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Gen-Z की पसंद एबीवीपी, पंजाब यूनिवर्सिटी में केजरीवाल को झटका, AAP की उल्टी गिनती शुरू

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पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव 2026 ने पंजाब की युवा राजनीति को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। भारतीय जनता पार्टी की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के अंकित बिधान ने अध्यक्ष पद पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर न केवल संगठन की कैंपस में पकड़ साबित की, बल्कि आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फार अल्टरनेटिव पालिटिक्स (ASAP) को भी बड़ा झटका दिया है। शिरोमणि अकाली दल के छात्र विंग स्टूडेंट्स ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ इंडिया (SOI) ने एबीवीपी को समर्थन दिया। ABVP और SOI के चुनावी तालमेल का नतीजा यह रहा कि अध्यक्ष के अलावा बाकी बचे पदों पर भी ASAP और NSUI को जीत नहीं मिली। चुनाव भले ही छात्र संघ के हो लेकिन भाजपा ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

एबीवीपी के अंकित बिधान को 512 वोटों से मिली जीत
सोमवार 31 अगस्त, 2026 की शाम को जब पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव के परिणाम आए, तो सबको चौका दिया। एबीवीपी के रिसर्च स्कॉलर अंकित बिधान ने अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी आप के छात्र संघ एएसएपी (एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फार अल्टरनेटिव पालिटिक्स) के आदिल बराड़ को 512 वोटों से हराया। अंकित को 3149 तो आदिल को 2637 वोट मिले। जबकि एनएसयूआई के प्रत्याशी गुरमन सिद्धू को 2263 वोट मिले। वाइस प्रेसिडंट पर पीयूडीफ (पंजाब यूनिवर्सिटी डेमोक्रेटिक फ्रंट) के अमन सिंह जबकि जनरल सेक्रेटरी पर निर्दलीय ध्यान सिंह और ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर निर्दलीय विशाल बामल ने जीत दर्ज की। 

जीत के बाद अमित शाह ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को दी बधाई
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विश्वास जताया कि एबीवीपी के कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलते हुए छात्रहित के लिए निरंतर संकल्पित भाव से काम करते रहेंगे। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं को छात्र हितों के लिए सक्रिय रहने की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने लिखा, “पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की शानदार जीत पर परिषद् के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। लगातार दूसरी बार मिली यह जीत युवा शक्ति के राष्ट्र प्रथम की विचारधारा पर अटूट विश्वास का प्रमाण है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि परिषद् के कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलते हुए छात्रहित के लिए निरंतर संकल्पित भाव से काम करते रहेंगे।”

पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव में AAP का नहीं खुला खाता
छात्र चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेय को खासी उम्मीदें थीं। इसका सबसे बड़ा कारण हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी आंदोलन था। यही कारण है कि आप ने अपने सबसे युवा सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर को चुनाव की कमान सौंप रखी थी। पार्टी ने छात्र चुनाव में पूरी ताकत झोंकी हुई थी। लेकिन उसे एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। और तो और पार्टी दूसरे स्थान पर रही। कांग्रेस को भी इस चुनाव में झटका लगा। क्योंकि उसकी छात्र इकाई एनएसयूआई के प्रत्याशी गुरमन सिंह सिद्धू तीसरे नंबर पर रहे। चुनाव की बात करें तो पार्टी तीसरे नंबर पर रही। और कोई सीट नहीं जीत सकी।

Gen-Z के दिल में ABVP और मोदी जी-अंकित बिधान
नीट परीक्षा लीक होने के बाद दिल्ली में के जंतर-मंतर पर जिस प्रकार से जेन-जी ने प्रदर्शन किया उसे देखते हुए यह सबको उम्मीद थी कि पीयू चुनाव में उसका असर देखने को मिलेगा। हालांकि चुनाव परिणाम ने सारे कयासों को गलत साबित कर दिया। वहीं, जीत के बाद अंकित बिढान ने जीत को जेन-जी को समर्पित करते हुए कहा, यह जीत मेरे अकेले की नहीं है। यह जेन-जी की जीत है। जेन-जी का भरोसा प्रधानमंत्री मोदी पर है।

अंकित बिधान ने Gen-Z की जीत बताया
जीत के बाद अंकित बिधान ने इसे Gen-Z की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव छात्रों के लिए और पिछले सत्र में छात्र कल्याण के लिए किए गए काम को लेकर लड़ा गया। अंकित का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाली नई पीढ़ी आने वाले चुनावों में एक अहम मतदाता समूह बनने जा रही है। इस चुनाव में 9,610 छात्रों ने मतदान किया और कुल मतदान 58.35 प्रतिशत रहा। यह पिछले साल के 58.6 प्रतिशत के लगभग बराबर है। 

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP की उल्टी गिनती शुरू
पंजाब यूनिवर्सिटी का चुनाव पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले हुआ है। इसलिए इसके नतीजे पर राजनीतिक दलों की नजर होना स्वाभाविक है। सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि क्या BJP और SAD के बीच 2027 के चुनाव में तालमेल बना रहेगा। उसके पहले फिलहाल इतना जरूर है कि पंजाब यूनिवर्सिटी के इस नतीजे ने पंजाब की छात्र राजनीति में ABVP की मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है और साथ ही 2027 के लिए BJP-SAD समीकरण, AAP-कांग्रेस की रणनीति और युवा वोटर-तीनों पर नई बहस छेड़ दी है।

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