कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर जताया जा रहा सबसे बड़ा अंदेशा अब सौ फीसदी सच साबित हो चुका है। रोज हो रहे नए खुलासों ने साबित कर दिया है कि नीट छात्रों के नाम पर शुरू हुआ सीजेपी का आंदोलन अब देश को अस्थिर करने वाली एक गहरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साजिश के रूप में सामने आ रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बेंगलुरु में सीजेपी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं कि सीजेपी नेताओं और उसके संगठन को देश के भीतर और बाहर काम कर रहे भारत विरोधी एनजीओ (NGOs) और संगठनों से अनधिकृत तरीके से फंडिंग मिल रही है।

दीपके को अमेरिका और रांका को पाकिस्तान से फंडिंग
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को अमेरिका में बैठे डोनर्स से फंडिंग मिल रही है, जबकि संगठन के सह-संस्थापक और प्रवक्ता आशुतोष रांका को पाकिस्तानी राजनेताओं और वहां के हैंडलर्स से आर्थिक मदद दी जा रही है। मंत्री ने कहा कि इन दोनों ने खुद को नेता घोषित कर लिया है। इन्हें अनधिकृत स्रोतों से फंड मिल रहा है।
उन्होंने दीपके और रांका पर निशाना साधते हुए कहा, “जो लोग ये आरोप लगा रहे हैं, उन्हें अपने फंडिंग के स्रोतों के बारे में भी बताना चाहिए। उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि अपने अभियानों को जारी रखने के लिए वे संसाधन कहां से जुटाते हैं।”
कॉकरोचों पर बड़ा खुलासा!
“इस बात के काफी सबूत हैं कि अभिजीत दीपके को US के डोनर्स से फंड मिल रहा है और आशुतोष रांका को पाकिस्तानी नेता पैसे दे रहे हैं।”
: डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री
यह सब विदेश से फंड पाने वाले NGOs, डीप-स्टेट ऑपरेटिव्स और भारत विरोधी संगठनों की ओर भी इशारा करते हैं।
जो भारत के खिलाफ नैरेटिव बनाने का काम कर रहे हैं।
— Panchjanya (@epanchjanya) November 5, 2026
SIR विरोधी अभियान में शामिल ‘सानिया’ को फंडिंग
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि SIR विरोधी आंदोलन चलाने वाले कुछ नेताओं को विदेशों से फंडिंग मिल रही है। उन्होंने एसआईआर विरोधी अभियान में शामिल एक महिला ‘सानिया’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस महिला को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पैसे मिल रहे थे। मंत्री ने कहा कि इन सभी आरोपों की जांच खुफिया और संबंधित एजेंसियां कर रही हैं क्योंकि यह देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा कम करने की एक साजिश है।

केन्द्रीय एजेंसियों को मिल गए पर्याप्त सबूत
जितेंद्र सिंह ने कहा कि खुफिया इनपुट और उपलब्ध जानकारियां साफ तौर पर इशारा करती हैं कि भारत के हितों के खिलाफ काम करने वाली ताकतें इनके पीछे हैं। जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि विदेशी फंडिंग से चलने वाले एनजीओ, डीप स्टेट के एजेंट और भारत विरोधी ताकतें एक साथ मिलकर देश के खिलाफ एक झूठा नैरेटिव गढ़ने का काम कर रही हैं। जितेंद्र सिंह के मुताबिक, इस विदेशी पैसे का इस्तेमाल भारत में जनमत को प्रभावित करने और सरकार के खिलाफ अभियान चलाने के लिए किया जा रहा है।
#WATCH | Bengaluru | Union Minister Dr Jitendra Singh says, “There is enough evidence to show that they are being funded by unauthorised sources, by anti-India NGOs, and anti-India organisations within and outside the country. The foreign-funded NGOs, deep state operatives and anti-Indiaforces are manufacturing this narrative…Abhijeet Dipke has been receiving funds from USA-based donors, Ashutosh Ranka, paid by Pakistani politicians…”
(03.11)
— ANI (@ANI) November 4, 2026
