देश के बड़े हिस्से में इस समय सूरज आग उगल रहा है। पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है और दोपहर होते-होते सड़कें सूनी होने लगी हैं। इस प्रचंड और भीषण गर्मी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बेहद भावुक और जरूरी अपील की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार कई ट्वीट कर लोगों को गर्मी से बचाव की सलाह दी। साथ ही उन्होंने भारतीय संस्कृति के उस मूल मंत्र की भी याद दिलाई, जहां प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने उन लोगों की सराहना की है, जो इस तपन में अपनी दुकानों, घरों और दफ्तरों के बाहर मिट्टी के मटकों में ठंडा पानी भरकर रख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि इस मौसम में आपकी थोड़ी सी संवेदनशीलता किसी की जिंदगी बचा सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पहले ट्वीट में देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बढ़ रहे तापमान पर चिंता जताई। उन्होंने माना कि इस बढ़ती गर्मी की वजह से लोगों के रोजमर्रा के जीवन में मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। इसके साथ ही उन्होंने देश के लोगों की इंसानियत को जगाते हुए कहा कि ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें।…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 27, 2026
अपने दूसरे ट्वीट में पीएम मोदी ने गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर भी लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आए, मतली महसूस हो या बहुत ज्यादा थकान लगे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आसपास कोई व्यक्ति अचानक बेहोश जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ पिलाए जाने चाहिए ताकि शरीर को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते ध्यान न देने पर स्थिति हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या में बदल सकती है, जो कई बार जानलेवा भी साबित होती है। प्रधानमंत्री ने खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और धूप में काम करने वाले लोगों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये लोग इस भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, इसलिए इनके प्रति अतिरिक्त सावधानी और देखभाल की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे समय में सतर्कता और मदद का भाव किसी की जान बचा सकता है।
अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ORS या अन्य…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 27, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे ट्वीट में परिवार और रिश्तों की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने लोगों से कहा कि जब भी समय मिले, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों का हालचाल जरूर पूछें। उन्होंने सलाह दी कि बुजुर्गों को पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और ज्यादा से ज्यादा आराम करने के लिए प्रेरित करें।
जब भी संभव हो, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों को फोन कर उनका हालचाल अवश्य पूछें। उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और जितना हो सके, आराम करने की सलाह दें।
— Narendra Modi (@narendramodi) May 27, 2026
पीएम मोदी ने सिर्फ इंसानों ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों की चिंता करने की भी अपील की। अपने चौथे ट्वीट में उन्होंने कहा कि इस प्रचंड गर्मी में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा बर्तन जरूर रखें ताकि प्यासे पक्षियों को पानी मिल सके।
इस प्रचंड गर्मी में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों को भी नहीं भूलना चाहिए। अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा-सा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। आइए, इन कठिन दिनों में पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखें।
— Narendra Modi (@narendramodi) May 27, 2026
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश सिर्फ सावधानी बरतने की अपील नहीं है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता को मजबूत करने का भी संदेश है। सड़क पर प्यासे को पानी पिलाना, बुजुर्गों का हाल पूछना या पक्षियों के लिए पानी रखना जैसी छोटी-छोटी पहलें इस भीषण गर्मी में किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती हैं। पीएम का यह संदेश हमें याद दिलाता है कि भारत की असली ताकत उसकी ‘सामूहिक संवेदना’ और ‘करुणा’ में है।









