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पाकिस्तान में एक-एक कर मारे जा रहे भारत के दुश्मन, कसाब को भर्ती करने वाला आतंकी जुल्फिकार ढेर

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पाकिस्तान में भारत के एक और बड़े दुश्मन को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियों से भूनकर मौत की नींद सुला दिया। मारा गया आतंकी हाफिज जुल्फिकार वही था, जिसने 2008 के मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को भारत पर हमला करने के लिए तैयार और भर्ती किया था। वर्ष 2022 से अब तक पाकिस्तान और अन्य विदेशी जमीनों पर भारत के खिलाफ षडयंत्र रचने वाले 50 से अधिक कुख्यात आतंकी रहस्यमय तरीके से मारे जा चुके हैं।

यह पीएम मोदी का नया भारत है: घर में घुसकर हो रहा हिसाब
यह पीएम मोदी का नया भारत है, जहां देश के दुश्मनों को चुन-चुनकर खत्म किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति का ही असर है कि भारत विरोधी आतंकी अब अपनी पनाहगाहों में भी सुरक्षित नहीं हैं। पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारी लगातार आतंकियों का सफाया कर रहे हैं। वर्ष 2022 से शुरू हुआ यह सिलसिला लगातार तेज हुआ है—वर्ष 2022 में 5, 2023 में दो दर्जन से अधिक, 2024 में 2, 2025 में 5 और वर्ष 2026 में अब तक 7 बड़े आतंकी ठिकाने लगाए जा चुके हैं। पिछले वर्षों में हरदीप सिंह निज्जर, अवतार सिंह खांडा, परमजीत पंजवार, रिपुदमन सिंह मलिक, हरविंदर रिंडा, सुखदूल सिंह, हैप्पी संघेड़ा, अबू कासिम, जहूर मिस्त्री, अब्दुल सलाम भुट्टावी, सैयद नूर, एजाज अहमद, खालिद रजा, बशीर अहमद, शाहिद लतीफ, मुफ्ती कैसर फारूक, जियाउर रहमान, मलिक दाऊद, सुक्खा दुनिके, ख्वाजा शाहिद, मौलाना रहीम उल्लाह तारिक, साजिद मीर, अदनान अहमद उर्फ हंजला अदनान, मौलाना शेर बहादुर, अब्दुल्ला शाहीन, अबू सैफुल्लाह, अबू कताल, शाह मीर, मौलाना कासिफ अली और लखबीर सिंह रोडे जैसे दुश्मनों का अंत हो चुका है।

30 अगस्त 2026
26/11 के साजिशकर्ता लखवी का करीबी और कसाब का रिक्रूटर हाफिज जुल्फिकार ढेर
मोदी सरकार के आतंकवाद विरोधी कड़े संदेश के दौर में पाकिस्तान की धरती पर भारत के दुश्मनों का चुन-चुनकर अंत हो रहा है। 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता जकी-उर-रहमान लखवी के करीबी रिश्तेदार और जैश-ए-मोहम्मद के बड़े रिक्रूटर हाफिज जुल्फिकार को अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मारकर ढेर कर दिया। जुल्फिकार वही आतंकी था जो अजमल कसाब जैसे आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण नेटवर्क से जुड़ा रहा था। पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों द्वारा आतंकियों को ठिकाने लगाने की इस श्रृंखला ने सीमा पार बैठे भारत विरोधी आकाओं की नींद उड़ा दी है।

चलिए आपको बताते हैं कि इससे पहले पाकिस्तान में किन आतंकवादियों की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। दिलचस्प तथ्य यह है कि सभी मामलों में मोडस ऑपरेंडी लगभग एक जैसा था… 

