प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ टीएमसी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस बार का चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि बंगाल और पूर्वी भारत के भविष्य को तय करने का चुनाव है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत भावनात्मक अंदाज में की और कहा कि वे पिछले कई दशकों से देशभर में घूमते रहे हैं, लेकिन इस बार बंगाल के चुनाव में उन्हें अलग ही ऊर्जा महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां के रोड शो उनके लिए राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ‘तीर्थ यात्रा’ की तरह हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि अतीत में भारत की समृद्धि के तीन मजबूत स्तंभ थे— अंग (बिहार), बंग (बंगाल) और कलिंग (ओडिशा)। उन्होंने कहा कि जब ये स्तंभ कमजोर हुए तो देश के सामर्थ्य को झटका लगा। अब विकसित भारत के लक्ष्य के लिए इन तीनों का मजबूत होना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘पूर्वोदय’ के बिना भारत का भाग्योदय अधूरा है। बिहार और ओडिशा में कमल खिल चुका है, अब बंगाल की बारी है।
बैरकपुर, पश्चिम बंगाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बंगाल की सेवा करना, बंगाल को सुरक्षित करना, बंगाल के सामने उपस्थित एक विराट चुनौती से बंगाल को बचाना, ये मेरे भाग्य में भी है और मेरा दायित्व भी है और इस दायित्व से मैं पीछे नहीं हटूंगा… आज भारत जब विकसित होने के लक्ष्य… pic.twitter.com/PsiRKuMHUl
— IANS Hindi (@IANSKhabar) April 27, 2026
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने टीएमसी पर आरोप लगाया कि उसने 15 साल में मां, माटी, मानुष के नारे को ही भुला दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में न महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, न किसानों और युवाओं के लिए ठोस काम किया गया। उन्होंने कहा कि टीएमसी के पास न तो कोई विजन है और न ही भविष्य का रोडमैप। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी का एक ही फॉर्मूला है- गाली और धमकी। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग बंद हो रहे हैं और गुंडागर्दी बढ़ रही है।
बैरकपुर की औद्योगिक बेल्ट की हालत पर चिंता जताते हुए उन्होंने टीएमसी सरकार पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जहां कभी मिलों और कारखानों की आवाजें आती थीं, वहां अब बमबाजी और गोलियों की गूंज सुनाई देती है। ऑकलैंड जूट मिल जैसी दर्जनों मिलें बंद हो चुकी हैं और मजदूर पलायन को मजबूर हैं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि एक तरफ रोजगार देने वाली मिलें बंद हो रही हैं, तो दूसरी तरफ टीएमसी के सिंडिकेट राज में ‘कच्चे बम’ बनाने की फैक्ट्रियां फल-फूल रही हैं।
बैरकपुर, पश्चिम बंगाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “यहां जूट मिलें, पेपर मिलें, कपड़ा उद्योग, एक के बाद एक ये सब बंद हो रहे हैं। बीते कुछ महीनों में ही बैरकपुर इंडस्ट्रियल बेल्ट में करीब एक दर्जन जूट मिलें बंद हो चुकी हैं। एक तरफ आपको रोजगार देने वाली मिलें बंद हो रही हैं… pic.twitter.com/DIEOxstbyA
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बंगाल के युवाओं को राज्य में ही रोजगार देने के लिए पीएम ने ‘मोदी की गारंटी’ के तहत पांच बड़े वादे किए। पहला- सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और समयबद्ध नियुक्तियां। दूसरा- खाली पड़े पदों को तेजी से भरना और सरकारी कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ। तीसरा- क्रिएटिव इकोनॉमी (कंटेंट क्रिएशन, गेमिंग, आर्ट) का विस्तार। चौथा- गांवों में 125 दिन के रोजगार की गारंटी और पीएम विश्वकर्मा योजना का पूर्ण कार्यान्वयन।पांचवां- शहरी स्ट्रीट वेंडर्स के लिए पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड की सुविधा।
बैरकपुर, पश्चिम बंगाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बंगाल ने दशकों तक पलायन की तकलीफ सह ली। यहां रोजगार था नहीं, इतने बच्चे मजबूरी में बाहर कमाने चले गए। यहां कोलकाता और इस पूरे क्षेत्र में बड़े-बुजुर्ग अकेले रह गए। अपने लिए ओल्ड एज होम तलाशने वाले बुजुर्गों की संख्या यहां… pic.twitter.com/UGVFXWpOAO
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महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मातृशक्ति भोरशा कार्ड’ का ऐलान किया, जिसके तहत बहनों को साल में 36 हजार रुपये मिलेंगे। साथ ही, गर्भावस्था के दौरान 21 हजार रुपये की मदद, सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण और बेटियों की कॉलेज शिक्षा के लिए 50 हजार रुपये की सहायता देने का वादा किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजेपी सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में ‘आयुष्मान भारत’ योजना लागू की जाएगी, जिससे हर गरीब को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक को कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन घुसपैठियों को खदेड़ा जाएगा। उन्होंने मतुआ और नामशूद्र परिवारों जैसे शरणार्थियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें नागरिकता और हर वो अधिकार मिलेगा जो एक भारतीय को मिलता है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे को दोहराते हुए उन्होंने बंगाल की जनता से एक मौका मांगा ताकि राज्य को हिंसा, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की बेड़ियों से आजादी दिलाई जा सके।









