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विदेशी आकाओं का आदेश, राहुल गांधी ने पैरों में फेंका संविधान, लागू किया ‘भारत की बर्बादी’ का टूलकिट

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे करने के अवसर पर ‘We Will Do It’ का नारा दिया। इस नारे के माध्यम से उन्होंने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी का यही आत्मविश्वास और भारत का तेजी से बढ़ता आर्थिक, रणनीतिक तथा कूटनीतिक कद कई वैश्विक ताकतों और प्रतिद्वंदियों के लिए असहजता पैदा कर रहा है। इसलिए उभरते भारत को रोकने, उसकी विकास दर को धीमा करने और देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए बहुआयामी अंतरराष्ट्रीय प्रयास किए जा रहे हैं। “विदेशी डीप स्टेट” यानी विदेशी ताकतों का गुप्त नेटवर्क फंडिंग के माध्यम से भारत के विभीषणों, विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को अपने इशारों पर नचा रहा है, जिसकी झलक दिल्ली की सड़कों पर देखने को मिल रही है। 

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने पैरों में फेंका संविधान
राहुल गांधी अपनी रैलियों और जनसभाओं में लगातार एक लाल रंग की किताब साथ रखते हैं, जिस पर ‘Constitution of India’ लिखा होता है। उनका और उनकी पार्टी का यह मानना है कि यह किताब देश के मूल लोकतांत्रिक मूल्यों, आरक्षण और डॉक्टर बी.आर. अंबेडकर के विचारों का प्रतीक है। कांग्रेस का यह तर्क है कि वे इसके माध्यम से संविधान को बचाने की वैचारिक लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन संविधान बचाने की लड़ाई की सच्चाई 7 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली की सड़कों पर सामने आई, जब राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर चल रहे प्रदर्शन में संविधान को अपने पैर के पास नीचे फेंक दिया। राहुल गांधी की इस अपमानजनक हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि राहुल गांधी संविधान फेंक कर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का अपमान कर रहे हैं।

राहुल ने संविधान फेंक थामा भारत की बर्बादी का टूलकिट
राहुल गांधी ने संविधान फेंक कर संदेश दिया है कि उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और डॉक्टर बी.आर. अंबेडकर के विचारों को भी अपने पैरों तले रौंद दिया है। अब संविधान और लोकतंत्र बचाना उनका मकसद नहीं है। उन्होंने संविधान फेंकर अपने हाथों में विदेशी ताकतों का ‘टूलकिट’ (ऐसी पुस्तिका, जिसमें आंदोलन की कार्ययोजना हो) थाम लिया है, जिसमें भारत की बर्बादी की पटकथा लिखी हुई है। हाल के दिनों में राहुल गांधी इसी पटकथा के मुताबिक दिल्ली की सड़कों पर अराजकता पैदा करते नजर आ रहे हैं। अपने विदेशी आकाओं को खुश करने के लिए कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं। दिल्ली पुलिस का अधिकारी बार-बार अनुरोध करता रहा, “मैं आप से रिक्वेंस्ट कर रहा हूं, हजारों की भीड़ है, किसी को चोट लग जाएगी। आप बताएं कैसे होगा ? आप कोऑपरेट कीजिए सर…।’ इसके बावजूद राहुल गांधी अपनी जिद पर अड़े रहे और राजशाही मानसिकता और अहंकार का परिचय देते रहे।

राहुल गांधी ने महिला पुलिसकर्मी के साथ की बदसलूकी
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की एक महिला कांस्टेबल को गलत तरीके से छूने की कोशिश की। उन्होंने महिला कांस्टेबल को धक्का दिया और उससे बदसलूकी की। राहुल गांधी ने महिला कांस्टेबल को तब धक्का दिया, जब वह अपनी टीम के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बुधवार 7 अक्टूबर को प्रदर्शन में शामिल एक महिला प्रदर्शनकारी को हटाने की कोशिश कर रही थी। दिल्ली पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी है और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से मारपीट, धक्का-मुक्की और महिलाकर्मियों पर हमले के संबंध में विभिन्न थानों में एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि प्रदर्शन के दौरान किन लोगों की ओर से पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर मारपीट या ड्यूटी में बाधा डालने की घटना हुई।

