शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासन में कई बड़े बदलावों की शुरुआत की है। आयुष्मान भारत योजना लागू करने, सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों के जरिए उन्होंने राज्य में “डबल इंजन सरकार” की अवधारणा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तथा रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े फैसलों ने उनकी सरकार को लगातार चर्चा में रखा है। उनके निर्णयों को समर्थक जहां निर्णायक नेतृत्व का उदाहरण मानते हैं, वहीं विरोधी इन्हें बड़े राजनीतिक बदलाव की रणनीति के रूप में देखते हैं।
फैसला नंबर- 22
‘चिकन नेक’ की करीब 120 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को सौंपने का फैसला
शुभेंदु अधिकारी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से केंद्र सरकार को ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर क्षेत्र में 120 एकड़ जमीन देने का रणनीतिक फैसला किया है। यह क्षेत्र सैन्य और भू राजनीतिक की दृष्टि से बहुत ही संवेदनशील है। इसके बावजूद पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती ममता सरकार ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर ‘चिकन नेक’ की 120 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को हस्तांतरित नहीं की। उन्होंने देश की सुरक्षा की जगह घुसपैठिए पर आधारित अपनी राजनीति को तरजीह दी।

फैसला नंबर-21
आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में लागू करने का फैसला
इस फैसले से राज्य में लाखों लोगों को ₹5 लाख तक के स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलने का रास्ता खुला। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस योजना के साथ ही केंद्र की उन सभी योजनाओं को लागू करने का फैसला लिया है जो अभी तक लागू नहीं थी।

फैसला नंबर- 20
बांग्लादेश सीमा पर BSF को बाड़बंदी करने के लिए जमीन देने का निर्णय
भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग और सुरक्षा मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने BSF को जमीन उपलब्ध कराने का फैसला लिया। मालूम हो कि पूर्ववर्ती ममता सरकार ने देश की सुरक्षा को दांव पर लगाते हुए केंद्र सरकार को जमीन देने से इनकार कर दिया ताकि उनका हित सध सके।

फैसला नंबर- 19
भारतीय न्याय संहिता (BNS) और BNSS को राज्य में लागू करने का निर्णय
पूर्ववर्ती IPC–CrPC व्यवस्था की जगह केंद्र द्वारा बनाए गए नए आपराधिक कानूनों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। संसद में पारित यह कानून पूरे देश में लागू है लेकिन पूर्व की ममता सरकार ने इसे लागू नहीं होने दिया था।
हावड़ा, पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “BNS यानी भारतीय न्याय संहिता, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में संसद के दोनों सदनों ने काफी पहले ही मंज़ूरी दे दी थी। इस पर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर कर दिए हैं और यह अब कानून बन… pic.twitter.com/X0KMt7zLSJ
— IANS Hindi (@IANSKhabar) May 11, 2026
फैसला नंबर- 18
राज्य में ‘अन्नपूर्णा’ वित्तीय सहायता योजना शुरू करने का निर्णय
महिलाओं और गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए नई योजना को मंजूरी दी गई। पश्चिम बंगाल में पहली बार बनने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इसके अलावा महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा करने का तोहफा दिया है।

फैसला नंबर– 17
शहीदों के परिवारों की जिम्मेदारी राज्य सरकार द्वारा उठाने का फैसला
पीड़ितों के परिवारों की सामाजिक-आर्थिक भलाई और अन्य जिम्मेदारियों का निर्वाह अब राज्य सरकार करेगी। देश की रक्षा करते हुए या सीमाओं पर शहीद होने वाले पश्चिम बंगाल के मूल निवासियों जैसे- गलवान घाटी के सैनिक के परिवारों की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार ने उठाई है।

फैसला नंबर- 16
उज्ज्वला जैसी सभी केंद्रीय योजनाओं को अपनाने का निर्मय
शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने उन सभी योजनाओं को राज्य में लागू करने का फैसला किया जो पिछली सरकार में लागू नहीं थी। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में रुकी हुई सभी प्रमुख केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं को पूर्ण रूप से लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसका उद्देश्य राज्य के नागरिकों को केंद्रीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है।

फैसला नंबर-15
धर्म-आधारित सरकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों को समाप्त करने का निर्णय
कैबिनेट ने उन योजनाओं को बंद करने का फैसला किया जिन्हें धार्मिक आधार पर संचालित माना जा रहा था। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य मंत्रिमंडल ने 1 जून 2026 से धर्म आधारित सभी सरकारी सहायता योजनाओं को समाप्त करने का निर्णय लिया है । इसके तहत इमामों, मुअज्जिनों और हिंदू पुजारियों को दिया जाने वाला मासिक भत्ता बंद कर दिया जाएगा।

फैसला नंबर- 14
राज्य की OBC सूची को समाप्त/पुनर्गठित करने का फैसला
सरकार ने पुरानी OBC सूची को हटाकर नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के अंतर्गत राज्य की ओबीसी (OBC) आरक्षण व्यवस्था में व्यापक फेरबदल करते हुए कुल आरक्षण को 17 से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। धर्म-आधारित वर्गीकरण (OBC-A और OBC-B) को समाप्त कर दिया गया है और केवल 2010 से पहले की 66 जातियों वाली सूची को ही बहाल कर 7 प्रतिशत कोटे का लाभ दिया गया है।

