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राहुल गांधी पागल हो चुके हैं…उन्हें कभी-कभी दौरे पड़ते हैं…या शुरू से ही मंदबुद्धि बालक रहे हैं?

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देश की सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रह चुके राहुल गांधी क्या पागल हो गए हैं? क्या राहुल को कभी-कभी दौरे से पड़ते हैं या फिर राहुल शुरू से ही मंदबुद्धि बालक रहे हैं? यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्यों कि जब से उनका सार्वजनिक जीवन यानि राजनीतिक जीवन शुरू हुआ है, तब से वे अपने ऊलजलूल बयानों, बेवकूफी भरी हरकतों को लेकर सुर्खियों में रहते आए हैं। आइए, आपको बताते हैं कि वो कौन सी हरकतें हैं, जो यह साबित करती हैं कि राहुल गांधी का दिमागी संतुलन गड़बड़ाया हुआ है।-

राहुल गांधी बीस दिनों से पहने हुए हैं एक ही कपड़े
इन दिनों राहुल गांधी रोजाना ट्वीट कर रहे हैं। उनके ट्वीट में, उनके वीडियो में बस एक ही बात होती है, वो है मोदी सरकार की बुराई। लेकिन आपने देखा होगा कि पिछले करीब बीस दिनों से राहुल गांधी जो अपने वीडियो ट्वीट कर रहे हैं, उसमें एक ही कपड़े पहने हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राहुल गांधी ने बीस दिनों से अपने कपड़े नहीं बदले हैं। यानि मोदी विरोध में राहुल इस कदर पगला गए हैं कि कपड़े बदलना ही भूल गए हैं!

रैली में लोगों को दिखाया फटा कुर्ता
कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी ने 16 जनवरी, 2017 को उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक रैली को संबोधित किया था। रैली को संबोधित करते हुए अचानर राहुल गांधी ने अपने कुर्ते की जेब में हाथ डालकर लोगों को फटी जेब दिखाई। दरअसल राहुल गांधी केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान राहुल ने कहा, ”मोदी जी हमेशा गरीबों की बात करते हैं, लेकिन कभी गरीबों केसाथ नहीं दिखते हैं, उनके कुर्ते कभी नहीं फटते, लेकिन वो फटे कुर्ते वालों की बात करते है।“ बस यही कहते हुए राहुल ने अचानक अपनी जेब में हाथ डाला और फटा कुर्ता जनता को दिखाने लगे। वहां मौजूद हजारों लोगों को यह समझ में नहीं आया कि आखिर राहुल ने अपने कुर्ती के जेब में हाथ डालकर क्यों दिखाया।

संसद में राहुल गांधी ने खुद को कहा पप्पू
20 जुलाई, 2018 को लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, “मैं पप्पू हूं।” यह सुन संसद में मौजूद सभी सांसद हंस पड़े। दरअसल राहुल गांधी अपने भाषण में लोकसभा में लगातार एनडीए सरकार पर हमला बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा, ‘आपके लिए मैं पप्पू हूं। आप मुझे अलग-अलग गाली दे सकते हो, लेकिन आपके प्रति मेरे अंदर थोड़ा सा भी गुस्सा नहीं है।’

राहुल ने संसद में साथी पुरुष सांसद को मारी आंख
20 जुलाई, 2018 को ही अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के पुरुष सांसद की ओर देखकर आंख मारी थी। उनकी यह हरकत कैमरे में केद हो गई थी और इस शर्मनाक हरकत के लिए उनके देशभर में खूब आलोचना हुई थी। लेकिन राहुल को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा और उन्होंने 4 जनवरी, 2019 को एक बार फिर लोकसभा में बहस के दौरान अपने साथी पुरुष सांसदों को आंख मारकर इशारा किया था।

लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी के जबरन गले पड़े राहुल
20 जुलाई, 2018 को ही अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी की सीट पर जाकर उन्हें गले लगाया था। दरअसल अपने भाषण के बाद अचानर राहुल गांधी पीएम मोदी की सीट की तरफ बढ़े और उन्हें जबरन उठाकर गले पड़ गए थे। उनकी इस हरकत पर हर कोई ताज्जुब कर रहा था। लेकिन राहुल के दिमाग में कब क्या चल रहा होता है, उसका किसी को भी अंदाजा नहीं होता।

जिस राफेल के मुद्दे पर हारा चुनाव, उसे ही बार-बार उठाते हैं राहुल
राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में राफेल का मुद्दा जोर-शोर से उठाया और मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। यहां तक की इसी मुद्दे पर राहुल ने चौकीदार चोर है जैसा नारा भी लगाया। लेकिन चुनाव में राहुल का यह मुद्दा नहीं चला और कांग्रेस पार्टी बुरी तरह चुनाव हार गई। अगर कोई और नेता होता तो, जनता द्वारा ठुकरा दिए गए इस मुद्दे को कभी अपनी जुबान पर नहीं लाता। लेकिन यह तो राहुल गांधी है, जो आज भी इस मुद्दे को लेकर अपने गाल बजाते रहते हैं।