27 जून 2026
भारत विरोधी लश्कर आतंकी गाजी मुमताज का हुआ सफाया
नए भारत के सख्त तेवर और आतंकवाद के समूल नाश के संकल्प से पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं की नींद उड़ी हुई है। लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के टॉप कमांडर और हाफिज सईद के बेहद करीबी आतंकी गाजी मुमताज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। गाजी मुमताज लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर में सक्रिय रहकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था, लेकिन भारतीय सुरक्षाबलों की कड़ी कार्रवाई के खौफ से वह पाकिस्तान भाग गया था। वह खैबर पख्तूनख्वा के अपर दीर (बाराहवाल) का रहने वाला था और तब से हाफिज सईद व पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में रहकर लश्कर के कैंपों में नए आतंकियों को ट्रेनिंग देने व लॉजिस्टिक नेटवर्क संभालने का काम कर रहा था। पाकिस्तान में पनाह लिए बैठे इस खूंखार कमांडर का खात्मा कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।

21 मई 2026
पीओके में जैश आतंकी हमजा बुरहान का अंत, भारत पर नजर गड़ाने वालों का नामोनिशान मिटा
गुलाम कश्मीर (पीओके) में भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमजा बुरहान को अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया। बुरहान नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार आतंकियों की घुसपैठ की साजिशों में शामिल था। मोदी सरकार द्वारा सीमा पार आतंकियों के नेटवर्क को बेअसर करने की स्पष्ट रणनीति का असर है कि अब गुलाम कश्मीर के आतंकी कैंपों में भी भारत के दुश्मन पूरी तरह खौफजदा हैं।

29 अप्रैल 2026
बहावलपुर में जैश का जहर उगलने वाला मौलाना सलमान अजहर खत्म, आतंक के आकाओं में मची भगदड़
जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के करीबी और भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले मौलाना सलमान अजहर को बहावलपुर में एक अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सलमान अजहर जैश के मदरसों में युवाओं का ब्रेनवॉश करने और भारत के खिलाफ जेहादी ट्रेनिंग देने का मुख्य कर्ताधर्ता था। इस रहस्यमयी खात्मे के बाद जैश के मुख्यालय बहावलपुर में सन्नाटा पसरा हुआ है।

27 अप्रैल 2026
खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर आतंकी शेख यूसुफ अफरीदी ढेर, मोदी राज में भारत विरोधियों की उल्टी गिनती
खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात हमलावरों ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख संचालक शेख यूसुफ अफरीदी को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। अफरीदी सीमा पार हथियारों की तस्करी और कश्मीर में हिंसा भड़काने के लिए आतंकियों को साजो-सामान मुहैया कराने का नेटवर्क चला रहा था। नए भारत के कड़े संदेश के बाद से पाकिस्तान में छुपे बैठे आतंकवादियों में अपनी जान बचाने की होड़ मची है, लेकिन अज्ञात हमलावर चुन-चुनकर उनका हिसाब कर रहे हैं।

21 मार्च 2026
मुरीदके में लश्कर कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी का खात्मा, नए भारत की नीति से पाकिस्तान में खौफ
आतंकवाद पर भारत के कड़े रुख और जीरो टॉलरेंस नीति के असर के बीच पाकिस्तान में भारत विरोधी आतंकियों का सफाया लगातार जारी है। लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी को मुरीदके स्थित लश्कर कैंप के बाहर अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया। बिलाल आरिफ भारत के खिलाफ साजिश रचने और आतंकियों की नई पौध तैयार करने के नेटवर्क में जुटा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और फिर चाकू से वार कर उसे वहीं ढेर कर दिया। जो आतंकी कभी पाकिस्तान में बैठकर सुरक्षित महसूस करते थे, वे अब अपने ही गढ़ में डर के साये में जी रहे हैं।

28 जनवरी 2026
आतंकी हैंडलर लेफ्टिनेंट कर्नल इमरान दयाल को अज्ञात हमलावरों ने भूना
भारत विरोधी आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तानी तंत्र को एक और बड़ा झटका लगा है। डेरा इस्माइल खान में अज्ञात बंदूकधारियों ने पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल और आतंकी हैंडलर इमरान दयाल को गोलियों से छलनी कर ढेर कर दिया। इमरान दयाल जैश और लश्कर के आतंकियों को ट्रेनिंग देने और भारत में अशांति फैलाने के ऑपरेशनों को कोऑर्डिनेट करता था। इस हमले ने पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के नापाक गठजोड़ में भारी दहशत पैदा कर दी है।

