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पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने दी भारत की तरक्की की मिसाल, अपने देश के पिछड़ेपन पर रोया दुखड़ा

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भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी टेक्नोलॉजी के विकास और उसके आम आदमी के हित में इस्तेमाल पर जोर देते हैं। खुद नई-नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और उसे प्रमोट करने में आगे रहते हैं। उनकी सरकार की नीतियों और योजनाओं में टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दी जाती है। आज भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं पाकिस्तान टेक्नोक्रेट पैदा करने और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की जगह आतंकी पैदा कर रहा है और आतंकवाद का सबसे बड़ा निर्यातक देश बन गया है। आज विश्व में उसकी पहचान आतंकियों के सबसे बड़े पनाहगाह के रूप में है। यही वजह है कि पाकिस्तान टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत से काफी पिछड़ा गया है। अब इस पिछड़ापन पर प्रधानमंत्री इमरान खान विलाप कर रहे हैं। 

दरअसल गुरुवार (23 दिसंबर, 2021) को प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह कह कर सबको हैरान कर दिया कि पाकिस्तान सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत से काफी पीछे हैं। खान ने कहा, “हम सूचना प्रौद्योगिकी में तेजी से आगे बढ़ सकते थे, जिस तरह दुनिया तेजी से जा रही है लेकिन हम काफी पीछे रह गए।” भारत का हवाला देते हुए इमरान खान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान एक ही समय आजाद हुए लेकिन हमारे पड़ोसी देश ने हमसे 15 से 20 साल पहले आईटी की दुनिया में कदम रखा और हमसे पहले आईटी को विकसित कर लिया। ये हमारी बदकिस्मती है कि हमने अपने देश में कभी इस पर जोर नहीं दिया। जो देश निर्यात में हमसे पीछे थे, वे आज आगे बढ़ गए हैं।  

लाहौर में विशेष प्रौद्योगिकी क्षेत्र टेक्नोपोलिस परियोजना का उद्घाटन करते हुए इमरान खान ने कहा, ‘दुनिया की शीर्ष टेक कंपनियों में से प्रत्येक का टर्नओवर 1000 अरब डॉलर है। यहां तक कि भारत 150 अरब डॉलर से ज्यादा कीमत का टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट निर्यात करता है। जबकि पाकिस्तान 70 प्रतिशत सुधार के साथ केवल एक अरब डॉलर के टेक उत्पाद निर्यात करता है।’ दुनिया अब तकनीक की तरफ बढ़ रही है और हम इसमें तेजी से पिछड़ रहे हैं। देश में निर्यात बढ़ाने के लिए हमें आयात बढ़ाना होगा।

इमरान ने कहा कि पाकिस्तान के टेक क्षेत्र में बहुत सारी संभावनाएं हैं और वह अकेले देश का सारा कर्जा उतार सकता है। उन्होंने कहा, ‘टेक्नोलॉजिकल जोन आईटी सेक्टर की सेवाओं को आसान बनाएंगे।’ चीन और भारत का हवाला देते हुए इमरान ने कहा कि इन देशों में लोगों ने सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश किया और बाद में अंतरराष्ट्रीय निवेशक उनके साथ जुड़ गए। 

इमरान ने कहा, “कोरोना के दौरान जब दूसरी कंपनियां घाटे में थीं तो टेक्नोलॉजी कंपनियों का रेवेन्यू दोगुना हो गया। यही मुख्य कारण है कि दुनिया अब तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रही है और हम पिछड़ रहे हैं। पाकिस्तान के लिए आगे भी आदर्श स्थितियां हैं, क्योंकि पाकिस्तान की 220 मिलियन की आबादी में 60 प्रतिशत से अधिक की उम्र 30 साल से कम है और हम तेजी से विकास कर सकते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से हम भारत से पीछे रह गए हैं।”

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