प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्लोवाकिया दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक और यादगार बन गया है। साल 1993 में स्लोवाकिया की आजादी के बाद यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा है। ब्रातिस्लावा पहुंचते ही उनका जिस गर्मजोशी और भव्यता के साथ स्वागत किया गया, उसने दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

एयरपोर्ट से लेकर होटल तक भारतीय संस्कृति और स्लोवाक परंपराओं का खूबसूरत संगम देखने को मिला। स्वागत समारोह में जहां ‘वंदे मातरम्’ की मधुर धुन गूंजी, वहीं सदियों पुरानी स्लोवाक परंपरा ‘ब्रेड और सॉल्ट’ (रोटी और नमक) के जरिए प्रधानमंत्री का पारंपरिक सम्मान किया गया।
The welcome in Bratislava included the traditional offering of bread and salt, a beautiful reflection of Slovakia’s rich cultural heritage and the values of goodwill and friendship they cherish. pic.twitter.com/Iy4RAY4h76
— Narendra Modi (@narendramodi) June 15, 2026
स्लोवाक संस्कृति में इस अनोखे रिवाज का अपना एक गहरा और खूबसूरत मतलब है। वहां ‘ब्रेड’ को समृद्धि, खुशहाली और जीवनयापन का प्रतीक माना जाता है, जबकि ‘सॉल्ट’ को दोस्ती, सुरक्षा और आपसी रिश्ते के महत्व से जोड़कर देखा जाता है। जब भी कोई बेहद खास मेहमान देश में आता है, तो उसे ब्रेड और नमक परोसकर सम्मान दिया जाता है।

इस दौरे का सबसे भावुक पल वह था, जब ब्रातिस्लावा के एक होटल में भारत का राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गूंज उठा। स्लोवाकिया के मशहूर राष्ट्रीय लोक कला समूह ‘लुस्निका एन्सेम्बल’ के कलाकारों ने अपने पारंपरिक संगीत और शैली के साथ इस गीत को पेश किया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया।
The team of Lucnica Ensemble sang Vande Mataram during the welcome in Bratislava.
This comes at a time when we are marking 150 years of Vande Mataram and recalling its glorious contribution to India’s history and freedom struggle. pic.twitter.com/loVBUzG5oo
— Narendra Modi (@narendramodi) June 15, 2026
खास बात यह है कि इसी लुस्निका ग्रुप ने वर्ष 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्लोवाकिया यात्रा के दौरान भी भारतीय राष्ट्रगान की शानदार प्रस्तुति दी थी। दुनिया भर में अपनी अनूठी कला के लिए मशहूर इस ग्रुप ने एक बार फिर भारतीय प्रतिनिधिमंडल के स्वागत में परफॉर्म करके दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाई दे दी है।

विदेशी कलाकारों के मुंह से ‘वंदे मातरम्’ के सुर सुनना पूरे भारत के लिए एक गौरवशाली पल रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी स्लोवाक सरकार और वहां के लोगों से मिले इस अनूठे सम्मान को बेहद आत्मीयता से स्वीकार किया। इस ऐतिहासिक स्वागत ने साफ कर दिया है कि स्लोवाकिया, भारत के साथ अपने कूटनीतिक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए कितना उत्सुक है।










