Home इतिहास के झरोखे में नरेन्द्र मोदी इतिहास के झरोखे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : 17 सितंबर

इतिहास के झरोखे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : 17 सितंबर

222
SHARE

17 सितंबर 2014
जन्मदिन पर अपनी मां हीराबेन से आशीर्वाद लेने गांधीनगर पहुंचे, चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में अहमदाबाद में तीन एमओयू पर हस्‍ताक्षर हुए, चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के साथ साबरमती आश्रम देखने गए, चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के साथ साबरमती रिवरफ्रंट देखने गए, गुजरात सरकार की नवीन गरीब हितकारी पहल-स्वावलंबन अभियान का शुभारंभ किया।

17 सितंबर 2015

नई दिल्ली में राजपथ पर 1965 के युद्ध की स्मृति में आयोजित प्रदर्शनी ‘शौर्यांजलि’ में भाग लिया, शौर्यांजलि प्रदर्शनी का अवलोकन किया, मैल्कम टर्नबुल को ऑस्ट्रेलिया का प्रधानमंत्री बनने पर टेलीफोन कर बधाई दी।

17 सितंबर 2016
जन्मदिन पर गांधीनगर पहुंचकर मां हीराबेन से आशीर्वाद लिया, गुजरात के नवसारी में विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ करने के बाद और लोगों को संबोधित किया,  नवसारी में पीएम मोदी को 67 फीट लंबी फूलों की माला भेंट दी गई।
17 सितंबर 2017

जन्मदिन पर मां हीराबेन से आशीर्वाद लेने गांधीनगर पहुंचे, सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन किया, सरदार पटेल की मूर्ति के निर्माण स्थल का दौरा, गुजरात के अमरेली में सहकार सम्मेलन को संबोधित किया।

17 सितंबर 2018
अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा किया, काशी विश्‍वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की, नरुर गांव के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से मुलाकात की, डीएलडब्ल्यू परिसर में काशी विद्यापीठ के छात्रों से मुलाकात की।

 

17 सितंबर 2019

जन्मदिन के मौके पर अपनी मां का आशीर्वाद लेने गांधीनगर पहुंचे, गुजरात के केवडिया में ‘नमामि नर्मदा’ समारोह में शामिल हुए, गुजरात के गरुदेश्वर स्थित दत्त मंदिर में पूजा अर्चना की, केवड़िया स्थित रिवर राफ्टिंग खेल सुविधा और जंगल सफारी में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया, गुजरात के केवड़िया में कैक्टस गार्डन का मुआयना किया और जनसभा को संबोधित किया।

17 सितंबर 2020

विश्वकर्मा जयंती के मौके पर ट्वीट कर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि आज का दिन उन लोगों को समर्पित है,जिनके लिए कर्म ही पूजा है।

Leave a Reply