झारखंड के इतिहास में 10 अगस्त को बेटियों पर हुए अत्याचार के लिए याद किया जाएगा, क्योंकि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार की पुलिस ने रांची में छात्र-छात्राओं के विधानसभा कूच के दौरान बर्बर तरीके से लाठियां चलाईं। यह सब कांग्रेस आलाकमान राहुल गांधी के इशारे पर हुआ। दरअसल, कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वो प्रदर्शनकारियों पर अंधेरे में हमला करती है। इस बार झाऱखंड में राहुल गांधी ने अपनी पुरानी परंपरा को जारी रखते हुए प्रदर्शनकारियों पर अंधेरे में हमला करवाया। राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पोस्ट के बाद जैसे ही अंधेरा हुआ झारखंड की पुलिस प्रदर्शनकारियों पर टूट पड़ी। छात्र और छात्राएं हाथ जोड़कर बातचीत की गुहार लगाते रहें। लेकिन उनको दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। बेटियों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक हम यहीं बैठे रहेंगे। बेटियों की आवाज को दबाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। सड़क पर बेटियों को घसीटा गया, फिर भी बेटियां कहती रहीं- We want Justice….We want Justice….We want Justice….
VIDEO | Ranchi: Visuals show security personnel dragging a woman protester and removing protesters during the ‘Vidhan Sabha March’.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/ZPpEtNIBKg
— Press Trust of India (@PTI_News) August 10, 2026
रात को क्यों झारखंड पुलिस कर रही है
लाठीचार्ज हेमंत सोरेन जी क्यों ??? pic.twitter.com/8Z3tsLzvnm
— Pradeep Maikhuri (@PradeepMaikhur3) August 10, 2026
अंधेर में सुनसान खेत में बेटियां चिल्ला रही हैं हमें क्यों मारा गया ?
अंधेरे में लाठीचार्ज होने से प्रदर्शनकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। झारखंड की बेटियां रात के अंधेरे में अपनी इज्जत की परवाह किए बिना जान बचाकर सुनसान खेतों से होकर भागती नजर आईं, जहां पर उनके साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी। पुलिस ने बेटियों का पीछा किया और उनको लाठियों से मारा। इस दौरान बेटियां चिल्ला रही थीं कि हम लोग क्या करने आए थे। हम पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। लाठियों से मारा जा रहा है। मोबाइल की रोशनी में अपने साथ हुए अत्याचार की कहानी बयां कर रही हैं। ऐसे में एकबार फिर राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा का बर्बर चेहरा उजागर हो गया है। इनका बेटियों के साथ कोई हमदर्दी नहीं है, वो सिर्फ अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करते हैं।
झारखंड में बुरा हाल है
लेकिन सब Liberal और Congressi चुप्पी साधे हुए है pic.twitter.com/2EkYHB3Q5M
— The Jaipur Dialogues (@JaipurDialogues) August 10, 2026
“उम्र खत्म हो गई, खून के आंसू रोए हैं हम लोग”
झारखंड की बेटियां कह रही हैं कि अगर सोच लेंगे की नौकरी नहीं करनी है तो छोड़ देंगे। नौकरी के लिए ही घर से बाहर निकले हैं। अगर कुछ भी कर लेते तो इतनी तकलीफ नहीं होती। लेकिन माता-पिता से बोलकर घर से निकले हैं कि सिविल सर्विस में सफल होंगे। लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से उम्र खत्म हो गई। हम लोग भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। अब यहीं सबका हिसाब होगा। हम लोग बहुत खून के आंसू रोए हैं। सारे स्टूडेंट सीजीएल में रोए हैं। नौकरी लेकर लोग झंडा फहराते थे। हम लोग नालायक थे क्या ?