18 जनवरी 2026
लश्कर के सक्रिय कमांडर अब्दुल गफ्फार का खात्मा, सुरक्षित पनाहगाहों में भारत के दुश्मनों का अंत
आतंकवाद को घर में घुसकर खत्म करने की भारत की नीति के बीच पाकिस्तान में आतंकियों के खात्मे का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय कमांडर अब्दुल गफ्फार संदिग्ध और रहस्यमयी परिस्थितियों में मारा गया। गफ्फार लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकी हमलों के लिए युवाओं को भड़काने और फंड जुटाने का काम कर रहा था। पाकिस्तान की जमीन पर एक के बाद एक आतंकियों का इस तरह सफाया होना यह साबित करता है कि अब देश के गद्दारों और दुश्मनों के लिए कोई भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।

8 अक्टूबर 2025
पेशावर में जैश आतंकी मुश्ताक उर्फ गाजी बाबा का काम तमाम, नए भारत के डर से थर्राया पाकिस्तान
मोदी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और भारत के कड़े रुख का खौफ सीमा पार साफ नजर आ रहा है। पेशावर के पास चामकानी इलाके में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कुख्यात कमांडर मुश्ताक उर्फ गाजी बाबा को अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियों से भून दिया। गाजी बाबा भारत में कई आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने और आतंकियों की घुसपैठ कराने में शामिल था। अज्ञात बंदूकधारियों की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान में बैठे भारत विरोधी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।

18 मई 2025
IISc बेंगलुरु पर हुए हमले की साजिश में भी शामिल था सैफुल्लाह
लश्कर-ए-तैयबा और जमात का आतंकवादी रजुल्लाह निजामनी उर्फ अबू सैफुल्लाह को पाकिस्तान के सिंध के बादिन जिले के मातली में उस समय गोली मार दी गई जब वह अपने घर से बाहर निकला था। लश्कर ए तैयबा का प्रमुख आतंकवादी अबु सैफुल्लाह नेपाल में लश्कर मॉड्यूल पर काम कर रहा था। वह नेपाल में विनोद कुमार के नाम से काम करता था। उसने नेपाली महिला नगमा बानू से शादी की थी। सैफुल्लाह लश्कर के ऑपरेशनल कमांडर आजम चीमा उर्फ बाबाजी का सहयोगी था। नागपुर में RSS हेडक्वाटर पर हमले के अलावा वह रामपुर में 2002 में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले और 2005 में IISc बेंगलुरु पर हुए हमले की साजिश में भी शामिल था। सैफुल्लाह भारत में आतंकियों की घुसपैठ और आर्थिक मदद जुटाने जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सैफुल्लाह लश्कर के ऑपरेशनल कमांडर आजम चीमा उर्फ बाबाजी का सहयोगी था।

17 मार्च 2025
जम्मू-कश्मीर में कई घातक हमलों को अंजाम देने वाले अबु कताल को गोली मारी
जम्मू-कश्मीर में कई घातक हमलों को अंजाम देने में अपनी भूमिका के कारण अबु कताल उर्फ फैसल नदीम राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और भारतीय सेना सहित भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के टारगेट पर था। अबू कताल को मार्च 2025 में पाकिस्तान में झेलम के दीना में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस हमले में उसके ड्राइवर की भी मौत हो गई। अबू कताल 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का रिश्तेदार और लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था। अबू कताल दो दशक से जम्मू कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों और घुसपैठ कराने का अहम रोल निभाता आया है। पुंछ जिले में सेना के काफिलों से लेकर राजौरी के गांव में हिंदुओं पर अबू कताल के इशारे पर ही हमले हुए थे। जम्मू कश्मीर में भेजे जाने से पहले ही अबू कताल ही आतंकियों को ट्रेंड करता था, ताकि वो अपने नापाक मंसूबों में कामयाब हो पाए।

