प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में भारत आज अपने सनातन गौरव और आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है। सदियों के आक्रमण, उपेक्षा और समय की धूल में दबे अनेक पवित्र तीर्थों और मंदिरों को फिर से दिव्यता, भव्यता और सम्मान मिला है। उनके कार्यकाल में काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्निर्माण और अयोध्या में भव्य राम मंदिर जैसे परियोजनाओं ने केवल मंदिरों का जीर्णोद्धार नहीं किया, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना को भी नई ऊर्जा दी है। गुजरात के सोमनाथ, पावागढ़ और चारधाम परियोजना जैसे प्रयास केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक आत्मा को पुनर्स्थापित करने का जयघोष है। पीएम मोदी ने सनातन परंपरा को आधुनिक भारत की आत्मा के रूप में प्रतिष्ठित करते हुए यह संदेश दिया है कि हमारी आस्था, विरासत और संस्कृति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। इन दिव्य स्थलों ने करोड़ों श्रद्धालुओं के मन में अपने धर्म, इतिहास और सभ्यता के प्रति नया गर्व और आत्मविश्वास जगाया है।
आइए, जानते हैं कि पीएम मोदी के कार्यकाल में किन मंदिरों नवनिर्माण और किन आस्था स्थलों का कब पुनरोद्धार हुआ है…
भव्य-दिव्य मंदिर -20
कर्नाटक में भव्य ‘श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर’ का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र ने अप्रैल 2026 में कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित आदिचुंचनगिरी मठ में भव्य ‘श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर’ का उद्घाटनकिया। यह मंदिर आदिचुंचनगिरी के 71वें मठाधीश, परमपूज्य डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी की स्मृति में समर्पित है, जिन्होंने मठ के उत्थान और समाज सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से बना यह मंदिर पारंपरिक द्रविड़ वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है, जिसका निर्माण उसी स्थान पर किया गया है जहाँ महास्वामीजी अक्सर ध्यान और तपस्या किया करते थे।

भव्य-दिव्य मंदिर -19
त्रिपुरा में माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का शुभारंभ
त्रिपुरा के ऐतिहासिक शहर उदयपुर में स्थित 51 शक्तिपीठों में से एक, माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के पुनर्विकसित परिसर का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने 22 सितंबर 2025 को किया। लगभग 524 साल पुराने इस मंदिर को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ जीर्णोद्धार किया गया है। पीएम मोदी ने इस परियोजना के माध्यम से पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और वहां धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के अपने संकल्प को दोहराया, जिससे क्षेत्र की पहचान और सशक्त हुई है।
भव्य-दिव्य मंदिर -18
नवी मुंबई में इस्कॉन मंदिर श्री राधा मदनमोहन मंदिर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जनवरी 2025 को नवी मुंबई में इस्कॉन के भव्य ‘श्री श्री राधा मदनमोहनजी मंदिर’ और सांस्कृतिक केंद्र का शुभारंभ किया। यह मंदिर न केवल अपनी सुंदर वास्तुकला के लिए जाना जाता है, बल्कि यह आधुनिक समाज में आध्यात्मिक शिक्षा और सामुदायिक सेवा का एक बड़ा केंद्र है। पीएम मोदी ने इस दौरान इस्कॉन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान नई पीढ़ी को भारतीय मूल्यों और शांति के मार्ग से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
भव्य-दिव्य मंदिर -17
गुजरात में श्री वालिनाथ महादेव मंदिर का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने 22 फरवरी 2024 को गुजरात के मेहसाणा जिले के विसनगर तालुका स्थित तरभमें श्री वालिनाथ महादेव मंदिर का उद्घाटन किया। यह मंदिर रबारी समाज की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है और गुरुगादी वालिनाथ धाम के रूप में प्रसिद्ध है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह विशाल मंदिर पूरी तरह से नागर वास्तुकला में बनाया गया है और सोमनाथ मंदिर के बाद यह गुजरात के सबसे ऊंचे मंदिरों में से एक माना जाता है।
