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रोजगार मेला: प्रधानमंत्री ने 51,000 युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र, कहा- ग्लोबल एग्रीमेंट से मिलेंगे रिकॉर्ड अवसर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 23 मई को 19वें रोजगार मेले के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक साथ 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र बांटे। इस मौके पर रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विभिन्न सरकारी विभागों में नवनियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन देश की विकास यात्रा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये युवा अब देश को विकसित बनाने में जिम्मेदार भागीदार बनने जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने नवनियुक्त युवाओं और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि यहां तक पहुंचने में न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे समाज और देश के 140 करोड़ नागरिकों का योगदान है। उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि एक सरकारी कर्मचारी के रूप में अब उनका दायित्व समाज के प्रति बढ़ गया है और उन्हें जनता की सेवा के लिए खुद को और अधिक योग्य बनाना होगा।

हाल ही में अपनी पांच देशों की यात्रा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया आज भारत के युवाओं के सामर्थ्य और देश की तकनीकी प्रगति को लेकर बेहद उत्साहित है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल लीडर्स के साथ हुई बैठकों में भारत के युवाओं को वैश्विक अवसर दिलाने पर विस्तार से चर्चा हुई है। नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे, यूएई और इटली जैसे देशों के साथ हुए समझौतों का सीधा फायदा देश के नौजवानों को मिलने वाला है।

पीएम मोदी ने भारत की टाटा कंपनी और नीदरलैंड्स की सेमीकंडक्टर कंपनी ASML के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल है, जिसके साथ यह डील हुई है। अकेले इस समझौते से देश में रोजगार के अनगिनत नए मौके बनेंगे और भारत नेक्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल करेगा।

प्रधानमंत्री ने साफ किया कि देश में क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे फ्यूचर सेक्टर्स बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत में ही शिप-बिल्डिंग, रिपेयरिंग और एविएशन के क्षेत्र में ‘मेंटेनेंस, ओवरहॉल और रिपेयर’ (MRO) इकोसिस्टम विकसित करने के लिए 75,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जा रहा है, जिससे देश के इंजीनियर्स और स्किल्ड वर्कर्स के लिए नौकरियों की बाढ़ आने वाली है।

ग्रामीण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए बदलावों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट और पोर्ट्स का जो तेजी से विकास हुआ है, उसका सबसे बड़ा फायदा गांवों को मिला है। कनेक्टिविटी बढ़ने और बिजली आने से अब गांवों के लोग लाल मिर्च बेचने के बजाय उसका पाउडर और पैकेट बनाकर छोटे-छोटे उद्योग शुरू कर रहे हैं, जिससे शहर और गांव का अंतर मिट रहा है।

देश में स्वरोजगार की नई संस्कृति की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जहां 2 लाख 30 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा और महिलाएं इस स्टार्टअप क्रांति का नेतृत्व कर रही हैं, जो बेहद गर्व की बात है।

सरकारी सेवा में आ रहे युवाओं को ‘कर्मयोगी’ बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे ही अब सरकार की असली ताकत यानी ‘सहस्त्रबाहु’ हैं। उन्होंने युवाओं से ‘नागरिक देवो भव’ के मंत्र को याद रखने और iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार सीखते रहने का आग्रह किया। पीएम ने भरोसा जताया कि ये युवा अपनी संवेदनशीलता और काम के तरीके से जनता का भरोसा जीतकर 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सच करेंगे।

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