देश भर में आज 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का त्योहार उमंग और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना कर रही हैं। भाई भी अपनी बहनों को उपहार दे रहे हैं और उनकी रक्षा करने का वचन निभा रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी किसी से पीछे नहीं है। वो हर वर्ष की तरह इस बार भी बहुत ही संजीदगी के साथ यह त्योहार मना रहे हैं। उन्होंने देशवासियों खासकर महिलाओं को बधाई दी है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, “रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता लेकर आए। स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे, यही कामना है।”
रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता लेकर आए।
स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे, यही कामना है। pic.twitter.com/bfH7GRVwUe
— Narendra Modi (@narendramodi) August 28, 2026
पीएम मोदी को बच्चियों ने बांधी राखी, देखिए दिल को छू लेने वाल स्नेहपूर्ण वीडियो
रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्कूली छात्राओं और नन्हीं बच्चियों से राखी बंधवाई। प्रधानमंत्री मोदी को राखी बांधती स्कूली छात्राओं और बच्चियों का यह स्नेहपूर्ण वीडियो वाकई दिल को छू लेने वाला है। ऐसे त्योहारों पर जब छोटे बच्चे देश के मुखिया को राखी बांधते हैं, तो वह न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहता है, बल्कि एक पारिवारिक और आत्मीय माहौल में बदल जाता है। यह दृश्य भारतीय संस्कृति, त्योहारों की मिठास और हमारी परंपराओं की खूबसूरती को बहुत ही सुंदर तरीके से दर्शाता है।
कलाई पर सजा स्नेह का पवित्र धागा, चेहरे पर मासूम मुस्कान! ❤️
रक्षाबंधन पर नन्हीं बेटियों ने प्रधानमंत्री श्री @narendramodi को राखी बांधी, तो माहौल खुशियों और अपनत्व से भर गया।
बच्चों संग Hi5, हंसी-मजाक और आशीर्वाद… स्नेह और अपनेपन का यह रिश्ता वाकई अनमोल है। 🥹 pic.twitter.com/da2417nwyy
— BJP (@BJP4India) August 28, 2026
महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का अनमोल उपहार
केंद्र की मोदी सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए सालभर विभिन्न योजनाएं चलाती हैं। लेकिन रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अटूट बंधन का पर्व है, साथ ही यह बहनों के सामर्थ्य और उनके सपनों को सम्मान देने का अवसर है। इसलिए रक्षाबंधन से पहले प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार ने महिलाओं को कई ऐसी खुशखबरी दी हैं, जिसने इस त्योहार को यादगार बना दिया है। आइए देखते हैं इस अवसर पर बहनों को कौन-कौन से 10 अनमोल उपहार मिले हैं…
अनमोल उपहार-1
बेटियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, AI कौशल प्रशिक्षण की घोषणा
लाल किले की प्राचीर से देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवक और युवतियों को फोकस में रखते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए सप्त शक्ति-सप्तधारा का मंत्र दिया। युवक और युवतियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग से लेकर अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं और युवतियों को एआई कौशल प्रशिक्षण देने जैसी घोषणाएं कीं।
ये है विकसित भारत का रोडमैप! 🇮🇳
15 अगस्त को लाल किले से PM मोदी ने विकसित भारत का विजन रखा, जिसकी नींव युवाशक्ति, तकनीक, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर है।
🎯 1 करोड़ युवाओं को AI Skills
📚 फ्री ऑनलाइन कोचिंग
🏅 नेशनल स्पोर्ट्स टैलेंट हंट
💻 सेमीकंडक्टर विस्तार
⚡… pic.twitter.com/1ffXihoaED— Bhuppendra Siingh (@bhupendrasingho) August 24, 2026
अनमोल उपहार-2
33% महिला आरक्षण जल्द से जल्द लागू करने का आह्वान और संकल्प
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से सभी राजनीतिक दलों से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण जल्द से जल्द लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि वे श्रेय भले ही ले लें, लेकिन महिलाओं को उनका वास्तविक हक और अधिकार प्रदान करें। सरकार ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए पहले ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया है।
लाल किले की प्राचीर से तिरंगे की छाया में प्रधानमंत्री @NarendraModi जी का सभी राजनीतिक दलों से विधानसभा और लोकसभा में 33% महिला आरक्षण से जुड़ने का आग्रह…#IndiaIndependenceDay pic.twitter.com/qscxGYFWrQ
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) August 15, 2026
अनमोल उपहार-3
जनधन योजना के 12 साल पूरे, महिलाओं के नाम 32.92 करोड़ खाते
