सोशल मीडिया पर खुद को ‘लीडर ऑफ जेनजी’ बताने वाले अभिजीत दीपके को लेकर एक बड़ा पर्दाफाश सामने आया है, जिसने उनकी विश्वसनीयता और राजनीतिक मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से उनकी डिग्री पूरी तरह फर्जी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस दौरान अमेरिका में उनका शैक्षणिक सेमेस्टर चल रहा था, उस दौरान वह भारत में आम आदमी पार्टी (आप) के लिए चुनाव प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त थे। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जो व्यक्ति अपनी पढ़ाई और अपनी बुनियादी पहचान को लेकर देश से झूठ बोल रहा है, क्या वह सच में युवाओं की आवाज बनने के लायक है?
अभिजीत दीपके ने खुद यह दावा किया था कि उन्होंने वर्ष 2023 में ही आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए सबूतों ने उनके इस दावे की हवा निकाल दी है। वर्ष 2024 और 2025 में भी वह आप के अभियानों में लगातार सक्रिय बने रहे। ऐसे में अब सवाल सिर्फ एक फर्जी डिग्री या झूठे राजनीतिक करियर का नहीं है, बल्कि यह आशंका भी गहरा रही है कि क्या दीपके अरविंद केजरीवाल और भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त डीप स्टेट के आका जॉर्ज सोरोस जैसे तत्वों की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं?
आप से अलगाव के झूठे दावे की हकीकत
एक इंटरव्यू के दौरान दीपके ने दावा किया था कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के लिए केवल 2020 से 2023 तक काम किया था। उनका कहना था कि वे स्वास्थ्य और शिक्षा मॉडल से प्रभावित होकर पार्टी से जुड़े थे। हालांकि उनके हालिया अभियानों ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी छोड़ने की बात महज एक छलावा थी और वे आज भी आप के लिए ही काम कर रहे हैं।
Hello @IndiaToday
As a responsible media house, you must check facts before posting unverified claims.
I hope you will update your article accordingly. https://t.co/3FW4QevIwO pic.twitter.com/q0GUb543BS
— Office Of Vijay Patel (@VijayGajeraO) August 11, 2026
बोस्टन यूनिवर्सिटी की डिग्री पर उठे गंभीर सवाल
अभिजीत दीपके की बोस्टन यूनिवर्सिटी की डिग्री को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। यूनिवर्सिटी के एलुमनाई डाटाबेस में उनका नाम दर्ज नहीं है, उनकी डिग्री से जुड़े लेखों की तिथियों में भारी गड़बड़ियां हैं और प्रोफेसर का नाम भी गलत बताया गया है। इसके अलावा उनके द्वारा दी गई धमकियों की समयसीमा भी संदिग्ध है। इन सभी तथ्यों पर अब तक कोई सीधा जवाब नहीं आया है।
क्या Abhijeet Dipke की Boston Degree फ़र्ज़ी है?
Boston University की alumni database में नाम नहीं, degree से जुड़े article की date पर सवाल, professor का नाम गलत और threats की timeline भी puzzling है।
अगर degree genuine है, तो इन सवालों के सीधे और concrete जवाब आखिर क्यों नहीं… pic.twitter.com/SwMCNsOqPJ— The Pamphlet (@Pamphlet_in) August 10, 2026
झूठ का जाल और आप से लगातार संबंध
दीपके के इस दावे की पोल खुल चुकी है कि उन्होंने 2023 में आप छोड़ दी थी। पूरे आत्मविश्वास के साथ देश के युवाओं से झूठ बोलने की उनकी इस रणनीति पर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्होंने अपने राजनीतिक आकाओं से झूठ बोलने की कौन सी विशेष ट्रेनिंग ली है।
You got exposed, Mr. Liar Dipke
You faked it by saying you left work for AAP in 2023.
How can you speak lies with so much confidence, @abhijeet_dipke?
Have you taken special classes from your mentor?
pic.twitter.com/yxjwsVOPGB https://t.co/3FW4QevIwO
— Office Of Vijay Patel (@VijayGajeraO) August 11, 2026
दोहरे रवैये का पर्दाफाश: गैर-भाजपा शासित राज्यों के अत्याचार पर चुप्पी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करने वाले दीपके का दोहरा रवैया तब बेनकाब हो गया जब झारखंड में निर्दोष छात्रों पर पुलिस का बर्बर लाठीचार्ज हुआ। सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल स्थानांतरित होने पर राजनीति करने वाले दीपके, झारखंड में देवेंद्र महतो की पिटाई पर पूरी तरह खामोश रहे। राहुल गांधी और हेमंत सोरेन के कुशासन पर मौन धारण करने से उनके निष्पक्ष होने के दावे की पोल खुल गई है।
This guy is so fake from top to toe man 🙏
Abhijeet Dipke was asking for Modi’s resignation when the govt shifted Sonam Wangchuk to the hospital over his health concerns.
