कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं की सनातन धर्म में कोई आस्था नहीं है। सनातन संस्कृति, गौ माता और भारतीय वैज्ञानिकों का अपमान करना इनकी आदत बन चुकी है। 7 नवंबर 1966 (गोपाष्टमी) को गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर स्वामी करपात्री जी महाराज और कई हिंदू संगठनों ने संसद भवन के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साधु-संतों पर गोली चलाने का निर्देश दिया था, जिसमें सैकड़ों साधु-संत मारे गए थे। आज फिर इंदिरा गांधी की पोती प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना की याद ताजा कर दी है। उन्होंने संसद में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन, पुलिस लाठीचार्ज और परीक्षा सुधार को लेकर गठित समितियों पर बोलते हुए गौ माता और वैज्ञानिक का अपमान किया।
प्रियंका गांधी ने आज संसद में एग्ज़ाम रिफॉर्म के लिए बनाई हाई पावर्ड टास्क फोर्स में शामिल किए गए IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रोफ़ेसर वी. कामकोटि को गोमूत्र एक्सपर्ट कहकर उनका मज़ाक़ उड़ाया।
प्रोफ़ेसर वी. कामकोटि एक कंप्यूटर साइंटिस्ट के साथ-साथ देश के बड़े शिक्षाविदों में से एक… pic.twitter.com/kDJd94WB7K
— ocean jain (@ocjain4) July 28, 2026
प्रियंका गांधी ने लोकसभा में गौ माता का किया अपमान
दरअसल नीट (NEET) और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड रिफॉर्म टास्क फोर्स का गठन किया है। लोकसभा में इस कार्यबल पर तंज कसते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि इस नई समिति में तो पूर्व आईबी चीफ, एक आईटी कंपनी के मालिक, और एक गौ-मूत्र के विशेषज्ञ भी है। इन्हें शिक्षा के बारे में क्या पता जी। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा के चेहरे पर कुटिल मुस्कान और लोकसभा में बैठे कांग्रेस सांसदों द्वारा मेज थप-थपाकर हंसना साबित करता हैं कि इन्हें सनातन संस्कृति और गौ-माता का अपमान करने में मजा आता है।
प्रियंका गांधी का संसद में मजेदार तंज 😂
वीडियो में प्रियंका गांधी वाड्रा (वायनाड) लोकसभा में “पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026” पर बोल रही हैं।
वे कहती हैं कि नई कमेटी में जो लोग रखे गए हैं, उनमें:
• एक एक्स आईबी चीफ
• एक आईटी कंपनी के… pic.twitter.com/TIi7lm8gA9— Rashmi INC भारतीय (@Rashmi22302711) July 28, 2026
प्रियंका गांधी ने वैज्ञानिक वी.कामकोटि का उड़ाया मजाक
प्रियंका गांधी वाड्रा ने जिस गौ मूत्र विशेषज्ञ पर तंज कसा, उनका नाम प्रो.वी.कामकोटि हैं। इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स में देश के चुनिंदा शिक्षा और तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसमें आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो.वी.कामकोटि का नाम भी शामिल है। प्रो. कामकोटि सिर्फ एक शिक्षाविद ही नहीं, बल्कि भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ‘SHAKTI’के विकास का नेतृत्व करने वाले वैज्ञानिक भी हैं।
#Exclusive | Why should anyone believe that this task force won’t meet the same fate as the Radhakrishnan Committee? IIT Madras Director Prof. V. Kamakoti responds.#VKamakoti #IITMadras #ExamReforms #Education @maryashakil #ITVideo pic.twitter.com/w7QX9G6pqs
— IndiaToday (@IndiaToday) July 27, 2026
विकसित किया भारत का पहला स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ‘SHAKTI’
प्रो. कामकोटि को सबसे ज्यादा पहचान भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर SHAKTI माइक्रोप्रोसेसर परियोजना से मिली। उन्होंने उस रिसर्च टीम का नेतृत्व किया जिसने भारत का पहला स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया। इस परियोजना का उद्देश्य भारत को चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर तकनीक में आत्मनिर्भर बनाना था। आज SHAKTI को देश की महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धियों में गिना जाता है। प्रो.वी.कामकोटि का कंप्यूटर साइंस, साइबर सुरक्षा और टेक्नोलॉजी इनोवेशन के क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। ऐसे में अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे NTA की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।










