राहुल गांधी ने प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं को देश की आत्मा बताया और उन्हें बेरोजगारी व पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ एकजुट होने की सलाह दी। लेकिन केरल के वायनाड से पूर्व सांसद राहुल गांधी को वहां के युवाओं की गूंज सुनाई नहीं दे रही है। यहां तक कि वायनाड की वर्तमान सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है। इसलिए दोनों भाई-बहन को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में युवाओं का अनोखा प्रदर्शन दिखाई नहीं दे रहा है। केरल की डी. सतीशन की कांग्रेस सरकार युवाओं के साथ भद्दा मजाक कर रही है।

घास और मिट्टी खाकर अनोखा और आक्रोशित विरोध प्रदर्शन
दरअसल, केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) की लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर (LPST) परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी 37 दोनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र न मिलने पर सचिवालय के बाहर प्रतीकात्मक रूप से घास और मिट्टी खाकर एक अनोखा और आक्रोशित विरोध प्रदर्शन किया। परीक्षा पास कर रैंक सूची में नाम आने के बाद भी हफ्तों और महीनों से नियुक्ति पत्र नहीं मिले हैं। अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सचिवालय के सामने लगातार धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार इस मामले में सिर्फ समय गुजार रही है और उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।
छात्रों किस राहुल गांधी के बहकावे में आ रहे हो उसके खुद के प्रदेश के छात्रों का हाल देख लो , झारखंड तो सबके सामने है और केरल के छात्रों को घास खाना पड़ रहा है pic.twitter.com/nFhds9634b
— Riniti Chatterjee (@ChatterjAsking) August 9, 2026
अभ्यर्थियों का सवाल- सरकार को आखिर दो महीने का समय चाहिए क्यों?
इससे पहले ऑल केरल लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर (LPST) रैंक होल्डर्स एसोसिएशन की सचिव वलरमथी एस की 13 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बाद 11 अगस्त को राज्य के शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। सरकार द्वारा मांगों की व्यापक समीक्षा के लिए 45 दिनों का समय मांगे जाने के बाद भूख हड़ताल को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया, हालांकि सचिवालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना जारी है। इस दौरान उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि वे लगातार सरकार से नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही। उन्होंने सवाल उठाया है कि सरकार ने दो महीने का समय मांगा है लेकिन उन्हें ये नहीं समझ आ रहा है कि आखिर इतना समय चाहिए क्यों?
केरल में नौकरी के इंतजार में अनोखा प्रदर्शन, युवाओं ने घास-मिट्टी खाकर जताया विरोध,
भर्ती परीक्षा पास करने के बावजूद नौकरी नहीं मिली!#Kerala #JobProtest #Thiruvananthapuram #BlackAndWhiteOnAajTak #ATVideo | @anjanaomkashyap pic.twitter.com/Nj0LAhCmhR— AajTak (@aajtak) August 10, 2026
क्या हैं अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें?
- मई 2025 की रैंक लिस्ट से तत्काल नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं, कई जिलों में टॉप रैंकर्स को भी नियुक्ति नहीं मिली है।
- स्कूलों और क्षेत्रीय शिक्षा विभागों की ओर से शिक्षकों के खाली पदों की जानकारी 24 घंटे के भीतर PSC को रिपोर्ट करना अनिवार्य किया जाए।
- मौजूदा मई 2025 की रैंक लिस्ट की समय सीमा बढ़ाई जाए ताकि अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवारों को समायोजित किया जा सके।
- छात्र-शिक्षक अनुपात को 1:25 (25 छात्रों पर 1 शिक्षक) किया जाए, जिससे कानूनन हजारों नए पद पैदा होंगे।
- प्राथमिक विद्यालयों के हेडमास्टरों को नियमित कक्षाओं से मुक्त किया जाए, जिससे नए फुल टाइम टीचर के पद खाली हों।
- निजी एडेड (सरकारी सहायता प्राप्त) स्कूलों की सीधी शिक्षक भर्तियों को बंद कर सभी पद पारदर्शी Kerala PSC के माध्यम से भरे जाएं।

छात्र आंदोलन पर डिटेल डिस्कशन के लिए सरकार तैयार- किरेन रिजिजू
केंद्र की मोदी सरकार झारखंड और केरल के युवाओं को लेकर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। लेकिन राहुल गांधी लोकसभा से भाग खड़े हुए हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कल हमने पेशकश किया था कि छात्र आंदोलन को लेकर के जो भी घटना हुई है। पूर्ण रूप से डिटेल डिस्कशन के लिए सरकार तैयार है और जवाब भी तैयार करके रखा। गृह मंत्री अमित शाह जी भी कल से पूरा तैयार थे। चर्चा होने नहीं दे रहे हैं। आज भी हम लोग सुबह से तैयार थे। एनडीए पार्टी का पूरा सांसद भी उम्मीद के साथ बैठे थे कि चर्चा शुरू होंगे और गृह मंत्री जी भी चर्चा में जवाब के लिए पूरा तैयारी के साथ बैठे थे। लेकिन कांग्रेस पार्टी फिर भाग गए।
“Amit Shah was ready for discussion in Parliament on Jantar Mantar protest but Congress fled.