सत्ता परिवर्तन और देश को अस्थिर करने की व्यापक साजिश
जितेंद्र सिंह ने घरेलू चुनावी विवादों को देश को अस्थिर करने के व्यापक अभियान के हिस्से के रूप में पेश करने के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की। कुछ समूहों, कार्यकर्ताओं और संगठनों की गतिविधियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी वित्तपोषण के आरोप, सत्ता परिवर्तन की मांग और लोकतांत्रिक संस्थानों में जनता के विश्वास को कम करने के प्रयास गंभीर जांच के विषय हैं। उन्होंने कहा, “भारत एक संप्रभु लोकतंत्र है जिसके पास मजबूत संवैधानिक संस्थाएं हैं।” उन्होंने कहा, ”चुनावी सुधारों को राजनीतिक लामबंदी या जनता के विश्वास को कमजोर करने के उद्देश्य से गढ़ी गई कहानियों का बंधक नहीं बनाया जा सकता।”

‘FCRA विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने के लिए जरूरी’
मंत्री जितेंद्र सिंह ने तंज कसते हुए कहा, “जब भी उन्हें कोई मुद्दा मिलता है, तो वे चुन-चुनकर उसे उठाते हैं। इससे पहले उन्होंने शिक्षा का मुद्दा उठाया था। लेकिन वह मुद्दा दिल्ली का था, पंजाब या कर्नाटक का नहीं। जहां-जहां कांग्रेस सत्ता में है, वहां सब कुछ ठीक-ठाक ही माना जाता है।” इस दौरान उन्होंने विदेशी फंडिंग पर लगाम लगाने के लिए फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन रेगुलेशन एक्ट यानी एफसीआरए (FCRA) का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि FCRA विदेशी फंडिंग के रास्तों को नियंत्रित करने और विदेशी पैसों के लेन-देन पर निगरानी रखने का एक जरूरी जरिया है।

अमेरिकी सिंगर का CJP को विदेशी फंडिंग का आरोप
इससे पहले अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने अक्टूबर 2026 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और इसके संस्थापक अभिजीत दीपके पर अमेरिका आधारित डोनर्स से फंडिंग लेने का आरोप लगाया था। मिलबेन ने दावा किया था कि अमेरिका में बैठे कुछ ऐसे दानदाता (डोनर्स), जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरोधी हैं, वे भारत में विघटनकारी सोच और गतिविधियों के लिए अभिजीत दीपके और CJP को आर्थिक मदद दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी भी डोनर का नाम, बैंक रिकॉर्ड या ठोस दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए थे। अमेरिकी गायिका ने कहा कि लोकतंत्र और स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए हमेशा एक जवाबी आंदोलन होना चाहिए।
विदेशी फंडिंग के दम पर देश में भ्रम और अराजकता फैला रहा विपक्ष…
देखिए, मैरी मिलबेन ने खोल दी CJP की विदेशी फंडिंग की पोल! https://t.co/cHQ0eZ9BYT
— BJP Bihar (@BJP4Bihar) October 16, 2026
राष्ट्रवादी नेताओं को निशाना बनाते हैं विदेशी डोनर- मिलबेन
सोशल मीडिया साइट एक्स की पोस्ट में मिलबेन ने कहा, ‘इन चुनिंदा दानदाताओं का दुनियाभर में एक तरीका रहा है। वे दुनिया के राष्ट्रवादी नेताओं को निशाना बनाते हैं, संबंधित देश के किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढते हैं जिसने अमेरिका में शिक्षा हासिल की हो, उसे कट्टरपंथी बनाते हैं, फिर उसे वापस उसके देश भेजते हैं और वहां अराजकता तथा विनाश फैलाने के लिए धन मुहैया कराते हैं। इनमें से कोई भी सफल नहीं हुआ है, लेकिन इन गतिविधियों ने संबंधित देशों के विकास और शासन व्यवस्था को प्रभावित किया है।’
#PooraSach | अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन और CJP नेता अभिजीत दीपके के बीच विदेशी दखल और अमेरिकी फंडिंग को लेकर बहस तेज। मिलबेन ने भारत में विरोध प्रदर्शनों के पीछे जॉर्ज सोरोस से जुड़े नेटवर्क की भूमिका का आरोप लगाया है। इन दावों की सच्चाई क्या है और भारत की राजनीति में विदेशी फंडिंग का मुद्दा कितना गंभीर है?
