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ममता सरकार का A to Z घोटाला: 15 साल, 26 अक्षर और आरोपों की लंबी लिस्ट से बंगाल की सियासत गरम

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विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्म है। राज्य की राजनीति में इस वक्त A to Z घोटाले की चर्चा जोरों पर है। विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले 15 साल में बंगाल में भ्रष्टाचार ने एक ऐसा जाल बुना है, जिसमें राशन से लेकर शिक्षक भर्ती और कोयले से लेकर मवेशी तस्करी तक सब कुछ शामिल है। आइए, एक नजर डालते हैं इस पूरी लिस्ट पर:

A – Alchemist & Animal Smuggling:
एल्कमिस्ट ग्रुप में 25,000 करोड़ की धोखाधड़ी और बॉर्डर पर मवेशी तस्करी का बड़ा आरोप। एल्कमिस्ट मामले में 10 लाख से अधिक निवेशकों के पैसे डूबने के आरोप हैं। यह समूह तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य कंवर दीप सिंह (केडी सिंह) का है। मामला चिटफंड और फाइनेंशियल गड़बड़ियों से जुड़ा होने के कारण जांच एजेंसी Enforcement Directorate (ED) ने कार्रवाई भी की। और केडी सिंह को 2021 में ईडी ने गिरफ्तार भी किया।

Animal Smuggling मामले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशियों की तस्करी का आरोप। भारत, बांग्लादेश बॉर्डर जहां फेंसिंग नहीं है, वहां मवेशियों की बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। इसमें एक-एक पशु पर डेढ़ लाख रुपये तक का मुनाफा मिलता है। इसमें बड़े पैमाने पर अवैध नेटवर्क की बात सामने आई।

B – Birbhum Stone & Border Land Scam:
अवैध पत्थर खनन और बीएसएफ को फेंसिंग के लिए जमीन न देने का विवाद। एनजीटी ने वीरभूम में 2017 में 211 खदानों को अवैध घोषित कर बंद करने का आदेश दिया। इसे कागजों पर बंद कर दिया गया लेकिन ये चलती रही।

बॉर्डर लैंड स्कैम में पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार से पैसे तो ले लिए फेंसिंग के लिए, लेकिन जमीनें दे नहीं रही। आखिर कार हाई कोर्ट को दखल देकर बीएसएफ को जमीन देने के लिए कहना पड़ा।

C – Cut Money Scam:
उज्ज्वला, आवास योजना जैसे सरकारी योजनाओं का लाभ देने के बदले अवैध कमीशन वसूली के आरोप।

D – DA Scam:
सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर कोर्ट तक पहुंचा विवाद। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के करीब 20 लाख लोगों के बकाया डीए के पैसे देने का आदेश दिया।

E – ECL Coal Scam:
ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड से जुड़ा हुआ यह कोयला तस्करी का बड़ा मामला है। करीब 15,000 करोड़ का कोयला तस्करी घोटाला, जिसकी जांच एजेंसियां कर रही हैं।

F – Fake Caste Certificate Case:
यह फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए मेडिकल सीट पाने का मामला है। इसमें हजारों विद्यार्थियों ने नकली अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्रों का उपयोग करके सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें हासिल की। इसमें सुप्रीम कोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।

G – GD Mining/Sand Scam:
इसमें रेत खनन में अवैध गतिविधियों के आरोप है। जीडी माइनिंग सैंड स्कैम में 145 करोड़ से अधिक की हेराफेरी का आरोप लगा है। इस मामले में ईडी ने बड़ी कारवाई करते हुए जीडी माइनिंग कंपनी के पूर्व निदेशक और प्रसिद्ध बालू कारोबारी अरुण सर्राफ को गिरफ्तार किया।

H – Health Recruitment Scam:
मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट की भर्ती में नंबरों का खेल। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और अंक देने में हेरफेर के आरोप। कोलकाता हाई कोर्ट ने इसकी जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुवाई में कमेटी गठित की। अब यह मामला 2019 में 725 मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है।

I – I-PAC Controversy:
चुनावी रणनीति कंपनी और डेटा को लेकर विवाद। आईपैक स्कैम 2026 का ताजा मामला है। इसमें ईडी जब छापेमारी करने गई तो खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहुंच गई और सारे सबूत चुरा लिए। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।

J – Jute Mill Scam:
घटिया जूट के थैलों की सप्लाई कर करोड़ों का वारा-न्यारा का आरोप। यह 2000 करोड़ का घोटाला है। सीबीआई मामले की जांच कर रही है।

K – Kolkata Water Mafia:
पानी की सप्लाई और टैंकरों के सिंडिकेट के अवैध धंधे का आरोप। 2022 के इस मामले में 1100 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है।

L – Lottery Prize Scam:
लॉटरी में गड़बड़ी और संदिग्ध इनाम वितरण की बातें सामने आईं। सरकार पर लॉटरी के जरिए काले धन को सफेद करने के आरोप लगे। इसमें तीन करोड़ रुपये की बरामद भी हो चुकी है।

M – Municipality Recruitment Scam:
नगर पालिकाओं में क्लर्क और सफाई कर्मियों की भर्ती में धांधली। नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोप लगे। इस मामले में तीन करोड़ 45 लाख रुपये बरामद भी हुए हैं।