Now when Devendra Mahato got beaten by Jharkhand Police, all he can say is “are yaar” and “aise kaise.”… pic.twitter.com/CAJOU8B9oc
— ` (@worshipVK) August 10, 2026
गोवा में आप के काम में सक्रियता
पार्टी छोड़ने का झूठा दावा करने वाले दीपके अक्टूबर 2025 में भी आम आदमी पार्टी के अभियानों के सिलसिले में गोवा में मौजूद थे। इससे स्पष्ट होता है कि वे लगातार आप के संगठनात्मक ढांचे के लिए काम कर रहे थे और जनता को भ्रमित कर रहे थे।
This is the BIGGEST EXPOSE on CJP’s founder and AAP leader Abhijit Dipke.
1. 11 months ago, in October 2025, Abhijit Dipke was in Goa for AAP’s work. pic.twitter.com/ULnQSa6CEK
— Office Of Vijay Patel (@VijayGajeraO) August 11, 2026
बोस्टन छोड़कर अन्य अमेरिकी शहरों में मौजूदगी
मार्च 2026 में जब उन्हें अपनी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करनी चाहिए थी, तब वे बोस्टन से सैकड़ों मील दूर शोमबर्ग और ऑरलैंडो जैसे अमेरिकी शहरों में घूम रहे थे। इस तरह की गतिविधियों ने उनके पढ़ाई से जुड़े दावों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
2. And this is the most shocking.
Just 5 months ago, in March 2026, he was roaming in USA cities like Schaumburg and Orlando, which are far away from Boston (see the map)
This raises extremely serious concerns.
He lied to Gen Zs. He lied to Indians.
He committed the biggest… pic.twitter.com/XMhYRyM8hL
— Office Of Vijay Patel (@VijayGajeraO) August 11, 2026
बोस्टन यूनिवर्सिटी के एडमिशन लेटर की हकीकत
दीपके के एडमिशन लेटर के अनुसार वे बोस्टन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन से पब्लिक रिलेशंस में एमएस कर रहे थे, जिसका कोर्स सितंबर 2024 से दिसंबर 2025 तक था। लेकिन उनके खुद के पोस्ट यह साबित करते हैं कि वे इस अवधि के दौरान कक्षाओं में शामिल होने के बजाय भारत में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त थे।
Thread
Abhijeet Dipke exposed himself in his own seven X posts.
As per his admission letter, he attended an MS in Public Relations course from the School of Communication, Boston University.
This course covers 3 semester (Sep 2024 – Dec 2025)
1/12 pic.twitter.com/MsCnWhdPRB
— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) August 11, 2026
सेमेस्टर अवधि की समयसीमा और गतिविधियां
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पहला सेमेस्टर 3 सितंबर से 20 दिसंबर 2024, दूसरा सेमेस्टर 21 जनवरी से 9 मई 2025 और अंतिम सेमेस्टर 2 सितंबर से 19 दिसंबर 2025 तक तय था। इन तिथियों के दौरान दीपके को अमेरिका में होना चाहिए था, लेकिन वे भारत में चुनाव प्रचार कर रहे थे।

पहले सेमेस्टर के दौरान भारत यात्रा
अगस्त 2024 के अंत में अमेरिका जाने के महज कुछ ही दिनों बाद, पहले सेमेस्टर के दौरान ही 27 सितंबर 2024 को वे पंजाब के मोहाली में देखे गए। शैक्षणिक सत्र के बीच में ही क्लास छोड़कर भारत आना यह दर्शाता है कि वे आप के प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे थे।
First semester: 3 Sep – 20 Dec 2024
This is his post from 24th August 2024
Probably he left for USA in last week of August that matches to his first semester datesIt also hints that Sisodiya sent him USA to study and he never left AAP
He went as AAP member pic.twitter.com/RXmnEB69CC— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) August 11, 2026
मोहाली में मौजूदगी और कक्षाओं से दूरी
31 अगस्त 2024 के आसपास बोस्टन पहुंचने के तुरंत बाद दीपके सेमेस्टर शुरू होते ही मोहाली पहुंच गए। चलती कक्षाओं के बीच इस तरह की आवाजाही से उनकी पढ़ाई की सच्चाई सामने आ गई है।
First Semester: 3 Sep 2024 – 20 Dec 2024
But things get intresting here
On 27th Sep 2024, he was in MohaliSo he reach Boston around 31th August 2024 and immediately he returned to India in a few days
In between his ongoing semester??? pic.twitter.com/WBpNSSCQsS
— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) August 11, 2026
नवंबर 2024 में अमेरिका वापसी
मोहाली में रुकने के बाद 18 नवंबर 2024 को वे वापस अमेरिका पहुंचे। इस लंबी अनुपस्थिति से साफ है कि उनका ध्यान पढ़ाई पर नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी के एजेंडे को आगे बढ़ाने पर था।