@Prakharshri78 के साथ देखिए ‘पूरा सच’
पूरा कार्यक्रम देखें: https://t.co/cUTXXiLcJx
@Prakharshri78 #PooraSachOnDD #MaryMillben #GeorgeSoros #IndiaPolitics #ForeignFunding
— डीडी न्यूज़ (@DDNewsHindi) October 16, 2026
मैरी मिलबेन का अभिजीत दीपके को करारा जवाब
मैरी मिलबेन का अभिजीत दीपके को जवाब- “ओह डियर अभिजीत दीपके, सच सभी को आजाद करता है। आपको भी। और यह सच है: जब आप कामयाब नहीं होंगे, तो ये अमेरिकी डोनर्स आपको ऐसे छोड़ देंगे, जैसे कोई गर्म केक छोड़ देता है। और तुम सफल नहीं होगे, क्योंकि गैर-कानूनी काम कभी नहीं जीतते। इसके बजाय, अपनी अमेरिकी शिक्षा और टैलेंट का इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए करो। पीएम के साथ बैठो और भारत को आगे बढ़ाने के लिए एक सकारात्मक आवाज़ बनो। सही काम करने की तुम्हारी हिम्मत का सच तुम्हारे अगले कदमों में दिखेगा।”
Oh dear @abhijeet_dipke, the truth sets everybody free. Even you. And here’s the truth: these US donors will drop you like a hot cake when you don’t succeed. And you won’t, because lawlessness never wins. Instead, take your U.S. education, talent, and use it for good. Sit down with the PM @narendramodi and be a positive voice to advance India. The truth of your courage to do what’s right lies in your next steps.
And the PM doesn’t need American support. He has 1.5 billion beautiful Indian citizens who support him and have for 25 years, 12 years as PM, three consecutive terms. And will again in 2029. That’s the truth.
— Mary Millben (@MaryMillben) October 14, 2026
आइए जानते हैं कि कॉकरोच जनता पार्टी के फर्जी छात्र आंदोलन की शुरुआत से ही किस तरह विदेशी साजिश और फंडिंग के प्रमाण भी सामने आने लगे थे…
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जेन जी यानी Generation Z को भड़काने के लिए तीन प्राइवेट कंपनियों के साथ-साथ 100 से अधिक यूट्यूबर को पैसे देकर उनकी सेवाएं ली गई थीं। दिल्ली पुलिस उनकी गतिविधियों की जांच कर रही है। वहीं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके ने पैसे देकर बॉलीवुड से भी सेलिब्रिटीज को जंतर-मंतर पर बुलाया था।

अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। फैजान ने कहा था,”मैं आज मुंबई से दिल्ली डीसीपी के पास कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की लिखित शिकायत करने आया हूं। दीपके अपने निजी हितों के लिए यह सब कर रहे हैं। मेरे ऊपर अभिजीत दीपके के लोगों ने हमला किया था। पुणे में मेरे ऊपर अटैक हुआ, औरंगाबाद में मेरे ऊपर अटैक हुआ। पहले से ही दो केस उसके खिलाफ फाइल हैं। अभिजीत दीपके एक पाकिस्तानी एजेंट है। उमर खालिद का समर्थक है, जिसने कहा था, ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे।’
बड़ी खबर 🚨
फ़ैज़ान अंसारी ने अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।फ़ैज़ान अंसारी का आरोप है कि – “बॉलीवुड के कई सेलेब्रिटीज़ को CJP के समर्थन के लिए कथित तौर पर रकम दी गई थी। मैंने दिल्ली पुलिस से इस मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।”