9 मार्च 2025
कुलभूषण जाधव को पकड़ने में ISI का मददगार शाह मीर मारा गया
बलूचिस्तान के तुर्बत में बाइक सवार हमलावरों ने घात लगाकर मुफ्ती शाह मीर पर हमला करके हत्या कर दी थी। मुफ्ती शाह मीर उस समय तरावीह (रात) की नमाज के बाद एक स्थानीय मस्जिद से बाहर निकल रहा था। मुफ्ती शाह मीर वही है, जिसने कुलभूषण जाधव का अपहरण करने में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद करने में अहम भूमिका निभाई थी। मुफ्ती शाह मीर एक कुख्यात मानव और हथियार तस्कर था, जो धार्मिक स्कॉलर होने की आड़ में काम करता था। वह एक इस्लामी कट्टरपंथी राजनीतिक दल जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम का सदस्य था। मुफ्ती शाह मीर ने ही ईरान से भारतीय व्यापारी और पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण यादव के अपहरण में पाकिस्तान की मदद की थी।

17 फरवरी 2025
हाफिज सईद का बहनोई आतंकवादी काशिफ अली की आवास पर हत्या
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अज्ञात बंदूकधारियों ने फरवरी 2025 में मौलाना काशिफ अली की हत्या उसके आवास पर हमला करके कर दी। मौलाना काशिफ अली आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की राजनीतिक शाखा का प्रमुख था। अली लश्कर में एक प्रमुख व्यक्ति था, जिसने इसकी राजनीतिक शाखा, पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग का नेतृत्व किया था. अली, जो भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी हाफिज सईद का बहनोई भी था, पाकिस्तान में लश्कर की राजनीतिक गतिविधियों में एक प्रमुख खिलाड़ी था।

7 जुलाई 2024
गुरदासपुर आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड को अज्ञात लोगों ने निपटा दिया
पाकिस्तान बॉर्डर से महज 15 किलोमीटर दूर पंजाब के गुरदासपुर में 2015 में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अली रजा को पाकिस्तान के कराची में 7 जुलाई 2024 को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अली रजा को हमलावरों ने कराची के करीमाबाद, ब्लॉक 1 में गोली मारी। ISI अधिकारी के अलावा एक सिक्योरिटी गार्ड को भी गोली लगी जिससे उसकी भी मौत हो गई। जिस वक्त यह हमला हुआ, उस समय अली रजा अपनी बुलेट प्रूफ गाड़ी में जा रहे था। तभी मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध आए और भागने से पहले अंधाधुंध गोलीबारी की। गोलीबारी में वह बुरी तरह से घायल हो गया। उनको सीने, गर्दन और सिर पर कई गोलियां लगी थीं। अली रजा वर्तमान में पाकिस्तान के कराची में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर तैनात था और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी उसका जुड़ाव था। उल्लेखनीय है कि गुरदासपुर आतंकी हमले में एक एसपी और होमगार्ड के तीन जवान शहीद हो गए थे जबकि तीन आम नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 15 लोग घायल हुए थे।

17 जून 2024
सुंजवान आर्मी कैम्प पर हमले का मास्टरमाइंड अमीर हमजा मारा गया
भारत का दुश्मन और भारतीय सेना पर आतंकी हमला कराने वाला ISI एजेंट आमिर हमजा की गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया गया। पाकिस्तान की जिस धरती पर रहते हुए उसने भारत के खिलाफ साजिश रची अंततः उसी धरती पर वह ढेर हो गया। आमिर हमजा की पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 17 जून की देर शाम गोली मार दी गई। पाकिस्तान में रहने वाला आईएसआई का एजेंट और आर्मी का रिटायर्ड ब्रिगेडियर आमिर हमजा 17 जून की शाम परिवार के साथ कार से कहीं जा रहा था। उसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोली चलाकर हमजा को मौत के घाट उतार दिया। यह हमला पंजाब के झेलम जिले में हुआ। आमिर हमजा भले ही पाकिस्तान आर्मी का हिस्सा था पर वो बहुत बड़ा आतंकी था। उसके हाथ दुनियाभर के कई आतंकी हमलों में रहा। वह भारत का बहुत बड़ा दुश्मन था। आमिर हमजा ने भारत के जम्मू-कश्मीर के सुंजवान आर्मी कैंप पर साल 2018 में आतंकी हमला करवाया था, जिसमें 6 जवान शहीद हो गए थे। इसके अलावा उसने कई बार भारत में हमले करवाने को लेकर साजिश रची। आमिर हमजा कई बड़े आतंकी हमलों का साजिशकर्ता था। पाकिस्तानी पुलिस का कहना है कि यह टारगेट किलिंग है।