भव्य-दिव्य मंदिर -16
उत्तर प्रदेश के संभल में श्री कल्कि धाम मंदिर
प्रधानमंत्री मोदी ने 19 फरवरी 2024 को उत्तर प्रदेश के संभल में श्री कल्कि धाम मंदिर का शिलान्यास किया। भगवान विष्णु के भविष्य के अवतार को समर्पित इस मंदिर के निर्माण का शुभारंभ करते हुए पीएम मोदी ने इसे भक्ति और आधुनिकता का संगम बताया। यह मंदिर अपनी अनूठी योजना और भव्यता के लिए चर्चा में है, जिसे आचार्य प्रमोद कृष्णम के नेतृत्व में निर्मित किया जा रहा है। शिलान्यास के अवसर पर पीएम ने भारत के आध्यात्मिक सामर्थ्य और सांस्कृतिक गौरव पर विशेष बल दिया।
भव्य-दिव्य मंदिर -15
काशी में दुनिया के सबसे बड़ा ध्यान केंद्र का उद्घाटन
स्वर्वेद महामंदिर वाराणसी के उमराह में स्थित दुनिया के सबसे बड़ा ध्यान केंद्र का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2023 को किया था। इसमें एक साथ 20,000 लोग बैठकर ध्यान लगा सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी दीवारों पर नक्काशीदार 4,000 दोहे हैं। स्वर्वेद महामंदिर किसी विशिष्ट मूर्ति पूजा के बजाय आध्यात्मिक योग और ध्यान को समर्पित एक वैश्विक ज्ञान स्थल है, जहां हर किसी के लिए आंतरिक शांति और आत्म-साक्षात्कार पर जोर दिया जाता है।
भव्य-दिव्य मंदिर -14
श्री महाकाल लोक और मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार
प्रधानमंत्री मोदी ने 11 अक्टूबर, 2022 को मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के आंगन में बना श्री महाकाल लोक का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से महाकाल लोक की नींव पड़ी थी। 2016 में सिंहस्थ महाकुंभ हुआ था। उसमें प्रधानमंत्री मोदी भी आए। इस दौरान महाकाल कॉरीडोर की कल्पना की गई थी। इसके बाद महाकाल परिसर के कायाकल्प के लिए रायशुमारी शुरू हुई। 2017 में डीपीआर बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन 2018 में सरकार बदल गई। शिवराज सिंह चौहान के सत्ता में आने के बाद कॉरीडोर का जमीन पर निर्माण कार्य शुरू हो गया और पहले चरण का काम भी पूरा हुआ है।
भव्य-दिव्य मंदिर -13
पावागढ़ के कालिका मंदिर शिखर पर 500 साल बाद फहराया ध्वज
प्रधानमंत्री मोदी ने 18 जून, 2022 को हर हिन्दू गर्वान्वित महसूस किया, जब 500 साल बाद प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के पावागढ़ पहाड़ी पर स्थित महाकाली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उसके शिखर पर पताका फहराया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से ही 11वीं सदी में बने इस मंदिर का पुनर्विकास योजना के तहत कायाकल्प किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महाकाली मंदिर के ऊपर पांच सदियों तक, यहां तक कि आजादी के 75 वर्षों के दौरान भी पताका नहीं फहराई गई थी। लाखों भक्तों का सपना आज उस समय पूरा हो गया जब मंदिर प्राचीन काल की तरह अपने पूरे वैभव के साथ खड़ा है।
भव्य-दिव्य मंदिर -12
महाराष्ट्र के पुण में संत तुकाराम शिला मंदिर का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2022 को संत तुकाराम शिला मंदिर का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा, ‘संत ज्ञानेश्वर पालखी मार्ग का निर्माण 5 चरणों में होगा और संत तुकाराम पालखी मार्ग का निर्माण 3 चरणों में होगा। 350 किलोमीटर से ज्यादा बड़े हाइवे बनेंगे, इसमें 11000 करोड़ का खर्च होगा। संत तुकाराम एक वारकरी संत और कवि थे। यह मंदिर 36 चोटियों के साथ पत्थर की चिनाई से बनाया गया है। इसमें संत तुकाराम की एक मूर्ति भी स्थापित की गई है।
भव्य-दिव्य मंदिर -11
एएसआई द्वारा संरक्षित मार्तंड सूर्य मंदिर का पुनरोद्धार
अनंतनाग जिले में एएसआई द्वारा संरक्षित मार्तंड सूर्य मंदिर का पुनरोद्धार कराया गया इस मंदिर में मई 2022 में सुबह 100 से अधिक तीर्थयात्रियों ने कुछ घंटों तक पूजा-अर्चना की। इस कार्यक्रम के जरिए सूर्य मंदिर में पहली बार शंकराचार्य जयंती मनाई गई है। कहा जाता है कि 8वीं शताब्दी के इस मंदिर को सिकंदर शाह मिरी के शासन के दौरान 1389 और 1413 के बीच नष्ट कर दिया गया था। मार्तंड मंदिर के अलावा, पाटन का शंकरगौरीश्वर मंदिर, श्रीनगर के पांद्रेथन मंदिर, अवंतिपोरा के अवंतिस्वामी और अवंतिस्ववरा मंदिर के पुनरोद्धार का काम चल रहा है।