उन्होंने आगे… pic.twitter.com/LPD5FKmegl
— ocean jain (@ocjain4) August 4, 2026
दीपके का उमर खालिद के ट्रायल को लेकर बयान,फैजान के दावे की पुष्टि
फैजान अंसारी ने दावा किया था कि दीपके दिल्ली दंगे का आरोपी उमर खालिद का समर्थक है, तो खुद अभिजीत दीपके ने इस दावे की पुष्टि कर दी। दीपके ने खुद अपने चेहरे से नकाब उतारकर फेंक दिया। उसने उमर खालिद के समर्थन में कहा, “मुझे लगता है कि उनकी हियरिंग होनी चाहिए। उनका ट्रायल होना चाहिए। ट्रायल नहीं हो रहा है…हियरिंग नहीं हो रही है तो कहीं न कहीं लीगल प्रोसीडिंग्स है, उसे नहीं रोका जाए। लीगल प्रोसीडिंग्स हो जानी चाहिए।” उमर खालिद को लेकर अभिजीत दीपके की यह चिंता बता रही है कि इसके पीछे कौन-कौन सी ताकतें काम कर रही हैं। कुछ लोगों का दावा है कि जो ताकतें शाहीनबाग के प्रदर्शन के पीछे थीं, वहीं ताकतें अभिजीत दीपके को भी फंडिंग कर रही हैं।
दंगाई उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में अभिजीत दीपके खुलकर सामने आ गया है।
देश के गद्दारों की खुलकर यह मुखालफत कर रहा है❗
यह चाहता है कि देश में आंतकवादीयों को स्वतंत्रता मिले❗
आम नागरिक असुरक्षित रहे रोज बम धमाके होते रहे। ❗
इस मूर्ख को इतना तो पता होना चाहिए कि उनकी… pic.twitter.com/XAcNUfUhYt— 𝘼𝙙𝙫 𝙨𝙖𝙣𝙟𝙖𝙮 𝙨 𝙂𝙪𝙥𝙩𝙖(𝙨𝙠) (@Adv_SanjayGupta) August 5, 2026
CJP के मंच पर दीपके के सामने उमर खालिद के पक्ष में बयान
कॉकरोच जनता पार्टी के धरना स्थल जंतर-मंतर पर उमर खालिद के समर्थन में बयान दिए गए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने अभिजीत दीपके के साथ खड़ा होकर सीजेपी के मंच से कहा था हम अपनी आवाज उठाएं तो हमारा क्या होगा। अगला हमारा पता तिहाड़ जेल होगा या क्या होगा। हमने उमर खालिद को देख लिया है। हमने शरजील इमाम को देख लिया है। पांच-छह-सात साल से वो जेल में बंद है।
आज CJP के मंच से मणि शंकर अय्यर ने उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में बयान दिया। अभिजीत दीपके मंच पर उनके साथ खड़े रहे और इसका विरोध भी नहीं किया।#Cjpprotest #ManiShankarAiyar #AbhijeetDipke #UmarKhalid pic.twitter.com/ZZmET1FeYM
— Know The Nation (@knowthenation) July 25, 2026
बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को पैसे देकर जंतर-मंतर बुलाया गया था- फैजान
फैजान अंसारी ने दावा किया कि अभिजीत दीपके और उसके संगठन ने तथाकथित आंदोलन के प्रचार-प्रसार के लिए बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को पैसे देकर जंतर-मंतर बुलाया था। जंतर-मंतर पर आने के लिए उर्फी जावेद ने 1 लाख रुपए लिए थे और पूनम पांडे ने 20 हजार रुपए लिए थे। फैजान अंसारी ने कहा, “मैं यह चाहता हूं कि उमर खालिद की तरह अभिजीत दीपके को भी जेल होनी चाहिए। आप प्लीज तुरंत एफआईआर करके इसे जेल भेजो। अभिजीत दीपके देश का माहौल बिगाड़ रहा है और अगर इसे नहीं रोका गया, तो यह भारत में दंगे-फसाद भी करवा देगा।”
जन्तर मन्तर पर पैसा देकर लोगों को बुलाया गया?
फैजान अंसारी नामक व्यक्ति डिटेल्स समेत पहुँचा!
आखिर इसकी फंडिंग आयी कहाँ से?