हेमंत @HemantSorenJMM @RahulGandhi
इन बेटियों का दर्द देखो इन बेटियों के आंसू देखो
इतने कठोर मत बनो कि अपने राज्य की बेटियों के दुख दर्द के बजाय अपने महल में बैठकर नौकरी बेचने की प्लानिंग बनाते रहो
इन बेटियों की चीख सुनकर भी अगर तुम्हें रात को नींद आती है तब कोई बात नहीं… pic.twitter.com/lelOtwXJ1j
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) August 10, 2026
पुलिसकर्मियों का पैर पकड़ कर अनुरोध करती रहीं बेटियां
झारखंड पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। रोती बिलखती बेटियां हाथ जोड़कर विनती करती रहीं। भर्ती माफिया के कारण अपने साथ हो रहे अत्याचार और उत्पीड़न की कहानी बताती रहीं। लेकिन उन्हें अपनी बात कहने नहीं दिया गया। चीख-पुकार में उनकी आवाज दबा दी गई। पुलिसकर्मियों का पैर पकड़ कर गुहार लगाती रहीं। लेकिन झारखंड की बेरहम हेमंत सोरेन सरकार पर इसका कोई असर नहीं हुआ। अगर सरकार उनकी बात नहीं सुनती है तो बेबस और लाचार बेटियों की आवाज और दर्द कौन सुनेगा ? वर्षों तक कड़ी मेहनत के बाद जब पैसे के बल पर उनसे उनका हक छीन लिया जाता है तो वो क्या सड़क पर इस तरह मार खाकर, हाथ जोड़कर अपने लिए इंसाफ मांगती रहेंगी ?
भारत की एक बेटी के साथ ये हुआ झारखंड पुलिस ने सारी बर्बरता की हदें पार कर दी pic.twitter.com/p1IWDeuXe6
— Shivam Tyagi (Modi Ka Parivar) (@ShivamSanghi12) August 11, 2026
बेटियों के कपड़े फाड़ दिए गए, मारकर भगाया गया
अंधेरे का फायदा उठाकर झारखंड पुलिस ने मीडियाकर्मी, झारखंड की बेटियों और बेटों, सब पर हमला किया। बेटियों के कपड़े फाड़ दिए गए। उनको बेरहमी से पीटा गया। बेटियों का कहना है कि उन पर बांस से हमला किया गया। निकलने का अनुरोध करने के बावजूद लाठियों से मारा गया। पूर्व विधायक को पुलिस जाने दे रही थी, लेकिन बेटियों को वहां से मारकर भगाया जा रहा था।
झारखंड सरकार की इस बर्बरता पर कुछ कहेंगे
आप या चुप ही रहोगे?? pic.twitter.com/XEvaQBRPl0
— Pradeep Maikhuri (@PradeepMaikhur3) August 10, 2026
ना लड़का देखा और ना लड़की, जो मिला उस पर लाठियां बरसाईं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश का पालन करने के लिए पुलिस किसी भी हद तक जाने को तैयार थी। पुलिस ने ना लड़का देखा और ना लड़की, जो मिला उस पर लाठियां बराईं। महिला मीडियाकर्मी को भी नहीं छोड़ा गया। कई लड़कियों का मोबाइल तक छीन लिया गया। एक महिला मीडियाकर्मी ने कहा कि उनके भी मोबाइल छीन लिया गया। लड़के और लड़कियों को बार-बार दौड़ाया गया। सरकार ने पुलिस को निर्देश था कि प्रदर्शनकारियों को ऐसा सबक सीखाएं ताकि कोई दोबारा प्रदर्शन नहीं कर सके।
आंखों देखा आप बीती … कह दे सरकार ये झूठ है
खैर आज रात या कल सुबह तक सभी कैमरा सच उगलेंगे सभी ने रिकॉर्ड किया है।
आज झारखंड को सब जान गए । pic.twitter.com/IdYie4Dk6S
— JPSC JSSC REFORM MANCH (@JPSCreformanch) August 10, 2026
हम भी झांसी की रानी और फूलो झानो बनेंगे- झारखंड की बेटियां
अब झारखंड सरकार की तानाशाही देखकर बेटियों का धैर्य टूट चुका है। बेटियों ने हुंकार भरना शुरू कर दिया है। अब बेटियां कह रही हैं कि अगर ये लोग अब तानाशाही करेंगे तो हम भी झांसी की रानी बनेंगे। आगे जब भी आंदोलन होगा तो हंसुआ लेकर आएंगे। हम लोग फूलो झानो बनने के लिए तैयार है। जब आप लोग नहीं पहचानेंगे तो हम लोग कैसे पहचानेंगे। हेमंत सोरेन की तानाशाही, बहुत सारे पुलिसकर्मियों का नेम प्लेट नहीं था। एक बेटी ने सवाल किया कि अगर झारखंड में जेपीएससी का गठन हुआ है तो टीडीपीएल जैसी दलाल कंपनी को क्यों लिया गया है ? ये लोग पद के लिए 35 लाख और 50 लाख रुपये की बोली लगाते हैं। इन लोगों को डर है कि परीक्षा रद्द होने पर करोड़ों का नुकसान होगा।