दूसरे सेमेस्टर में दिल्ली विधानसभा चुनाव का प्रचार
दूसरे सेमेस्टर (21 जनवरी से 9 मई 2025) के दौरान दीपके 3 फरवरी 2025 को दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते पाए गए। पढ़ाई छोड़कर चुनाव प्रचार में शामिल होना यह साबित करता है कि उन्होंने कभी पार्टी नहीं छोड़ी थी।
Second Semester: 21 January 2025 to 9 May 2025
Things again gets intresting here
On 3rd Feb 2025, he was in Delhi for campaigning for AAP in Delhi assembly elections
So he left his second semester and came to India for election campaigning pic.twitter.com/OjlTykt77T
— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) August 11, 2026
तीसरे सेमेस्टर का पाठ्यक्रम और राजनीतिक रणनीति
तीसरे सेमेस्टर (सितंबर से दिसंबर 2025) के दौरान इस पाठ्यक्रम का विषय राजनीतिक अभियानों, सोशल मीडिया रणनीति और एनजीओ के संचालन पर केंद्रित था। यह सब सीधे तौर पर विरोध प्रदर्शनों को प्रायोजित करने और टूलकिट रणनीतियों से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।
3rd Semester: 2 Sep 2025 – 19 Dec 2025
His tweets from 20 Sep and 4 Nov confirm he was in US that time
But intresting thing here is course curriculum of 3rd semester pic.twitter.com/XOkFvjtNSa
— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) August 11, 2026
कोर्स समाप्ति के बाद अमेरिका में रुकने का रहस्य
दिसंबर 2025 में कोर्स समाप्त होने के बाद भी दीपके जून 2026 तक अमेरिका में ही टिके रहे। 6 महीने तक अतिरिक्त समय अमेरिका में बिताने के पीछे के कारणों पर अब गंभीर संदेह जताया जा रहा है।
Content of 3rd semester are more relevant to their protest
They were about political campaigns, social media strategy, how to set NGO extra
3rd semester ended on 19th Dec 2025
So by end of 2025, Dipke was free and can return to India pic.twitter.com/9rIAjMJ2Vk
— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) August 11, 2026
कोर्स पूरा होने के बाद 6 महीने का अतिरिक्त प्रवास
दिसंबर 2025 में पढ़ाई खत्म होने के बावजूद जून 2026 तक भारत न लौटने के निर्णय ने कई आशंकाओं को जन्म दिया है कि आखिर वे अमेरिका में रहकर किस तरह का प्रशिक्षण ले रहे थे।
But he returned India in June 2026
So what he was doing there for 6 months after finishing his course? pic.twitter.com/IWY6diNoZJ
— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) August 11, 2026
अल्बर्ट आइंस्टीन इंस्टीट्यूट से दूरी का संयोग
बोस्टन यूनिवर्सिटी का स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन, जनरल शार्प के अल्बर्ट आइंस्टीन इंस्टीट्यूट से महज 2 किलोमीटर दूर है, जो सत्ता परिवर्तन (रिजीम चेंज) के तरीकों का प्रशिक्षण देने के लिए जाना जाता है। क्या दीपके ने भारत के खिलाफ किसी षड्यंत्र की ट्रेनिंग वहां ली थी?
Is this just coincidence that his school of communication is just 2 Km away from General Sharp’s Albert Einstein Institution
Which teaches CANVAS course for regime change
Did Dipke attend this course? pic.twitter.com/3F8pBGSRVW
— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) August 11, 2026
‘मीम वॉर्स’ और टूलकिट विशेषज्ञों से संबंध
दीपके के प्रवास के दौरान वहां जोन डोनावैन भी पढ़ा रही थीं, जो सोशल मीडिया के जरिए राजनीतिक अभियानों और सत्ता परिवर्तन के तरीकों की विशेषज्ञ मानी जाती हैं। विवादित पुस्तक ‘मीम वॉर्स’ की लेखिका से उनका संबंध भारत विरोधी टूलकिट साजिशों की तरफ साफ इशारा करता है।
But he returned India in June 2026
So what he was doing there for 6 months after finishing his course? pic.twitter.com/IWY6diNoZJ
— STAR Boy TARUN (@Starboy2079) August 11, 2026
फर्जीवाड़े और साजिश का बेनकाब होता चेहरा
अभिजीत दीपके के दावों और उनकी गतिविधियों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि ‘जेनजी लीडर’ का मुखौटा पहनकर वे देश के युवाओं को गुमराह कर रहे थे। एक तरफ फर्जी डिग्री, यूनिवर्सिटी से अनुपस्थिति और आम आदमी पार्टी से गहरे रिश्तों पर झूठ बोलना, तो दूसरी तरफ विदेशी धरती पर रिजीम चेंज और टूलकिट रणनीतियों के करीब बने रहना—ये तमाम बातें किसी बड़े राजनीतिक षड्यंत्र की ओर इशारा करती हैं। खुद को निष्पक्ष और युवाओं का प्रतिनिधि बताने वाले दीपके का सच अब जनता के सामने आ चुका है और उनका यह दोहरा चरित्र पूरी तरह बेनकाब हो गया है।