महिला पुलिसकर्मी को कोहनी मारते नजर आईं प्रियंका गांधी
भाई राहुल गांधी से कम बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भी नहीं है। लोकसभा में चेहरे पर मुस्कान बिखेर कर भाषण देने वाली और ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा देने वाली कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी का असली चेहरा दिल्ली की सड़क पर देखने को मिला, जब विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी से बदसलूकी और मारपीट की। महिला पुलिसकर्मी सीमा के साथ धक्का-मुक्की करने और कोहनी मारने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित महिला पुलिसकर्मी ने इस घटना के बारे में बताया कि अराजकता और धक्का-मुक्की के माहौल में उन्हें कोहनी लगी और धक्का दिया गया, जिससे उन्हें चोट आई। इस घटना से पता चलता है कि महिला सम्मान की बात करना कांग्रेस के लिए सिर्फ दिखावा है। सत्ता की राजनीति से लेकर सड़क पर मारपीट ही कांग्रेस का असली चेहरा है। 

दिल्ली की सड़क पर बहन और भाई का अराजक ड्रामा
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली की सड़क पर बहन और भाई का ड्रामा देखने को मिला। एक तरफ जहां भाई संविधान की कॉपी को पैर के पास नीचे फेंकते नजर आया, वहीं बहन प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य महिला नेताओं के साथ हाथ में संविधान की कॉपी लेकर सड़क पर ही लेट गईं। इस दौरान राहुल गांधी प्रियंका गांधी के पैर के पास खड़े रहे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उन्हें और अन्य नेताओं को सड़क से हटाकर हिरासत में लिया। दरअसल, बुधवार को कांग्रेस के नेताओं ने जनपथ स्थित एक दक्षिण भारतीय रेस्टोरेंट में दोपहर के भोजन के बाद जंतर-मंतर की ओर अचानक धरना देने के लिए मार्च निकाला। जब पुलिस ने विपक्षी सांसदों की बसों को रास्ते में ही रोक दिया, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिसकर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की देखने को मिली।

धक्का-मुक्की, मारपीट का आरोप,राहुल-प्रियंका पर 3 और FIR
दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस और INDIA गठबंधन के प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस से कथित धक्का-मुक्की, मारपीट और सरकारी काम में बाधा जैसे आरोप लगाया है। इस FIR में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। इससे एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन की घटना को लेकर भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

कांग्रेसियों की गुंडागर्दी, मोदी समर्थक कश्मीरी युवक की पिटाई
जब कांग्रेस का आलाकमान दिल्ली की सड़कों पर अराजकता फैला रहा हो, तो उस पार्टी के कार्यकर्ताओं से संयम की अपेक्षा नहीं की जा सकती। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच अराजकता और हिंसा फैलाने की होड़ मची है। दोनों अपने झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के खिलाफ एक शब्द सुनना नहीं चाहते हैं। इसलिए वो पुलिसकर्मियों के साथ ही आम लोगों पर भी हमले कर रहे हैं। 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एक होटल के बाहर एक कश्मीरी युवक फईम नजीर शाह की कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पिटाई कर दी। युवक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी नीतियों की तारीफ की और राहुल गांधी तथा विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। घटना के बाद होटल के बाहर हंगामा भी हुआ। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता फईम पर टूट पड़े। फिलहाल इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पीएम मोदी का समर्थन करने पर कश्मीरी युवक से मारपीट 
कश्मीरी युवक फईम का कहना है कि उसने कोई गाली-गलौज नहीं की थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने और घाटी में आतंकवाद कम होने का श्रेय मोदी सरकार को देने पर कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए। फईम ने कहा, “मैंने राहुल गांधी को गाली नहीं दी। हमने सवाल किया कि जब विपक्ष जीत जाता है तो ईवीएम में खराबी नहीं होती है…ईवीएम राजीव गांधी ने लाया था। मैं देश को समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि देश को नेपाल और बांग्लादेश बनाने की साजिशें चल रही हैं। मैं देश का नागरिक हूं। मेरी जिम्मेदारी है कि देश को नेपाल और बांग्लादेश नहीं बनने देना है। करो राहुल गांधी से सवाल…ये हैं फ्रीडम ऑफ स्पीच।” इस घटना के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करने वाली कांग्रेस दूसरे लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

बेंगलुरु में जुटे विदेशी फंडिंग पर पलने वाले कॉकरोच  
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को अपदस्त करने और भारत में अराजकता फैलाने के लिए विदेशी ताकतों ने पूरी ताकत झोंक दी है। विदेशी फंडिंग पर पलने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी जैसे सभी गुर्गों को भारत भेज दिया है। इनका जमावड़ा 7 अक्टूबर को कर्नाटक में देखने को मिला। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें ध्रुव राठी, प्रकाश राज, आशुतोष रांका, जुबैर समेत कई बड़े चेहरे बैठे हुए नजर आ रहे हैं। इसमें दीपके को कहते सुना जा सकता है कि वह कल के प्रोटेस्ट के लिए बेंगलुरु में हैं। लेकिन इसके पहले वह सभी के लिए एक सरप्राइज लाए हैं। इसके बाद ध्रुव राठी दिखाई देते हैं। राठी ने कहा, “यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। कल आठ अक्तूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में मिलते हैं।” इसके बाद उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर प्रोटेस्ट का भी जिक्र किया। इसके बाद अभिनेता प्रकार राज ने फिल्मी अंदाज में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निशाना साधा।