फैसला नंबर- 13
सरकारी नौकरियों की अधिकतम आयु सीमा 40 से बढ़ाकर 45 वर्ष करना
लंबे समय से भर्ती न होने से प्रभावित युवाओं को रोजगार देने के लिए यह निर्णय लिया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य की सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की बढ़ोतरी की है। यह संशोधित नियम 11 मई, 2026 से प्रभावी हो गया है। ग्रुप ए के पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 41 वर्ष तय की गई है।

फैसला नंबर- 12
महिलाओं के लिए राज्य परिवहन बसों में मुफ्त यात्रा योजना लालू करने का निर्णय
महिलाओं की आर्थिक सहायता और सार्वजनिक परिवहन उपयोग बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया। इस फैसले के तहत पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य की सभी महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा करने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा 1 जून 2026 से राज्य भर में पूरी तरह से लागू होने जा रही है।

फैसला नंबर- 11
भ्रष्टाचार जांच आयोग और महिला सुरक्षा आयोग गठित करने का निर्णय
संस्थागत भ्रष्टाचार और SC/ST एवं अल्पसंख्यक महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए नई समितियाँ बनाई गईं। पश्चिम बंगाल सरकार ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा किए गए चुनावी वादों के अनुरूप संस्थागत भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों की जांच के लिए दो जांच आयोगों का गठन किया है।

फैसला नंबर- 10
राजनीतिक हिंसा से प्रभावित परिवारों को सहायता देने का निर्णय
चुनावी हिंसा और कथित अत्याचारों से प्रभावित लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सरकारी सहायता की घोषणा की गई। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने इस निर्णय के तहत वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों की समीक्षा के आदेश दिए हैं। पुराने मामलों, जो बंद कर दिए गए थे, की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है।
राजनीतिक हिंसा से प्रभावित परिवारों को सहायता देने के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं

फैसला नंबर- 09
अवैध खनन और अवैध टोल वसूली पर व्यापक कार्रवाई का निर्णय
राजस्व रिसाव रोकने और प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। इस फैसले के अंतर्गत सभी जिलाधिकारियों (DM) को अपने क्षेत्रों में ऐसे अवैध वसूली केंद्रों की पहचान कर उन्हें तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विभिन्न विभागों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर रेत, पत्थर और अन्य लघु खनिजों के अवैध उत्खनन से हो रहे राजस्व नुकसान को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

फैसला नंबर – 08
केंद्र और राज्य के बीच ‘डबल इंजन’ समन्वय मॉडल लागू करने का निर्णय
केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में राज्य अधिकारियों की भागीदारी अनिवार्य करने का फैसला लिया गया। इस फैसले के अंतर्गत सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) में 7 राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और विस्तार का कार्य केंद्र सरकार की एजेंसियों—NHAI और NHIDCL को सौंपने का निर्णय लिया गया है।

फैसला नंबर- 07
पश्चिम बंगाल सरकार का सख्त मितव्ययिता (Austerity) अभियान शुरू करने का निर्णय
सरकारी खर्च कम करने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, डिजिटल प्रशासन और ईंधन बचत पर आधारित प्रशासनिक सुधार लागू करना है उद्देश्य। अपने इस उद्देश्य के तहत मुख्यमंत्री ने आधिकारिक बैठकों और समीक्षाओं के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अधिकतम उपयोग करने और वर्क फ्रॉम होम की संभावना तलाशने को कहा है। इसके अलावा अनावश्यक यात्राओं को कम करने और सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।

फैसला नंबर- 06
कानून-व्यवस्था पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का निर्मय
पुलिस पर हमले, दंगों और राजनीतिक हिंसा के मामलों में कठोर कार्रवाई की नीति घोषित की गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के सभी विभागों के सचिवों के साथ बैठक के दौरान इस निर्णय से संबंधित सख्त संदेश दिए हैं।
‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, नियम-कायदे से करें काम’, CM शुभेंदु का अफसरों को सख्त संदेश
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 41 विभागों के सचिवों के साथ बैठक कर भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का सख्त संदेश दिया. उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमों के… pic.twitter.com/Ybggr7qTCL
— AajTak (@aajtak) May 13, 2026
फैसला नंबर- 05
7वां वेतन आयोग लागू करने का निर्णय
पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया है ताकि राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैलरी के अंतर को कम किया जा सके।

फैसला नंबर- 04
कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अख्तियार करने का निर्णय
कानूनी कार्यवाही के दौरान हिंसा और पुलिस पर पथराव जैसी करतूत पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने योगी स्टाइल में वार्निंग दी है। उन्होंने कहा है कि कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम को किसी भी तरह रुकने नहीं दिया जाएगा।

फैसला नंबर- 03
अवैध पशु बाजारों और स्लॉटर नियमों पर कार्रवाई का निर्णय
किसी भी खुली आम जगह पर जानवरों को मारना मना होगा, इस नियम के उल्लंघन पर छह महीने की जेल या ₹1,000 का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

फैसला नंबर- 02
जनता दरबार प्रणाली शुरू करने का लिया निर्णय
पश्चिम बंगाल में 15 साल बाद जनता दरवाबर की होगी शुरुआत, कैबिनेट बैठक से पहले आमलोगों की शिकायतें सुनीं। मालूम हो कि पूर्ववर्ती सरकार के 15 साल के शासनकाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आमजन की समस्या सुनने की इस व्यवस्था को ही बंद कर दी थी।

फैसला नंबर – 01
पश्चिम बंगाल में जनगणना शुरू करने का निर्णय
जून 2025 में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों और प्रशासनिक परिपत्रों को अब राज्य में लागू किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने राज्य में रुकी हुई जनगणना प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से शुरू करने की मंजूरी दे दी है।










