Home समाचार मोदी सरकार के प्रयास से जम्मू-कश्मीर में बेहतर होते हालात, 2018 के...

मोदी सरकार के प्रयास से जम्मू-कश्मीर में बेहतर होते हालात, 2018 के बाद LOC पर घुसपैठ में आई कमी, युवाओं को मिल रहा रोजगार

300
SHARE

केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर नवनिर्माण के दौर से गुजर रहा है। प्रदेश में बदलाव के साथ नई-नई परियोजनाओं पर काम शुरू हो रहा है। वहीं मोदी सरकार द्वारा किए गए उपायों और सुरक्षा बलों की चौकसी की वजह से सीमा पार से घुसपैठ में कमी आई है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि 2018 से 2021 तक यानि चार सालों में घुसपैठ के सिर्फ 366 मामले सामने आए। 2018 में LOC पर घुसपैठ की 143 घटनाएं हुई थीं। 2019 में 138 मामले और 2020 में सीमा में घुसने की कोशिश करने के 51 मामले सामने आए। वहीं 2021 में घुसपैठ की घटनाएं कम होकर 34 रह गई हैं। हालांकि पाकिस्तान और POK में कई लांच पैडों पर बड़ी संख्या में आतंकवादी मौजूद हैं।

घुसपैठ रोकने के लिए बहु-आयामी दृष्टिकोण 

नित्यानंद राय ने घुसपैठ को रोकने के लिए सरकार द्वारा की जा रही कोशिशों की जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाया गया है। घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सीमा, नियंत्रण रेखा पर बहु-स्तरीय तैनाती, सीमा पर फेंसिंग, बेहतर खुफिया और परिचालन समन्वय, सुरक्षा बलों को उच्च तकनीक के हथियारों से लैस करने समेत घुसपैठिए के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। इसके अलावा केंद्र सरकार समय-समय पर LOC पर सुरक्षा हालात की समीक्षा करती है। वहीं आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए रणनीति भी बनाती है।

जम्मू-कश्मीर में 11,324 पदों पर हुईं भर्तियां 

मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर में जहां विभिन्न विकास परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है, वहीं खाली पदों को भरने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। लोकसभा में गृह राज्य मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न विभागों में खाली पदों का आंकड़ा पेश किया। आंकड़ों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से विभिन्न विभागों में 26,330 खाली पदों की पहचान की गई थी। इनमें से 11,324 पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी हो गई है। इनमें राजपत्रित, अराजपत्रित और चतुर्थ श्रेणी के पद शामिल है। फिलहाल यहां 15,006 पद खाली हैं। इन पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की पूरी संभावना है। केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में युवाओं को रोजगार के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।

लद्दाख में युवाओं को मिल रहीं नौकरियां

नित्यानंद राय ने लोकसभा में लिखित उत्तर में बताया कि संघ शासित प्रदेश लद्दाख में भी युवाओं को रोजगार मुहैया कराने और बेराेजगारी दूर करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। लद्दाख में 613 जिला कैडर के पद को भरा गया है। दूसरी लद्दाख पुलिस में 293 खाली पदों के लिए विज्ञापन दे दिया गया है। इसी तरह जम्मू-कश्मीर बैंक में 45 पदों के लिए भी आवेदन दिया गया है। संघ शासित प्रदेश में 829 डिविजनल कैडर पर भर्ती के लिए एसएससी को कहा गया है। जल्दी ही एसएससी के माध्यम से इन पदों पर भर्ती की जाएगी। यानि लद्दाख क्षेत्र के लिए अभी कई नौकरियां आने वाली हैं।

Leave a Reply