— Sudhir Mishra 🇮🇳 (@Sudhir_mish) August 4, 2026
पालतू पत्रकार रवीश कुमार ने खोले राज
पालतू पत्रकार रवीश कुमार द्वारा झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC/JSSC) में धांधली और पेपर लीक को लेकर चले छात्र आंदोलन पर जो टिप्पणी की, वो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुई। इस वीडिया में रवीश कुमार ने जो कहा, वो फैजान अंसारी के दावे की पुष्टि करता है। उन्होंने अपने डिजिटल शो में इस छात्र आंदोलन और व्यवस्था की कमियों पर बात की। रवीश कुमार ने कहा, हम यूट्यूबर सारी परीक्षाओं के मामले को, आंदोलन को, हर राज्य में कवर नहीं कर सकते हैं। मैं ये बात आज से नहीं कई साल से अपने वीडियो में कहते आ रहा हूं। फेसबुक पर कई बार लिखा है। और परीक्षा को लेकर जब छात्र संदेश भेजते हैं, उन्हें भी व्यक्तिगत रुप से लिखा है।”
रवीश जी, क्या ग़ज़ा को वहाँ जाकर कवर किया था? जंतर-मंतर गए थे? आप महाभारत के उस ‘समय’ की तरह शाम को अवतरित होते हैं और अपना भाषण देते हैं।
इस कारण झारखंड का आंदोलन कवर क्यों नहीं कर सकते? कीपैड काम नहीं कर रहा या टेलीप्रॉम्प्टर? pic.twitter.com/TZDAWW8MH7
— Kumar Shyam (@thekumarshyam) August 4, 2026
रवीश कुमार को झारखंड के छात्रों पर बोलने के लिए सरकार से पैसे चाहिए
रवीश कुमार ने अपनी और सीजेपी के फर्जी आंदोलन की पोल खोल दी। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार को एक काम तुरंत करना चाहिए, गंभीरता से आज ही करना चाहिए। पैसा हम सब यूट्यूबर को देना चाहिए।” रवीश कुमार ने आगे कहा, “इतनी परीक्षाओं में धांधली की खबरें उस वक्त भी आती थीं और आज भी आती हैं। तब भी और मुझे आज भी कहना पड़ता है कि मैं सभी परीक्षाओं के आंदोलन को कवर नहीं कर सकता, मुझसे संपर्क नहीं कीजिए। ऐसा कौन कहता है, क्योंकि किया ही नहीं जा सकता। यह समस्या इतनी विकराल है।”
पहली बार रवीश कुमार ने ईमानदारी से स्वीकार कर लिया कि वह एक ही परिवार और वामपंथियों का पालतु पिल्ला है और जो केवल सिर्फ और सिर्फ भाजपा शासित राज्यों के मामले ही कवर कर सकता हैं ।
वह कांग्रेस और विपक्ष शासित राज्यों पर कवर नहीं कर सकता है।
क्योंकि, कोई भी कुत्ता अपने मालिकों के… pic.twitter.com/o2jJ1CYcLH— 𝘼𝙙𝙫 𝙨𝙖𝙣𝙟𝙖𝙮 𝙨 𝙂𝙪𝙥𝙩𝙖(𝙨𝙠) (@Adv_SanjayGupta) August 5, 2026
पीएम मोदी को गाली देने और उनकी छवि खराब करने के लिए पैसों का ऑफर
एक पत्रकार और यूट्यूबर सुमीत मेहता ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की छवि खराब करने के लिए एक व्यक्ति ने मुझे पैसों का ऑफर दिया था। उसने कहा कि क्या आप पैसा कमाना चाहते हैं, तो मैंने बोला कि क्या करना है? उसने बोला कि मोदी जी को गाली देनी है। मैंने सीधा पूछा कि कितना पैसा देने वाले हो, तो उसने बोला कि पहले टोकन मनी एक लाख रुपये मिलेंगे। उसके बाद कैसे मुद्दे उठाते हो, वो कितना वायरल होता है, कितना संसनीखेज होता है, कितना शेयर किया जाता है, उस पर बोनस का फैसला किया जाएगा। मोदी जी को अटैक करना है। उनका करिश्मा खत्म करना है। उसके लिए पैसे मिलेंगे। सुमीत मेहता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने के लिए ऐसे लोगों को ऑफर दे रहे हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना और समर्थन करते आ रहे हैं। पूरा एक गेम चल रहा है। इसके लिए काफी पैसा आया है और काफी पैसा आने वाला है। 2029 के चुनाव को लेकर तैयारियां चल रही हैं। इसके तहत सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी की छवि और उनके करिश्मे को खत्म करना है, ताकि चुनाव में नरेन्द्र मोदी के नाम पर बीजेपी को वोट नहीं मिले।
मोदी समर्थक
आप सतर्क रहें
संगठित रहें
सुरक्षित रहें
शेयर करते रहें
जन जागृति जरुरी है pic.twitter.com/wjo68kNGIs
— सरिता नेगी (🕉)🚩जय श्री राम🚩🕉🇮🇳 (@SaritaNegi19) August 4, 2026
एब्रिको फ्रेट कंपनी के मालिक शाजी निलंबुर पर फंडिंग का आरोप