झांसी की रानी की तो सब लोग जानते हैं, लेकिन फूलो और झानो को झारखंड को छोड़कर देश के दूसरे राज्यों में लोग कम जानते हैं। इसलिए यहां बताना जरूरी है कि फूलो और झानो झारखंड की संथाल जनजाति के मुर्मू कबीले की थी। इन दोनों का जन्म भोगनाडीह नामक गांव में हुआ। भारत पर जब अंग्रेजी शासन था उस दौर में परंपरा और रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ते हुए फूलो और झानो ने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के ख़िलाफ़ विद्रोह किया था। संथाल समुदाय से ताल्लुक रखनेवाली इन दो क्रांतिकारी महिलाओं को अंग्रेज़ों का निडरता से सामना करने के लिए जाना जाता है।
NEXT TIME I’LL COME WITH A HASUA🪚:
A girl student at the Jharkhand JPSC protest said “agar Jhansi ki Rani ya Phulo Jhano banna pade banungi-1,2 ko ret ke jaungi.
She also alleged police bribery involving sand mafias. pic.twitter.com/DGGmoo5p0Q
— JanHit Voice (@HJP2029_2036) August 11, 2026
हेमंत सोरेन ने बर्बरता के लिए पुलिसकर्मियों को दी बधाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तानाशाही का आलम यह है कि झारखंड की बेटियों पर बर्बरता करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जगह उन्हें बधाई दी। पुलिस का बचाव करते हुए जमकर तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि आज के छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारियों एवं जवानों का मैं धन्यवाद करता हूं।
आज के छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारियों एवं जवानों का मैं धन्यवाद करता हूं।
मेरे प्यारे युवा साथियों,
आपने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाई। लोकतंत्र में अपनी बात…
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 10, 2026
राहुल के उल्टे पड़े दांव, एनडीए सांसदों ने झारखंड में बेटियों पर अत्याचार का मांगा जवाब
झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने को लेकर राहुल गांधी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहे थे। वहीं, NDA ने दावा किया है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन अब राहुल गांधी चर्चा से पीछे हट रहे हैं। NDA सांसदों ने झारखंड में लाठीचार्ज को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। सांसद हाथों में पोस्टर लेकर संसद के मकर द्वार की ओर मार्च करते नजर आए। पोस्टरों पर ‘गृह मंत्री की चर्चा से राहुल गांधी भागो मत’ जैसे संदेश लिखे थे। बीजेपी सांसदों ने नारा लगाया, “राहुल गांधी भागो मत, चर्चा करो, राहुल गांधी सदन में आओ, झारखंड में छात्र-छात्राओं पर अत्याचार का जवाब दो।” बीजेपी ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरने की रणनीति तैयार की है।
संसद में जस को तस वाला प्रदर्शन-
अब NDA सांसद भी विपक्ष को उसी तरह से जवाब दे रहे हैं जैसे कि विपक्ष पिछले तीन हफ्तों से सरकार को घेर रहा था, हाथों में बैनर पोस्टर लेकर.. गृह मंत्री अमित शाह जवाब देने को है तैयार, राहुल गांधी भागना मत…
झारखंड मुद्दे पर राहुल गांधी जवाब दो… https://t.co/xMx4gKKcUs pic.twitter.com/2tCsSZLhOq
— Ankit Gupta ( ABP News) 🇮🇳 (@ReporterAnkitG) August 11, 2026
झारखंड की बेटियों पर अत्याचार, बोली प्रियंका गांधी- होने दो, हमें क्या ?
