प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में देश ने एक और बड़ी छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब भारत का लक्ष्य सिर्फ आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। “2047 तक सभी के लिए बीमा” का विजन इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसके तहत देश के अंतिम व्यक्ति तक बीमा की पहुंच आसान बनाई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी अक्सर कहते हैं कि एक मजबूत देश के लिए उसके नागरिकों का आर्थिक रूप से सुरक्षित होना जरूरी है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए मोदी सरकार ने बीमा क्षेत्र में ऐसे क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, जिसने भारत को आज दुनिया का 10वां सबसे बड़ा बीमा बाजार बना दिया है। वित्त वर्ष 2024-25 के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं, जहां 41.84 करोड़ पॉलिसियां जारी की गई हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है।

मोदी की गारंटी: अब सस्ता होगा बीमा
आम आदमी की जेब का ख्याल रखते हुए मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा (फैमिली फ्लोटर सहित) पर लगने वाले 18 प्रतिशत GST को हटा दिया है। यह कदम पीएम मोदी के उस वादे को पूरा करता है जिसमें उन्होंने मध्यम वर्ग के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ की बात कही थी। अब कम प्रीमियम में ज्यादा सुरक्षा मिलना मुमकिन हो गया है।
यही नहीं, ‘सबका बीमा सबकी रक्षा अधिनियम 2025’ के माध्यम से सरकार ने बीमा सेक्टर के दरवाजे पूरी दुनिया के लिए खोल दिए हैं। 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति देकर प्रधानमंत्री ने देश में ग्लोबल टेक्नोलॉजी और निवेश का रास्ता साफ कर दिया है। साथ ही, पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा के लिए जुर्माने की राशि को 1 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है, ताकि कोई भी कंपनी आम आदमी के साथ धोखाधड़ी न कर सके।

स्वास्थ्य और सुरक्षा में ‘मोदी मॉडल’ का जलवा
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में जो सुधार हुए हैं, वे सीधे तौर पर पॉलिसीधारकों को ताकत देते हैं। अब ‘मोराटोरियम पीरियड’ को 8 साल से घटाकर 5 साल कर दिया गया है, जिससे क्लेम मिलने में आने वाली बाधाएं कम हुई हैं। इसके अलावा, पीएम मोदी के आयुर्वेद और आयुष को बढ़ावा देने के विजन को बीमा में भी शामिल किया गया है, जिससे अब पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का इलाज भी बीमा कवर के दायरे में आ गया है।
इतना ही नहीं, सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि बीमा कंपनियां ‘नो क्लेम बोनस’ के जरिए ग्राहकों को पुरस्कृत करें। ग्राहकों को अब 30 दिन की ‘फ्री-लुक अवधि’ दी जा रही है ताकि वे अपनी पॉलिसी को अच्छी तरह समझ सकें। यह पारदर्शिता और जवाबदेही ही मोदी सरकार के सुशासन की पहचान है।

अंत्योदय का संकल्प: 20 रुपये में 2 लाख का भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी की ‘अंत्योदय’ की नीति का सबसे बड़ा उदाहरण प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना है। सिर्फ 20 रुपये के सालाना प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा देना दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक है। इन योजनाओं के तहत अब तक 84 करोड़ से अधिक नामांकन हो चुके हैं, जो मोदी सरकार के प्रति जनता के अटूट विश्वास को दर्शाता है।
इसी तरह, आयुष्मान भारत योजना (AB-PMJAY) के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज अब देश के हर उस व्यक्ति के लिए संभव है जो कभी अस्पताल के खर्च से डरता था। हाल ही में पीएम मोदी ने 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस योजना का विस्तार कर एक बड़ा ‘उपहार’ दिया है। वहीं, किसानों के लिए ‘एक राष्ट्र, एक फसल, एक प्रीमियम’ के सिद्धांत पर पीएम फसल बीमा योजना खेती को सुरक्षित बना रही है।

आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज उस दिशा में बढ़ रहा है जहां हर आपदा के समय नागरिक के पास एक सुरक्षा कवच होगा। चाहे वह डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए बीमा को फोन तक पहुंचाना हो या डेटा सुरक्षा कानून से पॉलिसीधारकों की जानकारी सुरक्षित करना, हर कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूती दे रहा है। 2047 का भारत सुरक्षित होगा, क्योंकि आज मोदी सरकार इसकी नींव बीमा और भरोसे से भर रही है।