देश में बैंकिंग सुविधा से दूर लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) ने आज यानी 28 अगस्त 2026 को 12 साल पूरे कर लिए। 28 अगस्त 2014 को शुरू हुई इस योजना के तहत अब 59 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खुल चुके हैं। खास बात यह है कि इन खातों में जमा रकम भी लगातार बढ़ी है और 19 अगस्त 2026 तक कुल जमा ₹3,16,513.80 करोड़ पहुंच गई। इसमें महिलाओं की भागीदारी भी काफी बड़ी है। 19 अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक 32.92 करोड़ खाते महिलाओं के नाम हैं। यानी कुल जनधन खातों में महिलाओं की हिस्सेदारी आधे से ज्यादा यानी 56 प्रतिशत है। इससे पता चलता है कि बैंकिंग व्यवस्था में महिलाओं की पहुंच बढ़ाने में भी जनधन योजना की बड़ी भूमिका रही है।
◾️प्रधानमंत्री जन धन योजना ने देश के वित्तीय समावेशन परिदृश्य को बदलने के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं
◾️59.09 करोड़ पीएमजेडीवाई खाते खोले गए जिनमें 3.17 लाख करोड़ रुपए जमा किए गए
◾️इनमें से 56 प्रतिशत खाताधारक महिलाएं हैं और 78 प्रतिशत खाते ग्रामीण और उप-नगरीय क्षेत्रों में हैं… pic.twitter.com/AmEWmrW9U7
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) August 27, 2026
भारत में महिलाओं की बैंकिंग भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके तहत बुनियादी बैंक खाता रखने वाली महिलाओं का प्रतिशत 2014 के 43% से बढ़कर 2024 में 89% तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) जैसी राष्ट्रीय योजनाओं ने महिलाओं को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।
बैंकिंग से सशक्त हुईं करोड़ों महिलाएँ!
2014 में जहाँ 43% महिलाओं के पास बैंक खाता था, वहीं 2024 में यह बढ़कर 89% हो गया। यह बदलाव महिलाओं की बढ़ती वित्तीय भागीदारी और आत्मनिर्भरता की मजबूत तस्वीर पेश करता है।#12YearsOfJanDhan pic.twitter.com/BWD64hDzEZ
— PIB in MP (@PIBBhopal) August 28, 2026
अनमोल उपहार-4
अब 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 3 करोड़ का पिछला लक्ष्य हासिल करने के बाद, इसे दोगुना करके 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य घोषित किया। इसका मतलब सिर्फ बैंक खाते में 1 लाख रुपये होना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है जिनके परिवार की सालाना आय कम से कम 1 लाख रुपये हो। स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को खेती, पशुपालन, छोटे कारोबार और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों के जरिए अपनी आय बढ़ाने के लिए सहायता दी जा रही है।
देश में बनेंगी 6 करोड़ लखपति दीदी!
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की नई राह खोलने का बड़ा संकल्प। आइए प्रधानमंत्री @narendramodi से सुनें…#IndiaIndependenceDay pic.twitter.com/QoCUdelQuL
— MyGov Hindi (@MyGovHindi) August 15, 2026
अनमोल उपहार-5
नमो ड्रोन दीदी को 15,000 ड्रोन देने का लक्ष्य
महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि कार्यों के लिए ड्रोन उपलब्ध कराने की योजना में 15,000 ड्रोन का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 1,094 ड्रोन महिलाओं के SHGs को वितरित किए जा चुके हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की केंद्रीय योजना है। इसकी शुरुआत 30 नवंबर 2023 को पीएम मोदी ने की थी। योजना के तहत 80% सब्सिडी (अधिकतम 8 लाख) मिलती है। महिलाओं को 15 दिन की ट्रेनिंग देकर प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये की अतिरिक्त आय सुनिश्चित की जा रही है।
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अटूट बंधन का पर्व है, साथ ही यह बहनों के सामर्थ्य और उनके सपनों को सम्मान देने का भी अवसर है।
आज हमारी बहनें नई तकनीक को अपना साथी बनाकर कृषि को नई दिशा दे रही हैं। नमो ड्रोन दीदी के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों की शक्ति को आधुनिक… pic.twitter.com/Cfw0o6DszS
— Agriculture INDIA (@AgriGoI) August 28, 2026
अनमोल उपहार-6
महिलाओं के नाम 1 करोड़ PMAY-U 2.0 घर
9 अगस्त 2026 तक प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) और PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत कुल 1.25 करोड़ घरों में से 1 करोड़ से अधिक घर महिलाओं के नाम पर या उनके साथ संयुक्त मालिकाना हक (Joint Ownership) में आवंटित किए गए हैं। सरकार के नियमों के अनुसार योजना में महिलाओं के स्वामित्व को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे उन्हें वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक अधिकार मिलते हैं। आमतौर पर घर परिवार की महिला मुखिया के नाम पर या पुरुष मुखिया और उसकी पत्नी के संयुक्त नाम पर पंजीकृत होता है। परिवार में वयस्क महिला न होने पर, विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा या ट्रांसजेंडर आवेदकों के नाम पर भी घर आवंटित किए जाते हैं।

