कॉकरोच जनता पार्टी का संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक स्कूल का छात्र रहा है। इसलिए अभिजीत दीपके पर गुरु अरविंद केजरीवाल का स्पष्ट असर दिखाई दे रहा है। झूठ बोलने के मामले में अभिजीत दीपके अपने गुरु केजरीवाल से भी आगे निकल गया है। संसद मार्च प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच बातचीत हुई। कॉकरोच जनता पार्टी के सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर अभिजीत दीपके झूठ बोलते पकड़े गए हैं।

अभिजीत दीपके का झूठ- बुलाकर मोबाइल जब्त कर लिए
अभिजीत दीपके ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार ने हमारे साथ टाइम वेस्ट किया। सरकार ने हमें बुलाया…हमारे डेलिगेशन को बुलाया आओ बात करते हैं। आपके जो भी इश्यू है, जो भी डिमांड है। उस पर बात करेंगे उसका समाधान निकालेंगे। वहां पर बुलाकर उनके मोबाइल जब्त कर लिए। आशुतोष रांका और सौरभ दास को जेपी नड्डा के घर हाउस आरेस्ट कर लिया गया था। उन्हें निकलने नहीं दिया गया। पूरा प्लान ये था कि कैसे इनकी टीम को बिखराया जाए। मुझे यहां पर अकेला कर दिया जाए ताकि अफरा-तफरी मचेगी तो उसके लिए कोई सामने नहीं हो। पूरा प्लान किया है, हमारे सदस्यों में अफवाह फैल जाए। इसी लिए आशुतोष रांका और सौरभ दास को पांच घंटे तो जेपी नड्डा के घर पर बैठा कर रखा गया। टोटल टाइम वेस्ट किया गया।
#Watch | “Government wasted our time. Ashutosh Ranka and Saurav Das were made to sit at JP Nadda’s residence for five hours,” claimed CJP founder Abhijeet Dipke as he apologised to Cockroach Janta Party (CJP) supporters who were allegedly beaten by police during the protest.… pic.twitter.com/901BNLQE1A
— The Hindu (@the_hindu) July 21, 2026
तस्वीरों में मोबाइल हाथ में थामे दिखे सौरभ दास और आशुतोष रांका
अब आपको सौरभ दास और आशुतोष रांका के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की तस्वीर दिखा रहे हैं, जिसमें वो हाथ में मोबाइल लिए देखे जा सकते हैं। इस तस्वीर को खुद जेपी नड्डा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। अपने पोस्ट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, ‘आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से हमारी बातचीत चल रही है। बैठक अच्छे माहौल में हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती बातचीत विस्तार से हुई और शाम करीब 4 बजे उन्होंने मुझे एक लिखित ज्ञापन सौंपा। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और हालात सामान्य करने में प्रशासन की मदद करने का आग्रह किया है।’
आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है।
सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई।
मैंने… pic.twitter.com/HLCl20RBSp
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) July 20, 2026
जब मोबाइल जब्त था, तो सौरभ दास ने पोस्ट कैसे किया ?
सौरभ दास ने खुद ही इस मुलाकात के बारे में जानकारी दी। जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सौरभ दास ने कहा कि मंत्री ने हमें भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले पर सही स्तर पर बातचीत करेंगे। CJP के सौरभ दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से हुई मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, ”आशुतोष रांका और मैं दोपहर 12 बजे से केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के घर पर हैं। हमने अपनी मांगें उनके सामने रख दी हैं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफ़ा या उन्हें पद से हटाना शामिल है।” इस पोस्ट में सौरभ दास ने कहीं पर भी नहीं लिखा कि हमें जबरन रोका गया है। अब सवाल उठता है कि जब मोबाइल जब्त कर लिया गया था, तो उन्होंने यह पोस्ट कैसे किया ?
🚨#ImportantAnnouncement: @AshutoshRanka and I have been at J.P. Nadda’s residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.
The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… pic.twitter.com/vzLluczbkV
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
CJP की तरफ से बातचीत का दिया गया था प्रस्ताव
अभिजीत दीपके ने कहा कि मुलाकात के लिए सरकार की तरफ से प्रस्ताव आया था। लेकिन सच्चाई यह है कि CJP ने कैबिनेट मंत्री के साथ बातचीत की मांग की थी और उन मंत्रियों की एक सूची भी दी थी, जिनसे वह मिलना चाहती थी। लेकिन इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया। इसके बजाय CJP सदस्यों को जिला मजिस्ट्रेट, केंद्र सरकार के एक सचिव या राज्य मंत्री से मुलाकात का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद सरकार ने CJP से चर्चा के लिए स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा को जिम्मेदारी सौंपी।

CJP के प्रतिनिधियों से बातचीत में देरी क्यों हुई ?
पहली मुलाकात सुबह करीब 11.50 पर हुई, जब CJP के प्रतिनिधि जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे। जेपी नड्डा ने बात की और पूछा क्या मांग है। तब CJP के प्रतिनिधियों ने मांगों की लिस्ट बताई। तब जेपी नड्डा ने सवाल किया कि लिखित में मांग नहीं लाए? अपनी मांग लिखित में दीजिए। जिसके बाद दोनों प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को 4 बजे मांगों का लिखित ज्ञापन दिया। इससे पहले राज्य सभा के नेता होने के कारण नड्डा की सदन में उपस्थिति अपेक्षित थी लेकिन वे सदन की कार्यवाही बीच में छोड़कर अपने आवास गए जहां सीजेपी के दो प्रतिनिधि पहले से मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार सीजेपी के प्रतिनिधियों और नड्डा के बीच दो बार मुलाकात हुई।

जेपी नड्डा से क्यों हुई मुलाकात ?
अब सवाल उठता है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से क्यों मिले ? दरअसल नीट परीक्षा वैसे तो शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला स्वायत्त एनटीए आयोजित करता है, लेकिन इसका सीधा संबंध स्वास्थ्य मंत्रालय से ही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करने वाला एनएमसी नीट के लिए पाठ्यक्रम, न्यूनतम पात्रता और कट ऑफ से जुड़े नियम तय करता है। एमबीबीसी और बीडीएस की सीटें, ऑल इंडिया कोट काउंसिलिंग और राज्य स्तर के समन्वय की जिम्मेदारी भी स्वास्थ्य मंत्रालय की है। ऐसे में यह उचित समझा गया कि नीट से जुड़े मुद्दों पर नड्डा प्रदर्शनकारियों से बातचीत करें।

अमित शाह के लगातार संपर्क में थे जेपी नड्डा
उधर, जेपी नड्डा लगातार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संपर्क में थे। अमित शाह के साथ वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू उनके संसद भवन कार्यालय में तीन घंटे से भी अधिक समय तक मौजूद रहे। सरकार दो मोर्चों पर काम कर रही थी- पहला संसद के बाहर सड़कों पर प्रदर्शन को संभालना और दूसरा संसद के भीतर विपक्ष के आक्रामक तेवरों का सामना करना। सरकार का आकलन है कि सोमवार के प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन दिया गया। इसमें मुख्य रूप से चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।









