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भारत सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए अपार अवसर भी है : Defence Expo में पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश के सबसे बड़े डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन किया। 5 से 9 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में 70 देशों की रक्षा उपकरण बनाने वालीं 172 और भारत की 857 कंपनियां भाग ले रही हैं। इस प्रदर्शनी में 40 देशों के रक्षामंत्री शामिल हैं। 

11वें डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं में विकास की जब भारत की बात होती है तो दुनिया की नजर भारत की तरफ उठती है। आज का यह आयोजन भारत की विश्व में भागीदारी का प्रमाण है। रक्षा व अर्थव्यवस्था की जानकारी रखने वाले जानते हैं कि भारत सिर्फ एक बाजार ही नहीं बल्कि विश्व के लिए एक अवसर है। उन्होंने कहा कि तकनीक का गलत इस्तेमाल और आतंकवाद को देखते हुए दुनिया के तमाम देश अपनी रक्षा तकनीक को आगे बढ़ा रही हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी कोशिश है कि आने वाले पांच साल में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के करीब 25 रक्षा उत्पाद विकसित किए जाएं। बीते पांच वर्षों में डिफेंस के क्षेत्र में तेजी आई है। 2014 के बाद बड़ी संख्या में डिफेंस लाइसेंस विकसित किए गए हैं। आने वाले पांच वर्षों में डिफेंस एक्सपोर्ट को 35 हजार करोड तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

पीएम मोदी ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत सैकड़ों वर्षों तक डिफेंस एक्सपोर्टर रहा है। आजादी के बाद सबसे बड़ी सेना, सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के बावजूद भारत विश्व का सबसे बड़ा हथियारों का आयातक बन गया। वर्ष 2014 के बाद बड़े पैमाने नीतियों का निर्माण किया गया। उन्होंने कहा कि  बीते पांच-छह वर्षों में डिफेंस उत्पादों की मैन्युफक्चिरिंग में भारत को आगे बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सिर्फ सरकारी क्षेत्र तक सीमित न रहे बल्कि निजी क्षेत्रों की भी भागीदारी बढ़े। उन्होंने कहा कि उपयोगकर्ता और उत्पादक यानि User और Producer के बीच भागीदारी से राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक शक्तिशाली बनाया जा सकता है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने डिफेंस सेक्टर में एफडीआई नियमों को भी आसान किया है। अब डिफेंस सेक्टर में 100 प्रतिशत एफडीआई का रास्ता साफ हुआ है, जिसमें से 49 प्रतिशत ऑटोमेटिव रूट से संभव हो सकता है। बीते 5 वर्षों डिफेंस सेक्टर में 1700 करोड़ के एफडीआई आने का रास्ता साफ हुआ है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स के बनने से डिमांड और मैन्यूफैक्चरिंग की प्रक्रिया और आसान होने वाली है। इसका निश्चित लाभ डिफेंस सेक्टर्स से जुड़े उद्योगों को होगा और इस सेक्टर में इन्वेस्ट करने के इच्छुक आप सभी Investors को होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया की दूसरी बड़ी आबादी, दुनिया की दूसरी बड़ी सेना और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, कब तक सिर्फ और सिर्फ इंपोर्ट के भरोसे रह सकता था। उन्होंने कहा कि आधुनिक शस्त्रों के विकास के लिए दो प्रमुख आवश्यकताएं Research और Development की उच्च क्षमता और उन शस्त्रों का उत्पादन है। बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने इसे अपनी राष्ट्रनीति का प्रमुख अंग बनाया है।

 

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