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कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI की शह पर जेएनयू में गुंडागर्दी, छात्रों ने लाइब्रेरी खुलवाने के लिए की तोड़फोड़

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दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कांग्रेस पार्टी की छात्र इकाई एनएसयूआई की शह पर गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। दरअसल कोरोना के चलते शिक्षण संस्थानों में बहुत ही कम गतिविधियां संचालित हो रही है। जेएनयू में भी छात्रों के लिए फिलहाल लाइब्रेरी बंद हैं। लेकिन वहां लाइब्रेरी खुलवाने को लेकर छात्रों का एक गुट गुंडागर्दी पर उतर आया। बताया गया है कि 8 जून को छात्रों के एक गुट ने जेएनयू की अंबेडकर लाइब्रेरी को जबरन खुलवाने को लेकर सुरक्षाकर्मियों से मारपीट की और वहां तोड़फोड़ भी की।

इस घटना को लेकर जेएनयू प्रशासन ने पुलिस में केस दर्ज कराया है। दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में साफ तौर पर कहा गया है कि लाइब्रेरी के बाहर जमा छात्रों ने गेट पर लाठी-डंडे बरसाए और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी की। सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों के इस समूह को लाइब्रेरी में घुसने से रोकने का प्रयास किया। लेकिन छात्रों ने एक छोटे से दरवाजे पर लगा ग्लास तोड़ दिया और जबरदस्ती लाइब्रेरी के अंदर घुस गए। दिल्ली के वसंत कुंज पुलिस स्टेशन में पांच छात्रों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से घटना में शामिल अन्य आरोपितों की पहचान की जा रही है।

जेएनयू प्रशासन का कहना है कि लाइब्रेरी तोड़कर अंदर घुसे आरोपी छात्रों ने कोविड प्रोटोकॉल का भी उल्लंघन किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए 5 नामजद आरोपितों सहित अन्य के खिलाफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी ऐक्ट, डीडीएमए ऐक्ट, महामारी अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई इन छात्रों के समर्थन में उतर आई है। एनएसयूआई ने ट्वीट कर पूरे मामले में जेएनयू प्रशासन को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। एनएसयूआई ने जेएनयू प्रशासन को ‘संघी’ कहकर यह आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर लाइब्रेरी बंद रखना चाहता है

आपको बता दें कि इस घटना के बाद 10 जून को जेएनयू प्रशासन ने सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार द्वारा अभी भी Covid-19 कर्फ्यू नहीं हटाया गया है और न ही सरकार द्वारा सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए कोई गाइडलाइन जारी की गई है। ऐसे में छात्रों ने कोविड प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन किया है और सुरक्षाकर्मियों सहित अन्य लोगों के जीवन को खतरे में डाला है। सर्कुलर में कहा गया कि घटना में शामिल सभी छात्रों के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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