अनमोल उपहार-7
महिला उद्यमियों को ₹40.07 लाख करोड़ के मुद्रा लोन में बड़ी हिस्सेदारी
8 अप्रैल 2026 तक प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 57.79 करोड़ से अधिक ऋण मंजूर हुए और कुल ₹40.07 लाख करोड़ वितरित हुए; इनमें दो-तिहाई ऋण महिला उद्यमियों को मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 8 अप्रैल, 2015 को शुभारंभ की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) भारत के जमीनी स्तर के उद्यमियों को सशक्त बनाने में 11 वर्षों की सफलता का उत्सव मना रही है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय पहुंच में वर्तमान अंतर को कम करना है, जिसके अंतर्गत गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि आय सृजन गतिविधियों के लिए लघु व्यवसायों को समर्थन देने हेतु 20 लाख रुपये तक के सरल, आसान और बिना गारंटी वाले ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता का परिणाम है कि जन-धन योजना ने वित्तीय सशक्तिकरण की एक ऐतिहासिक यात्रा तय की है।
बैंकिंग सेवाओं को देश के हर वर्ग और हर क्षेत्र तक पहुँचाने से लेकर करोड़ों लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से… pic.twitter.com/wr6UenTcMK
— Dr. Sudhanshu Trivedi (@SudhanshuTrived) August 28, 2026
अनमोल उपहार – 8
महिलाओं के लिए नया SHE-Mart
बजट 2026-27 में घोषित Self Help Entrepreneur Mart (SHE-Mart) का लक्ष्य 1 करोड़ महिलाओं को अपने टिकाऊ उद्यम स्थापित और संचालित करने में मदद करना है। इसके तहत देश के प्रत्येक जिले में क्लस्टर स्तर के महासंघों के तहत महिलाओं द्वारा संचालित दुकानें खोली जाएंगी। ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHG) के उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक बिकेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। हस्तशिल्प, कृषि आधारित खाद्य सामग्री, जैविक भोजन, डेयरी उत्पाद और स्थानीय कुटीर उद्योग का सामान। सरकार महिलाओं को आसान ऋण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल भुगतान का प्रशिक्षण देगी।

अनमोल उपहार- 9
GeM पर महिलाओं को मिले ₹28,000 करोड़ से अधिक के कॉन्ट्रैक्ट
जेम पोर्टल पर कुल 2,17,155 महिला उद्यमी पंजीकृत हैं। सरकारी खरीद में अब महिला उद्यमियों की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में महिलाओं को ₹28,000 करोड़ से अधिक के कॉन्ट्रैक्ट मिले। दरअसल, सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जेम पोर्टल सरकारी खरीद का बड़ा डिजिटल मंच बन चुका है। इस पोर्टल के जरिए सरकारी विभागों ने महिला संचालित सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से शुरुआत से अब तक 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की है। जेम के 10वें स्थापना दिवस पर जारी सालाना रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश में सरकारी खरीदारी का ढांचा अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो चुका है।
एक दशक पहले शुरू हुआ Government e-Marketplace (GeM) आज ₹1.55 लाख करोड़ से अधिक के स्तर तक पहुँचकर सरकारी खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और सुगमता का नया मानक स्थापित कर रहा है।
आज GeM से 12.28 लाख से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यम, 2.25 लाख से अधिक महिला-नेतृत्व वाले… pic.twitter.com/LRC8XYCUaL
— Sambit Patra (@sambitswaraj) August 10, 2026
अनमोल उपहार-10
‘मिशन शक्ति’ से 1.05 करोड़ से अधिक महिलाओं को मिली सहायता
‘मिशन शक्ति’ के तहत One Stop Centres, Women Helpline, Beti Bachao Beti Padhao और Nari Adalat जैसी व्यवस्थाएं चल रही हैं। 31 जुलाई 2026 तक Women Helpline ने 1.05 करोड़ से अधिक महिलाओं को सहायता दी। ‘मिशन शक्ति’ भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही एक प्रमुख मिशन-आधारित योजना है। यह उप-योजना महिलाओं की सुरक्षा के लिए है। इसके तहत वन स्टॉप सेंटर (OSC), महिला हेल्पलाइन (181), बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और नारी अदालत जैसी पहल शामिल हैं। समर्थ्य (Samarthya), यह उप-योजना महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए है, जिसमें कामकाजी महिलाओं के लिए आवास (सखी निवास) और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रम आते हैं।










