कॉकरोच जनता पार्टी के फर्जी छात्र आंदोलन पर से अब पर्दा उठ रहा है। रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस आंदोलन की शुरुआत से ही आशंका व्यक्त की जा रही थी कि इसके पीछे बड़ी ताकतें काम कर रही हैं, जो फंडिंग कर नीट छात्रों के नाम पर फर्जी आंदोलन चला रही है। अब ये आशंका पूरी तरह सच साबित हो रही है, क्योंकि इसके प्रमाण भी सामने आने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जेन जी यानी Generation Z को भड़काने के लिए तीन प्राइवेट कंपनियों के साथ-साथ 100 से अधिक यूट्यूबर को पैसे देकर उनकी सेवाएं ली गई थीं। अब दिल्ली पुलिस उनकी गतिविधियों की जांच कर रही है। वहीं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने आरोप लगाया है कि अभिजीत दीपके ने पैसे देकर बॉलीवुड से भी सेलिब्रिटीज को जंतर-मंतर पर बुलाया था।

अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। फैजान ने कहा,”मैं आज मुंबई से दिल्ली डीसीपी के पास कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की लिखित शिकायत करने आया हूं। दीपके अपने निजी हितों के लिए यह सब कर रहे हैं। मेरे ऊपर अभिजीत दीपके के लोगों ने हमला किया था। पुणे में मेरे ऊपर अटैक हुआ, औरंगाबाद में मेरे ऊपर अटैक हुआ। पहले से ही दो केस उसके खिलाफ फाइल हैं। अभिजीत दीपके एक पाकिस्तानी एजेंट है। उमर खालिद का समर्थक है, जिसने कहा था, ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे।’
बड़ी खबर 🚨
फ़ैज़ान अंसारी ने अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।फ़ैज़ान अंसारी का आरोप है कि – “बॉलीवुड के कई सेलेब्रिटीज़ को CJP के समर्थन के लिए कथित तौर पर रकम दी गई थी। मैंने दिल्ली पुलिस से इस मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।”
उन्होंने आगे… pic.twitter.com/LPD5FKmegl
— ocean jain (@ocjain4) August 4, 2026
दीपके का उमर खालिद के ट्रायल को लेकर बयान,फैजान के दावे की पुष्टि
फैजान अंसारी ने दावा किया है कि दीपके उमर खालिद का समर्थक है, तो खुद अभिजीत दीपके ने इस दावे की पुष्टि कर दी है। दीपके ने खुद अपने चेहरे पर से नकाब उतारकर फेंक दिया है। उसने उमर खालिद के समर्थन में कहा, “मुझे लगता है कि उनकी हियरिंग होनी चाहिए। उनका ट्रायल होना चाहिए। ट्रायल नहीं हो रहा है…हियरिंग नहीं हो रही है तो कहीं न कहीं लीगल प्रोसीडिंग्स है, उसे नहीं रोका जाए। लीगल प्रोसीडिंग्स हो जानी चाहिए।” उमर खालिद को लेकर अभिजीत दीपके की यह चिंता बता रही है कि इसके पीछे कौन-कौन सी ताकतें काम कर रही हैं। कुछ लोगों का दावा है कि जो ताकतें शाहीनबाग के प्रदर्शन के पीछे थीं, वहीं ताकतें अभिजीत दीपके को भी फंडिंग कर रही हैं।
दंगाई उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में अभिजीत दीपके खुलकर सामने आ गया है।
देश के गद्दारों की खुलकर यह मुखालफत कर रहा है❗
यह चाहता है कि देश में आंतकवादीयों को स्वतंत्रता मिले❗
आम नागरिक असुरक्षित रहे रोज बम धमाके होते रहे। ❗
इस मूर्ख को इतना तो पता होना चाहिए कि उनकी… pic.twitter.com/XAcNUfUhYt— 𝘼𝙙𝙫 𝙨𝙖𝙣𝙟𝙖𝙮 𝙨 𝙂𝙪𝙥𝙩𝙖(𝙨𝙠) (@Adv_SanjayGupta) August 5, 2026
CJP के मंच पर दीपके के सामने उमर खालिद के पक्ष में बयान
कॉकरोच जनता पार्टी के धरना स्थल जंतर-मंतर पर उमर खालिद के समर्थन में बयान दिए गए। मणिशंकर अय्यर ने अभिजीत दीपके के साथ खड़ा होकर सीजेपी के मंच से कहा था हम अपनी आवाज उठाएं तो हमारा क्या होगा। अगला हमारा पता तिहाड़ जेल होगा या क्या होगा। हमने उमर खालिद को देख लिया है। हमने शरजील इमाम को देख लिया है। पांच-छह-सात साल से वो जेल में बंद है।