भव्य-दिव्य मंदिर -10
हैदराबाद में रामानुजाचार्य की याद में स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी
पीएम मोदी ने हैदराबाद में 11वीं सदी के संत श्री रामानुजाचार्य की याद में बनी ‘स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी’ और उससे जुड़े मंदिर परिसर का 5 फरवरी 2022 को उद्घाटन किया। यह 216 फीट ऊंची प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची बैठी हुई प्रतिमाओं में से एक है। मंदिर के चारों ओर 108 दिव्य देशम (नक्काशीदार मंदिर) बनाए गए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने समानता के संदेश को रेखांकित करते हुए रामानुजाचार्य के योगदान को आधुनिक भारत के लिए प्रासंगिक बताया।
भव्य-दिव्य मंदिर -9
गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर परिसर का पुनरोद्धार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र ने 20 अगस्त, 2021 को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर की 83 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। जिन तीन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया था, उनमें मंदिर के पीछे समुद्र के किनारे 49 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक किलोमीटर लंबा “समुद्र दर्शन” पैदल मार्ग, मंदिर के पास 75 लाख रुपये में निर्मित प्राचीन कलाकृतियों का एक नवनिर्मित संग्रहालय, और पुनर्निर्मित “अहिल्याबाई होल्कर मंदिर” या मुख्य मंदिर के सामने स्थित पुराना सोमनाथ मंदिर शामिल था। गौरतलब है कि गुजरात के सोमनाथ मंदिर को महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक ने कई बार तोड़ा था। सोमनाथ मंदिर को पहली बार तोड़ने के हाल ही में एक हजार साल पूरे हुए हैं।
भव्य-दिव्य मंदिर -8
कश्मीर के गुलमर्ग में किया मंदिरों का जीर्णोद्धार
कश्मीर में 05 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 हटने के बाद मोदी सरकार ने श्रीनगर में कई पुराने मंदिरों का पुनर्निर्माण शुरु किया। मंदिरविहीन हो चुकी घाटी में गुलमर्ग का शिव मंदिर ऐसा पहला मंदिर है, जिसे 1 जून, 2021 को जीर्णोद्धार के बाद जनता के लिए खोल दिया गया। इस दौरान सेना की गुलमर्ग बटालियन द्वारा एक भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया था। भारतीय सेना ने स्थानीय लोगों की मदद से गुलमर्ग के इस शिव मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य किया है।

भव्य-दिव्य मंदिर -7
गुरु पर्व पर पीएम मोदी का सिख समुदाय को तोहफा
मोदी सरकार ने कोरोना महामारी के कारण मार्च 2020 से बंद करतारपुर साहिब कॉरिडोर को बुधवार (17 नवंबर, 2021) से फिर से खोलने की घोषणा की। यह फैसला श्री गुरु नानक देव जी और सिख समुदाय के प्रति मोदी सरकार की अपार श्रद्धा को दर्शाता है। इससे बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं को फायदा होगा। इस फैसले से जहां सिख श्रद्धालु काफी खुश है, वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मोदी सरकार के इस फैसले की सराहना और स्वागत किया।
भव्य-दिव्य मंदिर -6
अयोध्या में भव्य-दिव्य प्रभु श्रीराम मंदिर का निर्माण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज, 5 अगस्त 2020 को विधि-विधान के साथ अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर की नींव रखी। प्रधानमंत्री मोदी ने भूमि पूजन के बाद अभिजीत मुहूर्त में श्रीराम मंदिर का शिलान्यास किया। इसके साथ ही मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो गया। पीएम मोदी के विजन से आज राम मंदिर के रूप में भारत के गौरव का प्रतिबिंब खड़ा हुआ है। इतिहास से सीखकर, वर्तमान को सुधारने की एक नया भविष्य बनाने की कहानी है। यह केवल भौगोलिक एवं वैचारिक निर्माण नहीं है। अयोध्या में राम मंदिर का मुख्य निर्माण (प्राण प्रतिष्ठा) 22 जनवरी 2024 को पूरा हुआ, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी ने किया। मंदिर का पूर्ण निर्माण कार्य 25 नवंबर 2025 (विवाह पंचमी) को पूर्ण हुआ, जब पीएम मोदी ने मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई।
