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…तो केजरीवाल जी आप ‘अराजक’ ही नहीं ‘झूठे और मक्कार’ भी हैं ! देखिये सात सबूत

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हां मैं अराजक हूं ! …21 जनवरी, 2014 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वयं के बारे में टिप्पणी की थी। तब लोगों ने इसे एक आंदोलनकारी, क्रांतिकारी की पीड़ा समझा था, लेकिन बीते तीन वर्षों में दिल्ली की जनता ने केजरीवाल के नेतृत्व में जिस शासन को देखा है, वह वास्तव में ही ‘अराजक’ है। भ्रष्टाचार, मनमानी, गुंडागर्दी, सांप्रदायिक राजनीति, कास्ट पॉलिटिक्स… ऐसे कितने ही तमगे जुड़ते चले गए हैं केजरीवाल एंड कंपनी के साथ। हाल में ही एक और तमगा तब जुड़ गया जब दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ आम आदमी पार्टी के विधायकों ने मुख्यमंत्री के सामने मारपीट की। उससे भी हैरत में डालने वाला प्रकरण केजरीवाल की भूमिका रही है, क्योंकि उन्होंने इस प्रकरण को पहले तो होने दिया, फिर पुलिस को भी खबर नहीं दी। बल्कि होना तो ये चाहिए था कि वह इसके विरुद्ध स्वयं कार्रवाई करने को कहते, एफआइआर भी करवाते, लेकिन इस वाकये से केरीवाल का असल चरित्र सबके सामने आ गया है।
दरअसल केजरीवाल एंड टीम ने पहले तो ऐसी किसी घटना से ही इनकार कर दिया… लेकिन बाद में जैसे-जैसे सबूत सामने आते गए, अपना स्टैंड भी बदलते गए। 

19 फरवरी, 2018
आधी रात को आम आदमी पार्टी के दो विधायकों अमानतुल्ला खान और प्रकाश जरवाल ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के सामने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट की।

20 फरवरी, 2018 को अंशु प्रकाश ने कई अन्य आईएएस अफसरों के साथ उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात कर इस बारे में जानकारी दी।

अंशु प्रकाश की शिकायत पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आप विधायक अमानतुल्ला खां और प्रकाश जरवाल सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

केजरीवाल एंड कंपनी ने बोले झूठ, बदले स्टैंड-

झूठ नंबर 1
अंशु प्रकाश ने कहा कि उन्हें कुछ टीवी विज्ञापनों के बारे में चर्चा करने के लिए बुलाया गया था।

सच्चाई
टीवी विज्ञापन नहीं, बल्कि आधार को राशन कार्ड से जोड़ने में आ रही दिक्कतों पर चर्चा के लिए बुलाया।

झूठ नंबर 2
अंशु प्रकाश के साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं की गई है, ये एक साजिश है।

सच्चाई
दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले अरुणा आसफ अली अस्पताल में अंशु प्रकाश के साथ मारपीट की पुष्टि की गई। उनके माथे के दाहिनी ओर चोट के निशान हैं, दोनों कानों के पीछे सूजन है, होठों पर चोट के निशान और दायीं गाल पर भी सूजन की पुष्टि हो चुकी है।

झूठ नंबर 3
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि घटना के तीन दिन बाद मेडिकल रिपोर्ट करवाई गई।

सच्चाई
सोमवार की रात 12 बजे घटना हुई और पुलिस ने प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगलवार को ही उनका मेडिकल करवा लिया था।

झूठ नंबर 4
केजरीवाल एंड कंपनी ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के खिलाफ संगम विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई। विधायकों का आरोप है कि मुख्य सचिव ने उन्हें जातिसूचक अपशब्द कहे।

सच्चाई
केजरीवाल एंड कंपनी ने जानबूझकर इस मामले को दलित एंगल दिया है। इसीलिए दलित और मुस्लिम विधायकों से मुख्य सचिव को पिटवाया, क्योंकि मामले को दलित एंगल दिया जा सके और इसका राजनीतिक लाभ उठाया जा सके।

झूठ नंबर 5
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और आशुतोष ने अंशु प्रकाश के चोटों पर कहा कि शायद बाथरूम में गिर गए होंगे।

सच्चाई
अब जब अरविंद केजरीवाल के सलाहकार ने ही इस बात की पुष्टि कर दी है कि अंशु प्रकाश के साथ आप के विधायकों ने उनके सामने मारपीट की है, तो क्या अब केजरीवाल एंड कंपनी द्वारा फैलाए जा रहे झूठ की पोल नहीं खुल गई?

झूठ नंबर 6
आप नेता आशीष खेतान ने मामले को भटकाने की कोशिश की और अगले दिन खुद को मारपीट का विक्टिम बनाकर पेश किया।

सच्चाई  
मुख्य सचिव से मारपीट के मामले से ध्यान भटकाने के लिए आशीष खेतान के साथ मारपीट के झूठे मामले को तूल देने की कोशिश की गई, जबकि सच्चाई ये है कि आशीष खेतान के साथ किसी तरह की बदसलूकी हुई ही नहीं। 

झूठ नंबर 7
केजरीवाल एंड कंपनी ने मारपीट जैसी किसी घटना से फिर इनकार किया और उल्टा आप विधायकों को ही साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया।

सच्चाई
अरविंद केजरीवाल के सलाहकार ने कोर्ट में दिए अपने बयान में साफ कहा कि उनके सामने मारपीट की घटना घटी और विधायक प्रकाश जरवाल और अमानतुल्ला खान ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में पीटा।

जानबूझकर दिया गया दलित और मुस्लिम एंगल
अब सवाल यह उठता है कि केजरीवाल ने मुख्य सचिव को दलित और मुस्लिम विधायक से ही क्यों पिटवाया।  आपको बता दें कि आप विधायक प्रकाश जरवाल को दलित बताया जा रहा है, जबकि अमानतुल्लाह खान मुस्लिम विधायक हैं। दोनों के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है। 14 दिनों के लिए तिहाड़ जेल भी भेजे जा चुके हैं, लेकिन जिस प्रकार की राजनीति शुरू हुई है और आप नेता इसे दलित और मुस्लिम को पीड़ित दिखाने की कोशिश कर रहे हैं उससे यही लगता है कि केजरीवाल ने मुख्य सचिव को जान बूझकर एक साजिश के तहत रात के 12 बजे मुख्य सचिव को अपने घर पर बुलाया और उन्हें दलित और मुस्लिम विधायक से पिटवा दिया, यह सोचकर कि मुख्य सचिव इन दोनों के नाम पर जरूर FIR लिखवाएंगे,  दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा और आम आदमी पार्टी दलित और मुस्लिम का विक्टिम कार्ड खेलेगी और कहेगी कि हमारे दलित और मुस्लिम विधायक को प्रताड़ित किया जा रहा है। आने वाले उप-चुनाव में दलित और मुस्लिम वोटबैंक एकजुट हो जाएंगे और आप को वोट देंगे, अगर ऐसा होगा तो आप के कई विधायक फिर से चुनाव जीतेंगे।  

पिटाई के लिए बना था फुल प्रूफ प्लान
एक और तथ्य इस बात की पुष्टि कर रहा है, केजरीवाल के घर पर कुछ अयोग्य घोषित किये गए विधायक भी आए थे, इसका मतलब है कि पिटाई के लिए फुल प्रूफ प्लान बनाया गया था। चुनाव में फायदा लेने और दलित मुस्लिम वोटबैंक को आप के पक्ष में करने के लिए ही इस पिटाई का प्लान तैयार किया था जिसे बड़ी चालाकी से अंजाम दिया गया।

 

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