दुबई के मलयाली व्यवसायी और एब्रिको फ्रेट कंपनी के मालिक शाजी निलंबुर द्वारा अपने 23 कर्मचारियों का पूरा खर्च उठाकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भेजने का मामला सामने आया। इरशाद, अनफस और टोयो के नेतृत्व में आए 23 कर्मचारियों के हवाई टिकट, रहने-खाने और दैनिक भत्तों का पूरा खर्च कंपनी द्वारा उठाया गया। इस खुलासे के बाद राजनीतिक हलकों में विरोध प्रदर्शन के पीछे विदेशी फंडिंग और एक बड़ी साजिश होने के आरोप लगाए गए। प्रदर्शन स्थल पर इन लोगों के पहुंचने और कथित ‘जीत’ का जश्न मनाने के वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया। इससे स्पष्ट है कि फर्जी आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतों की सुनियोजित फंडिंग थी।
CJP के द्वारा जंतरमंतर पर किये गये प्रोटेस्ट में नये खुलासे हो रहे हैं।
दुबई से एक कंपनी ने अपने 23 एम्प्लोइज़ को जंतरमंतर जाने के लिए स्पॉन्सर किया गया।
क्यों?
और ये भी सामने आया है कि सीजेपी प्रोटेस्ट का नैरेटिव बनाने के लिए 180 से भी ज्य़ादा इन्फ्लुअन्सर्स को पैसा दिया… pic.twitter.com/fKwQGegEC6
— Vipin patel 🚩 (@VVipinpatel) August 5, 2026
3 डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों और 180 यूट्यूबर्स को दिए गए पैसे
दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों के रडार पर 3 डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों के साथ 100 से अधिक यूट्यूबर आए, जिन्हें सीजेपी प्रदर्शन के सनसनीखेज वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के एवज में पैसे दिए जाने की आशंका है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उन संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं जो इन तीन प्राइवेट डिजिटल कंपनियों और 100 से ज्यादा छोटे-बड़े यूट्यूबर के बीच हुए हैं।एजेंसियों द्वारा इन सभी चैनल्स के आईपी एड्रेस, वित्तीय खातों और कंपनियों के साथ संपर्कों की गहन पड़ताल की जा रही है।
🚨 बड़ा खुलासा! दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर हिंसा की जांच का दायरा बढ़ाया।
प्रमुख यूट्यूबर्स, इंफ़्लुएंसर्स और 3 डिजिटल मार्केटिंग फर्मों पर नजर,
जिन्होंने पोस्ट्स और लाइवस्ट्रीम्स के जरिए भड़काऊ कंटेंट, अफवाहें फैलाकर हिंसा भड़काने का काम किया pic.twitter.com/eLDGua3KrT
— Manoj Singh (@PracticalSpy) August 2, 2026
मुंबई की इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसी और उसके नेटकवर्क की हो रही जांच
डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों ने सीजेपी प्रदर्शन के दौरान उससे जुड़े वीडियो और कंटेंट को पीआर स्ट्रेटेजी के तहत खास समय पर सोशल मीडिया पर अपलोड और एल्गोरिदम को मैनिपुलेट करके बड़े पैमाने पर एम्पलीफाई (प्रचारित) किया। इसलिए इस मसले की बारीकी से जांच की जा रही है। इस केस के तार अब देश की व्यावसायिक राजधानी मुंबई से भी जुड़ गए हैं। जांच एजेंसियां मुंबई स्थित प्रमुख इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसी बार्ककोड एंटरटेनमेंट (Barcode Entertainment) के ठिकानों पर विदेशी फंडिंग और जंतर-मंतर के प्रदर्शन (CJP एजेंडा) से जुड़े वायरल वीडियो के जरिए माहौल को उग्र बनाने के आरोपों की बारीकी से जांच कर रही हैं। बारकोड (Barcode) के संस्थापक और सीईओ राहुल खन्ना हैं, जिन्होंने बारकोड की स्थापना 2019 में की थी। यह कंपनी इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, कंटेंट मार्केटिंग और टैलेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करती है।

इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसी और क्रिएटर नेटवर्क के फंडिंग नेटवर्क की जांच जारी
दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों की पुलिस सीजेपी प्रदर्शन से जुड़ी इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसी और उससे जुड़े क्रिएटर नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों को संदेह है कि कुछ इन्फ्लुएंसर्स को प्रदर्शन के दौरान प्रचार और भीड़ जुटाने के लिए सक्रिय किया गया था। यहां तक कि दिल्ली पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि सोशल मीडिया पर अभियान चलाने और कथित प्रचार के लिए धन कहां से आया। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और फंडिंग नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