राहुल को कई-कई बार झूठ बोलते पकड़ा गया
सार्वजनिक जीवन में झूठ की कोई जगह नहीं होती है, लेकिन राहुल गांधी को झूठ से बेहद प्यार है। तभी तो वो हमेशा बेसिर-पैर के आरोप लगाने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं। राफेल के मुद्दे पर जहां कीमतों को लेकर राहुल ने बार-बार झूठ बोला, वहीं अब लद्दाख में चीन के कब्जे को लेकर भी देश के सामने झूठ बोल रहे हैं। हाल ही में राहुल गांधी ने लद्दाख के कुछ स्थानीय लोगों के माध्यम से मोदी सरकार पर झूठा आरोप लगाया था। लेकिन जल्द ही उसका भंडाफोड़ हो गया। राहुल गांधी ने जिन लोगों को आधार बनाकर झूठ बोला था कि चीन ने भारतीय जमीन पर कब्जा किया है, वे सभी कांग्रेसी नेता निकले। भारतीय सेना ने भी राहुल के दावों को झूठा करार दिया है।

डोकलाम मामले में और चीनी राजदूत से मुलाकात पर झूठ बोला
डोकलाम विवाद के बीच राहुल गांधी ने 8 जुलाई, 2017 को चोरी-छिपे भारत में मौजूद चीन के राजदूत लिओ झाओहुई से दिल्ली में मुलाकात की थी। सरकार और जनता से छिपकर की गई इस मुलाकात की खबरें जब सामने आईं तब भी वे झूठ बोलते रहे। हालांकि राहुल की चीनी राजदूत से हुई मुलाकात के रहस्य का पर्दा तब उठा जब 10 जुलाई को चीनी दूतावास की वेबसाइट पर मुलकात की तस्वीरें जारी कर दी गई। जाहिर है राहुल गांधी ने इस मामले में भी झूठ बोला और देश को धोखा देने की कोशिश की। इतना ही नहीं खोखली रिपोर्टस के आधार पर राहुल गांधी ने दावा किया था कि डोकलाम में चीन के 500 सैनिक जमे हुए हैं और भारत ने डोकलाम से अपनी सेना हटा ली है। वास्तविकता में ऐसा कुछ भी नहीं था, सच्चाई यह थी कि भारत ने चीन को पीछे खडे रहने के लिए मजबूर कर दिया था।

राहुल ने कहा वो बोलेंगे तो भूकंप आ जाएगा
9 दिसंबर, 2019 को राहुल गांधी ने एक ऐसा बयान दिया था, जिसको लेकर सभी ने अपना माथा पकड़ लिया था। दरअसल नोबंदी पर संसद में हंगामे के बीच राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा, ”सरकार बहस से भाग रही है, अगर मुझे बोलने देंगे तो आप देखेंगे भूकंप आ जाएगा।” तब के बाद से कई बार राहुल गांधी लोकसभा में बोल चुके हैं, लेकिन एक बार भी भूकंप नहीं आया।

कैलाश मानसरोवर यात्रा के बारे में पूछने पर बगले झांकने लगे राहुल
अगस्त, 2018 में राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। कांग्रेस की तरफ से उन्हें सबसे बड़ा शिवभक्त बताया गया और रास्ते भर राहुल गांधी ट्वीट के जरिए अपनी तस्वीरों को साझा करते रहे। लेकिन यात्रा से लौटन के बाद सबसे जबरदस्त वाकया यह हुआ कि 17 सितंबर, 2018 को भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे यात्रा के अनुभव के बारे में पूछा गया तो राहुल के चेहरे से हवाइयां उड़ गईं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और लोग ने सवाल पूछा कि क्या वास्तव में राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए भी थे या वो झूठ का प्रोपेगंडा था।

एनसीसी के बारे में पूछा या तो जवाब नहीं दे पाए
24 मार्च, 2018 को राहुल गांधी की सामान्य समझ पर उस समय सवाल उठ गया, जब वे एनसीसी से बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब नहीं दे पाए। दरअसल राहुल जब मैसुरू के महारानी महिला आर्ट्स कॉलेज की छात्राओं के बीच थे, तभी एक छात्रा ने राहुल से नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) से जुड़ा एक सवाल पूछा, जिसका राहुल जवाब नहीं दे पाए। छात्रा ने सवाल किया, ‘आप एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट एग्जाम पास छात्रों को क्या-क्या लाभ देंगे?’ इस पर राहुल गांधी ने कहा, ‘उन्हें एनसीसी और सी सर्टिफिकेट से जुड़ी जानकारी नहीं है, इसलिए इस बारे में कुछ नहीं बता सकते।’

गुजरात के मंदिर में गैर हिंदू रजिस्टर में लिखा अपना नाम
गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने हिंदू बनकर जमकर मंदिरों की दौड़ लगाई थी। 26 नवंबर, 2017 को राहुल गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर पहुंचा, लेकिन हां उन्होंने अपना नाम गैर हिंदू रजिस्टर में लिखा। राहुल की इस हरकत को लेकर उनका जमकर मजाक उड़ा था।।

राहुल ने अपनी पार्टी की सरकार के अध्यादेश को फाड़ा
यह घटना 27 सितंबर, 2013 की है, जब राहुल गांधी ने अपनी सरकार के अध्यादेश को मीडिया के सामने बकवास बताते हुए फाड़ डाला था। दरअसल तत्काली मनमोहन सिंह सरकार ने दागियों के चुनाव लड़ने के संबंध में अध्यादेश जारी किया था, लेकिन राहुल गांधी को वो पसंद नहीं था। राहुल की इस हरकत पर उनके इशारों पर नाचने वाले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी हक्का-बक्का रह गए थे।

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