झारखंड में विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर जिस तरह से लाठीचार्ज, पानी की बौछार और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया गया, वो छात्रों के खिलाफ हेमंत सरकार की बर्बरता की कहानी बयां कर रहा है। हेमंत सोरेन की बर्बर पुलिस ने रात के अंधेरे में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया। उन्हें दौड़ा-दौड़ा मारा। छात्रों का कहना है कि हम तो हक मांगने आए थे, हमने क्या गुनाह किया है। उनको ऐसा नहीं करना चाहिए था। राज्य की हेमंत सोरेन सरकार की तानाशाही और बर्बरता को देखते हुए आंदोलनकारी छात्र भी आर-पार के मूड में आ चुके हैं।
अंधेरा होते ही फिर से लाठीचार्ज। हेमंत सोरेन सरकार डरपोक है।
पुलिस कार्रवाई पर राहुल गांधी के पोस्ट के बाद झारखंड सरकार ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। ट्वीट के बाद फिर लाठीचार्ज, यह बताता है कि सरकार छात्रों की आवाज़ से कितनी डरी हुई है।
और इससे यह भी साफ़ है कि राहुल… pic.twitter.com/34ElrtJu89
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 10, 2026
रांची में दिन में छात्रो पर लाठीचार्ज , आँसू गैस के गोले।
अब रात के अंधेरे में भी छात्रो पर लाठीचार्ज हो रहा है 😡
ये है इनका संविधान – ये परिवार की राजनीति बचाने की खातिर किसी भी हद तक जा सकते है। pic.twitter.com/q43hOWRt4U
— Baliyan (@Baliyan_x) August 10, 2026
CBI जाँच की माँग की, इसका जवाब लाठियों से दे रहे हैं- रवींद्र पासवान, छात्र नेता
झारखण्ड के छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, “सरकार की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। इसके विपरीत, प्रशासन हमें यहाँ (विधानसभा) से हटाने की कोशिश कर रहा है। यह किस तरह का लोकतंत्र है? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तानाशाही न दिखाएं। युवा ही आपको सत्ता में लाए थे और युवा ही आपको सत्ता से बाहर करेंगे। हम यहाँ एक संकल्प लेने आए हैं। हमने क्या किया है? हमने सिर्फ सीबीआई (CBI) जाँच की माँग की है। और अब आप इसका जवाब लाठियों से दे रहे हैं? यह नहीं चलेगा। यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार के दावों की पोल आज खुल रही है। एसपी (SP) ने हमसे शांतिपूर्वक बैठने को कहा था, लेकिन अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। छात्रों ने दिनभर से कुछ खाया नहीं है। वे अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। क्या आप उन पर लाठियाँ चलाएंगे?”
VIDEO | Jharkhand Students’ Protest: Student leader Ravindra Paswan says, “There has been no response from the government. On the contrary, the administration is trying to remove us from here (Vidhan Sabha). What kind of democracy is this? Chief Minister Hemant Soren, don’t be a… pic.twitter.com/rILmqdbJMn
— Press Trust of India (@PTI_News) August 10, 2026
झारखंड विधानसभा के गेट नंबर-1 पर डटे छात्र
झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र चल रहा है। सत्र के तीसरे दिन छात्रों ने विधानसभा के गेट नंबर-1 के अपना डेरा डाल दिया। इसी गेट से मुख्यमंत्री, मंत्री सहित विधायक विधानसभा में प्रवेश करते हैं। इस गेट पर सैकड़ों की संख्या में छात्र नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वो यहां से नहीं हटेंगे। छात्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
लाठीचार्ज, टियर गैस के बावजूद विधानसभा के गेट के सामने डटे रहे छात्र, आगे क्या होगा? @HemantSorenJMM #jpsc #jharkhandprotest #hemantsoren pic.twitter.com/hrEkn1VuI3
— zingabad (@zingabad) August 10, 2026
झारखंड विधानसभा परिसर में घुसे छात्र
रांची में छात्र अब विधानसभा परिसर में घुस चुके हैं। छात्र सैकड़ों की संख्या में नजर आ रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारी तो सड़क पर ही लेट गए। यानी छात्र परिसर में ही धरने पर बैठ गए। इसी दौरान डुमरी से निर्दलीय विधायक जयराम महतो विधानसभा से निकलकर छात्रों के बीच पहुंचे और कहा कि वे छात्रों के साथ हैं और उनकी आवाज विधानसभा के अंदर और सड़क पर भी उठाएंगे। छात्रों बढ़ती संख्या को देखकर विधानसभा परिसर खाली करने का आदेश दिया गया। विधानसभा की सुरक्षा में 7 बैरिकेडिंग लगाए गए थे। इनमें से अब तक 6 तोड़ी जा चुकी थीं और 7वीं और आखिरी बैरिकेडिंग बाकी है।