आज CJP के मंच से मणि शंकर अय्यर ने उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में बयान दिया। अभिजीत दीपके मंच पर उनके साथ खड़े रहे और इसका विरोध भी नहीं किया।#Cjpprotest #ManiShankarAiyar #AbhijeetDipke #UmarKhalid pic.twitter.com/ZZmET1FeYM
— Know The Nation (@knowthenation) July 25, 2026
बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को पैसे देकर जंतर-मंतर बुलाया गया था- फैजान
फैजान अंसारी ने दावा किया कि अभिजीत दीपके और उसके संगठन ने तथाकथित आंदोलन के प्रचार-प्रसार के लिए बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को पैसे देकर जंतर-मंतर बुलाया था। जंतर-मंतर पर आने के लिए उर्फी जावेद ने 1 लाख रुपए लिए थे और पूनम पांडे ने 20 हजार रुपए लिए थे। फैजान अंसारी ने कहा, “मैं यह चाहता हूं कि उमर खालिद की तरह अभिजीत दीपके को भी जेल होनी चाहिए। आप प्लीज तुरंत एफआईआर करके इसे जेल भेजो। अभिजीत दीपके देश का माहौल बिगाड़ रहा है और अगर इसे नहीं रोका गया, तो यह भारत में दंगे-फसाद भी करवा देगा।”
जन्तर मन्तर पर पैसा देकर लोगों को बुलाया गया?
फैजान अंसारी नामक व्यक्ति डिटेल्स समेत पहुँचा!
आखिर इसकी फंडिंग आयी कहाँ से?
— Sudhir Mishra 🇮🇳 (@Sudhir_mish) August 4, 2026
झारखंड छात्र आंदोलन पर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज की चुप्पी से मिले सबूत
फैजान अंसारी का दावा कितना सच है, यह तो पुलिस जांच से पता चलेगा, लेकिन झारखंड छात्र आंदोलन पर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज की चुप्पी से इस दावे को बल मिलता है। बॉलीवुड सेलिब्रिटीज कॉकरोच जनता पार्टी के फर्जी आंदोलन को पूरा समर्थन दे रही थीं। कोई जंतर-मंतर पर पहुंच कर समर्थन दे रहा था, तो कोई सोशल मीडिया में रील बनाकर उनकी आवाज बुलंद कर रहा था। लेकिन झारखंड JPSC विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए एक हफ़्ते से ज़्यादा हो गया है, लेकिन इनमें से एक भी बॉलीवुड सेलिब्रिटीज बोलने के लिए आगे नहीं आया है। उन्हें झारखंड के छात्र दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्हें लगता है कि झारखंड भारत में नहीं है। उनकी चुप्पी बता रही है कि उन्हें सीजेपी के समर्थन में बोलने के लिए पैसे दिए गए थे।
ये 18 बॉलीवुड सेलेब्स CJP के समर्थन में रोज़ सोशल मीडिया पर आते थे और रोते-बिलखते थे कि छात्रों को न्याय क्यों नहीं मिल रहा है। झारखंड JPSC विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए एक हफ़्ते से ज़्यादा हो गया है, लेकिन इनमें से एक भी सेलेब बोलने के लिए आगे नहीं आया है। ऐसा लगता है जैसे झारखंड के… pic.twitter.com/BgvCiAtPuD
— Kamal Narayan Mishra 🚩🕉️🚩 (@Jai_Shree_Ram_G) August 3, 2026
पालतू पत्रकार रवीश कुमार ने खोले राज, फैजान अंसारी के दावे की पुष्टि
पालतू पत्रकार रवीश कुमार द्वारा झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC/JSSC) में धांधली और पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर जो टिप्पणी की है, वो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडिया में रवीश कुमार ने जो कहा है, वो फैजान अंसारी के दावे की पुष्टि करता है। उन्होंने अपने डिजिटल शो में इस छात्र आंदोलन और व्यवस्था की कमियों पर बात की। रवीश कुमार ने कहा, हम यूट्यूबर सारी परीक्षाओं के मामले को, आंदोलन को, हर राज्य में कवर नहीं कर सकते हैं। मैं ये बात आज से नहीं कई साल से अपने वीडियो में कहते आ रहा हूं। फेसबुक पर कई बार लिखा है। और परीक्षा को लेकर जब छात्र संदेश भेजते हैं, उन्हें भी व्यक्तिगत रुप से लिखा है।”
