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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का नवंबर तक विस्तार, 80 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा- देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी

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कोरोना संकट काल में छठी बार देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि गरीबों को मुफ्त अनाज देने की योजना अब अगले पांच महीनों तक जारी रहेगी। मंगलवार, 30 जून को देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया गया है। सरकार द्वारा इन 5 महीनों के लिए, 80 करोड़ से ज्यादा गरीब भाई-बहनों को हर महीने, परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त मुहैया कराया जाएगा। और साथ ही प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा।प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के इस विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए हो जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश हो या व्यक्ति, समय पर फैसले लेने से, संवेदनशीलता से फैसले लेने से, किसी भी संकट का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए, लॉकडाउन होते ही सरकार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई। बीते तीन महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं। इस दौरान 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक और बड़ी बात है जिसने दुनिया को भी हैरान किया है, आश्चर्य में डुबो दिया है। वो ये कि कोरोना से लड़ते हुए भारत में, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को 3 महीने का राशन, यानि परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया गया। एक तरह से देखें तो, अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना अधिक लोगों को, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना अधिक लोगों को, और यूरोपियन यूनियन की आबादी से लगभग दोगुने से ज्यादा लोगों को हमारी सरकार ने मुफ्त अनाज दिया है।

देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब पूरे भारत के लिए एक राशन-कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है यानि एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड ‘one nation one ration card’। इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा, जो रोजगार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गांव छोड़कर के कहीं और जाते हैं। आज गरीब को, जरूरतमंद को, सरकार अगर मुफ्त अनाज दे पा रही है तो इसका श्रेय दो वर्गों को जाता है। पहला- हमारे देश के मेहनती किसान, हमारे अन्नदाता। और दूसरा- हमारे देश के ईमानदार टैक्सपेयर।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपने ईमानदारी से टैक्स भरा है, अपना दायित्व निभाया है, इसलिए आज देश का गरीब, इतने बड़े संकट से मुकाबला कर पा रहा है। मैं आज हर गरीब के साथ ही, देश के हर किसान, हर टैक्सपेयर का ह्रदय से बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं, उन्हें नमन करता हूं। हम सारी एहतियात बरतते हुए आर्थिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाएंगे। हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन रात एक करेंगे। हम सब ‘लोकल के लिए वोकल’ होंगे। इसी संकल्प के साथ हम 130 करोड़ देशवासियों को मिलजुल कर के, संकल्प के साथ काम भी करना है, आगे भी बढ़ना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ते हुए अब हम अनलॉक-2 में प्रवेश कर रहे हैं। और हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं जहां सर्दी-जुखाम, खांसी-बुखार ये सारे न जाने क्या क्या होता है, के मामले बढ़ जाते हैं। सभी देशवासियों से प्रार्थना है कि अपना ध्यान रखिए। साथियों, ये बात सही है कि अगर कोरोना से होने वाली मृत्यु दर को देखें तो दुनिया के अनेक देशों की तुलना में भारत संभली हुई स्थिति में है। समय पर किए गए लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत में लाखों लोगों का जीवन बचाया है। लेकिन जब से देश में अन लॉक वन हुआ है तब से लापरवाही कुछ बढ़ती जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले हम मास्क को लेकर, दो गज की दूरी को लेकर, 20 सेकेंड तक दिन में कई बार हाथ धोने को लेकर बहुत सतर्क थे। लॉकडाउन के दौरान बहुत गंभीरता से नियमों का पालन किया गया था। अब सरकारों को, स्थानीय निकाय की संस्थाओं को, देश के नागरिकों को, फिर से उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि विशेषकर कन्टेनमेंट जोन्स पर हमें बहुत ध्यान देना होगा। जो भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे, हमें उन्हें टोकना होगा, रोकना होगा और समझाना भी होगा। लॉकडाउन के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले। केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों, सिविल सोसायटी के लोग हों, सभी ने पूरा प्रयास किया कि इतने बड़े देश में हमारा कोई गरीब भाई-बहन भूखा न सोए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साथियों, हमारे यहां वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्य तौर पर एग्रीकल्चर सेक्टर में ही ज्यादा काम होता है। अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है। जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है। फिर से एक बार मैं आप सब से प्रार्थना करता हूं, आपके लिए भी प्रार्थना करता हूं, आपसे आग्रह भी करता हूं, आप सभी स्वस्थ रहिए, दो गज की दूरी का पालन करते रहिए, गमछा , फेस कवर, मास्क ये हमेशा उपयोग कीजिये, कोई लापरवाही मत बरतिए।

कोरोना संकट के बाद छह बार राष्ट्र के नाम संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी कोरोना संकट के बाद से अब तक पांच बार देश को संबोधित कर चुके हैं। आइए डालते हैं एक नजर-

पहला संबोधन- 19 मार्च:
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की बात कही थी। 22 मार्च को देशभर में सबकुछ बंद रहा और शाम में लोगों ने ताली और थाली बजाकर डॉक्टरों, नर्सों और पुलिस के साथ कोरोना वॉरियर्स को आभार जताया था।

दूसरा संबोधन- 24 मार्च:
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम संबोधन में 25 मार्च से 14 अप्रैल तक 21 दिन के लॉकडाउन का एलान किया था। इसमें उन्होंने घर में रहकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा था।

तीसरा संबोधन- 3 अप्रैल:
प्रधानमंत्री मोदी ने 3 अप्रैल को एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से 5 अप्रैल की रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की लाइट बंद कर घरों में दीये, मोमबत्ती और मोबाइल की लाइट जलाकर एकजुटता दिखाने की अपील की थी।

चौथा संबोधन- 14 अप्रैल:
प्रधानमंत्री मोदी ने 14 अप्रैल, 2020 को देश को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रव्यापी बंद लॉकडाउन को 19 दिन बढ़ाने की घोषणा की।

पांचवां संबोधन- 12 मई:
प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई, 2020 को देश को संबोधित किया। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान की घोषणा की।

छठा संबोधन- 30 जून:
कोरोना संकट काल में छठी बार देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के इस विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए हो जाता है।

इसके पहले भी प्रधानमंत्री मोदी कई मुद्दों पर राष्ट्र के नाम संबधोन कर चुके हैं। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री कब-कब और किन-किनों मुद्दों पर राष्ट्र को पहले संबोधित कर चुके हैं।

8 नवम्बर 2016
राष्ट्र के नाम संबोधन में 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की ऐतिहासिक घोषणा।

27 मार्च 2019
उपग्रह रोधी प्रक्षेपास्त्र’ (एएसएटी) के सफल परीक्षण पर राष्ट्र के नाम संबोधन।

8 अगस्त 2019
जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाने के मुद्दे पर राष्ट्र के नाम संबोधन।

10 नवंबर 2019
राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन।

 

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