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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जन्मदिन विशेष : पीएम मोदी ने कोरोना काल में स्थापित किया जन सेवा और राष्ट्र धर्म का आदर्श, देश के बेहतर भविष्य के लिए अनुकरणीय

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर पूरे हफ्ते को सेवा सप्ताह के तौर पर मनाया जा रहा है। मई 2014 से लेकर सितंबर 2020 के छह साल साढ़े तीन महीने के अपने रिकॉर्ड प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन सेवा और राष्ट्र धर्म के जो आदर्श स्थापित किए हैं, वो देश के बेहतर भविष्य के लिए अनुकरणीय है। 14 अप्रैल को उन्होंने कोरोना वायरस को लेकर राष्ट्र को संबोधित करते हुए यजुर्वेद के एक श्लोक का उल्लेख किया था -‘वयं राष्ट्रे जागृत्य’, अर्थात हम सभी अपने राष्ट्र को शाश्वत और जागृत रखेंगे। आज यह पूरे राष्ट्र का,जन-जीवन का संकल्प बन चुका है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिक और राष्ट्र के प्रति सेवा धर्म का जो कर्तव्यपथ तैयार किया है, सम्पूर्ण भारत उनके साथ है। लेकिन यह राह कम चुनौतयों से भरा नहीं रहा है। व्यक्तिगत जीवन हो या राजनीतिक जीवन, पूर्व के सभी प्रधानमंत्रियों की तुलना में इनका जीवन अधिक कठिनाईयों भरा रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर परीक्षा में शत-प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होते रहे हैं।

आज कोरोना महामारी में अपेक्षाकृत कम चिकित्सा सुविधा होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में कहीं बेहतर ढंग से इस महामारी से लड़ रहा है। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए जब पीएम केयर्स फंड की स्थापना की गई थी, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुरुआती फंड के तहत 2.25 लाख रुपये का योगदान दिया। पीएम केयर्स फंड में जमा राशि से भारत आज प्रभावी रूप से विश्व में सबसे बेहतर तरीके से कोरोना से लड़ाई लड़ रहा है।

पीएम केयर्स फंड का उपयोग कोरोना से और भविष्य में इस प्रकार की गंभीर चुनौतियों का शीघ्रता और तत्परता से निपटने के लिए चिकित्सीय ढांचागत सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। भारत का यह सशक्त होता सामर्थ्य, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जन और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण तथा उनके नेतृत्व में जन आस्था का परिणाम है।

प्रधानमंत्री मोदी के जीवन के सिर्फ एक ही मायने हैं भारत माता के लिए काम ही काम। प्रधानमंत्री मोदी यह सब कर पाते हैं समय का सदुपयोग करके। भारी व्यस्तता के बीच प्रधानमंत्री मोदी समय का सदुपयोग करके उन्होंने कोरोना संकट काल में भी 50 से ज्यादा बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने कोरोना से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से लेकर किसान कल्याण तक कई बड़े फैसले किए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय में नियमित कार्यों के अलावा उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश दुनिया के साथ संवाद भी किए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार न सिर्फ देश में कोरोना महामारी से कुशलतापूर्वक लड़ रही है, बल्कि पूरी दुनिया को इस बीमारी से लड़ने में मदद भी कर रही है। भारत ने पड़ोसी और अन्य देशों को कोरोना से लड़ने के लिए हाइड्रोकिसीक्लोरोक्वीन दवा समेत जीवन रक्षक दवाएं भेजीं। इनके अलावा अन्य कई तरह से मदद कर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वैश्विक कर्तव्य का परिचय दिया, जिसकी पूरी दुनिया ने तारीफ की। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व में सेवा, त्याग और मानवता के अनुपम उदाहरण पेश किया है। मानवता और राष्ट्र की सेवा में अबतक 103 करोड़ रुपये अपने व्यक्तिगत फंड से दान कर चुके हैं।

1. गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मिले सभी उपहारों की नीलामी कर मिले 89.96 करोड़ रुपये को कन्या केलवनी फंड में दिया।

2. 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने से पहले अपने निजी बचत के 21 लाख रूपये गुजरात सरकार के कर्मचारियों की बेटियों की पढ़ाई के लिए दिया।

3. 2015 में मिले उपहारों की नीलामी से जुटाए गए 8.35 करोड़ रुपये नमामि गंगे मिशन को दिया।

4. 2019 में कुंभ मेले में निजी बचत से 21 लाख रुपये स्वच्छता कर्मचारियों के कल्याण के लिए बनाए गए फंड को दिया।

5. 2019 में ही साउथ कोरिया में सियोल पीस प्राइज़ में मिली 1.3 करोड़ की राशि को स्वच्छ गंगा मिशन को दिया।

6. हाल ही में अपने कार्यकाल के दौरान उनको मिली स्मृति चिन्हों की नीलामी में 3.40 करोड़ रुपये एकत्र किए गए राशि को भी नमामि गंगे मिशन को उन्होंने दिए।

7. वहीं पीएम केयर्स फंड के लिए 2.25 लाख रुपये दिए।

आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 70 वर्ष की अवस्था में भी पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ ‘तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा’ की भावना से देश और समाज की सेवा कर रहे हैं।

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