संसद परिसर में प्रियंका गांधी वाड्रा उस समय मुश्किल में फंस गईं, जब मीडिया ने उनको घेर लिया। मीडियाकर्मियों ने झारखंड में बेटियों पर हुए अत्याचार और लाठीचार्ज के बारे में पूछा तो प्रियंका गांधी पहले सवाल टालने की कोशिश की, लेकिन उनके अंदर का तानाशाही खून जाग उठा। उन्होंने कहा कि तो होने दो, मुझे क्या लेना देना। ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा देने वाली प्रियंका गांधी झारखंड की बेटियों के साथ खड़ा होने से भाग रही है। उनका असंवेदनशील व्यवहार ना सिर्फ झारखंड की बेटियों के साथ, बल्कि पूरे देश की बेटियों के साथ विश्वासघात है।
पत्रकार ::- झारखंड में छात्रों को क्रूरता से मारा गया है लाठी चार्ज हुई है
प्रियंका वाड्रा :- तो होने दो मुझे क्या लेना देना है
कभी-कभी व्यक्ति अहंकार में अचानक से मुंह से सच बोल देता है
देश के युवाओं को छात्रों को zen z को समझना चाहिए कि यह दोगले किसी के सगे नहीं है pic.twitter.com/Cby2gjFpkP
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) August 11, 2026
झारखंड मामले में झूठ बोलते पकड़ी गईं प्रियंका गांधी वाड्रा
प्रियंका गांधी वाड्रा जब संसद परिसर में सदन की तरफ बढ़ीं तो बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने ‘राहुल गांधी शर्म करो, शर्म करो’ के नारे लगाए। उनके हाथों में ‘झारखंड में छात्रों पर हुई निर्दयता पर राहुल गांधी जवाब दो’ के पोस्टर थे। इस दौरान प्रियंका गांधी ने सांसद से कहा कि राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों से मुलाकात की और मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गईं। इसके बाद BJP सांसद मुकेश दलाल ने कहा कि “राहुल गांधी ने झारखंड का दौरा कब किया? राहुल गांधी और केजरीवाल झारखंड जाने की हिम्मत क्यों नहीं करते? प्रियंका (गांधी वाड्रा) ने मुझे बताया कि राहुल गांधी इस पर काम कर रहे हैं। इसलिए, मैंने उनसे पूछा कि राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं गए।”
जब बीजेपी सांसद ने प्रियंका गांधी से सवाल किया कि राहुल झारखंड क्यों नहीं गया , बेशर्म हंसते हुए चली गई
ये छात्रों के साथ कभी थे ही नहीं , इनको तो डीप स्टेट के लिए काम करना, और देश में आग लगाके पीएम बनना था pic.twitter.com/5TAZb2wnNc
— MEHR MEENA🐦 (@mehrRj11) August 11, 2026
राहुल गांधी केवल अपनी साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं- बाबूलाल मरांडी
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बीजेपी ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया था। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भारतीय जनता पार्टी के कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। ये नेता छात्रों पर लाठीचार्ज, झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी केवल अपनी साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बयान का कोई मतलब नहीं है। राहुल गांधी को मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए थी। और बच्चों से कहते कि हमने मुख्यमंत्री से बात की है, सीबीआई से जांच कराएंगे, तो हम समझते हैं कि वो छात्रों को लेकर चिंतित है। सरकार उनके सहयोग से चल रही है। राहुल गांध हेमंत सोरेन से बात करने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। क्योंकि वो भी शामिल है इस गड़बड़ी में…जांच होगी तब सब पता चलेगा।”
राहुल गांधी अपना चेहरा छुपाने के लिए उपरी मन से छात्रों पर हुई बर्बरता को गलत बता रहे हैं।
यदि उन्हें झारखंड के छात्रों की चिंता होती तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात कर सीबीआई जांच कराने का निर्देश देते।
लेकिन ऐसा लगता है JPSC और JSSC परीक्षाओं की नौकरी बेचे जाने के इस पूरे… pic.twitter.com/0zj6Ib3U7A
— Babulal Marandi (@yourBabulal) August 11, 2026