प्रधानमंत्री मोदी की छवि खराब करने के लिए विदेशी कनेक्शन की भी जांच
सोशल मीडिया पर माफी मांगने वाली ज्यादातर लड़कियों ने खुलासा किया है कि उन्हें गाली देने के लिए भड़काया गया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद भीड़ ने एक खास मकसद से जेन जी यानी Generation Z का इस्तेमाल किया। उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलने के लिए माहौल तैयार किया। जांच अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या इन कंपनियों या इन्फ्लुएंसर नेटवर्क को देश का माहौल बिगाड़ने और प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी प्रकार की संदिग्ध विदेशी फंडिंग या विदेशी ताकतों से कोई कनेक्शन तो नहीं था। अब तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिरकार मसला क्या है। पुलिस देश की शांति व्यवस्था और शीर्ष पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाने वाले किसी भी डिजिटल सिंडिकेट को बख्शने के मूड में नहीं है।
एक और माफीनामा आ गया 🤪
थाने में रिपोर्ट दर्ज होते ही औकात पता चल गयी ,
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाली लड़की रुचिका सिंह का माफी मांगते हुए वीडियो सामने आया है। करीब 50 सेकेंड के इस वीडियो में रुचिका… https://t.co/6RAb11f7oI pic.twitter.com/sqvHzS7ctU— Indian🇮🇳 (@singh31919) July 31, 2026
पीएम मोदी के खिलाफ साजिश, फेसबुक के जुकरबर्ग को 3 दिन का अल्टीमेटम
प्रधानमंत्री मोदी की छवि खराब करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साजिश चल रही है। इस साजिश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक भी शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जुलाई को एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक को बड़ी समस्या बताया था। उन्होंने ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही थी। यह वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक से हटा दिया गया था। बाद में मेटा ने इसे फिर से फेसबुक पर डाल दिया। फेसबुक के इस दुस्साहस को सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाने के मामले में संसदीय समिति ने मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से 3 दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मेटा को भारत में मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और कुछ छूट वापस लेने पर विचार किया जा सकता है। इसके बाद कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
संसदीय IT समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT मंत्रालय और गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर मार्क जुकरबर्ग से 3 दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।
NEET पेपर लीक पर PM नरेंद्र मोदी के वीडियो को फेसबुक से करीब 5 घंटे हटाए जाने पर समिति ने इसे… pic.twitter.com/nCh06UJebG
— Anurag Chaddha (@AnuragChaddha) August 5, 2026
मार्क जकरबर्ग ने मांगी माफी, बोले- कंटेंट बूस्ट करने के लिए मिले थे पैसे
फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने डीपफेक कंटेंट को प्लेटफॉर्म्स पर दिखाने के लिए माफी मांगी है। केंद्र सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच उन्होंने अपना माफी नामा भेजा है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा चीफ ने अपने माफी नामे में इस बात को स्वीकार किया है कि कुछ खास तरह के कंटेंट को बूस्ट करने के लिए काफी पैसे दिए गए थे। उन्होंने इस मामले में माफी मांगी और अपनी गलती पर अफसोस जताया। सूत्रों के मुताबिक, सरकार मेटा चीफ की इस माफी से संतुष्ट नहीं है। इस मामले में जल्दी ही मेटा अधिकारियों को फिर से बुलाया जाएगा।
‘PAID MONEY TO BOOST A CERTAIN TYPE OF CONTENT”
TEAM ZUCKERBERG according to government sources made a big admission.
