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प्रधानमंत्री 2 अक्टूबर को जल जीवन मिशन पर ग्राम पंचायतों और पानी समितियों से बात के साथ करेंगे राष्ट्रीय जल जीवन कोष का शुभारंभ

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल, 2 अक्टूबर को 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल जीवन मिशन के बारे में ग्राम पंचायतों, पानी समितियों, ग्राम जल और स्वच्छता समितियों से बात करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी जल जीवन मिशन एप का शुभारंभ और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय जल जीवन कोष की शुरुआत भी करेंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय जल जीवन कोष के जरिए कोई भी व्यक्ति, संस्था, कंपनी या समाजसेवी नल-जल कनेक्शन के लिए अपना योगदान कर सकते हैं।

जल जीवन मिशन पर देश भर में ग्राम सभाएं भी आयोजित की जाएंगी। ग्राम सभाओं में ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों की योजना एवं प्रबंधन के बारे में चर्चा की जाएगी। पानी समितियां ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों की योजना, कार्यान्वयन, प्रबन्धन, संचालन और रखरखाव में प्रमुख भूमिका निभाती हैं, जिससे हर परिवार को नियमित स्वच्छ नल-जल उपलब्ध कराया जाता है। कुल 6 लाख से अधिक गांवों में से लगभग 3.5 लाख गांवों में पानी समितियां गठित की गई हैं। फील्ड टेस्ट किट्स के इस्तेमाल से जल की गुणवत्ता की जांच करने के लिए 7.1 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के हर परिवार को स्वच्छ नल-जल उपलब्ध कराने के लिए 15 अगस्त, 2019 को जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। मिशन की शुरुआत के समय केवल 3.23 करोड़ ग्रामीण परिवारों के पास नल-जल आपूर्ति की सुविधा थी। कोरोना महामारी के बावजूद, पिछले दो वर्षों में 5 करोड़ से अधिक परिवारों को नल-जल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। अब तक करीब 8.26 करोड़ ग्रामीण परिवारों के लिए उनके घरों में नल-जल की आपूर्ति की जा रही है।

देश के 78 जिलों, 58 हजार ग्राम पंचायतों और 1.16 लाख गांवों में हर परिवार को नल-जल आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब तक 7.72 लाख स्कूलों और 7.48 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों में नल-जल आपूर्ति की सुविधा प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री के ‘सबका-साथ, सबका-विकास, सबका-विश्वास, सबका-प्रयास’ के दृष्टिकोण को साकार करने और ‘बॉटम अप’ अप्रोच का अनुसरण करते हुए राज्यों की साझेदारी से 3.60 लाख करोड़ रुपए के बजट से जल जीवन मिशन को अमल में लाया जा रहा है।

 

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