पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 मई को नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता को ‘परफॉर्मेंस की राजनीति’ की जीत बताते हुए कहा कि आज बंगाल के भाग्य में एक नया और भयमुक्त अध्याय जुड़ गया है।

संबोधन के दौरान भावुक होते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले साल मैंने कहा था कि गंगा जी बिहार से आगे बढ़कर गंगासागर तक जाती हैं। आज बंगाल की जीत के साथ गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक कमल ही कमल खिला हुआ है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल- मां गंगा के किनारे बसे इन सभी राज्यों में अब जनता ने बीजेपी-एनडीए की सेवा को चुना है। यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि देश की सोच में आए बड़े बदलाव का संकेत है।

उन्होंने असम, पुडुचेरी और अन्य राज्यों में मिली जीत का जिक्र करते हुए कहा कि जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनना और पुडुचेरी में फिर से समर्थन मिलना इस बात का प्रमाण है कि लोग स्थिरता और विकास की राजनीति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पुडुचेरी के मछुआरों और युवाओं ने ‘BEST Puducherry’ के विजन पर मुहर लगाकर विकास की राजनीति को आगे बढ़ाया है।

विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के किसी भी राज्य में कम्युनिस्ट सरकार नहीं है। यह सोच में बड़े बदलाव का संकेत है। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिस विचारधारा को दुनिया ने ठुकरा दिया, कांग्रेस उसे गले लगा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि जो माओवाद जंगलों में खत्म हो रहा था, वह अब कांग्रेस में जड़ें जमा चुका है और पार्टी ‘अर्बन नक्सलियों’ का गिरोह बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि आज का भारत विकास, अवसर और स्थिरता चाहता है, न कि विभाजन और विवाद की राजनीति।

बंगाल को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार लोकतंत्र ने नई मिसाल पेश की है। पहली बार राज्य में शांतिपूर्ण मतदान हुआ और चुनावी हिंसा में एक भी निर्दोष की जान नहीं गई। उन्होंने इसे डर पर लोकतंत्र की जीत बताया। पीएम मोदी ने साफ कहा कि बंगाल की जनता ने विभाजन की राजनीति को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें विवाद नहीं, विकास चाहिए और विभाजन नहीं, विश्वास चाहिए।

कार्यकर्ताओं के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हमें बदला नहीं, बदलाव चाहिए। भय नहीं, भविष्य चाहिए। पीएम ने वादा किया कि बंगाल की पहली कैबिनेट मीटिंग में ‘आयुष्मान भारत’ योजना को मंजूरी दी जाएगी और घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन को रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म हो चुका है, अब सभी को मिलकर बंगाल के विकास के लिए काम करना चाहिए और हिंसा की राजनीति को हमेशा के लिए खत्म करना चाहिए।

रिकॉर्ड मतदान और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को उन्होंने लोकतंत्र की सबसे मजबूत तस्वीर बताया। प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों को लेकर कहा कि टीएमसी, कांग्रेस, डीएमके और सपा को महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा है।

उन्होंने भारत की प्राचीन समृद्धि के तीन स्तंभों अंग (बिहार), बंग (बंगाल) और कलिंग (ओडिशा) का जिक्र करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए इन तीनों का मजबूत होना जरूरी है और आज इन तीनों क्षेत्रों ने बीजेपी पर अपना अटूट विश्वास जताया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 20 से ज्यादा राज्यों में एनडीए की सरकारें हैं और “जहां बीजेपी, वहां गुड गवर्नेंस” का भरोसा जनता को दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की राजनीति परिवारवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद और विकास पर आधारित है। यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लेकर नॉर्थ ईस्ट, आदिवासी क्षेत्र, किसान और मछुआरे तक पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यह जीत सिर्फ एक चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि नए भारत के उज्ज्वल भविष्य की घोषणा है—एक ऐसा भारत जो विश्वास, विकास और एकता के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।









