं। गौरतलब है कि एक अमेरिकी सांसद ने इसे ईसाइयों के खिलाफ बताते हुए भारत-अमेरिका संबंध खराब होने तक की धमकी दे दी थी। अब भारतीय मिशन विभिन्न देशों में भ्रम फैलाने की कोशिशों का तथ्यों के साथ जवाब देगा।

पेश हो सकता है FCRA संशोधन बिल, कांग्रेस ने जारी किया व्हिप
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री के बयान से संकेत मिला है कि 10 या 12 अगस्त को लोकसभा में FCRA संशोधन बिल पेश किया जा सकता है। चूंकि यह बिल गृह मंत्रालय से जुड़ा है, इसलिए विपक्ष को पूरी उम्मीद है कि इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद रहेंगे। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में शुक्रवार सुबह हुई एक अहम बैठक में कांग्रेस नेतृत्व ने अपने सहयोगी दलों को भी सलाह दी है कि वे सुनिश्चित करें कि सोमवार से उनके सभी सांसद सदन में अपनी पूरी ताकत के साथ मौजूद रहें।

सभी विपक्षी सांसदों को सोमवार से सदन में मौजूद रहने का निर्देश
समाजवादी पार्टी (SP) के एक वरिष्ठ सांसद ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी विपक्ष के सामूहिक एजेंडे का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा, “हम विपक्ष के साथ खड़े हैं और आगे भी रहेंगे। जरूरत पड़ी तो हम भी व्हिप जारी करेंगे, हालांकि हमारे सभी सांसद पहले से ही सदन में मौजूद हैं।” सपा नेता ने यह भी अंदेशा जताया कि सरकार अमित शाह की जगह गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को भी इस बिल पर चर्चा के लिए भेज सकती है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि उन्होंने भी अपने सभी सांसदों को सोमवार से सदन में मौजूद रहने के लिए कह दिया है। कुछ पार्टियां औपचारिक व्हिप जारी करती हैं, जबकि कुछ अनौपचारिक रूप से निर्देश देती हैं।

अमित भाई डरने वाले नहीं हैं- एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अमित शाह डरने वालों में से नहीं है। उन्होंने सिद्ध करके दिखाया है। इस देश में, कश्मीर में लाल चौक पर तिरंगा फहराने की हिम्मत कोई नहीं करता था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अमित भाई ने वो करके दिखाया। वहां गर्व से लोग तिरंगा फहराने का काम करते हैं। मोदी जी के नेतृ्त्व में अनुच्छेद 370 हटाने का काम अमित भाई ने किया। नक्सलवाद खत्म करने का काम किया है। देश का आतंकवाद खत्म करने का काम किया है। ये इस्तीफा मांगना पूरी तरह से राजनीति है। सिर्फ राजनीति हो रही है।
विपक्ष संसद को बहस का मंच नहीं, ड्रामा का मंच बना चुका है।
अमित शाह जी डरने वालों में नहीं, इतिहास रचने वालों में हैं।
अनुच्छेद 370 हटाकर, लाल चौक पर तिरंगा फहराकर और आतंक-नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार कर उन्होंने नया भारत गढ़ा।@mieknathshinde जी ने बिल्कुल सटीक बात कही है। 👏 pic.twitter.com/uXQ3GgwBmg— Sheetal 🇮🇳 🚩 (@Sheetal83879466) August 7, 2026
अमित शाह कोई मीटिंग करते हैं तो याद रखिए वो कच्चा काम नहीं करते- ओवैसी
इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने ईसाई संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात कर विधेयक को लेकर उनकी आशंकाओं को भी दूर करने का प्रयास किया। अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में, द्रमुक सांसद पी. विल्सन के नेतृत्व में ईसाई धर्मगुरुओं और प्रतिनिधियों के एक दल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह बैठक प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA Bill) के संबंध में हुई थी। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह अगर कोई मीटिंग करते हैं तो याद रखिए वो कच्चा काम नहीं करते हैं। खाली हवाई फायरिंग नहीं करते हैं। कुछ ना कुछ बराबर प्रोग्राम बनाकर कोई काम कर रहे हैं।