Surely, an apology and a fine can’t be the end of the matter.
Not if you weild so much power over people’s minds and their eventual thought through actions.
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) August 5, 2026
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नवजात CJP से पिछड़े कांग्रेस और सपा
प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट को फेसबुक से हटाया गया, वहीं नवजात कॉकरोच जनता पार्टी, जिसका ना कोई मजबूत संगठन है और ना जनाधार, ना कोई मजबूत लीडर, इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उसको पूरा स्पेस और समर्थन मिल रहा है। अचानक जन्मी एक नई पार्टी का सोशल मीडिया में 2 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। हैरानी की बात यह है कि CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन और गतिविधियों के दौरान हजारों पोस्ट और रील्स सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुए, जिनका एंगेजमेंट कई पारंपरिक राजनीतिक दलों जैसे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से भी अधिक देखा गया। CJP आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी और सरकार के खिलाफ 12,220 आपत्तिजनक पोस्ट किए गए, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्हें आपत्तिजनक, संवेदनशील और मानहानिकारक बताकर शेयर करने से नहीं रोका गया। ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने के लिए दिल्ली पुलिस को नोटिस देना पड़ा, जो साबित करता है कि प्रधानमंत्री मोदी की छवि खराब करने के लिए विपक्ष और अंतर्राष्ट्रीय ताकतें साथ मिलकर साजिश कर रही हैं।
बड़ा खुलासा!
CJP प्रोटेस्ट के पीछे निकला विदेशी खेल
जांच में हजारों फर्जी अकाउंट और बॉट नेटवर्क का पर्दाफाश, जो देश में नफरत फैला रहे थे।
अब Meta, Google और X से मांगे गए हैं सर्वर लॉग – जल्द सामने आएगा असली मास्टरमाइंड कौन है! #CJPExposed pic.twitter.com/lRd6EE63wg— Vinit Malviya (@vinit4national) August 4, 2026
पाक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, CJP प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल बम फेंकने के लिए दिए गए थे पैसे
पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एक ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर कुछ संदिग्ध दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा या हमला करने की फिराक में आए थे, लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। पंजाब पुलिस ने अमृतसर और अन्य जगहों से चार नाबालिगों सहित कुल 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के तार पाकिस्तान स्थित आईएसआई (ISI) हैंडलर्स और गैंगस्टर्स से जुड़े पाए गए हैं। आरोपियों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल बम फेंकने या अन्य तरीकों से माहौल बिगाड़ने और हमला करने का ट्रेनिंग और टास्क मिला था। इसके अलावा पुलिस और सुरक्षित जगहों की रेकी करने, उनका वीडियो बनाने और टारगेट करने का टास्क दिया गया था। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने Paytm (पेटीऍम) के जरिए इनको पैसा दिया था। ट्रेन से ये लोग दिल्ली आए थे, जहां स्थानीय लोगों ने पेट्रोल बम बनाने की सामग्री दी थी। इसका मकसद मोदी सरकार के खिलाफ युवाओं को और भड़का कर भारत में दंगा-फसाद और अराजकता पैदा करना था।
Pakistan was plotting to incite riots at Jantar Mantar!
Punjab Police busts two ISI-backed terror modules.
Young men arrived with petrol bombs, funding traced to Pakistan! pic.twitter.com/mLSLPDuhiA
— Political Kida (@PoliticalKida) August 5, 2026