16 जून 2024
रियासी हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तान में मारा गया
इससे पहले रियासी हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तान में मारा गया था। पाकिस्तानी यूट्यूबर शोएब चौधरी ने दावा किया है कि जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए हमले में शामिल जिम्मेदार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के सरगना को पाकिस्तान के किसी अज्ञात जगह पर मौत के घाट उतार दिया गया है। दरअसल कश्मीर की शांति पाकिस्तान को रास नहीं आ रही है। वह अपने गुर्गों को किसी न किसी रूप में यहां भेज रहा है। ऐसा ही एक संगठन है द रेजिस्टेंस फ्रंट। 2023 की शुरुआत में केंद्र सरकार ने UAPA के तहत द रेजिस्टेंस फ्रंट को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित किया था। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने और जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द करने के बाद TRF की शुरुआत लश्‍कर की ऑनलाइन यूनिट के रूप में हुई थी।

 

23 दिसंबर 2023
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ‘जिहादी गुरु’ अब्दुल्ला शाहीन की पाकिस्तान में हत्या
पंजाब प्रांत के शहर कसूर में अब्दुल्ला शाहीन को एक वाहन ने टक्कर मार दी थी। घटना अचानक घटी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही तत्काल मौत हो गई। टक्कर मारने वाले वाहन सवारों की पहचान नहीं हो पाई है। अब्दुल्ला शाहीन ने लश्कर-ए-तैयबा में अपनी प्रभावशाली भूमिका के कारण ‘जिहादी गुरु’ का नाम हासिल किया था। नए लोगों को भर्ती करने के नाते, वह व्यक्तियों को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकवादी संगठन में शामिल करने के लिए जिम्मेदार था। उसने लश्कर में अनगिनत नये आतंकियों की भर्ती की थी। उसकी मृत्यु उन लोगों के लिए एक युग के अंत का प्रतीक है जो उसकी कट्टर विचारधाराओं का पालन करते थे। शाहीन की भूमिका की वजह से बाद में उसे लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख ऑपरेटर बना दिया गया था। वो मजहब के नाम पर नये लोगों को समूह में शामिल करने में माहिर हो गया था और जिहाद के नाम पर लोगों मरने-मिटने के लिए ब्रेनवाश करने में माहिर हो गया था।

16 दिसंबर 2023
लश्कर आतंकवादी हबीबुल्लाह उर्फ खान बाबा की गोली मारकर हत्या
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी हबीबुल्लाह उर्फ भोला खान उर्फ खान बाबा का पाकिस्तान में एक अज्ञात गनमैन ने कत्ल कर दिया। लश्कर आतंकी हबीबुल्लाह की गोली मारकर किसने हत्या की है, इसका पता नहीं चल पाया है। आतंकवादी हबीबुल्लाह लश्कर चीफ हाफिज सईद का काफी करीबी था और उसकी हत्या सईद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। आतंकी हबीबुल्लाह उरी अटैक में शामिल था। आतंकी हबीबुल्लाह को पख्तूनख्वा प्रांत में एक गनमैन ने टारगेट करके गोली मारकर हत्या कर दी। हबीबुल्लाह को लेकर कहा जाता है कि वह पाकिस्तान में आवाम को आतंकी बनने के लिए मोटिवेट करता था और वह लश्कर में भर्ती कराने वाला शख्स था। वह युवाओं को भर्ती करने और प्रशिक्षण देने और उन्हें भारत में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए सीमा पार भेजने के लिए जिम्मेदार था।

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