कभी सोचा नहीं था ऐसा भी देखने मिलेगा
झारखंड विधानसभा भवन से कुछ फिट की दूरी पर ये माहौल है। शाम 5 बजे लगभग 10 हजार लोग परिसर में मौजूद हैं।
आज भी विधानसभा का सत्र था, और दो दिन का सत्र बाकी है।
छात्र अड़ गए हैं कि जब तक बात मानी नहीं जाती घर नहीं जाएंगे, अब देखना होगा हेमंत… pic.twitter.com/UfrpVg2omu
— Abhishek S Nandan (@abhisheksnandan) August 10, 2026
अगल-अलग दिशाओं से आ रहे छात्र
बताया जा रहा है कि छात्र अलग-अलग दिशाओं से विधानसभा परिसर की ओर पहुंचने की कोशिश करते दिखे। इसको देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। रांची पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए विधानसभा के बाहर बैरिकेडिंग लगा रखी थी। इसी वजह से छात्रों ने खेत के रास्ते जाकर विधानसभा घेर लिया। विधानसभा के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है और प्रवेश के सभी रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से परिसर को खाली कराने का फैसला छात्रों के बढ़ते प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए लिया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर झारखंड विधानसभा परिसर तक पहुंच बनाई।
राहुल गांधी की सरकार गोले बरसा डंडे चला भी इनको रोक नहीं पाई। pic.twitter.com/HhD3LcajyQ
— ocean jain (@ocjain4) August 10, 2026
हम तो हक मांगने आए थे,हमें लाठी और आंसू गैस के गोले मिले- छात्रा
प्रदर्शन से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि वे यहीं पले-बढ़े हैं और झारखंड के आंदोलन में भी शामिल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विद्यार्थियों के हक की बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहायक शिक्षक के लिए उनसे चार परीक्षाएं ली गई थीं। चारों परीक्षाएं पास करने के बाद जेएसएससी कार्यालय में उनके प्रमाणपत्रों की जांच हुई, जिसमें सब कुछ सही पाया गया। इसके बाद उन्हें दूसरे जिले में भेजा गया, लेकिन अभी तक उनकी जॉइनिंग नहीं हुई है। छात्र ने कहा, ‘हम लोग भगवान बिरसा मुंडा के वंशज हैं। जब वह झारखंड के लिए लड़ सकते हैं, तो हम लोग भी लड़ सकते हैं।’ आंसू गैस के गोला लगने से परेशान एक छात्रा ने कहा कि हम तो हक मांगने आए थे, हमने क्या गुनाह किया है। हम पर आंसू गैस के गोले क्यों बरसाए गए।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ की गई यह बर्बरता अत्यंत शर्मनाक है।
झारखंड के छात्र कोई राजनीतिक मांग नहीं कर रहे हैं। वे केवल राज्य की परीक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं एवं घोटाले के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे… pic.twitter.com/pe17r9jeuP
— Sambit Patra (@sambitswaraj) August 10, 2026
17 वें दिन खुली राहुल गांधी की नींद, घड़ियाली आंसू बहाने के बाद छात्रों पर लाठीचार्ज
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की 17 वें दिन नींद खुल गई है। हालात बिगड़ता देख राहुल गांधी अब झारखंड सरकार के बचाव में उतर आए है। लेकिन उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस और उनके सोशल मीडिया में घड़ियाली आंसू बहाने के बाद हेमंत सोरेन की सरकार छात्रों पर टूट पड़ी। उन्हें बेरहमी से पीटा गया। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और सरकार को उनकी बात सुनकर तुरंत समाधान निकालना चाहिए। लेकिन उनकी ही सरकार उनकी बात नहीं मान रही है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का प्रयोग पूरी तरह गलत है। उन्होंने जोर दिया कि छात्रों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का पूरा हक है और केवल बातचीत के जरिए ही इसका हल निकल सकता है। कांग्रेस नेता ने झारखंड सरकार से अपील की है कि वह आगे आकर छात्रों की समस्याओं को सुने और उनकी मांगों का तुरंत समाधान करे।
झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है।
छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।
झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
The use of force against students…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 10, 2026