N – Narada Sting Case:
कैमरे पर रिश्वत लेते हुए नेताओं के वीडियो ने बंगाल की राजनीति हिला दी। नारदा स्टिंग ऑपरेशन में नेताओं को रिश्वत लेते दिखाया गया है। इस स्टिंग ऑपरेशन ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया।

O – OMR Sheet Manipulation:
शिक्षक भर्ती में योग्य उम्मीदवारों की जगह ओएमआर शीट बदलकर अयोग्यों को नौकरी देने का आरोप। ओएमआर शीट मैनपुलेशन स्कैम हजारों करोड़ रुपए के पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन भर्ती घोटाले का एक अहम हिस्सा है।

P – PDS Scam:
करीब 10,000 करोड़ का राशन घोटाला, जिसमें गरीबों का अनाज बाजार में बेचा गया। यह पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम स्कैम गरीबों के हक से जुड़ा हुआ मामला है। ईडी ने इस मामले में कई जगहों पर रेड कर नकद और संपत्ति जब्त की है। इस मामले में प्रभावशाली नेताओं के करीबी लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

Q – Quota/ NRI Seat Scam:
मेडिकल सीटों को फर्जी एनआरआई कोटे के जरिए बेचने का बड़ा खुलासा। मेडिकल एडमिशन में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इसका खुलासा 2025 में ईडी ने किया। लगभग 18,000 एमबीबीएस और पीजी सीटें कथित रूप से नकली एनआरआई प्रमाण पत्रों, जाली दस्तावेजों और फर्जी प्रायोजकों के माध्यम से बेची गई।

R – Rose Valley Scam:
चिटफंड घोटाला जिसमें लाखों निवेशकों का पैसा डूबा। रोज वैली चिट फंड स्कैम में 2000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। इसमें लाखों निवेशकों से ठगी की गई है। इस मामले में भी ईडी जांच कर रही है।

S – Saradha Chit fund Scam:
बंगाल का सबसे चर्चित शारदा चिटफंड कांड। इस वित्तीय घोटाले से लाखों लोग प्रभावित हुए। 500 करोड़ के इस घोटाले में लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों ने शारदा ग्रुप नाम की कंपनी में पैसे जमा कराए। यह मामला भी कोर्ट में है।

T – Tolabaji:
निर्माण और रियल एस्टेट सेक्टर में जबरन वसूली का ‘सिंडिकेट राज’। इसमें तृणमूल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जबरन वसूली या संगठित उगाही करते हैं। यह निर्माण और रियलस्टेट क्षेत्र में होता है। इसमें बिल्डरों को किसी खास जगह से समान लेने के लिए मजबूर किया जाता है। इसमें पूरा कमीशन सेट होता है।

U – Utilization Certificate:
केंद्र से मिले फंड के उपयोग का हिसाब न देने के आरोप। इसमें 2 लाख करोड़ से ज्यादा के खर्च का हिसाब (UC) न देने का गंभीर आरोप है।

V – Vaccine Scam:
कोरोना काल के दौरान फर्जी वैक्सीन कैंप और नकली इंजेक्शन का मामला। इसमें पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की मिलीभगत से फर्जी वैक्सीन कैंप लगाए गए।

W – Warehouse Fire Scam:
गोदामों में संदिग्ध आग की घटनाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी। वेयर हाउस फायर मामला तो गजब का है। कोलकाता के आनंदपुर वेयर हाउस में आग लगी। जानमाल का भारी नुकसान हुआ लेकिन ममता बनर्जी घटनास्थल पर नहीं पहुंची।

X – Extra Money/Relief Fund Scam:
बाढ़ राहत वितरण में फर्जी लाभार्थियों के नाम पर धन की बंदरबांट के आरोप। इसमें करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। मालदा बाढ़ राहत वितरण घोटाले का खुलासा सीएजी ने वर्ष 2026 की शुरुआत में किया था।

Y – Youth Scheme Scam:
‘तरुणेर स्वप्नों’ योजना के तहत छात्रों के टैब का पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर होना। छात्रों को मिलने वाली राशि में हेराफेरी का आरोप। ममता सरकार कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के बैंक खातों में 10,000 की राशि स्थानांतरित करती है। इसमें आरोप है कि जो विद्यार्थियों के खाते में जाना था वो ट्रांसफर तो हुआ, लेकिन कहीं और पहुंच गया।

Z – Zilla Parishad Recruitment Scam:
जिला परिषदों में ग्रुप सी और डी पदों पर भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप। जिला परिषद रिक्रूटमेंट स्कैम में 700 करोड़ के घोटाले का आरोप है। राज्य के विभिन्न जिलों की जिला परिषदों में ग्रुप सी, ग्रुप डी के पदों पर नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप लगे। यह मामला शिक्षक भर्ती घोटाले के साथ ही चर्चा में आया था। जिसमें पैसे लेकर नौकरियां देने की बात कही गई थी।

यह ए-टू-जेड लिस्ट बंगाल की मौजूदा राजनीति का एक ऐसा चेहरा पेश करती है, जिसने जांच एजेंसियों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक को दखल देने पर मजबूर कर दिया है। 

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