रवीश जी, क्या ग़ज़ा को वहाँ जाकर कवर किया था? जंतर-मंतर गए थे? आप महाभारत के उस ‘समय’ की तरह शाम को अवतरित होते हैं और अपना भाषण देते हैं।
इस कारण झारखंड का आंदोलन कवर क्यों नहीं कर सकते? कीपैड काम नहीं कर रहा या टेलीप्रॉम्प्टर? pic.twitter.com/TZDAWW8MH7
— Kumar Shyam (@thekumarshyam) August 4, 2026
रवीश कुमार को झारखंड के छात्रों पर बोलने के लिए सरकार से पैसे चाहिए
रवीश कुमार ने अपनी और सीजेपी के फर्जी आंदोलन की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार को एक काम तुरंत करना चाहिए, गंभीरता से आज ही करना चाहिए। सारा पैसा हम सब यूट्यूबर को देना चाहिए।” रवीश कुमार ने आगे कहा, “इतनी परीक्षाओं में धांधली की खबरें उस वक्त भी आती थीं और आज भी आती हैं। तब भी और मुझे आज भी कहना पड़ता है कि मैं सभी परीक्षाओं के आंदोलन को कवर नहीं कर सकता, मुझसे संपर्क नहीं कीजिए। ऐसा कौन कहता है, क्योंकि किया ही नहीं जा सकता। यह समस्या इतनी विकराल है।”
पहली बार रवीश कुमार ने ईमानदारी से स्वीकार कर लिया कि वह एक ही परिवार और वामपंथियों का पालतु पिल्ला है और जो केवल सिर्फ और सिर्फ भाजपा शासित राज्यों के मामले ही कवर कर सकता हैं ।
वह कांग्रेस और विपक्ष शासित राज्यों पर कवर नहीं कर सकता है।
क्योंकि, कोई भी कुत्ता अपने मालिकों के… pic.twitter.com/o2jJ1CYcLH— 𝘼𝙙𝙫 𝙨𝙖𝙣𝙟𝙖𝙮 𝙨 𝙂𝙪𝙥𝙩𝙖(𝙨𝙠) (@Adv_SanjayGupta) August 5, 2026
पीएम मोदी को गाली देने और उनकी छवि खराब करने के लिए पैसों का ऑफर
एक पत्रकार और यूट्यूबर सुमीत मेहता ने खुलासा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी की छवि खराब करने के लिए एक व्यक्ति ने मुझे पैसों का ऑफर दिया था। उसने कहा कि क्या आप पैसा कमाना चाहते हैं, तो मैंने बोला कि क्या करना है? उसने बोला कि मोदी जी को गाली देनी है। मैंने सीधा पूछा कि कितना पैसा देने वाले हो, तो उसने बोला कि पहले टोकन मनी एक लाख रुपये मिलेंगे। उसके बाद कैसे मुद्दे उठाते हो, वो कितना वायरल होता है, कितना संसनीखेज होता है, कितना शेयर किया जाता है, उस पर बोनस का फैसला किया जाएगा। मोदी जी को अटैक करना है। उनका करिश्मा खत्म करना है। उसके लिए पैसे मिलेंगे। सुमीत मेहता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने के लिए ऐसे लोगों को ऑफर दे रहे हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना और समर्थन करते आ रहे हैं। पूरा एक गेम चल रहा है। इसके लिए काफी पैसा आया है और काफी पैसा आने वाला है। 2029 के चुनाव को लेकर तैयारियां चल रही हैं। इसके तहत सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी की छवि और उनके करिश्मे को खत्म करना है, ताकि चुनाव में नरेन्द्र मोदी के नाम पर बीजेपी को वोट नहीं मिले।
मोदी समर्थक
आप सतर्क रहें
संगठित रहें
सुरक्षित रहें
शेयर करते रहें
जन जागृति जरुरी है pic.twitter.com/wjo68kNGIs
— सरिता नेगी (🕉)🚩जय श्री राम🚩🕉🇮🇳 (@SaritaNegi19) August 4, 2026
एब्रिको फ्रेट कंपनी के मालिक शाजी निलंबुर पर फंडिंग का आरोप