भव्य-दिव्य मंदिर -5
काशी विश्वनाथ कॉरीडोर और मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार
प्रधानमंत्री मोदी ने 8 मार्च 2019 को काशी विश्वनाथ कॉरीडोर और मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार का काम शुरु कराया। चार साल के रिकॉर्ड समय में यह कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 दिसंबर, 2021 को 500 साधु संतों और मंत्रोच्चार के साथ काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण किया। वाराणसी से लोकसभा सांसद प्रधानमंत्री मोदी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट था। इस भव्य कॉरिडोर में छोटी-बड़ी 23 इमारतें और 27 मंदिर हैं। गंगा घाट से सीधे कॉरिडोर के रास्ते बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए जा सकते हैं।
भव्य-दिव्य मंदिर -4
अबू धाबी में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का भूमि पूजन
अपनी पहली UAE यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने 2015 में अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर के लिए भूमि आवंटन सुनिश्चित किया और फरवरी 2018 में आधिकारिक रूप से मंदिर की परियोजना का शिलान्यास किया। यह पश्चिम एशिया का पहला पारंपरिक हिंदू पत्थर मंदिर है। इस शुभारंभ के माध्यम से उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति और अंतर-धार्मिक सद्भाव का संदेश दिया। वर्तमान में यह भव्य मंदिर (BAPS मंदिर) बनकर तैयार हो चुका है और श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है। इसके साथ ही उन्होंने मनामा में भी हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी।
भव्य-दिव्य मंदिर -3
भीषण आपदा से बर्बाद हुए केदारनाथ धाम को संवारा
प्रधानमंत्री नरेंद्र ने मई 2017 में केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों का उद्घाटन और निरीक्षण किया। इस दिन, उन्होंने मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर वहां पहुंचकर पूजा-अर्चना की थी और धाम में चल रहे विकास व पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की थी। मोदी सरकार ने केदारनाथ धाम के पुनर्विकास का बीड़ा उठाया। 2013 की भीषण आपदा से बर्बाद हुए केदारनाथ धाम की भव्यता को फिर से निखारा गया। फिर से बने केदारनाथ मंदिर परिसर का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि केदारनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण उनके लिए एक व्यक्तिगत लक्ष्य तो था ही लेकिन उन्हें 2013 और 2017 में उत्तराखंड की जनता को किया गया अपना वादा भी याद था। प्रधानमंत्री मोदी ने श्री आदि शंकराचार्य समाधि का उद्घाटन किया और उनकी प्रतिमा का अनावरण किया।
भव्य-दिव्य मंदिर -2
कोयंबटूर में 112 फीट ऊंची आदियोगी शिव प्रतिमा का शुभारंभ
प्रधानमंत्री मोदी ने 24 फरवरी 2017 को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में 112 फीट ऊंची ‘आदियोगी शिव’ की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। स्टील से बनी यह प्रतिमा दुनिया की सबसे बड़ी ‘बस्ट’ (धड़) मूर्ति के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। पीएम मोदी ने इसे मानवता के लिए योग और आध्यात्मिक मुक्ति का प्रतीक बताया। यह स्थल आज योग साधकों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है।
भव्य-दिव्य मंदिर -1
देश के चारों धामों को जोड़ने वाली अद्वितीय परिजोयना
चार धाम प्रोजेक्ट की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने दिसंबर 2016 में रखी। पहला रास्ता, ऋषिकेश से निकलेगा, जो धरासू तक जाएगा। दूसरा धरासू से एक रास्ता यमुनोत्री और दूसरा गंगोत्री जाएगा। इसके अलावा तीसरा रास्ता ऋषिकेश से शुरू होगा और रुद्रप्रयाग तक जाएगा। रुद्रप्रयाग से एक रास्ता केदारनाथ के लिए गौरीकुंड तक निकल जाएगा। चौथा, रुद्रप्रयाग से एक रास्ता आगे बद्रीनाथ के लिए माना गांव तक जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के विकास कार्यों का जायजा लिया। 900 किलोमीटर लंबी इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के जरिए उत्तराखंड के गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।