I request them to allow discussion in the house.”
– Union Minister of Parliamentary Affairs Kiren Rijiju pic.twitter.com/XPKLzXFetJ
— News Arena India (@NewsArenaIndia) August 11, 2026
सदन में छात्रों और युवाओं पर चर्चा करने से भागे राहुल गांधी-किरेन रिजिजू
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देश के लोगों के सामने में साफ हो गया कि हम लोग चर्चा के लिए तैयार हैं और कांग्रेस चर्चा से भाग रही है। दो चीज क्लियर समझना होगा। राहुल गांधी ने शुरू से क्या कहा था? गृह मंत्री स्टेटमेंट देना चाहिए। हम कह रहे हैं कि सिर्फ स्टेटमेंट ही क्यों? हम फुल डिस्कशन कर देंगे। स्टेटमेंट पर सिर्फ औपचारिक एक बयान होता है लिखित खत्म है। हम पूरा स्टेटमेंट से आगे बढ़ के फुल फ्लेज दिन भर चर्चा, चाहे दो दिन चर्चा करके और पूरा एक-एक पॉइंट पर जवाब देंगे। डिस्कशन करना है तो पूरा करना पड़ेगा। आंदोलन का कई पहलू है। तो अब डिटेल में अगर बात करेंगे तो सामने में आ जाएगा। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। अफसोस की बात है कि कांग्रेस पार्टी फिर चर्चा से भाग गई है। आज हमारे एनडीए के साथियों ने भी मांग किया कि राहुल गांधी भागो मत। तो राहुल गांधी जी आज भी भाग गए हैं। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को भागना नहीं है, डरना नहीं है।
राहुल गांधी चर्चा से भाग नहीं सकते, आपको गृह मंत्री जी का सामना करना होगा।
Rahul Gandhi demanded a response from Home Minister Shri @AmitShah ji for days. Now that the Home Minister is ready to answer every point in detail, he must not run away.#राहुल_भागना_नहीं #BhagoMat pic.twitter.com/OSvCMeWDrv
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 11, 2026
केरल में शिक्षक अभ्यर्थियों को घास-मिट्टी खाते देखकर प्रियंका गांधी मौन
प्रियंका गांधी केरल के वायनाड से सांसद हैं। राहुल गांधी द्वारा यह सीट छोड़ने के बाद नवंबर 2024 में हुए उपचुनाव में उन्होंने इस सीट पर जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक और संसदीय यात्रा की शुरुआत की थी। वायनाड की सांसद बनने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद और सार्वजनिक मंचों पर युवा और छात्र आंदोलनों से जुड़े मुद्दों पर लगातार बयान दिए हैं। लेकिन तिरुवनंतपुरम में युवाओं को घास-मिट्टी खाते देखकर उन्होंने चुप्पी साध रखी है। प्रियंका गांधी को केरल के युवाओं की परवाह नहीं है। वह महिला शिक्षक अभ्यर्थियों की आवाज भी नहीं उठा रही हैं।