दुबई के मलयाली व्यवसायी और एब्रिको फ्रेट कंपनी के मालिक शाजी निलंबुर द्वारा अपने 23 कर्मचारियों का पूरा खर्च उठाकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भेजने का मामला सामने आया है। इरशाद, अनफस और टोयो के नेतृत्व में आए 23 कर्मचारियों के हवाई टिकट, रहने-खाने और दैनिक भत्तों का पूरा खर्च कंपनी द्वारा उठाया गया। इस खुलासे के बाद राजनीतिक हलकों में विरोध प्रदर्शन के पीछे विदेशी फंडिंग और एक बड़ी साजिश होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर इन लोगों के पहुंचने और कथित ‘जीत’ का जश्न मनाने के वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया। इससे स्पष्ट है कि फर्जी आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतों की सुनियोजित फंडिंग थी।
CJP के द्वारा जंतरमंतर पर किये गये प्रोटेस्ट में नये खुलासे हो रहे हैं।
दुबई से एक कंपनी ने अपने 23 एम्प्लोइज़ को जंतरमंतर जाने के लिए स्पॉन्सर किया गया।
क्यों?
और ये भी सामने आया है कि सीजेपी प्रोटेस्ट का नैरेटिव बनाने के लिए 180 से भी ज्य़ादा इन्फ्लुअन्सर्स को पैसा दिया… pic.twitter.com/fKwQGegEC6
— Vipin patel 🚩 (@VVipinpatel) August 5, 2026
3 डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों और 180 यूट्यूबर्स को दिए गए पैसे
दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों के रडार पर 3 डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों के साथ 100 से अधिक यूट्यूबर आए हैं, जिन्हें सीजेपी प्रदर्शन के सनसनीखेज वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के एवज में पैसे दिए जाने की आशंका है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उन संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं जो इन तीन प्राइवेट डिजिटल कंपनियों और 100 से ज्यादा छोटे-बड़े यूट्यूबर के बीच हुए हैं।एजेंसियों द्वारा इन सभी चैनल्स के आईपी एड्रेस, वित्तीय खातों और कंपनियों के साथ संपर्कों की गहन पड़ताल की जा रही है।
🚨 बड़ा खुलासा! दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर हिंसा की जांच का दायरा बढ़ाया।
प्रमुख यूट्यूबर्स, इंफ़्लुएंसर्स और 3 डिजिटल मार्केटिंग फर्मों पर नजर,
जिन्होंने पोस्ट्स और लाइवस्ट्रीम्स के जरिए भड़काऊ कंटेंट, अफवाहें फैलाकर हिंसा भड़काने का काम किया pic.twitter.com/eLDGua3KrT
— Manoj Singh (@PracticalSpy) August 2, 2026
मुंबई की इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसी और उसके नेटकवर्क की हो रही जांच
डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों ने सीजेपी प्रदर्शन के दौरान उससे जुड़े वीडियो और कंटेंट को पीआर स्ट्रेटेजी के तहत खास समय पर सोशल मीडिया पर अपलोड और एल्गोरिदम को मैनिपुलेट करके बड़े पैमाने पर एम्पलीफाई (प्रचारित) किया। इसलिए इस मसले की बारीकी से जांच की जा रही है। इस केस के तार अब देश की व्यावसायिक राजधानी मुंबई से भी जुड़ गए हैं। जांच एजेंसियां मुंबई स्थित प्रमुख इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसी बार्ककोड एंटरटेनमेंट (Barcode Entertainment) के ठिकानों पर विदेशी फंडिंग और जंतर-मंतर के प्रदर्शन (CJP एजेंडा) से जुड़े वायरल वीडियो के जरिए माहौल को उग्र बनाने के आरोपों की बारीकी से जांच कर रही हैं। बारकोड (Barcode) के संस्थापक और सीईओ राहुल खन्ना हैं, जिन्होंने बारकोड की स्थापना 2019 में की थी। यह कंपनी इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, कंटेंट मार्केटिंग और टैलेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करती है।

इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसी और क्रिएटर नेटवर्क के फंडिंग नेटवर्क की जांच जारी
दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों की पुलिस सीजेपी प्रदर्शन से जुड़ी इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसी और उससे जुड़े क्रिएटर नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों को संदेह है कि कुछ इन्फ्लुएंसर्स को प्रदर्शन के प्रचार और भीड़ जुटाने के लिए सक्रिय किया गया था। यहां तक कि दिल्ली पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि सोशल मीडिया पर अभियान चलाने और कथित प्रचार के लिए धन कहां से आया। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और फंडिंग नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

प्रधानमंत्री मोदी की छवि खराब करने के लिए विदेशी कनेक्शन की भी जांच
सोशल मीडिया पर माफी मांगने वाली ज्यादातर लड़कियों ने खुलासा किया है कि उन्हें गाली देने के लिए भड़काया गया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद भीड़ ने एक खास मकसद से जेन जी यानी Generation Z का इस्तेमाल किया। उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलने के लिए माहौल तैयार किया। जांच अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या इन कंपनियों या इन्फ्लुएंसर नेटवर्क को देश का माहौल बिगाड़ने और प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी प्रकार की संदिग्ध विदेशी फंडिंग या विदेशी ताकतों से कोई कनेक्शन तो नहीं था। अब तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिरकार मसला क्या है। पुलिस देश की शांति व्यवस्था और शीर्ष पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाने वाले किसी भी डिजिटल सिंडिकेट को बख्शने के मूड में नहीं है।
एक और माफीनामा आ गया 🤪
थाने में रिपोर्ट दर्ज होते ही औकात पता चल गयी ,
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाली लड़की रुचिका सिंह का माफी मांगते हुए वीडियो सामने आया है। करीब 50 सेकेंड के इस वीडियो में रुचिका… https://t.co/6RAb11f7oI pic.twitter.com/sqvHzS7ctU— Indian🇮🇳 (@singh31919) July 31, 2026
पीएम मोदी के खिलाफ साजिश, फेसबुक के जुकरबर्ग को 3 दिन का अल्टीमेटम
प्रधानमंत्री मोदी की छवि खराब करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साजिश चल रही है। इस साजिश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक भी शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जुलाई को एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक को बड़ी समस्या बताया था। उन्होंने ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही थी। यह वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक से हटा दिया गया था। बाद में मेटा ने इसे फिर से फेसबुक पर डाल दिया। फेसबुक के इस दुस्साहस को सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाने के मामले में संसदीय समिति ने मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से 3 दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मेटा को भारत में मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और कुछ छूट वापस लेने पर विचार किया जा सकता है। इसके बाद कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
संसदीय IT समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT मंत्रालय और गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर मार्क जुकरबर्ग से 3 दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।
NEET पेपर लीक पर PM नरेंद्र मोदी के वीडियो को फेसबुक से करीब 5 घंटे हटाए जाने पर समिति ने इसे… pic.twitter.com/nCh06UJebG
— Anurag Chaddha (@AnuragChaddha) August 5, 2026