ध्रुव राठी का CJP प्रदर्शन में शामिल होना विदेशी टूलकिट का हिस्सा
8 अक्टूबर को कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित फ्रीडम पार्क में एसआईआर के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित एक विशाल विरोध प्रदर्शन और ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ में अभिजीत दीपके, ध्रुव राठी और अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज शामिल हुए। जर्मनी से आकर ध्रुव राठी का कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होना और सभा को संबोधित करना अंतरराष्ट्रीय टूलकिट का हिस्सा है। चाहे कांग्रेस सरकार के संरक्ष बेंगलुरु का प्रदर्शन हो या दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली का प्रदर्शन हो, दोनों का मकसद समान है। भारत के आंतरिक राजनीतिक मुद्दों को सोशल मीडिया के जरिए वैश्विक स्तर पर इस तरह से प्रचारित किया जाए ताकि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत संस्थाओं (जैसे चुनाव आयोग और न्यायपालिका) की साख पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ सकें।

जनादेश की जगह भीड़तंत्र का ‘हाइब्रिड एजेंडा’ लागू
बेंगलुरु और दिल्ली के हालिया आयोजनों में कुछ ऐसे डिजिटल क्रिएटर्स और हस्तियों की मौजूदगी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिनका प्रभाव देश की सीमाओं से बाहर बैठे भारतीय प्रवासियों और वैश्विक दर्शकों पर भी पड़ता है। यह घरेलू राजनीति में जनता के जनादेश को मोड़ने के लिए एक ‘हाइब्रिड एजेंडा’ है। यहां ‘हाइब्रिड एजेंडा’ का अर्थ है एक ऐसा मिश्रित या छिपा हुआ उद्देश्य, जिसमें ऊपर से तो कुछ और (जैसे- जनता की भलाई या न्याय की मांग) दिखाया जाता है, लेकिन अंदरूनी तौर पर उसके पीछे राजनैतिक लाभ, समाज में अस्थिरता फैलाना या किसी खास समूह को फायदा पहुंचाने का गुप्त प्लान होता है। इसमें अक्सर डिजिटल प्रोपेगैंडा (सोशल मीडिया) और जमीनी विरोध प्रदर्शनों को एक साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। इसका मकसद उग्र प्रदर्शन के माध्यम से देश के भीतर संस्थागत अविश्वास पैदा करने की एक सुनियोजित कोशिश है, जिसे बाहरी ताकतों का वैचारिक समर्थन प्राप्त है।

अब आपको दिखाते हैं, किस तरह कांग्रेस, कॉकरोच जनता पार्टी और विदेशी ताकतें मिलकर अराजकता फैला कर भारत में सत्ता परिवर्तन करना चाहती हैं…

विदेशों से मिल रहे भारत में प्रदर्शन करने के टिप्स
अब पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है आम आदमी पार्टी का दूसरा रूप कॉकरोच जनता पार्टी है। इसके सभी नेता और कार्यकर्ता आम आदमी पार्टी के सदस्य है। सीजेपी के तार विदेशों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। ब्रिटेन में बैठा राज रेडिज गिल सोशल मीडिया के माध्यम से कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को भारत में प्रदर्शन के दौरान पुलिस से निपटने के तरीके बता रहा है, जो भारत में तख्तापलट के टूलकिट के लिए रणनीतियां मुहैया करा रहा है।

कौन है राज रेडिज गिल ?
राज (राजेश) रेडिज गिल वही व्यक्ति है जिसने आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए विदेशी फंडिंग का प्रबंधन किया था। उसने अरविंद केजरीवाल की पार्टी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय धन जुटाने (फंडरेज़िंग) का नेटवर्क तैयार किया है। 

जब मोबाइल नंबर का मिलान किया गया तो यह स्पष्ट हो गया कि जो सत्ता परिवर्तन (तख्तापलट) वाले प्रदर्शन के लिए रणनीतियां पोस्ट किया था,वो व्यक्ति रेडिज गिल ही है। 

विदेशों से भारत में अराजक प्रदर्शन का संचालन
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अजिंक्य शिंदे, जो अभिजीत दीपके के गुरु हैं और पूरे सत्ता परिवर्तन (तख्तापलट) वाले प्रदर्शन का प्रबंधन कर रहे हैं, वे भी इसी व्हाट्सएप ग्रुप में हैं। यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि विदेशों से भारत में प्रदर्शन का संचालन किया जा रहा है।

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